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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 983 बार

पापा के दोस्त, मैं, और मम्मी(Papa Ke Dost, Main, Aur Mummy)

poojasharma

18 Aug 2020 को प्रकाशित

पापा के दोस्त, मैं, और मम्मी(Papa Ke Dost, Main, Aur Mummy)
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मैं पुजा शर्मा। आप सब तो मुझे जानते ही हो। आज मैं आपको मेरे पापा के दो दोस्तों और मेरी चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूं। पापा के एक दोस्त का नाम सुरेश है, उम्र 55, दूसरे दोस्त रमन सिंह उम्र 57 है।

यह बात 4 दिन पहले की है। शाम को हम सब घर पर ही थे। मैं और पापा टी.वी. देख रहे थे। मम्मी खाना बना रही थी। मैं उस समय लोअर और टी-शर्ट में बिना ब्रा के थी।

तभी घर के दरवाजे पर दस्तक हुई। मैं उठी और दरवाजा खोला तो देखा सुरेश अंकल सामने खड़े हुए थे (सुरेश अंकल मुझे चोद चुके थे। आपने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा होगा)। अंकल मुझे देख कर स्माइल करते हुए मेरी टी-शर्ट के उपर से मेरे बूब्स को दबा दिये।

मैं कुछ ना बोल कर पापा को बोली: पापा सुरेश अंकल आए हैं।

अब सुरेश अंकल और रमन अंकल अन्दर आ गए। सब बहुत खुश हुए। मैं रसोई घर में चली गई। मम्मी दोनों के लिए पानी लेकर गई। तब मैंने देखा मम्मी को देख कर सुरेश अंकल का लंड पेंट में ही खड़ा होकर सलामी देने लगा। मम्मी पानी देकर अंदर आ गई।

कुछ देर बाद दोनों अंकल ने अपने कपड़े बदल लिए, और पापा के पास आकर बैठ गए। फिर पापा ने भी टेबल सजा दी, और उन सब का पीने का दौर शुरू हो गया। मैं और मम्मी खाना बनाने लगी। खाना बना कर मैं घर की बाल्कनी में आ गई। कुछ देर बाद सुरेश अंकल भी बाहर आ गए, और उन्होंने मुझे वहीं दबोच लिया। सुरेश अंकल मुझे किस करने लगे। मैं उनको मना करने लगी, पर वो कहां मान रहे थे।

अंकल मेरी टी-शर्ट ऊपर करके मेरे बूब्स चूसने लगे। मुझे भी नशा सा हो रहा था, पर डर भी था। कोई देख ना ले तो मैंने अंकल को धक्का देकर पीछे किया, और मैं अंदर आने लगी। पर अंकल ने मुझे पकड़ लिया और बोले-

सुरेश अंकल: पुजा मेरी जान आज तो तेरी चुदाई यहीं करुंगा, और तुझे आना पड़ेगा।

मैं सर हिला कर हां कर दी। फिर अंदर आ गई। सब ने खाना खा लिया। मैं रसोई घर में बर्तन साफ कर रही थी। दोनों अंकल रसोई घर के बाहर घर की छत पर खड़े हुए बात और सिगरेट पी रहे थे। नशा दोनों को हो रखा था।

रमन अंकल सुरेश अंकल को बोलने लगे: यार लंड खड़ा हो गया मेरा दोनों कुतिया को देख कर, और ऊपर से तूने साली पुजा को गैलरी में जो मसला, और मजा आ गया।

सुरेश अंकल बोले: यार अभी आगे भी देख कितना मजा आता है तुझे।

अब अंकल बहुत धीरे बात करने लगे, और मुझे कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। कुछ देर बाद दोनों अंदर आ गए। रमन अंकल कमरे के अंदर गए और मिठाई का एक डिब्बा लेकर आ गए। रमन अंकल ने मम्मी और पापा को मिठाई खिलाई और बात करने लगे। फिर मम्मी पापा दोनों अपने कमरे में चले गए।

