न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी में 6 प्रौढ़ जोड़े एक रिसोर्ट में मौज मस्ती के लिए ठहरे थे. रिसोर्ट के मैनेजर ने उन सबको एक दूसरे को समझने का मौक़ा दिया, फिर मनपसंद साथी चुनकर सेक्स करने का.
कहानी के चौथे भागसेक्स पार्टनर बदलने की शुरूआतमें आपने पढ़ा एक रिसोर्ट में जमा हुए 6 कपल सेक्स का नए तरीके से मजा लेने के लिए आतुर हो रहे थे.
अब आगे न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी:
अभी जोड़े चुदासे हो रहे थे.सभी को चुदाई की यह फीलिंग बरसों बाद आई थी.सभी इससे उत्साहित और खुश थे.उन्हें आज का तजुर्बा बहुत मजेदार लग रहा था.
कमरों में आते समय पिंकी और गीता में आपस में क्या बात हुई कि दोनों हँसते हुए एक दूसरे के गले लग गयीं.तो खैर आज की रात सभी जोड़ों का जबरदस्त सेक्स हुआ.
सभी ने शाम को जो जिस्म में आग लगी थी वह अपने पार्टनर के साथ अच्छे से बुझाई.
सुबह 9 क्या और भी लेट सभी उनींदे से हुए नाश्ते के लिए इकट्ठे हुए.सभी का हाल बेहाल था.लगभग सभी देर रात ही सोये होंगे.पर सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट थी.
नाश्ते के बाद सभी वापिस अपने अपने कमरों में घुस गये.अब तो सभी की रुकी हुई चुदाई एक्सप्रेस फुल स्पीड पर चालू थी.
शाम को सभी फिर पूल में इकट्ठे हुए और आज की खुराफातें कल से ज्यादा थीं.सुनील और नीता ने सब को कह दिया था कि इस मिनट के बाद रिसोर्ट के सभी प्रोग्राम ख़त्म. यहाँ से डिनर लेकर आप सभी अपने रूम में जाएँ. अपने बनाए प्रोग्राम से मस्ती करें और फिर सुबह ब्रेकफास्ट के बाद चेकआउट. कोई किसी को अपना मोबाइल नम्बर न दे ये जरूरी है, बाकी आपकी इच्छा.
आज पूल पर रेन डांस था.
तेज म्यूजिक और झिलमिल लाइट के बीच सभी जोड़े भीगते हुए लिपट लिपट कर डांस का लुत्फ़ ले रहे थे.ऐसा लग रहा था कि कुछ जोड़ों ने रात को और रंगीन करने की कुछ प्लानिंग कर ली थी.
आज पूल में उसी प्लानिंग के तहत जोड़े लिपटे चिपटे थे.विजय के साथ गीता थी और दीपक के साथ पिंकी.
इनकी प्लानिंग का अंदाज़ सभी को था.अब पूल के चारों और की लाइट बिलकुल धीमी थी.
सुनील ने एनाउंस कर दिया था कि आज पूल से जो भी पहले जाना चाहे वो बाहर आकर डिनर ले ले.
विजय और दीपक की लिपटा लिपटी और चूमा चाटी की देखा देखी संजू-सारिका और अनुज-दीपा ने भी जोड़ियाँ बदल लीं.अब संजू के पास दीपा थी और सारिका खुद ही अनुज को दूर खींच कर ले गयी थी.
पानी में खुराफातें बढ़ती जा रही थीं.गीता के हाथ में तो पूरे टाइम विजय का लंड रहा और अनुज सारिका के मम्मों को ऊपर से ही चूमता रहा.सबको सब कुछ हल्का हल्का दिख रहा था.पानी में अब आग लगी थी.
नीता ने महसूस किया कि अगर इन जोड़ों को पानी से बाहर निकाल कर रूम में नहीं भेजा तो सबके कपड़े यहीं उतर जायेंगे.उसने दोबार एनाउंस किया- डिनर तैयार है.अब सभी पूल से हँसते खिलखिलाते बाहर आ गये.
