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Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 9 मिनट • पढ़ा गया: 786 बार

संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-6(Sanskari vidhwa maa ka randipana-6)

moodchangerboy

29 Jun 2023 को प्रकाशित

संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-6(Sanskari vidhwa maa ka randipana-6)
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अगले दो दिन जुनैद मेहनत करके मेरे लिए बड़ी पार्टी लाता है। जुनैद बोला हम जल्दी ही उनके साथ डील करेंगे। इस बात के लिए मम्मी ने उसे थैंक्स बोला। सुबह नाश्ते के लिए मैं आया तब देखा मम्मी सफेद कलर की बहुत ही टाइट शॉर्ट्स पहनी हुई थी। जो बस उनकी गांड को ही कवर कर रही थी। गांड से एक-दम चिपका हुआ और चूत के मोटे-मोटे होंठ फूले हुए नज़र आ रहे थे। मम्मी ने ऊपर पिंक कलर की क्रॉप टी-शर्ट पहनी थी। जिसमें से उनकी कमर और गोल और गहरी नाभि नज़र आ रहे थे।

मम्मी मुझे देख कर मुस्कुरा कर बोली: गुड मॉर्निंग बेटा। मैं कैसी लग रही हूं?

मैं बोला: आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो। लेकिन मम्मी जुनैद अब हमारे घर पर रह रहा हैं। उसके होते हुए आप को ऐसे छोटे कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

मम्मी थोड़ा नाराज़ होकर बोली: ओहो बेटा, पहले तुम ही मुझे कह रहे थे कि मम्मी आप मॉर्डन बनो। और अब जब मॉर्डन बनने की कोशिश कर रही हूं, तब तुम मुझे टोक रहे हो। और जुनैद कौन सा बाहर का हैं, वो भी अपने परिवार के सदस्य हैं। अब मुझे उनसे क्या शर्माना?

मम्मी मेरे पास आई और मेरे होठों को चूम ली और बोली: बेटा अब मैं अपनी लाइफ खुल कर एन्जॉय करना चाहती हूं।

मम्मी मेरे से चिपकी हुई थी तभी जुनैद भी आ गया। वो अपनी चौड़ी छाती और गठीला बदन दिखाते हुए बस लुंगी में ही आया। मम्मी उसे देख कर शर्मा गई। जुनैद मेरे सामने मम्मी की तारीफ़ करने लगा। फिर सोफे पर जाके बैठ गया।

मम्मी एक अजीब मुस्कान से साथ बोली: जुनैद जी अब बस भी करिए। मैं आपके लिए कॉफ़ी लाती हूं।

मम्मी किचन में जा रही थी तब जुनैद मादरचोद मम्मी की नंगी टांगे और उनकी गांड को ही घूर रहा था। फिर मम्मी कॉफी लेकर आई और जुनैद के बगल में बैठ गई। जुनैद ने बताया जिस पार्टी से उसकी मीटिंग के लिए बात हो रही थी, वो मिलने को तैयार थी। उसने मीटिंग के लिए मुझे अकेले बुलाया था। बाते करते हुए मैंने देखा जुनैद ने अपना हाथ मम्मी की नंगी जांघ पर रख दिया था। मम्मी जुनैद को कुछ बोल नहीं रही थी। बस वो मेरे से अपनी नज़रें चुरा रही थी।

मैं बोला: जुनैद तुमने यह अच्छा काम किया। मैं इस मीटिंग के लिए जरूर जाऊंगा।

जुनैद अपने हाथ को मम्मी की नंगी टांगों पर फेरते हुए जांघों को सहला रहा था। जुनैद का हाथ अब धीरे-धीरे शॉर्ट्स के ऊपर से चूत पर जाने वाला था। तब मम्मी उसके हाथ पर अपना हाथ राख देती है, और अपनी नस्ली आंखों से जुनैद की आंखों में देखती हुई बोली: थैंक्यू जुनैद जी, आपने बहुत अच्छा काम किया। इससे मेरे बेटे का कारोबार और अच्छा चलने लगेगा।

मैं बोला: जुनैद चलो अब हमे शॉप पर भी जाना है।

फिर मैं तैयार होने के लिए अपने कमरे में जाने लगा। तभी मुझे जुनैद और मम्मी की आवाज़ आई और मैं उनकी हरकत को देखने के लिए छुप गया। मम्मी किचन में जा रही थी। तभी जुनैद ने मम्मी का हाथ पकड़ के बोला: आप कहां चली जानेमन?

मम्मी बोली: छोड़िए ना जुनैद जी, कहीं राहुल ने देख लिया तो क्या सोचेगा?

जुनैद: डार्लिंग तुम्हें कैसे छोड़ दूं? कब से तड़प रहा हूं तुम्हारी यह उभरी हुई गांड देख कर।

मम्मी उसको देख कर शर्मा रही थी, और जुनैद मम्मी को खींच के अपने सीने से चिपका लिया। जुनैद साला मेरी मां को अपनी बाहों में लेकर उनकी कमर से गांड तक हाथ फेरने लगा। मम्मी ना-नुकुर करती हुए भी जुनैद की बाहों में सिमटती जा रही थी। यह सब देख कर मुझे जलन भी हो रही थी, और एक प्रकार का मजा भी आ रहा था।

मम्मी बोली: जुनैद जी मैंने कभी अपने पति के सिवा किसी गैर मर्द के बारे में सोचा नहीं था। जब से आपका यह फौलादी गठीला बदन देखा हैं। मेरी अन्दर की औरत जाग उठी है। मैं कब से आपकी बाहों में आने के लिए तड़प रही थी।