रमन अंकल भी कमरे में चले गए। मैं और सुरेश अंकल वहां रह गए। सुरेश अंकल पूरे नंगे हो गए। उनका लंड भी पूरा खड़ा हुआ था। अंकल मेरे पास आ गए और मुझे पकड़ कर किस करने लगे। मैं उनको रोकने लगी पर अंकल ने मेरा लोअर नीचे कर दिया। मेरी चूत नंगी हो गई। अब अंकल ने मेरी टी-शर्ट भी निकाल दी। मैं भी पूरी नंगी हो गई।

अंकल का लंड मेरे हाथ में आ गया। मैं लंड को हिलाने लगी। फिर अंकल ने मुझे नीचे बिठा दिया। मैं नीचे बैठ कर लंड मुंह में लेकर चूसने लगी। अंकल आज बहुत प्यार से मेरा सर सहला रहे थे, और मुझे मम्मी का नाम लेकर कह रहे थे-

सुरेश अंकल: रेखा तेरे लिए मेरा लंड कब से तड़प रहा है। आज मेरे लंड की प्यास बुझा दो। मैं भी बहुत प्यार से अंकल का लंड चूस रही थी।

बहुत देर के बाद कुछ आहट हुई तो मैंने अंकल का लंड मुंह से बाहर निकाल दिया, और देखा रमन अंकल भी पूरे नंगे थे। रमन अंकल जहां मम्मी पापा सोये हुए थे उस कमरे में नंगे ही चले गए। मैं सुरेश अंकल की तरफ देखने लगी। अंकल की आंखों में चमक साफ दिखाई दे रही थी। फिर अंकल ने मुझे ऊपर उठाया, और मेरे होंठों को चूमने लगे।

अंकल ने मुझे वहीं सोफे के साथ झुका कर खड़ा कर दिया, और मेरी टांगो को फैला‌ कर मेरी चूत पर लंड रगड़ते हुए लंड को चूत में डाल दिया। अब अंकल मेरी चुदाई करने लगे। तभी कुछ देर बाद रमन अंकल मम्मी पापा के कमरे से बाहर आये। अंकल ने मम्मी को पूरी नंगी किया हुआ था, और मम्मी को उठा कर ला रहे थे।

फिर रमन अंकल सुरेश अंकल को बोले: यार साली माल है।

सुरेश अंकल ने मेरी चूत से लंड बाहर निकाल लिया, और मम्मी की तरफ चले गए। रमन अंकल ने मम्मी को सोफे पर डाल दिया।

रमन अंकल मुझे देख कर बोलने लगे: पुजा अपनी मां की चूत भी साफ कर दिया कर। देख कैसे बालों से भरी पड़ी है।

पर सुरेश अंकल तो मम्मी के लिए पागल थे। तो सुरेश अंकल मम्मी के पूरे बदन को चूमने चाटने लगे। रमन अंकल मेरे पास आ गए और मुझे खींच कर मम्मी के सामने ले गए, और अपना लंड चूसने को बोले। मैं भी देर ना करते हुए अंकल का लंड मुंह में लेकर चूसने लगी, और मम्मी को देखने लगी।

सुरेश अंकल मम्मी की बालों से भरी चूत को चाट रहे थे। आज पहली बार मैं और मम्मी नंगी दो मर्दों के बीच में थी। सुरेश अंकल ने फिर अपना लंड जबरदस्ती मम्मी के मुंह में डाल दिया, और मम्मी के मुंह को चोदने लगे। तभी रमन अंकल ने मुझे भी घोड़ी बना दिया, और मेरी चूत में लंड डाल कर मेरी चुदाई शुरु कर दी। सुरेश अंकल मम्मी का मुंह काफी देर तक चोदते रहे। फिर अंकल मम्मी के ऊपर आ गए और मम्मी की टांगों को खोल कर लंड मम्मी की चूत में डालने लगे।

