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Office Sex पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 832 बार

मुझे अपनी चुत गांड चुदवाने को लंड चाहिए- 4

रोमन

26 Jul 2022 को प्रकाशित

मुझे अपनी चुत गांड चुदवाने को लंड चाहिए- 4
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मेरी सेक्स चुदाई कहानी में पढ़ें कि मैं एक डॉक्टर के साथ काम करने लगी. वहां पर मैंने बीसियों लंड अपनी चूत में डलवाए. डॉक्टर ने भी मुझे चोदा.

नमस्ते दोस्तो, मैं अरुणिमा एक बार फिर से चुदाई की कहानी में आपको अपने कामरस से सराबोर करने आ गई हूँ.मेरी सेक्स चुदाई कहानी के पिछले भागटेलर मास्टर को चूत देकर काम करवायामें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं ड्रेस बदल कर आई तो डॉक्टर अमित ने मेरे सेक्सी लुक की तारीफ की.

अब आगे मेरी सेक्स चुदाई कहानी:

इस कहानी को सेक्सी लड़की की आवाज में सुनकर मजा लीजिये.

उस दिन उन्होंने बोला- आज आप बाहर काउंटर पर बैठो … क्योंकि वो बाहर वाली लड़की आज छुट्टी पर है. अगर वहां कोई लड़का बैठा लो, तो बवाल हो जाता है.

उनके ही क्लीनिक का एक लड़का मुझे वहां छोड़ आया और कैसे क्या करना है, वो भी उसने बता प्रिया.

उस काउंटर के सामने दो खिड़कियां थीं, एक ऊपर वाली कुछ कहने के लिए … जिसमें से बाहर से सीधे मेरी छाती दिखेगी … और दूसरी नीचे वाली खिड़की कागज़ और पैसा देने के लिए थी.

उस दिन जो भी मर्द आया, वो मेरी शर्ट में से आधी दिखती मेरी चूचियों की घाटियों को ही ताड़ने लगता.

इसी तरह दो दिनों के लिए मुझे वहां बैठना पड़ा. उसके बाद जब वो लड़की वापस आ गयी तो मैं अन्दर डॉक्टर साहब के पास आ गयी.

वहां मेरा ये काम था कि उस बाहर वाले काउंटर से एक बार में दस पर्चे लाना और फिर एक एक को बुला कर डॉक्टर साहब से मिलवाना.

ये सिलसिला कुछ दिनों तक चला.

फिर एक दिन जब मैं पर्चा लेने गयी, तो एक 40 साल का आदमी मुझे बहुत घूर कर देख रहा था.

मुझे भी पता नहीं क्या चुल्ल मची कि मैं सामने से भीड़ में घुस कर पर्चा लेने चली गयी.रोज़ तो मैं काउंटर के पिछले दरवाजे से जाकर पर्चा लेती थी … लेकिन आज मेरी चुल्ल ने मुझे ऐसा करने को मजबूर कर प्रिया था.

इसका नतीजा ये हुआ कि जब मैं सामने से पहुंची और वो लड़की पर्चा इकट्ठे करके मुझे देने लगी, तब तक वो ही आदमी जो मुझे घूर रहा था.

उसने एक बार मेरी गांड को हल्का सा टच कर प्रिया.मेरे कुछ न बोलने पर वो बार बार अपना हाथ मेरी गांड पर इस तरह लड़ाता कि जैसे गलती से लग गया हो.

फिर जब मैं वहां से निकली, तो वो भी मेरा पीछा करने लगा. मैंने अन्दर पर्चा रखा और सीढ़ियों से ऊपर उधर को जाने लगी, जहां सारी दवाएं रखी रहती थीं.मैंने महसूस किया कि वो आदमी भी मेरे पीछे आ रहा था.

मैं उस कमरे का दरवाजा खोल कर अन्दर आ गयी.

वो आदमी भी मेरे पीछे आ गया और बोला- मैडम सुनिए.मैंने बोला कि हां बताइए … क्या काम है?

उसने बोला- मैं अभी आया हूँ और आप प्लीज़ मेरी बीवी को जल्दी दिखवा दीजिए.मैंने उससे कहा- माफ कीजिएगा, ये सब हमारे यहां नहीं होता है.

