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जवान लड़की पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 848 बार

मेरी गर्लफ्रेंड की फ्रेंड की चूत की चुदाई-1

सन्दीप गोस्वामी

19 Oct 2023 को प्रकाशित

मेरी गर्लफ्रेंड की फ्रेंड की चूत की चुदाई-1
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पहले मैं ये कहानियाँ सिर्फ़ किताबों में ही पढ़ता था लेकिन फ़िर एक दिन मेरे एक दोस्त ने मुझे इस साइट के बारे में बताया.. मुझे यहाँ पर ये कहानियाँ इतनी पसन्द आईं कि मैं इन्हें हर रोज रात को देर तक पढ़ता था।तब से मैं इस साईट पर प्रकाशित लगभग सारी कहानियाँ पढ़ चुका हूँ।

यह बात आज से 3 साल पहले की है.. जब मैं इन्जीनियरिंग कालेज में पढ़ता था। कालेज के लिए मुझे गाँव से शहर जाना पड़ता था और मैं हर रोज शहर जाता था।मेरी ही क्लास में मेरी एक गर्लफ्रेंड हुआ करती थी… जो उसी शहर में पेईंगगेस्ट के तौर पर रहती थी। जिस पीजी में वो रहती थी.. उसमें और भी बहुत सी लड़कियाँ रहती थीं.. लेकिन मैं अपनी फ्रेंड की सहेलियों से कभी बात नहीं करता था, मैं सिर्फ़ अपनी गर्लफ्रेंड से ही बात करता था। उसकी जो सहेलियाँ थीं.. उनमें एक रीमा नाम की लड़की थी।

क्या लड़की थी यारो.. कयामत थी वो.. उसकी जीरो फ़िगर.. लम्बे कूल्हों तक लटकते बाल.. हिरनी जैसी चाल.. बस क्या बताऊँ यारो.. उसके मचलते हुस्न के बारे जितना बोलूँ.. कम है।उस पर हर लड़का मरता था.. फ़िर मैं पीछे कैसे रह जाता।

मैं अपनी गर्लफ्रेंड से बहुत ज्यादा प्यार करता था और किसी भी हालात में उसका दिल नहीं तोड़ना चाहता था.. इसलिए मैं रीमा का कुछ ज्यादा नहीं कर पाता था।

लेकिन उसको पेलने के बारे में मैं और मेरे दोस्त काफ़ी बार प्लानिंग बना चुके थे और मैं भी अपनी गर्लफ्रेंड से भी कई मजाक में रीमा को चोदने की बात कर चुका था.. और वो भी मजाक में इसके लिए रीमा से बात करने के लिए बोल देती थी।

एक दिन की बात है मैंने सुबह-सुबह जब मेरी गर्लफ्रेंड को फ़ोन किया.. तो फ़ोन रीमा ने रिसीव किया। नींद पूरी तरह ना खुलने के उसकी आवाज को पहचान नहीं पाया.. लेकिन उसकी आवाज बहुत प्यारी लगी।

रीमा- हैलो..मैं- हैलो कौन?रीमा- मैं रीमा बोल रही हूँ.. आप कौन??मैं- सन्दीप बोल रहा हूँ.. वो (मेरी गर्लफ्रेंड) कहाँ है???रीमा- वो बाथरूम में है.. नहाने गई है।मैं- तो तुमने फ़ोन क्यों रिसीव किया?रीमा- उसका फ़ोन काफ़ी देर से बज रहा था.. तो मैंने रिसीव कर लिया।मैं- जब तुम सब को पता है कि मैं अपनी फ्रेंड के अलावा किसी से फ़ोन पर बात नहीं करता.. फ़िर तुमने ऐसा क्यों किया??

मेरी इस बात पर उसको गुस्सा आ गया और वो मुझसे कहने लगी कि सब लड़के ऐसे ही होते हैं। पहले तो पीछे-पीछे घूमते हैं और जब कुछ करने का टाइम आता है.. तो कुछ कर नहीं पाते हैं।

रीमा की यह बात सुनकर मुझे पहले तो कुछ अचरज हुआ.. पर तभी मुझे याद आया कि एक बार मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझे बताया था कि रीमा ने किसी से चुदाई की है और वो लड़का उसको खुश नहीं कर पाया था.. इसलिए रीमा को लड़कों से चिढ़ सी हो गई है।

मैं- ‘कुछ कर नहीं पाते..’ से तेरा क्या मतलब है?रीमा- वही.. जो तुम हर रोज सोचते हो लेकिन कर नहीं पाते।

