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माँ की चुदाई • पठन समय: 16 मिनट • पढ़ा गया: 923 बार

एक मादरचोद की मां की चुदाई- 2

सुरेश सोनिया

03 Sep 2021 को प्रकाशित

एक मादरचोद की मां की चुदाई- 2
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पोर्न मदर सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरा एक दोस्त बना जो अपनी माँ को मेरे से चुदवाने के लिए होटल के कमरे में लेकर आया. हम दोनों ने मिलकर उसकी माँ चोदी.

अब आगे पोर्न मदर सेक्स कहानी:

हमारी सीट बीच में थी।

दिव्या आंटी अपने बेटे अजय और मेरे बीच में बैठ गई।अभी विज्ञापन ही चल रहे थे कि अजय ने अपनी मां के कंधे पर हाथ ऐसे रखा जैसे गर्लफ्रेंड के ऊपर रखते हैं।

उसके बाद मूवी शुरू हुई और थिएटर में अंधेरा हो गया।

अंधेरा होते ही आंटी का हाथ मेरी जांघ पर तैरने लगा।जांघ से उनके हाथ को मेरे खड़े लंड पर आने में 1 मिनट भी नहीं लगा।

उधर अजय अपनी मां के गले में हाथ डाल कर ब्लाउज के अंदर हाथ डालने लगा।मैंने भी हिम्मत करके अपना हाथ आंटी के गले में डाला।

मेरा हाथ अजय के हाथ के ऊपर से जाकर आंटी के उस बोबे को टटोलने लगा जो अजय की तरफ था।अजय के हाथ में आंटी का मेरी तरफ वाला बोबा था और मेरे हाथ में अजय की तरफ वाला बोबा था।

मैं ब्लाउज के ऊपर से ही बोबे को मसल रहा था और मुझे यह अहसास हो गया था कि ब्लाउज के अंदर ब्रा नहीं है।

आंटी का दायां हाथ अपने बेटे का लंड सहला रहा था और बायां हाथ मेरा लंड सहला रहा था।

पैन्ट का बटन खोल कर उन्होंने हाथ सीधे मेरी चड्डी में घुसाकर नंगा लंड अपनी मुट्ठी में भर लिया।मेरे बदन में सनसनी दौड़ गई।

मैंने अपने बैग को अपने ऊपर इस तरह रख लिया कि बगल वाले को कुछ दिखे नहीं।

थोड़ी देर मसलने के बाद आंटी ने हाथ बाहर निकाला और अपने ब्लाउज के सारे हुक खोल कर दोनों बोबे आजाद कर दिए और अपनी साड़ी से ढक लिए।उनका नंगा बोबा मेरे हाथ में था और मेरा नंगा लंड उनके हाथ में!

और यही काम वो अपने बेटे के साथ भी कर रही थी।

कभी मैं बायां बोबा, कभी कभी दायां बोबा, बारी बारी से दोनों बोबे मसल रहा था।हालांकि मेरे हाथ में दोनों में से कोई भी पूरा नहीं आ रहा था क्योंकि वो बड़े ही इतने थे।

दोनों बोबों से मुझे खेलता देख अजय ने अपना हाथ उसकी मां की साड़ी से होते हुए पेटीकोट के अंदर घुसा प्रिया।मैंने तो मखमली गद्देदार बोबों से खेलना जारी रखा।

आंटी ने टाँगें फैलाकर अपने बेटे का हाथ अंदर ले रखा था और दोनों पके आम मसलने के लिए मुझे सौंप रखे थे।

यह सारा खेल उनकी साड़ी की आड़ में हो रहा था शायद इसलिए किसी को पता नहीं था और पता भी था तो कोई हमें देख नहीं रहा था।

थोड़ी देर में अजय ने हाथ निकाला और अपनी मां के बोबों पर तैर रहे मेरे हाथ को इशारे से नीचे की ओर कर प्रिया।अब मैंने साड़ी से हाथ घुसाकर घाघरे में दे प्रिया।

घाघरे के अंदर बिना चड्डी के सीधा दोनों जाँघों की दरार में मेरा हाथ पहुंच गया जो एकदम गीली हो गई थी।

एक एक करके मैंने 4 उंगलियां उनकी चूत में ठूंस दी या यूं कहूं कि उनके भोसड़े में घुसेड़ दी … वो भी बिना किसी दिक्कत के!मैं उंगलियां आगे पीछे करने लगा और अंगूठे से दाना मसलने लगा।

इधर उनका भी हाथ लंड पर दबकर चलने लगा।कुछ ही देर में मेरा पूरा हाथ उनकी चूत के पानी में तर हो गया था और इधर मेरा बैग मेरे ही पानी से भीग गया था।