वो आदमी कमरे के अन्दर आ गया और एकदम मेरे पास आकर खड़ा हो गया. उसने एक ही बार में अपने पैंट की चैन खोल कर अपना लंड बाहर निकाल लिया.मैंने देखा कि उसका लंड काफी ज्यादा बड़ा था.

उसके लंड को देख कर एक बार को तो मेरा मन बहक गया लेकिन मैंने उसको ग़ुस्से से देखते हुए बोला- आप पागल हो क्या … ये सब क्या कर रहे हो!वो बोला- मैडम मैं बहुत मस्त चोदता हूँ … एक बार तो चुद जाओगी तो मज़ा आ जाएगा.

बस इतना बोल कर उसने मेरे हाथ में अपना लंड दे प्रिया और मेरा हाथ पकड़ कर लंड हिलवाने लगा.मैं जब तक कुछ समझ पाती कि वो अपने दूसरे हाथ से मेरी चूचियों को दबाने लगा.

मैं एकदम चुप होकर खड़ी थी और उसकी हरकत का धीरे धीरे मज़ा लेने लगी.

उसने जब ये देखा कि मेरी तरफ से इस बात का कोई विरोध नहीं है, तो उसने अपना पहला वाला हाथ हटा लिया और अब मैं खुद ही उसके लंड को हिलाने लगी.

वो मेरी शर्ट के सारे बटन खोल कर मेरी चुचियों की गहराई में अपना मुँह घुसा कर चाटने लगा.उसने मेरी ब्रा से मेरी चूचियों को बाहर निकाल कर खूब चूसा.

जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसका मुँह अपनी चुचियों से हटाया और नीचे बैठ कर उसका मोटा लौड़ा चूसने में लग गयी.

वो मस्त हो गया और मेरा सर पकड़ कर अपने लंड पर दबाने लगा. उसका लम्बा लंड मेरे गले गले तक जाने लगा था.

कुछ देर लंड चुसाने के बाद उसने मुझे खड़ा किया और सामने पेशेंट बेड पर मुझे लिटा कर मेरी स्कर्ट उठा कर मेरी पैंटी उतार दी.मेरी नंगी चुत देख कर उसने अपना मुँह मेरी चुत पर लगा प्रिया मेरी चूत चाटने लगा.

उसके कुछ मिनट की ही चटाई मैं झड़ गयी.

इसके बाद उसने लंड चुत में पेल प्रिया और लगभग आधे घंटे में मुझे बहुत फटाफट … लेकिन बढ़िया से चोद प्रिया.

मैं उसके साथ चुदाई करके नीचे आ गयी और उसकी बीवी को पहले दिखा प्रिया.

ये अब मेरे रोज़ का काम हो गया था. मैं रोज उस भीड़ में से किसी को भी चुन लेती, जो मुझे पसंद आ जाता.फिर उसे उसी कमरे में ले जाकर उससे चुद लेती.

एक दिन सुबह जब मैं क्लिनिक पहुंची, तो अमित अपने केबिन में नहीं थे.

मैं अन्दर बाथरूम में चली गयी और अपने सारे कपड़े उतारने के बाद उनको तह करके बैग में रख कर जैसे घूमी, तो अमित ने बाथरूम का दरवाजा एकदम से खोल प्रिया.मैं भी एकदम हक्की बक्की रह गयी.

उन्होंने भी कम से कम आधे मिनट तक मुझे पूरी नंगी देखा और मुझे सॉरी बोल कर दरवाज़ा बन्द कर प्रिया.

मैं कुछ देर में अपने कपड़े बदल कर बाहर आई तो आज अमित की आंखों में मुझे कुछ अजीब सी वासना दिखी. शायद मुझे नंगी देखने की वजह से था.

उस दिन उन्होंने मुझे एकदम अलग नज़रिये से देखा.

दोपहर में जब हम दोनों साथ में खाना खा रहे थे तो उन्होंने बोला- आज घर नहीं जाना … एक मरीज की फ़ाइल देखनी है.

कुछ देर में मैंने घर पर भी फ़ोन करके बता प्रिया- आज घर आने में देर हो जाएगी.

शाम को पांच बजे सबकी छुट्टी हो जाती थी. साढ़े पांच बजे तक पूरा अस्पताल खाली हो गया.बस बाहर एक गार्ड बैठा था.

अमित ने मुझसे एक मरीज़ की फ़ाइल निकालने को बोला और वो ऊपर चले गए.

