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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 471 बार

पति के दोस्त से होटल रूम में चुदी(Pati ke dost se hotel room mein chudi)

shalu.23560

20 Apr 2014 को प्रकाशित

पति के दोस्त से होटल रूम में चुदी(Pati ke dost se hotel room mein chudi)
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नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम शालू है और मैं दिल्ली से हूं। मेरी उमर 30 साल है। मेरे 34″ के चूचे, और 36″ की गांड किसी का भी लंड खड़ा करने में सक्षम है। अब मैं ज़्यादा समय बर्बाद ना करते हुए सीधा कहानी पर आती हूं।

मेरे पति काम के सिलसिले में ज्यादातर बाहर रहते थे, जिस कारण वो मेरे साथ ज्यादा चुदाई नहीं कर पाते थे। महीने में 1 या 2 बार ही मेरी चुदाई करते थे, जिसके चलते मैं अपनी उंगलियों से काम चलाया करती थी, और अपनी चूत की प्यास बुझाया करती थी।

तो एक दिन शाम को जब मैं घर का काम कर रही थी, तो मेरे फोन पर किसी लड़के का मैसेज आया और उसने अपना नाम अंकित बताया।

अंकित: हेलो।

मैं: जी हेलो? क्या मैं आपको जानती हूं?

उसने कहा: मैं अंकित हूं, आपके पड़ोस मैं रहता हूं, और आपके घर भी एक दो बार आया हूं भईया के साथ।

तो फिर मुझे याद आया के मेरे पति उनको घर के काम के लिए एक-दो बार घर पे लाए थे।

तो मैंने पूछा: तो बताइए क्या काम है?

तो उसने इधर-उधर की बातें शुरू कर दी। अब हमारी बातें शुरू हो गई। हम काफी देर तक बातें किया करते थे। क्योंकि मेरे पति घर से बाहर रहते थे, तो मुझे भी उस से बात करना अच्छा लगने लगा, और वो काफी हैंडसम भी था। हम एक-दूसरे से सारी बातें शेयर किया करते थे, और काफी डबल मीनिंग बाते भी किया करते थे। उसकी बातों से मुझे समझ आ रहा था कि वो मुझमें दिलचस्पी रखता था।

एक रात जब मैं अंकित से बात कर रही थी, तो उसने मुझसे बातों-बातों में पूछा: भाभी जी भईया तो काम से ज्यादातर बाहर ही रहते है। तो आपको उनकी याद नहीं आती?

मैं: आती है, पर क्या कर सकते है? काम भी तो जरूरी है।

अंकित: तो आपका दिन कैसे कटता है?

मैं: घर का काम करते-करते दिन तो कट जाता है, लेकिन रात काटनी मुश्किल हो जाती है।

अंकित: क्यों?

मैं: तो मैंने ‘ऐसे ही’ बोल कर बात टाल दी।

तो फिर वो “ठीक है” बोल चला गया और कुछ दिनों तक हमारी ठीक से बात नहीं हुई। जब मैंने उससे पूछा तो उसने बोला कुछ नहीं।

तो फिर एक रात मैंने उससे पूछा: बताओ किया हुआ है?

तो उसने मुझे बताया: भाभी जी आपने ठीक से नहीं बताया के आपकी रात क्यों नहीं कटती ठीक से? जब हम सब कुछ शेयर करते है,‌ तो ये बात भी तो बताओ ना।

तो मैंने उसे बताया: तुम्हारे भईया काम से बाहर रहते है, तो मेरी ठीक से चुदाई नहीं होती। इसलिए मुझे रात को नींद नहीं आती ठीक से।

तो अंकित ने बोला: भाभी जी अगर बुरा ना मानो तो एक बात पूछूं?

मैं: हां बोलो।

अंकित: भईया का कितना बड़ा है?

तो मैंने उसे बताया के उनका ज्यादा बड़ा नहीं है, इसीलिए जब वो आते है तो मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते।

फिर अंकित थोड़ी देर के लिए कही चला गया। 10 मिनट बाद मुझे एक फोटो भेजी, जिसमें उसने अपना लंड खड़ा करके पकड़ रखा था।‌ लंड देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गई। उसका लंड 7.5 इंच का था।

फिर उसने पूछा: भाभी जी भईया का इससे बड़ा या छोटा?

तो मैंने पहले तो पूछा: ये किसका है?

उसने मुझे बताया के ये उसी का था। तो मैंने उससे बताया के तुम्हारे भईया का तो इससे छोटा है।

फिर मैंने उससे बोला: तुम्हारी गर्लफ्रेंड तो तुमसे बहुत खुश रहती होगी?

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उसने मुझे बोला: वो तो पतली सी है, छोटे-छोटे चूचे और पतली सी गांड

इतने मैंने अपने 34″ के चूचों की और 36″ की गांड की फोटो उसको भेज दी।

फिर पूछा: मुझसे बड़े है या छोटे?