आंटी ने अपनी साड़ी के पल्लू से बड़ी ही होशियारी से मेरा लंड साफ किया और अपने ब्लाउज के हुक बंद कर लिए।अजय मुझसे पहले ही निढाल होकर बैठा बैठा चूचियां मसल रहा था।

आंटी ने घड़ी देखी और बीच मूवी में ही चलने का इशारा करते हुए हम दोनों को बाहर ले आई।

वापसी में मुझे थिएटर के पास ही के होटल में छोड़ते हुए वो दोनों कल मिलने के वादे के साथ चले गए।

हॉस्टल जाने के बजाए मैंने भी होटल में ही रुकना बेहतर समझा।

रात में मेरी अजय से कॉल पर बात होने लगी।जाते जाते अजय अपने नंबर मुझे देकर गया था।

मैंने उससे पहला ही सवाल ये पूछा- मेरा नंबर कौन सा है तुम्हारी मम्मी के साथ?तो उसने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने मिलने की कोशिश की पर किसी ने उन पर यकीन नहीं किया कि हम असल मां बेटे है या फिर कोई उम्र में बहुत बड़ा था।

उसने यह भी बताया कि उसे अपनी मां चोदना और चुदवाना दोनों अच्छा लगता है।साथ ही उसकी मां को भी अपने बेटे से चुदना और उसके सामने दूसरों से चुदना अच्छा लगता है।

मैंने फिर उससे खुलकर वापस यही सवाल पूछा- तुम्हारी मां की चूत में जाने वाला मेरा कौन से नंबर का लंड होगा।तब अजय ने जवाब प्रिया- भाई तेरा लंड पांचवां लंड होगा जो मेरे सामने मेरी मां चोदेगा. वैसे मेरी मां चोदने वाला तेरा 8वां लंड होगा।

जिस तरह आज थिएटर में सब कुछ हुआ, उसके बाद ये सब सुनकर मैं ज्यादा हैरान नहीं हुआ।

अब उसकी मां की चुदाई के किस्से बाकी कहानियों में बताऊंगा।

उस रात भी अजय ने अपनी मां मुझे वीडियो कॉल पर दिखाकर चोदी।

आज उनकी चुदाई देखकर मुझे लग रहा था कि मैं असल मां बेटे की चुदाई देख रहा हूं।

खैर उस रात भी आंटी अपने बेटे के लंड का पानी अपनी चूत में लेकर चली गई।

अगली सुबह में 8 बजे उठा।

थोड़ी देर में अजय का फोन आया- हम आ रहे हैं।मैं बहुत उत्तेजित हुआ जा रहा था।

उनके आने से पहले ही मैं एक बार मुठ मार चुका था ताकि उनके सामने जल्दी न झड़ जाऊं।9 बजे तक वो दोनों होटल पहुंच गए और मुझे कमरा खाली करके आने को कहा।

उनके कहे अनुसार में कमरा खाली करके उनके पीछे स्कूटी पर बैठ गया।करीब आधे घंटे स्कूटी से चलने के बाद आंटी ने एक होटल के सामने स्कूटी रोकी।

स्कूटी रुकते ही मैंने भी अपनी उंगलियों से चल रही आंटी की नाभि की चुदाई रोक दी।

हम अंदर गए और दोनों मां बेटों ने आईडी देकर कमरा ले लिया।चूंकि मेरे पास आईडी थी नहीं तो उन्होंने मुझे अपना छोटा बेटा बताया।

कमरे में जाकर हम तीनों बिस्तर पर बैठ गए और अजय की मां को बीच में लेकर हम उसके गदराए बदन से खेलने लगे।

मैं आंटी के होठ चूमने लगा और अजय ने ब्लाउज खोलकर आंटी के बड़े बड़े थन आजाद कर दिए।अजय अपनी मां के थन चूसने लगा पर दूध पीने के लिए नहीं बल्कि अपनी मां की चूत पीने के लिए।

एक बोबा अजय चूस रहा था दूसरा मैं अपने हाथ से दबा रहा था; साथ ही मैं आंटी के होंठ चूम रहा था।

पहाड़ जैसी आंटी के ऊपर हम दो चींटियों जैसे रेंग रहे थे।आंटी का ब्लाउज और साड़ी पूरी तरह बदन छोड़ चुके थे, सिर्फ घाघरा लिपटे हुए उनकी गांड और भोसड़े को बचाए हुए था।

अब आंटी ने अपने बेटे और मुझे दोनों को पूरी तरह नंगा कर प्रिया।

एक हाथ में अपने बेटे अजय का लंड लिया और अपने मुंह से मेरा लंड लेकर चूसने लगी।अजय का लंड मेरे लंड से थोड़ा छोटा था।

कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद आंटी अपने बेटे का लंड चूसने लगी और मेरा मसलने लगी।इसी बीच अजय और मेरा हाथ उनके एक एक बोबे को पूरी तरह मसल रहा था।

