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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 11 मिनट पढ़ा गया: 1,044 बार

Makan malik ki beti Pooja ki chudai

albelaneeraj

02 Jul 2020 को प्रकाशित

Makan malik ki beti Pooja ki chudai
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दोस्तों, मेरा नाम नीरज है, और मैं आपके सामने अपनी दूसरी कहानी लेकर आया हूं। मेरी पहली कहानी तो आप भूल गए होंगें, जो मैंने 2015 में पोस्ट करी थी।

सच कहूँ, तो लिखने में मुझे बहुत आलस आता है। मेरी पहली कहानी जिसका नाम “हमारी अधूरी कहानी” है, दो पार्ट में है। मैं एक-एक करके, अपनी सारी कहानी आप तक पहुँचाऊँगा। अब मैं ये कहानी लिख रहा हूँ।

तो आज तक मैंने सिर्फ 8 औरतों के साथ सैक्स किया है। जिसमें से एक मेरी बीवी है, और बाकी 7 की कहानियां मैं आप तक पहुँचाऊँगा। उन कहानियों में से एक आप पढ़ चुके हैं, तो दूसरी चुदाई की कहानी पेश करता हूं।

ये बात तब की है, जब मैं 22 साल का था। अपनी पढ़ाई पूरी करके, मैं दिल्ली में जॉब की तलाश में आया था। दिल्ली में मेरा एक दोस्त रमेश 6 महीने पहले ही आ गया था और उसकी जॉब भी लग गई थी। वो फील्ड जॉब में था और शहर से बाहर आता-जाता रहता था, तो मैं उसी के रूम में ही रहने लग गया।

हमारे मकान मालिक पंजाबी थे। उनके घर में हसबैंड वाइफ, उनका एक बेटा, बहु , 3 साल की पोती और बेटी रहते थे। बेटी का नाम पूजा था। हम दोनों दोस्त फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे और फर्स्ट फ्लोर किराये पर देने के इरादे से ही बनाया गया था, जिसमे तीन रूम थे।

हमारे रूम में किचन था, लेकिन बाकी दो रूम के साथ किचन नहीं था। बाथरूम कॉमन था और बाकी दो रूम अभी खाली थे। घर की एंट्री कॉमन थी।

अब मैं आता हूँ इस कहानी की मुख्य किरदार पूजा पर। पूजा की उम्र 19 साल के आस-पास थी। हद से ज्यादा गोरा रंग, मग़र चेहरा साधारण था। शरीर की बनावट सोनम कपूर जैसी, कद 5′ 4″ , स्तन 32″ साइज़ के , मतलब साधरण रूप वाली थी। बस कद और रंग ज़बरदस्त थे।

मैं न्यूज़-पेपर में क्लासीफाइड में जॉब देखता था, कहीं रेफरेंस से इंटरव्यू देने जाता था, फिर जब घर लौटता, तो अक्सर वहीं दरवाज़ा खोलती थी और स्माइल देती थी। लेकिन मैं उस पर कोई ज्यादा ध्यान नहीं देता था। बस hi, हेल्लो ही होता था।

ऐसे ही 9-10 दिन बीत गए, लेकिन मेरी कहीं जॉब नहीं लगी। एक दिन रमेश बोला-

रमेश: मकान मालिक की लड़की तेरे पे फिदा लगती है।

मैंने कहा: अरे नहीं यार।

मगर रमेश बार-बार मुझे ऐसे ही बोलता, तो मैं उस पर ध्यान देने लगा। एक दिन मैं घर पर था और मई का महीना था। मैं म्यूजिक सिस्टम में सोनू निगम के गाने सुन रहा था। गर्मी बहुत थी, तो मैंने केवल बॉक्सर पहना हुआ था। हमारे रूम में स्टैंडिंग फैन था और उसी से काम चल रहा था।

तभी हमारे रूम का दरवाज़ा किसी ने खटखटाया। दरवाज़ा खुला था, पर पर्दा गिरा हुआ था। मैंने पूछा कौन है, तो लड़की की आवाज आई। मैं चौंक गया और मैने जल्दी से अपनी टी-शर्ट डाल ली और पर्दा हटाया।

मैं : जी?

पूजा : हाय.

मैं: जी हाय.

पूजा: ये जो आप गाना सुन रहे हैं, ये मुझे बहुत पसंद हैं। क्या ये आप मुझे cd में राइट करके दे सकते हैं?