आज रूम में जाकर वापिस आने का आप्शन न रख कर नीता ने कहा- अगर आप लोग चाहें तो अपनी अपनी प्लेट लगाकर रूम में ले जा सकते हैं.फिर क्या था … सभी ने फटाफट अपनी अपनी डिनर प्लेट लगाई और अपने रूम में दौड़ लिए.
इसी गहमागहमी में रात के दस बज गये थे.नीता ने पहले ही एनाउंस कर दिया था कि आज रूम के बाहर कोरिडोर की लाइट बंद रहेंगी ताकि कोई किसी रूम में जा रहा हो तो न तो कैमरे में आये न किसी की निगाह में.सभी ने हूटिंग की थी उसकी इस बात पर.
रात को गीता और दीपक पिंकी के रूम में गये.विजय ने सभी के लिए ड्रिंक्स बनायीं.
म्यूजिक चल रहा था रूम में.उन चारों ने आपसी सहमति से ग्रुप सेक्स का मन बनाया था.पिंकी और गीता दोनों इसके लिए उत्साहित थीं.
उम्र के इस पड़ाव पर उन सभी के लिए ये बेहद रोमांचक था.
पिंकी ने म्यूजिक थोड़ा तेज किया तो चरों उस पर थिरकने लगे.पिंकी के इशारे पर गीता ने लाइट बंद कर दी.
अब विजय की बाहों में गीता थी और दीपक के आगोश में पिंकी.म्यूजिक की लय में चारों जिस्म थिरकते हुए एक दूसरे में समाते जा रहे थे.
जब लक्ष्य एकदम तय हो तो फिर देर किस बात की… विजय ने गीता के होंठों पर चूमते हुए उसकी फ्रॉक को पीछे से ऊपर उठाया.गीता सिहरी और उसने विजय की टी शर्ट उतारते हुए उसके निप्पलस को चूमा और एक हाथ उसके बरमूडा में घुसाते हुए उसका लंड पकड़ लिया.
अब तो आग भड़क चुकी थी.गीता नीचे बैठी और बैठते बैठते विजय का बरमुडा और पानी फ्रॉक उतार दी.अब दोनों निपट नंगे थे.
गीता ने नीचे बैठकर विजय का लंड मुंह में ले लिया.दीपक ने भी पिंकी को गोदी में उठाया उर बेड पर लिटाते हुए उसकी फ्रॉक खींच कर ऊपर कर दी और उसकी मखमली चूत में जीभ दे दी.
पिंकी की चूत को पराये मर्द की जीभ पहली बार मिली थी.वैसे भी तीन दिन पहले की सेक्स लाइफ में अब ज़माना हो गया था विजय को उसकी चूत चूसे.कपड़े उनके बीच रुकावट थे तो दीपक ने अपने और पिंकी को कपड़ों से आजाद किया.
पिंकी ने गीता को खा की तुम लोग भी बेड पर आ जाओ, यहाँ जगह है.अब गीता और पिंकी बगल बगल लेट गयीं टाँगें चौड़ाकर और उनकी चूत में विजय और दीपक की जीभें थीं.
पिंकी ने हल्की सी करवट गीता की और ली और दोनों एक दूसरे को होंठों पर चूमने लगीं.विजय ने गीता के मम्मे रगड़े तो गीता बोली- मुझे भी तुम्हारा चूसना है.
अब दीपक और विजय दोनों 69 हो गये और अब चारों एक दूसरे को चूमने चाटने लगे.गीता की चूत तो पहले से ही पानी बहा रही थी.वो दीपक से बोली- तुम भी मेरे ऊपर आ जाओ. फिर तुम दोनों मिलकर पिंकीं को मजे देना.कहकर गीता ने टांगें फैला दीं.
विजय ने उसके टखनों को पकड़कर ऊपर आते हुए उसकी चूत को पहले तो उंगली से अच्छे से मसला और फिर पास रखी क्रीम अपने लंड पर और उसकी चूत में लगाई और फिर अपना लंड टिका दिया उसकी चूत के मुहाने पर.गीता मुस्कुराते हुए बोली- धीरे से करना, अब आदत कम हो गयी है.विजय ने उसकी बात अनसुना करते हुए एक धक्के में अपना लंड अंदर पेल दिया.