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दोनों को चूसने के बाद अजय ने अपनी मां को सीधा लेटाया और उनकी टाँगें फैला कर चूत में मुंह दे प्रिया।

बेटे से चूत चटाई करवाकर उसकी मां की सिसकारियां निकल रही थी।

मैंने उनकी छाती पर चढ़कर अपना लंड उनके मुंह में दे प्रिया।अब वो अपना भोसड़ा बेटे से चटवा रही थी और अपने मुंह से मेरा लंड चूस रही थी।

थोड़ी देर बाद अजय और मैंने स्थिति बदली।अब मेरे मुंह में अजय की मां की भोसड़ी थी जिस पर अजय के मुंह के पानी के साथ साथ उसकी मां की भोसड़ी से रिस रहा मादक पानी भी था।

उधर अजय की मां के मुंह को उसी के बेटे का लंड चोद रहा था।

चूसम-चुसाई से संतुष्ट होकर आंटी ने अब खेल दिखाने का इशारा किया।

अजय जाकर कुर्सी पर बैठ गया और उसकी मां उसके सामने टाँगें फैलाकर बिस्तर पर पसर गई।

आंटी ने अजय को देखते हुए मुझे अपनी चढ़ाई करने का इशारा किया।मैं अपना खड़ा लंड लिए उनकी चूत पर निशाना साधता हुआ उनके ऊपर चढ़ गया।

मेरे हाथ में उनके बोबे थे और मुंह में उनका मुंह … पर चूत में लंड का निशाना नहीं साध पाया था।

आंटी ने अपना एक हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड को अपनी भोसड़ी के दरवाजे पर लगाते हुए उसके स्वागत में अपने कूल्हे उठाए और लंड का टोपा चूत में उतर गया।मैंने अपने कूल्हे झटकाते हुए एक ही झटके में आंड तक अपना लंड भोसड़े में उतार प्रिया।

आंटी सिसकारने लगी, दर्द से नहीं बल्कि मजे से!जिस चूत में लंड एक ही झटके में उतर जाए … उसमें भला कैसा दर्द!

फिर मैंने झटके लगाना शुरू किया।शुरू में आधा लंड बाहर खीच के झटके मारे … और जब भोसड़ा फैल के चौबारा हो गया तब लंड को टोपे तक बाहर निकाल कर पूरे लंबे लंबे झटके मारने लगा।

आंटी की सिसकारियां और लंड के धक्कों की थप थप पूरे कमरे में गूंज रही थी।

पीछे से अजय कुर्सी पर बैठा बैठा लंड मसलते हुए बोल रहा था- मेरी मां चोद दो … फाड़ दो इसका भोसड़ा … बहुत खुजाल है इसके भोसड़े में … पूरा फाड़ दो!

उसके ये शब्द मेरे अंदर ऊर्जा बढ़ा रहे थे और मेरे धक्कों की गति बढ़ती जा रही थी।

आखिरी धक्के में आंटी ने अपने दोनों हाथों से मुझे अपने ऊपर भींच लिया और जब तक मेरे लंड से आखिरी बूंद उनकी चूत में नहीं उतर गई, वे मुझे भींचे रही।

उसके बाद में हटकर उन्ही के बगल में लेट गया।

मैं हटा ही था और अभी आंटी की चूत से मेरा माल बाहर निकलना शुरू ही हुआ था कि अजय खड़ा लंड लेकर अपनी मां पर चढ़ गया और मेरे मुठ समेत अपना पूरा लंड अपनी मां की चूत में उतार प्रिया।

जिस बेटे को मैंने अब तक वीडियो कॉल में ही अपनी मां चोदते देखा था, उसे अपनी आंखों के सामने अपनी मां चोदते देखकर मुझे वापस खड़ा होने में देर न लगी।अजय ने अपनी मां की भोसड़ी में 8/10 धक्के ही मारे थे कि मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया; जिस पर आंटी के भोसड़े का पानी भी लगा हुआ था।

नीचे से उनका बेटा उनकी भोसड़ी ले रहा था मैंने उनके ऊपर चढ़कर उनके मुंह में लंड दे प्रिया।

अब अजय और मैं हाथ मिलाकर उसकी मां की भोसड़ी और मुंह दोनों चोदने लगे।

कुछ देर की चुदाई के बाद न तो अजय का लंड झड़ा … न ही मेरा … बस आंटी का भोसड़ा निरंतर बहता रहा।

अब अजय ने अपनी मां को बेड के किनारे पर लेकर घोड़ी बना प्रिया और खुद बेड के नीचे खडा हो गया।उसके बाद उसने अपनी मां की गांड के छेद पर थूक कर अपने लंड का टोपा उस पर टिका प्रिया।