मैं : माफ करना, लेकिन मेरे पास कंप्यूटर नहीं है। मैं तो ये गाना म्यूजिक सिस्टम में सुन रहा हूं। आप चाहो तो मेरे साथ सुन सकती हो।

पूजा: अच्छा ठीक है।

ये बोलकर वो कमरे के अंदर आ गई। हमारे रूम में कोई कुर्सी नहीं थी, तो वो चारपाई पे ही बैठ गई। मैं भी चारपाई पे बैठ गया। फिर मैं बोला-

मैं : आपका नाम क्या है?

वो बोली: पूजा।

फिर उसने मुझसे मेरा नाम पूछा।

मैं बोला: नीरज।

मै : आप क्या करती हैं?

पूजा : अभी BA first year ke exams दिए है। अभी छुटियाँ है और आप?

मैं : अभी तो जॉब की तलाश चल रही है। अंकल आंटी कहाँ हैं?

पूजा: पापा और भाई तो काम पर गए हैं, मां और भाभी और पीहू भाभी के मायके गए हैं।

मै : आप नहीं गई उनके साथ?

पूजा : नहीं, घर पर भी तो कोई होना चाहिये।

मै: हाँ वो तो है।

फिर मुझे रमेश की बात याद आई, तो मैंने सोचा कि कुछ चांस मरता हूँ।

पूजा: यँहा तो बहुत गर्मी है, आप कैसे रहते हो?

मैं : क्या करे, अब रहना तो है ही। वैसे आपकी स्माइल बहुत अच्छी है, बिल्कुल नेचुरल।

पूजा (हस्ते हुए): Thank you.

मैं : आपका कोई बॉयफ्रैंड है?

पूजा : नहीं, कोई नहीं है।

मैं: सच में? मैंने तो सुना था, कि दिल्ली की हर लड़की का बॉयफ्रैंड होता है।

पूजा: नहीं तो , ऐसा ज़रूरी थोड़ी है। आपकी कोई गर्लफ्रैंड है?

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मै : नहीं , अभी तो जॉब पर ही फोकस है।

पूजा: अच्छा ।

मै : एक बात बोलूं , अगर बुरा ना मानो तो?

पूजा : बोलो।

मैं : मेरा मन तुम्हे किस करने का कर रहा है। (मै आप से तुम पे आ गया था)

पूजा : क्या!

फिर उसने नज़रे झुका ली। अभी मैं उससे दूर बैठा था, अब मै उसके पास आ गया। सच कहूं तो मेरा इरादा उसे सिर्फ किस करने का था। मैंने उसका हाथ अपने दोनों हाथों में पकड़ा और बोला-

मैं : बोलो ना, करूं ?

वो कुछ नहीं बोली और नज़रे भी नहीं मिला रही थी। उसके चेहरे पर शर्म साफ नजर आ रही थी। मैंने सोचा अब जो भी हो देखा जाएगा। मैंने उसकी ठुङी के नीचे हाथ लगया और उसके चेहरे को ऊपर उठाया। उसने आंखे बंद कर ली।

उसके कानों के नीचे पसीने की बूंदे थी, गर्मी की वजह से, या कुछ और वजह से, पता नहीं। फिर मैंने अपने होंठ उसके पतले गुलाबी होंठो पर रख दिये और धीरे-धीरे उसे किस करने लगा । मैं उसके निचले होंठ को अपने मुंह मे लेके चूसने लगा।

फिर कुछ देर बाद पूजा भी मेरे होंठ चूसने लगी और फिर मैं उसकी जीभ को चूसने लगा। ऐसे ही हम लगभग 15 मिनट तक किस करते रहे। मेरा लंड खड़ा हो गया और बॉक्सर में टेंट सा बन गया।

फिर मैंने पूजा का एक हाथ बॉक्सर के ऊपर से ही लंड पर रख दिया। वो कुछ चौंक गई, पर उसने हाथ नहीं हटाया। फिर मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और एक हाथ से उसके स्तन दबाने लगा। उसने कोई प्रतिरोध नहीं किया।

मैंने उसे ऐसे ही किस करते-करते बिस्तर पर लिटा दिया, पर हम दोनों के पैर बिस्तर से नीचे लटक रहे थे। पूजा ने सूट-सलवार पहना हुआ था। फिर मैंने उसका सूट थोड़ा ऊपर उठाया, तो उसका गोरा फ्लैट पेट और नाभि दिखने लगी।

उसने सूट के अंदर सफेद रंग की लंबी बनियान (under-shirt)भी पहनी थी। मैंने उसे भी ऊपर किया। अब मैं उसकी नाभि को अपनी जीभ से चाटने लगा। पूजा की आंख बंद थी और उसके हाथ मेरे सिर पे थे। थोड़ी देर में वो बोली-