वहां उनके कपड़े और आराम करने के लिए रूम था. कुछ देर बाद वो वहां से लोअर और टी-शर्ट में आए.उन्होंने लोअर बिना अंडरवियर के पहना हुआ था जो लंड के उभार से साफ़ पता चल रहा था.

मुझे इस बात का पूरा आभास पहले से ही हो गया था, तो मैंने अपनी स्कर्ट के नीचे हाथ डालकर अपनी पैंटी को उतार कर अपने बैग में रख लिया था.

वो अपनी कुर्सी पर बैठ गए और मुझे अपने एकदम बगल स्टूल पर बिठा प्रिया. वो मुझे उस मरीज़ के बारे में बताने लगे.

उनका हाथ मेरी पीठ पर चलने लगा था और बीच बीच में वो मेरी जांघ पर भी अपना हाथ रख देते.

कुछ देर बताने के बाद उन्होंने मुझसे वही बात दुबारा से पूछी, तो मैंने पहला उत्तर गलत बताया.

अमित बोले- अगर अबकी गलत बताओगी तो तुमको सजा मिलेगी.लेकिन फिर से वही हुआ और मैं नहीं बता पाई.

उन्होंने मुझसे खड़े होने को बोला और मेरे खड़े होते ही मेरे नीचे से स्टूल हटा प्रिया.

अमित मुझसे बोले- झुक जाओ.जब मैं हल्की सी झुकी, तो उन्होंने मुझे मेरे दोनों हाथ मेज़ पर टिकाने को बोला.

मैं अपने दोनों हाथों को मेज़ पर टिका कर झुक गई. उन्होंने मेरी गांड पर अपना हाथ फेरना शुरू कर प्रिया.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे फिर से सवाल पूछा.उत्तर फिर गलत हो गया.

अब जब भी सवाल का उत्तर गलत होता तो वो मेरी गांड पर एक बहुत जोर का झन्नाटेदार चमाट मार देते.

उनकी इस हरकत से मुझे दर्द भी हो रहा था लेकिन मज़ा भी बहुत आ रहा था.

कुछ देर बाद वो बोले- लगता है तुम्हारी स्कर्ट मोटी है … इसी लिए तुमको चोट नहीं लग रही है. इसी लिए तुम बार बार गलत उत्तर बता रही हो.

ये कहते हुए डॉक्टर अमित ने मेरी स्कर्ट उठा दी और मेरी गोरी गोरी गद्देदार गांड नंगी हो गयी.मेरी बिना पैंटी की गांड देख कर वो खुश हो गए और फिर से गांड सहलाने लगे.

अगली गलती पर जब उन्होंने मेरी गांड पर हाथ मारा, तो बहुत तेज़ से चट की आवाज़ आयी. इसी तरह उन्होंने कई सारे थप्पड़ मेरे दोनों चूतड़ों पर बरसा कर उन्हें एकदम लाल कर दिए.

इसके बाद उन्होंने मुझसे बोला- आओ बहुत देर से खड़ी थक गई होगी, बैठ जाओ.

इतना बोल कर उन्होंने मेरी कमर पकड़ कर मुझे अपनी गोद में बिठा लिया.उनकी गोद में बैठते ही मेरी गांड में अमित का खड़ा लंड गड़ने लगा.

अबकी बार उन्होंने मेरी दोनों चुचियों को अपने हाथ में थाम लिया और फिर से एक सवाल पूछा.

जब मैंने गलत उत्तर बताया, तो अमित ने मेरे दोनों चुचे कसके भींच दिए, जिसकी वजह से मेरी हल्की सी आह निकल गयी.

इसी तरह कुछ देर मेरे मम्मे दबाने के बाद उन्होंने मेरी शर्ट उतार दी और मेरी ब्रा के ऊपर से मम्मों को दबाया. फिर उसको भी निकाल प्रिया.

मैं उस कमरे में एकदम नंगी थी.

कुछ देर बाद अमित ने वो फ़ाइल सामने से हटा दी और मुझे झुका कर बिठा प्रिया और मेरे हाथों को अपने सिर के ऊपर से ले जाकर मेरी एक चूची को पीने लगे.

इसी तरह डॉक्टर अमित ने मेरी दूसरी वाली चूची को भी पिया.

फिर उन्होंने मुझे खुद पर से हटाया और मेरा हाथ अपना लंड पर रखवा प्रिया.मैंने झट से उनका लोअर खोल कर उनका लंड चूसना शुरू कर प्रिया.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे उल्टा ही मेज़ पर हाथ टिका कर झुका प्रिया और मेरी गांड और चूत को चाटने लगे.

