इस हॉट सेक्स स्टोरी के पहले भागबेटी ने मम्मी के यारों का लंड शेयर किया-1में अपने पढ़ा कि कैसे मैं मम्मी की कामुकता का इलाज करवाने उन्हें उनके यारों से चुदवाने ले गई.
अब आगे:
मम्मी विजय को कंधों से पकड़ कर खींच कर बोली- साले सुनीता के पीछे पीछे भागता रहता है, आज मुझे भी अपना दम दिखा।यह बोल कर मम्मी ने अपने होंठ विजय के होंठों से लगा दिए और चूमने लगी.
इधर विराट अंकल ने मेरा चेहरा अपने हाथों में थाम कर मेरे होंठों से अपने होंठ लगा दिए। मैं विराट अंकल की छाती को सहलाते हुए उनके होंठ चूमने लगी।पहले प्यार से चूमना चालू करके हम जोर जोर से चूमने लगे पूरी झोंपडी़ में हमारे चुम्मों की जोरदार पुच्च पुच्च की आवाजे़ं आने लगीं।
तभी मम्मी बोली- धीरे यार, किसी ने आवाजें सुन लीं तो काम खराब हो जाएगा; हम घर में नहीं, बाहर हैं।मम्मी को शायद किसी के आने का डर था क्योंकि वो पहली बार यहां आई थी लेकिन मैं बहुत बार यहां आकर चुदाई कर चुकी थी तो मुझे पता था यहां कोई नहीं आता क्योंकि ये वन विभाग की जगह थी और आस पास कोई निजी जगह नहीं थी।
मैंने कहा- क्या मम्मी, अभी तो हम झोंपडी़ के अंदर हैं; अगर बाहर खुले में भी सेक्स करें तो भी कोई नहीं आएगा।मम्मी ने मुझसे पूछा- तू इतने दावे से कैसे कह रही है?तो मैंने वो जगह वन विभाग के कब्जे में तथा आस पास किसी की कोई निजी जगह न होने वाली बात बताई।मेरी बात सुन कर मम्मी निश्चिंत हो गई।
अब विराट अंकल मम्मी के पास जाकर बोले- आ जा सनी डार्लिंग, अब तू अपने होंठों का जाम पिला!और मम्मी के होंठों पर चूमने लगा।
विजय मेरे पास आकर बोला- आ जा मेरी जान, तेरे रसीले होंठों का स्वाद ले लूं।यह कह कर उसने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिए और हम सब एक दूसरे को जोर जोर से चूमने लगे। हम हमारी गालों को चूमते तथा जीभ से चाटते!
तभी विजय बोला- दोनों मां बेटी की गालें बहुत चिकनी हैं तथा होंठ बहुत रसीले।
फिर हम एक दूसरे के कानों को मुंह में लेकर चूसने लगे और सब बहुत ही गर्म हो गए थे। अब वो हमारी गर्दन के नीचे होंठों से चूमने और जीभ से चाटने लगे। वो बहुत ही सेक्सी तरह से हमारी गर्दन पर जीभ चला रहे थे और मैं तथा मम्मी उनके बालों में हाथ फेरते हुए कामुक आहें भर रही थीं।
मैंने विजय को और मम्मी ने विराट अंकल को सिर से पकड़ कर ऊपर किया और उनको कस कर अपनी बांहों में भर कर अपने होंठ उनकी गर्दन पर रख दिए। हमारे नाजुक मुलायम होंठों के स्पर्श अपनी गर्दन पर पाकर उनके जिस्म में बिजली सी दौड़ने लगी और हमारे बूब्ज़ उनकी छाती में कस कर दबे हुए थे।हम उनकी गर्दन को जीभ से चाट रही थी और उनके मुंह से आहह आहहह की आवाजे़ं निकल रही थीं।
उन्होंने हमें और हमने उनको कस कर बाहों में भींचा हुआ था। हालांकि हमने कपड़े पहने हुए थे फिर भी उनके तने हुए लंड हमें अपने पेट पर महसूस हो रहे थे।