गीता हल्के से चीखी- ओये धीरे से कर, तेरा तो बहुत मोटा ही यार.
पिंकी ने उसके मम्मे लपक लिए और लगी चूसने.अब दीपक भी अकेला क्या करता.उसने अपना लंड गीता के मुंह में दे दिया.गीता की तो मानो चांदी हो गयी.
विजय के धक्के कस कस कर लग रहे थे.गीता बोली- मुझे ऊपर आना है.पर विजय के पास अब गुंजाइश नहीं थी.उसने आखिरी धक्का लगाते हुए अपना सारा माल गीता की चूत में कर दिया.
गीता ने पिंकी से कहा- साइड में टॉवेल रखा है, दे मुझे.
टॉवेल से अपनी चूत के बाहर आते विजय के माल को पौंछते हुए गीता वाशरूम की और भागी.
अब पिंकी की बारी थी चुदाई की.उसने दीपक के लंड को अपने थूक से लीपा और खुद उसके ऊपर चढ़ कर बैठ गयी.पिंकी ने अपने हाथों से उसका लंड अपनी चूत में कर लिया और लगी उछल उछल कर चुदाई करने.
विजय ने उसके होंठों से होंठ मिला रखे थे.इस उम्र में चुदाई सेशन लम्बा तो होता नहीं.
दीपक ने पिंकी को नीचे किया और उसकी टांगें पूरी खोलते हुए पेल दिया अपना लंड उसकी चूत में और लगा पेलम पाल करने.पिंकी को बहुत मजा आ रहा था.
अब तक गीता भी आ गयी थी और उसने पिंकी के मम्मे मुंह में ले लिए थे.दीपक ने धक्कों पर जोर लगाते हुए आह उह करते हुए सारा माल पिंकी की चूत में निकाल दिया.
पिंकी उठने को हुई तो विजय ने एक हैण्ड टॉवेल से उसकी चूत को पौंछा और खुद अपना लंड पेल दिया पिंकी की चूत में.हालांकि उसके लंड में अब दम नहीं था पर कल रात उसने वादा किया था पिंकी से कि वो एक साथ दो लंड दिलायेगा उसे.
चारों अब एक साथ शावर लेने लगे.
जो थोड़ा बहुत कसर रह गयी थी बेड पर, वो उन्होंने शावर के नीचे पूरी की.गीता और पिंकी ने नीचे बैठकर अदल बदल कर दोनों के लंड चूसे.फिर कपड़े पहन कर आपस में गले लग कर फिर कभी न मिलने का वादा करते हुए दोनों जोड़े अपने अपने कमरों में चले गये.
दो कमरे छोड़कर सारिका और अनुज थे.और उनके बराबर के कमरे में संजू और दीपा थे.
उन लोगों ने डिनर के बाद रूम में आकर यहीं जोड़ियाँ बदल ली थीं सुबह तक के लिए.
इस सबकी पहल अनुज और सारिका ने ही की थी.तो सबसे ज्यादा धमाल उन्ही के कमरे में होना तय था.
सारिका अपने साथ एक छोटी सी नाईट ड्रेस लेकर विजय के रूम में आई.उसने गले लगकर और चूमकर दीपा को संजू के पास अपने रूम में भेज दिया.
दीपा के जाते ही विजय और सारिका आपस में इसे लिपटे, जैसे जन्मों के बिछड़े हों.दोनों के होंठ मिले हुए थे और जिस्म एक दूसरे में समा जाने की बेताबी दिखाते हुए चिपटे हुए थे.
सारिका एक फ्रॉक पहने थी जिसे उतार कर विजय ने फेंक दिया था.अब वो केवल एक सेक्सी ब्रा पैंटी में थी.
विजय ने उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके कबूतर आजाद कर दिए और लगा उन्हें चूमने.
सारिका भी मचल रही थी बेड पर जाने के लिए.उसने भी विजय की टी शर्ट उतार दी और नीचे बैठते हुए उसकी शॉर्ट्स भी नीचे खींच दी.
विजय का तना हुआ लंड उसके सामने था.सारिका ने उसे चूमते हुए थूक से लपेटा और फिर लोल्लिपोप की तरह मुंह में ले लिया.