फ़िर मम्मी उसके सीने को चुमती हुई जुनैद के होठों के नजदीक अपने हॉट लाती हैं। जुनैद मम्मी के होठों पर अपने होंठ रख कर उन्हें चूसना शुरू कर देता हैं। किस्स करते-करते अपने दोनों हाथ मम्मी की शॉर्ट्स में डाल कर मम्मी की नंगी गांड मसलने लगता है। ओहो मादरचोद जुनैद मेरी मां के रसीले होठों का रस चूसते हुए उनकी मस्त गांड भी सहला रहा था। कभी जोर से मसल देता तो मम्मी एक-दम से चौंक जाती।

मम्मी उसका पूरा साथ दे रही थी। मम्मी एक प्यासी औरत की तरह अपने दोनों हाथों से जुनैद के सर के बालों में अपनी उंगलियों को फेरते हुए और अपनी चूचियों को उसके सीने में रगड़ते हुईं जुनैद की जीभ को चूस रही थी, और होठों को चबा रही थी। माहौल काफी जोशीला हो गया था। धीरे-धीरे जुनैद मेरी मां का शॉर्ट्स पीछे से उतार कर गांड को नंगी कर दिया। फिर अपनी उंगलियां मम्मी की गांड की दरार में घुमा रहा था। जिससे मेरी मां और गर्म हो रही थी। अब मम्मी अपनी टांगे खोल देती है, ताकि जुनैद की उंगलियां आराम से गांड से होते हुए अपनी चूत को मसलवा सके।

जुनैद मम्मी को एक-दम से पलट देता हैं, और मम्मी के पीछे खड़ा हो जाता है। वो मम्मी का मुंह पीछे करके उनके होठों को चूसने लगता हैं। मम्मी भी मदहोश होकर उसको किस्स में साथ देती हैं। अब वो अपना एक हाथ मम्मी के बूब्स पर रख कर उसको सहलाने लगता हैं। वो अब अपने दूसरे हाथ से मम्मी का शॉर्ट्स नीचे कर देता हैं, और मम्मी की चूत को मसलने लगता हैं।

अपनी मां का रंडीपना देख कर मैं भी अपना लंड मसलने पर मजबूर हो जाता हूं। मम्मी अब पलट कर जुनैद को बहुत बुरी तरह उसके होंठों को चूसने लगती हैं। नीचे जुनैद अपनी उंगली मम्मी की चूत में अंदर-बाहर कर रहा होता हैं। मम्मी अब इतनी गर्म हो चुकी थी, कि वो अपने नाखून जुनैद की पीठ पर नोचने लगी। थोड़े टाइम में मम्मी का जिस्म कांपने लगता हैं और वो झड़ जाती है। जुनैद की उंगलियों पर मम्मी का झड़ा हुआ रस लग जाता है।

जुनैद अपने होंठ मम्मी के होठों से अलग करके अपनी उंगलियों दिखते हुए बोला: कितना गाढ़ा रस है।

वो अपनी उंगलियों पर से मम्मी का रस चाट जाता हैं। मम्मी शर्माते हुए अपना मुंह जुनैद के सीने में छुपा लेती हैं।

जुनैद: आई लव यू मेरी जान।

मम्मी बोली: आई लव यू टू जुनैद जी। आज आपकी इन बाहों में मुझे वो सुकून मिल रहा हैं, जो कभी मुझे अपने पति से मिल रहा था। आज से मेरे जिस्म पर और हर एक चीज पर बस आपका हक़ है।

जुनैद: जान मैं तुम्हे ऐसे ही प्यार करता रहूंगा कि तुम अपने पति राजवीर को भी भूल जाओगी।

जुनैद मम्मी का एक हाथ पकड़ के अपने खड़े लंड पर रख दिया। जो लुंगी के अंदर फनफना रहा था। मम्मी लंड को छुते ही जुनैद की आंखों में देखने लगी।

जुनैद: मेरी जान यह बहुत तड़प रहा है।

मम्मी अपना हाथ उसके पूरे लंड पर फेरती हुई बोली: जुनैद जी आपको अभी शॉप पर भी जाना है। कही राहुल आ गया तो इसकी और मेरी प्यास अधूरी रह जाएगी (मम्मी ने जुनैद को स्मूच किया)।

जुनैद: फिर राहुल बेटे का कुछ करना होगा।

मम्मी मुस्कुराकर बोली: जैसा आपको ठीक लगे।

फिर दोनों अलग हो गए। मम्मी अपने आप को संभालते हुए किचन में चली जाती हैं। फिर थोड़ी देर बाद जुनैद और मैं अपनी शॉप पर आ गए। मैंने जुनैद को देखा वो आज कुछ ज़्यादा खुश नज़र आ रहा था। मम्मी को चूसने के बाद मुझे उसको देख कर गुस्सा भी आ रहा था, और कही ना कही यह मुझे अच्छा भी लग रहा था। मेरे अंदर एक बात चल रही थी कि जुनैद मम्मी को वो सभी खुशियां दे जो मेरा बाप कभी नहीं दे सका। और अब जुनैद ही मम्मी को एक पति का सुख दे सकता था।

दोस्तों इसके आगे क्या हुआ में आपको अगले पार्ट में बताऊंगा। और कहानी और मेरे से जुड़े रहने के लिए support@mohakkisse.com पर मेल करे।

अगला भाग पढ़े:-संस्कारी विधवा मां का रंडीपना-7

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