मैं विजय की शर्ट के बटन खोल कर उसकी छाती कर हाथ घुमाने लगी और मम्मी विराट अंकल की शर्ट खोल कर अपने हाथ उनकी छाती पर फेरने लगी।उन्होंने अपनी अपनी शर्ट उतार कर साईड पर रख दी और हम उनकी छाती पर हाथ घुमाते हुए उनकी छाती को मसलने लगीं।
फिर हमने उनकी छाती के निप्पलों को अंगूठे तथा उंगलियों में दबा कर मसलने लगीं और खींचने लगीं। विजय ने मेरी बाहें ऊपर करके और विराट अंकल ने मम्मी की बाहें ऊपर करके टॉप निकाल दिए और मेरे तथा मम्मी के बूब्ज़ को टाईट टॉप से आजाद कर प्रिया।उन्होंने हमारे बूब्ज़ अपने हाथों में पकड़ कर दबाने चालू कर दिए और हम उनकी छाती को मसल रही थीं।
मैं घूम कर विराट अंकल के पीछे और मम्मी घूम कर विजय के पीछे आ गई। हमने उनको पीछे से बांहों में भर लिया और पीछे से उनकी छाती के निप्पलों को जोर जोर से हाथ में पकड़ कर दबाने लगीं।हमने उनको पीछे से कस कर पकड़ लिया और हम अपने बूब्ज़ उसनी पीठ पर मसलने लगीं। हम उनकी पीठ पर बूब्ज़ मसलते हुए पीछे से उनकी गर्दन पर चूमने लगीं।
ऐसा करते करते हम अपने एक एक हाथ नीचे करके पैंट के ऊपर से उनका लंड पकड़ लिया।अब मैं विराट अंकल की पीठ पर अपने नंगे बूब्ज़ मसलते हुए, एक हाथ से उनकी छाती के निप्पलों से खेलते हुए पैंट के ऊपर से तना हुआ लंड पकड़ कर मसलने लगी।उधर मम्मी भी विजय की पीठ पर अपने बूब्ज़ मसलते हुए एक हाथ से उसकी छाती के निप्पलों को रगड़ती हुई उसकी पैंट के ऊपर से लंड पकड़ कर मसलने लगी।
विजय और विराट अंकल मदहोश हुए आहें भरने लगे। मैंने विराट अंकल की पैंट का बटन एवं जिप खोल दी और मम्मी ने विजय की पैंट का बटन एवं जिप खोल दी तथा उनकी पैंट नीचे गिर गईं। फिर हमने उनके अंडरवियर नीचे सरका कर घुटनों तक उतार दिए और अपने हाथों में उनके लंड पकड़ लिए।
अब हम उनके लंड अपने हाथ में पकड़ कर हिलाते हुए, दूसरे हाथ से उनकी छाती से खेलते हुए और पीठ पर नंगे बूब्ज़ मसलते हुए उनके कानों को मुंह में भरकर चूसने लगीं।
वो दोनों मस्त हुए आह आह कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उनके जिस्म में बिजली दौड़ रही हो।अब हमने उन दोनों को पीठ जोड़कर खड़े कर प्रिया, अब मैं विजय के सामने आ गई और मम्मी विराट अंकल के सामने!
विजय ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और विराट अंकल ने मम्मी को… उन्होंने हमें कस कर भींच लिया और हमारे बूब्ज़ उनकी छाती में दब गए; उनके तने हुए लंड हमारी स्कर्ट के ऊपर से हमारी चूत पर ठोकर मार रहे थे।
हमने अपने अपने होंठ उन दोनों के होंठों पर रख दिए और बेतहाशा चूमने लगे। एक बार फिर से झोंपडी़ हमारे चुम्बनों की आवाजों से गूंज उठी।वो लोग हमारी नंगी पीठ को सहलाने लगे और स्कर्ट के बीच हाथ डालकर हमारे चूतड़ दबाने लगे।
हम दोनों मां बेटी घुटनों के बल नीचे बैठ गईं और उनके अंडरवियर जो टांगों में अटके हुए थे, निकाल कर अलग कर दिए। अब विजय का लंड बिल्कुल मेरे होंठों के पास था और विराट अंकल का मम्मी के होंठों के पास।
मैंने विजय के लंड के टोपे से चमड़ी पीछे की और मम्मी ने विराट अंकल के लंड के टोपे से। हम दोनों उनके लंड के टोपे को जीभ से चाटते हुए उनका पूरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगीं।