आखिर मैंने उससे पूछा कि वो कहना क्या चाहती है। तो उसने जो बताया उस बात ने सुबह-सुबह मेरा दिमाग घुमा प्रिया।उसने जो बताया उसका मतलब खुले शब्दों में था कि मेरी गर्लफ्रेंड ने उसको बताया है कि मैं उसे चोदना चाहता हूँ।

चूंकि मैं और मेरी गर्लफ्रेंड आपस में काफ़ी खुल कर बातें करते थे.. इसलिए वो कुछ भी बोलने में शर्म नहीं करती थी।आखिर बात तो रीमा की सही थी.. लेकिन मैं उसे एकदम से इस बात के ‘हाँ’ कैसे बोल सकता था.. तो मैंने रीमा से बोला- वो सब मैंने मजाक में बोला था.. ऐसी कोई बात नहीं है..

मैंने कह तो प्रिया लेकिन दूसरी ओर मुझे एक डर भी था कि कहीं रीमा मेरी यह बात सुन कर कुछ करने से मना ही ना कर दे।मेरी बात के जबाव में रीमा कहने लगी- आप लोग सिर्फ़ मजाक ही कर सकते हो.. और कुछ नहीं..मैं- और क्या करना है.. कुछ बताओगी तभी तो कुछ करेंगे ना..रीमा ने बिंदास कहा- मुझे आपके साथ सेक्स करना है।मैं- लेकिन यार मैं तो तेरी फ्रेंड का ब्वॉय-फ्रेंड हूँ.. तो तेरे साथ ये कैसे कर सकता हूँ..?रीमा- उसको कुछ पता नहीं चलेगा क्योंकि हम उसे कुछ नहीं बताएंगे।

अब मुझे क्या चाहिए था.. इतने दिनों से सपने में रीमा की चूत को चोदते हुए देख रहा था.. आज वो हकीकत होने वाला था।लेकिन फ़िर भी मैंने उससे कहा- चलो देखते हैं.. अगर कभी वक्त और मौका मिलेगा तो ये भी करते हैं।उसने कहा- कालेज में किस टाइम आओगे।उस दिन मैं अपने दोस्त के कमरे पर रुका हुआ था.. तो मैंने कहा- मैं जल्दी ही आ जाउँगा।इतनी ही बात हुई कि मेरी गर्लफ्रेंड आ गई और उसने फ़ोन उसको दे प्रिया। उसने भी रीमा के बारे में ज्यादा नहीं पूछा।

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ज़ब कालेज में गया तो रीमा मेरा पहले से इन्तज़ार कर रही थी। चूंकि हम कालेज में थे तो वहाँ पर ज्यादा बात नहीं कर पाए.. लेकिन रीमा मुझको अगले दिन सुबह 9 बजे बस स्टैंड पर मिलने का बोल कर चली गई।अगले दिन मैं ना चाहते हुए भी सुबह 9 बजे बस स्टैंड पर पहुँच गया और जब मैं वहाँ पहुँचा.. तो रीमा मेरा पहले से ही इन्तज़ार कर रही थी।जब मैंने उसको देखा.. एक बार तो अपने होश ही गंवा बैठा.. हय.. क्या आईटम लग रही थी वो.. काली जीन्स पर.. कैप स्लीव का सफ़ेद टॉप.. में वो झक्कास माल लग रही थी।

वो मुझे साथ में लेकर पास के ही एक होटल में ले गई, उसने पहले से ही वहाँ पर कमरा बुक करवा रखा था। हम दोनों सीधे ऊपर कमरे में चले गए। कमरे में घुसते ही मैंने रीमा को बाँहों में भर लिया और उसे उठा कर बिस्तर पर गिरा प्रिया, फ़िर जल्दी से दरवाजा बन्द किया और वापिस आ कर रीमा को दबोच लिया। जब उसके गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों को अपने होंठों में लिया.. तो मैं सब कुछ भूल कर रीमा के जिस्म में खोता चला गया।

वैसे भी दोस्तों जब एक जवान खूबसूरत और जवान लड़की चुदने के लिए सामने हो और वो भी खुद की मरजी से हो तो बाकी भी कुछ कहाँ ध्यान रहता है।अपने दोनों हाथों से उसकी गर्दन को पकड़ कर मैंने उसे इतनी जोर से और इतनी देर तक चूसा कि वो छूटने के लिए झटपटाने लगी.. और जब मैंने उसको छोड़ा.. तो वो लम्बी साँसों से भर गई।