पूजा : बस करो नीरज मैं पागल हो जाउंगी।

लेकिन मैं नही रुका। एक हाथ से मैंने उसका नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार नीचे उतार दी। पूजा ने अपनी टांगे बन्द कर दी। उसने प्रिंटेड पैंटी पहनी हुई थी। मैं पैंटी के ऊपर से किस करने लगा, तो मैंने देखा उसकी पैंटी गीली है।

मैं समझ गया, कि ये भी बहुत गर्म है। मैंने उसे बोला-

मैं : पूजा अपना सूट उतारो।

वो बोली: मुझे शर्म आ रही है।

मैं बोला : come on.

और मैंने उसे ऊपर उठाया और उसका सूट और बनियान भी उतार दी। अब वो सफेद ब्रा में थी। मैं उसके स्तनों को किस करने लगा और किस करते-करते मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। फिर मैंने उसकी ब्रा उतार फेंकी।

अब उसके छोटे संतरे के समान स्तन मेरे सामने थे। उसके निपल पिंक थे और बिल्कुल अनछुहे लग रहे थे। उसके स्तन छोटे थे, लेकिन कमाल लग रहे थे। फिर मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में लिया और चूसने लगा।

पूजा : ओह नीरज तुम मुझे पागल करके छोड़ोगे।

फिर मैं उसका दूसरा निप्पल चूसने लगा और उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था । मैंने उसके निप्पल को चूस-चूस के लाल कर दिया। उसकी पैंटी भी गीली होने लगी थी। फिर मैंने उसकी पैंटी घुटनो तक उतार दी।

क्या मस्त चूत थी और ब्राउन हेयर थे उसपे, जो अभी छोटे-छोटे थे । उसकी चूत गोरी थी और चूत के होंठ भी पिंक थे। मज़ा आ गया चूत देख के। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं उसकी चूत चाटने लगा।

मेरा लंड फड़फड़ा रहा था और मैं उसकी चूत में जीभ अंदर-बाहर करने लगा। मैं 5 मिनट तक ऐसा करता रहा। फिर उसने मेरा सिर पकड़ लिया और वो बोलने लगी, कि उसे कुछ हो रहा है और वो झटके से झड़ गई।

उसका मस्त पानी निकलने लगा। फिर मैंने अपना बॉक्सर , टी-शर्ट और अंडरवियर उतार दिया। मै अब पूरा नंगा था और पूजा की नज़रे मेरे खड़े लंड पर थी। फिर मैं अपना लंड उसके मुंह पर ले गया और मैंने उसे लंड पर किस करने को बोला।

वो बोली : नहीं, इसको कैसे किस करूं?

फिर मैं जबरदस्ती लंड के सुपाड़े को उसके होंठो से रगड़ने लगा। थोड़ी देर बाद मैंने थोड़ा लंड उसके मुंह में घुसा दिया और धीरे-धीरे उसे भी मज़ा आने लगा।मैं लंड अंदर बाहर करने लगा।

फिर मैंने पूरा लंड उसके मुंह में गले तक उतार दिया। इससे उसका गला घुट रहा था , तो मैने लंड बाहर निकाल लिया और उसको लंड चाटने को बोला।

वो लंड को ice-cream की तरह चाटने लगी । वो मेरा लंड चाट रही थी और मैं उसके स्तन मसल रहा था। फ़िर मैंने फिर से उसके मुंह मे लंड डाल दिया और उसके बाल पकड़ के ज़ोर-ज़ोर से अंदर बाहर करने लगा।

मैं : पूजा, मज़ा आ गया मुझे , तुम और चूसो मेरा लंड ।

5 मिनट बाद मुझे लगा, कि मैं झड़ने वाला हूं ।

मैं : पूजा, मेरा होने वाला है।

और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया। उसने मुँह हटाने की कोशिश की, पर मैंने उसका सर जोर से पकड़ के रखा। जब मैं पूरा झड़ गया, तब उसका सिर छोड़ा। उसने तुरंत ही सारा माल फर्श पर थूक दिया और बोली-

पूजा : तुम बहुत गन्दे हो।

मैं उसके बगल में लेट गया और उसको खींच कर अपनी बाहों में ले लिया । अब आगे क्या हुआ, ये अगले भाग में बताऊँगा। आपको कहानी कैसी लगी, ये मुझे जरूर बताँए। मेरी ई-मेल आई-डी नीचे लिखी है।

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