फिर उन्होंने पहले मेरी गांड चोदी. बाद में चूत चोद कर अपना सारा माल मुझे पिला प्रिया.

अब तक 7 बज चुके थे, तो मैं अपने कपड़े बदल कर बाहर आने लगी.

मैंने देखा कि उनके यहां तीन और डॉक्टर आए हुए थे. इन्हें वो जब बुलाते थे, जब कोई ऑपरेशन या अलग मर्ज के लिए केस आता था.

उन तीनों में से एक डॉक्टर बाहर खड़ा था.उसने मुझे वासना भरी नज़र से देखा और मुस्कुरा प्रिया.मैं भी मुस्कान बिखेर कर चली गई.

अगले दिन मैंने एक आदमी चुन कर अपनी चूत चुदवाई और मजा लेकर नीचे आ गई.

फिर दोपहर को डॉक्टर अमित ऑपरेशन करने चले गए तो एक कंपाउंडर मुझे बुलाने आया.

उसने कहा- एक डॉक्टर साब आए हैं, वो आपको याद कर रहे हैं.

मैंने जाकर देखा तो ये वही डॉक्टर था, जो कल शाम को मुझे चोदने की नजर से देख रहा था.

कुछ देर बाद मैं उसके केबिन में गयी, तो वो मुझे एक केस के बारे में बताने लगा.

केस के बारे में बताते हुए ही उसने एकदम से मेरी पीठ पर हाथ फेर प्रिया.मैं उस पर चिल्लाने लगी.

वो बोला- देखो अरुणिमा जी, आज घर जाकर अपने पापा से मेरा नाम पूछ लेना. वो मुझे बहुत अच्छे से जानते हैं. कल जब आप अमित जी के साथ केस समझ रही थीं, मतलब उनका लंड मुँह में लेकर चूस रही थीं, तो मैं गेट पर ही था … अब आप देख लो.

उसने मुझे घुमा फिरा कर ये बता समझा दी थी कि अगर मैं उससे चुदवाने में नाटक करूंगी … तो वो अमित से हुई मेरी चुदाई की बात को पापा से बता देगा.

मैं चुपचाप खड़ी रही. उसने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अन्दर बॉथरूम में ले जाकर बहुत जोर से चोदा.

जाते समय वो बोल कर गया- कल वाले उन दोनों डॉक्टरों को भी तुम्हारी चुदाई की बात पता है … तो आप उनका भी देख लेना.

अगले दिन दोपहर के बाद वो एक इमरजेंसी के लिए बाहर चले गए तो उसी आदमी ने आज मुझे मीटिंग हाल में बुलवाया जहां वो दोनों डॉक्टर पहले से बैठे थे.

मेरे अन्दर आते ही उन्होंने दरवाज़ा बन्द कर प्रिया और उन तीनों मेरे साथ सामूहिक सेक्स किया.उसमें मुझे भी मज़ा आया और मेरी भी हां थी.

इन तीनों ने मुझे शाम सात बजे तक चोदा.

इसके बाद ये सब चले गए लेकिन मेरी गांड और चूत में एकदम दर्द और जलन हो रही थी. क्योंकि इन सालों ने एक साथ दो दो लंड मेरे हर छेद में घुसेड़े थे.

ये लोग तो तीनों लंड एक ही छेद में डालने के चक्कर में थे, लेकिन तीन के खड़े होने की जगह ही नहीं थी, सो लंड घुसा ही नहीं.

मैं कुछ देर बाद जब कुछ ठीक हुई तो घर आ गयी.

अब ये सब चलने लगा कि क्लीनिक की भीड़ में से कोई एक मेरी मार लेता. फिर कभी अमित या वो तीनों डॉक्टर मेरे ऊपर चढ़ जाते.

इसी तरह वहां मैंने एक साल काम किया. लेकिन जब मेरे पेपर शुरू हुए तो मैंने वहां काम छोड़ प्रिया.

आपको मेरी सेक्स चुदाई कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मेल करके बताएं.अरुणिमाsupport@mohakkisse.com

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मुझे अपनी चुत गांड चुदवाने को लंड चाहिए

कुल भाग: 4
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राहुल वर्मा कानपुर

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

करण चौहान

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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