तो उसने बताया: भाभी आप तो बहुत सेक्सी हो। आपके सामने तो वो कुछ भी नहीं है।

मैं शर्मा गई। तो ऐसे ही कुछ दिनों तक हमारी बातें चलती रही। हम एक-दूसरे को अपनी ऐसी फोटो भेजने लगे और हम वीडियो कॉल पर एक-दूसरे के साथ सेक्स करने लगे। फिर मुझे एक दिन काम से बाहर जाना था 2 दिनों के लिए, तो मैंने अंकित से पूछा कि तुम मेरे साथ चलोगे। उसने बिना देर के हां कर दी और उसी बीच मुझे याद आया के अंकित का जन्मदिन भी उन्हीं दो दिनों के बीच था।

तो मैंने उससे बोला: तुम मुझे मार्केट में मिलना।

अगले दिन मैं घर पर बोल कर निकल गई और मार्केट में मुझे अंकित भी मिल गया। तो मैं उसके साथ मार्केट में घूमी और मैंने एक सेक्सी नाइटी ली और 2-3 सेक्सी ब्रा और पेंटी भी लेली। अंकित समझ गया कि आगे क्या होने वाला था। फिर हम काम के लिए निकल गए।

दिन में काम निपटा कर हमने शाम को एक कमरा बुक कर लिया, जिसमें हमने एक-दूसरे को कपल बताया। कमरे में जाते ही अंकित ने मुझे किस्स करना शुरू कर दिया। मैंने भी उसका साथ दिया। थोड़ी देर तक किस्स करने के बाद मैंने कहा कि रुक जाओ अभी, पूरी रात बची है अभी।

फिर उसने अपने कपड़े बदले और एक शॉर्ट्स में बेड पर लेट गया। मैंने बाथरूम में जा कर अपने कपड़े चेंज किए और सेक्सी नाइटी मैं बाहर आई तो अंकित मुझे देखता ही रह गया।

वो बोला: भाभी जी आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो।

मैं शर्मा गई, और इशारे से उसे अपनी सेक्सी अदाओं से अपने पास बुलाया।‌ फिर हमने किस्स करना शुरू कर दिया। किस्स करते हुए वह मेरे चूचे दबा रहा था और उसने मेरा हाथ पकड़ में अपने लंड पर रख दिया। वो किस्स करते हुए मेरे चूचे और गांड दबा रहा था और मैं उसके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसका लंड ऊपर-नीचे कर रही थी।

फिर उसने मेरी नाइटी उतार दी। मैं सिर्फ ब्रा पेंटी में आ गई। फिर उसने मुझे नीचे बैठा दिया। मैंने उसका शॉर्ट्स नीचे किया और मेरे सामने उसका 7″ का लंड आ गया। मैंने उसे देखते ही उसपे किस्स किया और धीरे से उसपे अपनी जीभ घुमाई। अंकित की सिसकी निकल गई।

फिर मैंने उसके लंड को मुंह में भर लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया। उसने मेरी ब्रा खोल दी और मेरे 34″ के चूचों को आजाद कर दिया। फिर मैं उठी और उसको बेड के कोने पर बिठा कर नीचे बैठ कर उसके लंड को अपने चूचों के बीच रख कर चूसना शुरू कर दिया। 10 मिनट तक उसके लंड को चुसवाने के बाद उसने मुझे उठाया और मुझे बेड पे लेटा दिया और खुद नीचे आ गया।

फिर उसने मेरी पेंटी निकाल दी। इतने में उसे मेरी गांड में कुछ दिखा, तो उसने मुझसे पूछा भाभी जी ये क्या है। तो मैंने उसे बताया के ये बटप्लग है। उसने मुझसे पूछा ये क्या होता है तो मैंने उसे बताया कि इसको लगने से गांड का छेद ढीला हो जाता है, जिससे गांड में लंड लेने में आसानी होती है।

इतनी बात सुन कर उसने अपना मुंह मेरी चूत पर लगा दिया और मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी। वो मेरी चूत में उंगलियां डाल कर मेरी चूत चाट रहा था, जिससे मैं सातवें आसमान पर पहुंच गई। तो मैंने उसका सर अपनी चूत पे दबा दिया। 15 मिनट तक चूत चटवा कर मैं बिल्कुल गीली हो गई थी और अपना पानी छोड़ दिया। फिर मैंने उससे कहा कि मुझे और मत तड़पाओ, जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दो।

इतना सुनते ही उसने अपने लंड पे थोड़ा थूक लगाया और मेरी चूत पर रगड़ने लगा जिससे मेरी सिसकी निकल गई। फिर उसने मेरे दोनों पैरों को खोला और चूत पर के छेद पर अपना लंड रखा और धीरे से अपना लंड मेरी चूत में सरका दिया। मैं उसके लंड की गर्माहट अपनी चूत में फील कर पा रही थी। उसका लंड बहुत गरम था।