रीमा- मारोगे क्या?मैं- तो क्या यहाँ पर मेरी शक्ल देखने आई है.. जब मरवाने आई है तो और क्या करेंगे।रीमा- मेरा मतलब है.. मुझे मारोगे क्या?मैं- तुझे नहीं यार तेरी मारूंगा।रीमा- अरे बाबा, जान से मारोगे क्या?मैं- नहीं यार लंड से मारूंगा।

रीमा हँस पड़ी- अच्छा ठीक है.. जो मरजी आए कर लेना.. लेकिन पहले मुझे बाथरूम तो जाने दो।मैं- रोका किसने है.. चली जा.. या खुद ले कर जाऊँ?रीमा- नहीं इतनी मेहरबानी की जरूरत नहीं है और तुम मुझे छोड़ोगे.. तो खुद ही चली जाऊँगी।और वो मुझे धक्का देकर हँसती हुई बाथरूम में भाग गई।

लगभग 10 मिनट बाद जब वो वापिस आई.. तब मैं औंधा लेटा हुआ था.. वो चुपचाप आ कर मेरे ऊपर लेट गई और मेरी गर्दन पर चूमने लगी।उसका ऐसा करना मुझे बड़ा सुकून दे रहा था.. इसलिए मैं चुपचाप लेटा रहा।फ़िर मैं पलटते हुए सीधा हो गया और उसको उल्टा लिटा कर उसके ऊपर आ गया। अब मैं उसकी गर्दन और कान के नीचे चूमने लगा।

दोस्तो, ये दोनों जगह लड़की कि वो जगहें हैं जहाँ चुम्बन करने से न सिर्फ़ लड़की उत्तेजित होती है.. बल्कि लड़के को भी बहुत मजा आता है। ये हिस्सा बहुत ही नर्म और संवेदनशील होता है।मैंने अपने हाथ उसके नीचे डाल कर उस को थोड़ा ऊपर उठाया और उसके टॉप के बटन खोल दिए। बटन खोल कर उसके टॉप को उसके बदन से अलग कर प्रिया। फिर मैं उसके बगल में लेट कर उसकी कमर पर हाथ फ़ेरने लगा। वो भी गर्म हो चुकी थी और लम्बी-लम्बी साँसें ले रही थी।

फ़िर जब मैंने उसे सीधा किया तो उसके गोरे बदन पर काले रंग की ब्रा को देखा तो देखता ही रह गया। एकदम संगमरमर की मूरत लग रही थी। उस हसीन और कामुक मूरत को देख उसकी ब्रा उतारने का तो मेरा दिल नहीं किया.. लेकिन मुझे मेरे बदन पर कपड़े अब बिलकुल भी अच्छे नहीं लग रहे थे।

शायद यही हाल रीमा का भी था.. तभी उसने भी मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और शर्ट को मेरे जिस्म से अलग कर प्रिया। मेरे बदन पर इनर अभी बाकी था.. तो उसको मैंने खुद उतार प्रिया।

चुदाई का समय.. दो खुले और वासना की आग में गर्म बदन.. खामोशी का माहौल… और उस पर जब आँखों की नशीली भाषा को समझना हो तब कितना हसीन नजारा होता है.. ये वो ही इन्सान समझ सकता है जो इस हालात से निकल चुका हो। इस समय ठीक ऐसी ही हालात में हम दोनों थे।

उस समय दोस्तो.. मेरा लंड खड़ा हो चुका था.. उसकी चूचियाँ तन कर खड़ी हो चुकी थीं और हम दोनों की आँखों में वासना भर चुकी थी। अब बस देर थी तो बस एक-दूसरे के बदन में उतर कर खो जाने की.. पर उस घड़ी के इन्तजार में भी मजा था। मैं उसकी पैन्ट का बेल्ट और बटन इस मस्ती के दौर में पहले ही खोल चुका था।

तो जब मैंने जीन्स उतारने का इशारा रीमा को किया तो वो खुद से ही शर्मा गई और उसने अपने हाथ अपनी आँखों पर रख लिए।मैंने ही उसकी आँखों से हाथ हटाए और कहा- जब ये करने ही आई हो.. तो शर्म किस बात की?रीमा- तो खुद ही उतार दो ना।मैं- क्यों तू नहीं उतार सकती।रीमा- उतार तो सकती हूँ.. पर उतारना नहीं चाहती हूँ।मैं- क्यों..?

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मेरी गर्लफ्रेंड की फ्रेंड की चूत की चुदाई

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विकी शर्मा

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

लवगुरु खान

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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