मम्मी होश में नहीं थी, पर जब लंड मम्मी की चूत में गया, तो उनके मुंह से भी आह निकल गई। अंकल को तो मम्मी को चोदना था। अंकल मम्मी पर एक भूखे भेड़िये की तरह टूट पड़े। हर धक्के पर मम्मी के मुंह से आवाज निकल रही थी। मुझे लगा मम्मी ने आज पहली बार बड़ा लंड अपनी चूत में लिया था।

सुरेश अंकल कभी मम्मी के बूब्स चूसते तो कभी मम्मी के होंठ। रमन अंकल भी मुझे पूरी ताकत लगा कर चोद रहे थे, और सुरेश अंकल को बोल रहे थे-

रमन अंकल: यार दोनों मां-बेटी को रंडी बना कर चोदने में मजा आ रहा है। साली एक से बढ़ कर एक हैं। आज दोनों की अच्छे से चुदाई होगी।

सुरेश अंकल रमन अंकल को बोले: यार पुजा रंडी को बाहर ले जा कर चोद। मुझे मेरी रंडी को चोदने दे।

रमन अंकल मुझे वैसे ही मेरी चूत में लंड फसाये बाहर ले आये, और मुझे गैलेरी में लगी ग्रिल के साथ खड़ा करके चोदने लगे। अंकल मेरी गांड पर थप्पड़ भी रसीद कर रहे थे, और मुझे लगातार चोदे जा रहे थे। काफी देर के बाद रमन अंकल ने मेरी चूत को अपने पानी से भर दिया। फिर मैं नीचे बैठ कर अंकल के लंड को साफ कर दी। मुझे बाहर ठंड और डर भी लग रहा था, कि कोई हमे देख ना ले।

रमन अंकल वहीं फर्श पर लेट गए, और मुझे भी अपने साथ लिटा लिया। मुझे अंदर जाने की जल्दी थी कि सुरेश अंकल मम्मी को कैसे चोद रहे थे। पर रमन अंकल ने नहीं जाने दिया। कुछ देर बाद रमन अंकल का लंड फिर खड़ा हो गया। अब मैं अंकल के लंड के ऊपर बैठ कर लंड चूत में लेने लगी।

हम दोनों ने उस रात बाहर 3 बार चुदाई की। फिर हम अंदर आ गए। जैसे ही अंदर आये, तो मैं बहुत डर गई। मम्मी की गांड से खून निकल रहा था। अंकल का लंड पूरा खून से सना हुआ था।

मैं सुरेश अंकल को बोली: आपने यह मम्मी के साथ क्या कर दिया?

सुरेश अंकल मेरी तरफ आये और मुझे जोर का एक चांटा मारा और बोले: तेरी मां को बहुत समझाया था पर साली नहीं मानी। पर आज मैंने इसके साथ सब कर लिया।

मैं रोने लगी तो रमन अंकल ने मुझे चुप करवाया और मुझे बोले: पुजा जो होना था हो गया। अब अपनी मां को साफ कर।

मैंने एक कपड़ा लिया, और मम्मी की गांड से निकल रहे खून को साफ किया। जब मैंने मम्मी को सीधा किया तो देखा मम्मी के बूब्स पर भी बहुत निशान बना दिये थे अंकल ने।

रमन अंकल मम्मी के कपड़े कमरे से ले आए। मैंने और रमन अंकल ने मम्मी को कपड़े पहना दिये। रमन अंकल मम्मी को उठा कर फिर बैड पर लिटा दिये, और पापा के पजामे और अंडरवियर को उतार कर मेरे साथ बाहर आ गए। अब दोनों अंकल मुझे अपने कमरे में ले गए। दोनों ने सुबह तक मेरी चुदाई मिल कर की।

कैसी लगी आप सब को मेरी और मम्मी की चुदाई की कहानी आप सब जरूर बताना। support@mohakkisse.com पर।

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