सारिका के लिए संजू के बाद ये पहला गैर मर्द का लंड था जिसे उसने मुंह में लिया था.
सारिका ने अपनी स्पीड बढ़ाई तो विजय की हालत खराब होने लगी.उसे लगा कि वो तो सारिका के मुंह में ही खलास हो जाएगा.उसने नीच झुककर सारिका को खड़ी किया और गोदी में उठा लिया.
सारिका ने उसके होंठों से होंठ मिला दिए.विजय ने उसे आहिस्ता से बेड पर लिटाते हुए उसकी ब्रा-पेंटी खींच दी.सारिका ने अपनी टांगें चौड़ा दीं.
विजय उसका इशारा समझ गया.वो नीचे झुका और उसने सारिका की टांगें खोलते हुए उसकी मखमली चूत में अपनी जीभ घुसा दी.
सारिका अब इसे मचलने लगी जैसे बिना पानी के मछली.वो विजय के बालों में उंगलियाँ फंसाकर उन्हें खींच रही थी.
अब विजय भी उसकी चूत में घुसना चाहता था.तो वो ऊपर हुआ और सारिका के पेट और मम्मों को चूमता हुआ उसके होंठों को चूमने लगा.
चुदाई का फैशन- 2
अब उसका लंड सारिका की चूत के ऊपर था और अंदर घुसने को बेताब था.अब पहल सारिका ने की.
उसने नाग जैसे फुंफकारते लंड को पकड़ा और अपनी गुफा के मुंह पर रख दिया.बाकी काम लंड ने खुद कर लिया.
वो एक झटके में सारिका की पानी बहाती रेशमी चूत में घुस गया.सारिका की चीख निकली.पर वो विजय से और कस के लिपट गयी.
विजय ने पूरी ताकत से लंड को अंदर तक पेला और फिर लगा पेलमपेल करने.
सारिका नीचे से उछल उछल कर पेल लगाती हुई उसका साथ दे रही थी.सारिका ने अपने लम्बे नाखूनों से विजय की पीठ पर धारियां बना दी थीं.
विजय और थोड़ा उठा और सारिका की टांगों को ऊपर करके चौदाते हुए चोदने लगा.अब उसका लंड पूरा खुलकर चुदाई कर रहा था.
सारिका की चुदास भड़की हुई थी.उसने विजय से कहा कि वो ऊपर आना चाहती है.
विजय ने बिना बाहर निकले सारिका को पलट कर ऊपर कर दिया.पर सारिका ने अपने को उससे छुड़ाया और दोनों और टांगें करके विजय के ऊपर बैठी और अपने हाथ से लंड को अपनी चूत में कर लिया और लगी उछलने.उसकी स्पीड बढ़ती गयी.उसके गोरे गोरे मांसल मम्मे इधर उधर झूल रहे थे.उसके लम्बे नाख़ून विजय की छाती पर टिके थे तो उसकी छाती पर भी उन्होंने जगह जगह निशान और धारियां बना दी थीं.
विजय मुस्कुराया कि अब दीपा को क्या बताउंगा इनके बारे में.सारिका मुसुकुरा दी.
विजय बार बार उसके झूलते मम्मों को लपकता और मसल कर छोड़ देता.अब दोनों का ही होने को था.
सारिका उछलती हुई बड़बड़ा रही थी.उसका हो गया था तो वो विजय के सीने पर लेट सी गयी.
विजय ने नीचे से फाइनल धक्के लगाते हुए अपना सारा माल उसकी चूत में खाली कर दिया.विजय ने सारिका को लपेटकर पनी साइड में कर लिया.सारिका की चूत से विजय का वीर्य बाहर निकल रहा था.
पास में कोई टॉवेल न देखकर सारिका वाशरूम में नंगी ही भागी.पीछे पीछे विजय भी आ गया.दोनों शावर के नीचे खड़े हो गये.
उधर दीपा जब संजू के कमरे में पहुंची तो संजू उसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था.संजू ने दीपा को ताबड़ तोड़ चूमना शुरू कर दिया.