हम मां बेटी उनको लंड को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं; हम उनका लंड पूरा मुंह में भर कर चूसने लगीं और उनका लंड हमारे गले के अंदर तक जाकर बाहर आने लगा।
तभी उन्होंने हमें सिर से पकड़ लिया और हमारे मुंह में लंड अंदर बाहर करने लगे; वो तेजी से हमारा मुंह चोदने लगे।
कुछ देर बाद उन्होंने अपने लंड हमारे मुंह से निकाल लिए और खड़े खड़े घूम गए; अब मेरे मुंह में विराट अंकल का लंड और मम्मी के मुंह में विजय का लंड खेलने लगे। हम एक बार फिर से लंड चूसने लगीं और फिर से उनके लंड हमारे गले की गहराई में सैर करके वापिस आने लगे।
अब उन्होंने हम मां बेटी को गांड जोड़ कर खड़ी कर लिया और खुद सामने आकर घुटनों के बल बैठ गए। विराट अंकल मेरे सामने और विजय मम्मी के सामने था। उन्होंने हमारी स्कर्ट के नीचे से हाथ डाल कर मेरी एवं मम्मी की पैंटी निकाल दी लेकिन न तो हमारी स्कर्ट निकाली न ही हमारे ऊंची एडी़ के सैंडिल निकाले।
पेरिस में कामशास्त्र की क्लास-4
उन्होंने हमारी टांगें खोल लीं और मुंह नीचे करके हमारी जांघों को चूमते हुए हमारी चूत पर मुंह रख प्रिया। उनके होंठों का स्पर्श अपनी चूत पर पाकर हम सिहर उठीं। वो हमारी चूत को चूमते हुए अपनी जीभ से हमारी चूत चाटने लगे। जल्दी ही वो हमारी चूत में जीभ डालकर चाटने लगे और धीरे धीरे बहुत तेजी से हमारी चूत में जीभ अंदर-बाहर करने लगे।
हम माँ बेटी मस्ती में अपनी गांड हिलाने लगीं और मेरी तथा मम्मी की गांड एक-दूसरे से रगड़ खाने लगीं।मैंने विराट अंकल को और मम्मी ने विजय को सिर से पकड़ लिया और हम अपनी चूत उनके चेहरे पर मसलने लगीं।
कुछ देर बाद मैं और मम्मी खड़ी खड़ी घूम गईं और अगले ही पल मेरी चूत पर विजय का मुंह तथा मम्मी की चूत पर विराट अंकल का मुंह था। एक बार फिर से हम अपनी चूत उनके चेहरे पर रगड़ने लगीं और जोर जोर से आहें भर कर मजे लूटने लगीं।
वो दोनों खड़े हो गए और हमारे बूब्ज़ पर भूखे भेड़िये की तरह टूट पड़े। पहले उन्होंने हमारे बूब्ज़ को हाथों से दबा दबा कर मसला और फिर निप्पलों पर जीभ घुमा कर चाटते हुए बूब्ज़ को मुंह में भरकर चूसने लगे।उन्होंने बारी बारी से हमारे बूब्ज़ चूसे; वो बहुत जोर से बूब्ज़ चूस रहे थे और बहुत ही जोर से पुच्घ पुच्च की आवाजें आ रही थीं। उन दोनों ने हमारे बूब्ज़ चूस चूस कर लाल कर दिए और हमें बहुत ज्यादा मजा प्रिया।
अब उन्होंने हमारी स्कर्ट निकाल दी और हमें घास पर लेटा लिया। विजय मेरी मम्मी की टांगें खोलकर उनके ऊपर और विराट अंकल मेरी टांगें खोल कर मेरे ऊपर आ गये। वो हमारे होंठों को चूमने लगे और हमने उनके लंड पकड़ कर अपनी अपनी चूत के छेट पर टिका लिए।
तभी मम्मी बोली- एक बार में पूरा लंड अंदर घुसाना है।विराट अंकल बोले- सनी यार, तू तो ले लेगी लेकिन अर्श नहीं ले पाएगी, अभी छोटी है!तो मम्मी बोली- छोटी मत समझ इसको; तेरे जैसे कितनों को खाली कर चुकी है।