फिर उसने धीरे-धीरे अपने लंड को मेरी चूत में आगे-पीछे करके मेरी चूदाई शुरू कर दी। ऐसे चोदते हुए उसने मेरे दोनों पैर अपने कंधों पर रखे और अपने गति तेज़ कर दी जिससे मेरे चूचे ऊपर-नीचे उछलने लगे। मैं भी अपने चूचे पकड़ कर उसके लंड के मजे ले रही थी। फिर उसने मेरे पैर खोले और पैरों को पकड़ कर धक्के लगाने लगा। ऐसे ही 10 मिनट तक चोदने के बाद उसने मुझे उठाया और अपने लंड को मेरे मुंह के सामने ले आया। मैंने उसके लंड को मुंह में भर कर चूसना शुरू कर दिया और चूस-चूस कर अच्छे से गीला कर दिया।

फिर उसने मुझे घुमाया और घोड़ी बना कर, मेरी गांड में से बटप्लग निकाल कर, मेरे मुंह में डाल दिया और अपने लंड को मेरी गांड के छेद पर रख दिया। उसने मेरी गांड के छेद पर थोड़ा थूका और अपने लंड को अंदर उतार दिया। मुझे थोड़ा दर्द हुआ पर मैं चूदाई के जोश में दर्द को सह गई।

फिर वो मेरी कमर पकड़ कर मुझे घोड़ी बना कर मेरी गांड को चोदने लगा। धीरे-धीरे मेरी गांड में लंड अंदर-बाहर हो रहा था, जिससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। वो चोदते हुए मेरी गांड पर चांटे भी मार रहा था जिससे मेरी गांड लाल हो गई। फिर उसने मेरे बाल पकड़े और बुरी तरह मेरी गांड चोदने लगा। करीब 15 मिनट के बाद उसने मेरी गांड में से लंड निकाल कर मेरी चूत में डाल दिया और घोड़ी बना कर मेरी चूत चोदने लगा।

उसका 7″ का लंड मेरी चूत की अच्छे से गहराई नाप रहा था। वो मेरे दोनों छेदों को बदल-बदल कर चोद रहा था। कभी मेरी चूत चोदता तो कभी मेरी गांड। मैं भी उससे गाली दे कर चुद रही थी।

मैं: ऐसे ही चोद भोंसड़ी के, तेरी भाभी की चूत और गांड को।

वो: तेरी चूत और गांड का तो आज भोसड़ा बना दूंगा साली रंडी।

फिर उसने मुझे हटाया और खुद बेड पर लेट गया। उसके घुटनों के पास आ कर मैंने उसके लंड को मुंह में भर लिया। 5 मिनट तक चूस कर मैं उसके ऊपर आ गई और उसके लंड को अपनी चूत पे रख कर बैठ गई और अपनी चूत में उसका लंड भर कर उछलने लगी। उसने अपने हाथ मेरे चूचों पर रख दिया और उन्हें दबाने लगा।

मैं उसके लंड पर पूरे जोर से उछल रही थी। उसने मेरे चूचे छोड़ कर मेरी गांड पर हाथ रख दिए। फिर मेरी गांड को पकड़ कर नीचे से धक्के लगाने लगा। फिर मैंने उसका लंड अपनी चूत में से निकाल कर अपनी गांड में डाल लिया और फिर से उछलना शुरू कर दिया।

वो भी पूरे जोर से मेरी गांड को चोद रहा था। इतनी देर में मैं पांच बार झड़ चुकी थी। तभी उसने बोला भाभी जी मेरा होने वाला है तो मैंने उसका लंड अपनी गांड में से निकाल कर उसके ऊपर से उतरी और बेड के नीचे बैठ गई। उसका लंड मैंने मुंह में भर लिया और हिलाने लगी। थोड़ी देर बाद उसने अपना सारा माला मेरे मुंह में निकाल दिया। फिर थोड़ी देर तक मैंने उसके लंड को प्यार दिया।

मैंने उससे कहा तुम तो बहुत अच्छे खिलाड़ी हो तो वो शर्मा गया। फिर हम दोनों बाथरूम में अपने आप को साफ करने गए, तो वहां भी उसने मुझसे अपना लंड चुसवाया और मेरी चूत और गांड एक बार और चोदी।

फिर अगले दिन हम अपने घर पर आ गए। तो दोस्तों कैसी लगी आपको मेरी चुदाई की कहानी मुझे मैसेज जरूर करिएगा और अपना प्यार दिखाएगा, ताकि मैं अपनी और भी कहानियां आपके लिए ला सकूं।

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