दीपा बोली- इतने बेकरार क्यों हो रहे हो, पूरी रात हमारी है.संजू बोला- एक रात तुमसे प्यार करने को कम पड़ जायेगी.दीपा हंस दी और बोली- देखती हूँ कितना दम बाकी है अभी भी तुममें.
संजू का लंड तना हुआ था तो दीपा ने उसे ऊपर से ही मसला और नीचे बैठ गयी और संजू के बरमुडा के ऊपर से ही उसे चूसकर गीला कर दिया.संजू बोला- चलो साथ साथ शावर लेते हैं. पूल से आने के बाद मैंने शावर नहीं लिया है.
दोनों वाशरूम में गये.संजू ने अपने और दीपा के कपड़े उतार दिए.दोनों ने ही एक दूसरे को बिना कपड़ों के पहली बार देखा था तो सूखी बेल की तरह लिपट गये आपस में.
संजू तो दीपा के मम्मों को आम की तरह चूस रहा था.दीपा के मम्मे थे भी भारी.
संजू का लंड दीपा की चूत से टकरा रहा था.संजू ने हाथ बढ़कर शावर खोल दिया.ऊपर से पानी की फुहार पड़ी और आग और भड़क गयी.
दीपा नीचे झुकी और संजु का लंड मुंह में ले लिया.थोड़ी देर की लिपटा लिपटी के बाद ही उन दोनों को अब रोकना मुश्किल हो गया तो जल्दबाजी में बदन को सुखाकर टॉवेल लपेट कर बाहर आ गये.
दीपा अपने साथ एक शोर्ट ड्रेस लायी थी.पर संजू बोला- जब उतारना ही है तो पहनने से क्या फायदा.दीपा ने मुस्कुराते हुए कमरे की लाइट बंद कर दी.
सारिका जाते जाते बेड संवार गयी थी तो सब कुछ सेट था.
दीपा बेड पर घुटनों क बल चढ़ी तो पीछे से उसकी गांड तो चौड़ाते हुए संजू ने उसकी चूत में जीभ घुसा दी.दीपा सिहर गयी, वो पलटी और पीठ के बल टाँगे खोल कर लेट गयी और मुस्कुराते हुए सन्जू से बोली- लो अब चूसो. पर मुझे भी चूसना है तो आओ 69 हो जाओ.
अब संजू का मुंह दीपा की मखमली चूत की फांकों में था और दीपा के होंठ उसका लंड चूम चाट कर रहे थे.
दीपा लंड चूमने में एक्सपर्ट थी.उसने जीभ और होंठों से संजू के लंड पर ऐसा दबाब बनाया कि संजू को उससे कहना पड़ा- मुझे छोड़ो, वरना तो मेरा तुम्हारे मुंह में ही हो जाएगा.
दीपा ने हँसते हुए उससे कहा- अरे तुम तो अभी से घबरा गए.संजू ने अब अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए दीपा की टांगें चौड़ायीं और ऊपर पंखे की ओर करके हुए उसकी चूत में अपना लंड एक ही झटके में पेल दिया.
लंड मोटा था संजू का और फिर अचानक हमला.दीपा की चीख निकली.वो बोली- फाड़ोगे क्या? फिर क्या जवाब दूँगी अपने आदमी को?
दोनों मुस्कुरा दिए.
अब संजू के धक्कों की ताल में ताल मिलाने लगी दीपा.संजू ने उसके मम्मे पकड़े हुए थे.
यह तो तय था कि अपने लाल हुए मम्मों का हिसाब दीपा को विजय को देना होगा.दीपा ने जब संजू से ये कहा तो संजू बोला- घबराओ मत, सारिका भी ऐसे ही निशाँ लेकर और छोड़ कर आएगी. तुम चाहे तो विजय की पीठ देख लेना.
दीपा ने अब ऊपर आना चाहा.संजू ने उसे ऊपर तो कर लिया पर दीपा के मम्मे पकड़ कर दीपा को ऊपर उछलने में मदद की.संजू का लंड नीचे से पेल दे रहा था.
अब दीपा को होने को आ गया.पर संजू अभी रुकने को तैयार नहीं था.