अजय की मां समझ गई थी कि अब क्या होने वाला था।मैंने भी इसे अब तक चूत मारते ही देखा था।मैं भी खड़ा खड़ा उत्सुकता से देख रहा था।

इतने में अजय ने झटका मारा और लंड का टोपा गांड में उतार प्रिया।आंटी की थोड़ी दर्द भरी सिसकारी निकली।

उनकी सिसकारी पूरी भी नहीं हुई थी कि अजय ने पीछे लेकर लंड को और तेज अंदर घोंपा.अब आधे से ज्यादा लंड गांड के अंदर था।

आंटी की सिसकियां इस बार और तेज थी।

एक और झटके में पूरा लंड अजय ने अपनी मां की गांड में उतार प्रिया।

गांड में लंड देकर अजय अपनी मां को धकियाने लगा।

उसकी मां की सिसकारियां निकल रही थी और मैं खड़ा होकर एक बेटे को अपनी ही मां की गांड मारते देख रहा था।थोड़ी देर गांड मराने के बाद आंटी ने खुद को आगे खींच लिया और अपने बेटे का लंड गांड से निकाल प्रिया।

अब उन्होंने मुझे सीधा लेटने को कहा।

मैं लंड खड़ा किए सीधा लेट गया, वे अपनी चूत में मेरा लंड फंसाकर मेरे ऊपर चढ़ गई।उन्होंने अपना वजन अपने दोनों घुटनों पर दे रखा था जो मेरे दोनों ओर निकले हुए थे।साथ ही थोड़ा वजन अपने दोनों हाथों पर दे रखा था जो मेरे मुंह के दोनों तरफ टिकाए हुए थे।उनके झूलते बोबे मेरे मुंह पर लटक रहे थे।

अजय पीछे से आया और अपनी मां की गांड में लंड देकर झटकाने लगा।इधर आंटी अजय का झटका लेकर मेरे लंड को देती जिससे मेरा भी पूरा लंड उनकी चूत में घुस जाता और इन झटकों से मेरे मुंह पर लटके आम मेरे मुंह में आ जाते।

हर झटके में यही हो रहा था।अजय और मेरे लंड के बीच एक पतली सी दीवार महसूस हो रही थी, बाकी अजय का पूरा लंड मुझे अपने लंड से सटा हुआ महसूस हो रहा था।

बहुत देर तक ऐसे चोदने के बाद अजय अपनी मां की गांड में झड़ गया।झड़ने के बाद वो लंड निकाल के हट गया।

इधर मैं अभी भी आंटी को धक्के मार रहा था।उसकी मां की गांड से अजय का रस टपकता हुआ चूत में आता हुआ मुझे महसूस हो रहा था और मेरे लंड से लगकर अजय का रस उसकी मां की चूत में जा रहा था।

चूत से लंड निकाल कर मैंने भी आंटी की गांड में डाला।थोड़ा टाइट गया पर इतनी भी तकलीफ नहीं हुई क्योंकि चूत के साथ साथ उनकी गांड भी लगभग फटी ही हुई थी।

अंत में दूसरी बार की फुहार मैंने भी उनकी गांड में ही चलाई।

अब हम थोड़े थक गए थे.आंटी ने अपना पर्स खोला और वो जो घर से कुछ खाने का लाई थी वो हम तीनों खाने लगे और बातें करने लगे।

खाने के बाद हमने फिर से आंटी की लेनी शुरू कर दी.शाम के 6 बजे तक हम दोनों के लंड कभी उनकी गांड में, कभी चूत में तो कभी मुंह में जा रहे थे।

पोर्न मदर सेक्स में मैं 5 बार झड़ा और अजय 4 बार।6 बजे अजय अपनी मां चुदवाकर हंसता हुआ मुझसे विदा ले गया इस वादे के साथ कि आगे जरूर मिलेंगे।

पिछले 15/20 दिनों में मेरे साथ जो हुआ उस पर मुझे यकीन नहीं हो रहा था।एक बेटे को अपनी मां चोदते देखा, उसी के साथ मिलकर उसकी मां चोद दी।

होटल से निकल कर मैं अपने होस्टल आ गया।अजय और मैं अब अच्छे दोस्त बन गए।

मैं उसे अपनी मां के बारे में बताता और उससे अपनी मां चोदने के तरीके पूछता।

मेरी मां की चुदाई हुई या नहीं हुई … यह मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगा।

मैंने इस पोर्न मदर सेक्स कहानी के शीर्ष में ऐसा नहीं कहा कि यह मेरी सच्ची कहानी है क्योंकि मैंने आप पर छोड़ा है कि आप ही निर्णय लें कि यह सच्ची है या मनगढ़ंत।धन्यवाद।support@mohakkisse.com

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एक मादरचोद की मां की चुदाई

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