दीपा तो निढाल होकर उसकी छाती पर पड़ गयी.
संजू ने उसे पलटा और फिर पूरी स्पीड से उसकी चुदाई करने लगा.दीपा की आहें पूरे कमरे को वासनामय कर रही थीं.
वो जितना हो सकता था अब भी संजू का साथ दे रही थी.
संजू का भी होने को आ गया था.उसने दीपा से पूछा- कहाँ निकालूं?दीपा मुस्कुराते हुए बोली- अंदर ही निकाल दो. इस ट्रिप में तो बार बार रिस्क लेना पड़ रहा है.
संजू ने सारा माल दीपा की चूत में निकाल दिया.दीपा उठ बैठी और संजू का वीर्य टपकाता लंड मुंह में ले लिया.
संजू हतप्रभ था.सारिका तो ऐसा कभी नहीं करती थी.
दोनों वाशरूम से फ्रेश होकर आये और लिपट कर सोने की कोशिश करने लगे.
आज तो सुनील और नीता की भी मौज थी.नीता वैसे तो रोज अपने घर रात को चली जाती थी पर कल सुबह इस ग्रुप का चेकआउट था और आज की रात सभी जोड़ों की बदला बदली की रात थी तो नीता आज रिसोर्ट में ही रुक गयी थी.
देर रात 11 बजे करीब उसे सुनील का फोन आया.वो उसे अपने रूम में बुला रहा था.
इन तीन चार दिनों में यहाँ के कामुक माहौल में नीता की भी चूत सुलग गयी थी और चुदाई मांग रही थी.
उसने आज सुबह नहाते समय अपनी चूत चिकनी की थी.उसे उम्मीद थी कि आज की रात रंगीन होगी.
वह दबे पाँव सुनील के रूम में पहुंची.सुनील ने उसे लिपटा लिया अपने से.
नीता बोली- क्या बच्चों की तरह करते हो. कुछ तो सब्र करो.सुनील बोला- आज तुमने इन सभी जोड़ों की आग भड़का दी है और तुम मुझे कह रही हो सब्र करो.
नीता हँसते हुए बोली- इन सभी जोड़ों ने आज जिन्दगी में पहली बार अदल बदल कर सेक्स किया है. पर हम दोनों तो करते ही रहते हैं.
सुनील ने पेग नीता के होंठों से लगाते हुए कहा- देखो कितना कड़क हो रहा है मेरा. आओ इसकी प्यास बुझाओ, फिर एक बार राउंड मार कर आते हैं.
नीता बोली- अभी सभी कमरों का हाल सूंघ कर आई हूँ. सभी में जबर्दस्त चुदाई चालू है.
सुनील ने नीता को बेड पर खींच लिया और फिर दोनों कपड़ों से निजात पाकर चादर में घुस गये.
सुनील तो नीता के माम्मों पर पिल गया था.और नीता उसका लंड मसल रही थी.
नीता भी चुदाई के लिए कसमसा रही थी.सुनील ने बिना देर किये अपना लंड पेल दिया नीता की पानी बहाती चूत में.
आज नीता ऊपर आकर उछल कूद कर रही थी… उसने सुनील को ऊपर आने ही नहीं दिया.
सुनील का लंड पूर निचोड़ कर वो इसे ही सुनील के पेट पर लेट गयी.
सुबह ब्रेकफास्ट पर सबका मिलना हुआ.सुनील और नीता ने सबसे बहुत सहज स्वर में बात की कि जैसे कुछ हुआ ही न हो.
पर अभी जोड़े मुस्कुरा रहे थे और अपने रात के पार्टनर से आँखों ही आँखों में बात कर रहे थे.अब सबकी विदाई थी.
सुनील और नीता ने सबको गले लगाकर विदा किया और फिर इंतज़ार करने लगे अगले ग्रुप का.
तो दोस्तो, लिखिएगा मुझे कि कैसी लगी आपको मेरी न्यू सेक्स पार्टनर स्टोरी.जब आप भी इस आगे की उम्र पर पहुंचे तो आप भी ऐसा तजुर्बा कीजिएगा.आपकी मेल का इंतज़ार करूंगाsupport@mohakkisse.com