विराट अंकल ने मेरी तरफ देखा और पूछा- संभाल लेगी क्या?तो मैंने कहा- मजा ही तब आएगा।तभी अंकल स्माईल देकर बोले- दोनों मां बेटी एक नंबर की चुदक्कड़ हैं।
दोनों ने लंड टिकाकर जोरदार शॉट मारा और लंड फचाक की आवाज़ करता हुआ अंदर तक बैठ गया और सीधा बच्चेदानी के मुंह पर टकरा गया।मेरे और मम्मी के मुंह से एक बहुत जोरदार मस्ती भरी चीख निकली।
तभी विजय बोला- पहले बोलती हो कि एक बार में ठोक दो; अब चिल्लाती क्यों हो?मम्मी बोली- साले हराम के जने… यह मस्ती की चीख है, लगता है सुनीता तुझे चोदने नहीं देती?वो चुप हो गया और दोनों कमर चला कर हमें चोदने लगे; हम भी नीचे से अपनी गांड उछाल उछाल कर चूत चुदाई का मजा लेने लगीं।
कुछ देर ऐसे चोदने के बाद उन दोनों ने अपनी जगह बदल ली। अब विजय मेरे ऊपर और विराट अंकल मम्मी के ऊपर आ गए। उन्होंने एक बार फिर से जोरदार शॉट मारा और उनके लंड हमारी चूत में समा गए।
अब वो ऊपर से जोर जोर से हमारी चूत चोदने लगे और नीचे से अपनी गांड उछाल उछाल कर उनका साथ देने लगीं। वो जितनी तेजी से शॉट मारते, हम भी उतनी ही तेजी से नीचे से गांड उठा कर शॉट मारतीं। उनके हर शॉट से उनका लंड हमारी बच्चेदानी पर जाकर टकराता और हमारे मुंह से बहुत जोरदार मस्ती भरी चीख निकल जाती।
पूरी झोंपडी़ चुदाई की फच्च फच्च की आवाजों तथा हमारी मस्ती भरी एवं कामुक चीखों से गूंज रही थी। पूरा वातावरण चुदाई के रंग में रंगा हुआ था। हम चारों सब कुछ भूल कर चुदाई की दुनिया में गुम थे। नीचे बिछा हुआ सूखा घास भी किसी बहुत ही मुलायम गद्दे जैसा लग रहा था।
उन्होंने लंड हमारी चूत से बाहर निकाल लिया और घास पर लेट कर हमें ऊपर आने को कहा।
मम्मी ने टांगें खोल कर उसकी दोनों तरफ घुटने मोड़कर रख लिए। मम्मी ने उसकी छाती पर हाथ रखकर गांड ऊपर उठा ली और चूत को उसके तने हुए लंड पर रख कर नीचे झटका मारा। एक ही सैकिंड में विजय का लंड मम्मी की चूत में समा गया।
इधर मैं विराट अंकल के ऊपर आ गई और अपनी गांड पर अच्छे से थूक लगा लिया। मैंने अंकल की जांघों पर हाथ रख कर गांड ऊपर उठा ली और गांड का छेद अंकल के लंड पर टिका कर धीरे धीरे गांड नीचे सरका दी। अंकल का मोटा लंड मेरी गांड की दीवारों को खोलता हुआ अंदर समा गया।
मैं और मम्मी उन दोनों के लंड पर उछलने लगीं। मम्मी उछल उछल कर अपनी चूत चुदवाने लगी और मैं अपनी गांड उछाल उछाल कर गांड चुदवाने में मस्त हो गई। हमारे उछलने से हमारे बूब्ज़ भी हवा में उछल रहे थे। हम दोनों ऊपर से गांड हिला हिला कर लंड ले रही थीं और वो नीचे से कमर हिला कर हमारी चुदाई कर रहे थे।
थोडी़ देर बाद मम्मी ने विजय का लंड अपनी चूत से निकाल कर अपनी गांड में ले लिया और मैंने विराट अंकल का लंड गांड से निकाल कर अपनी चूत में ले लिया। एक बार फिर से हम दोनों उनके लंड पर उछलने लगीं और वो नीचे से हमारी चुदाई करने लगे।
फिर उन्होंने हम मां बेटी को दीवार से सटा लिया; अब मेरे सामने विजय था और और मम्मी के सामने विराट अंकल; उन्होंने हमारी एक एक टांग उठा ली और अपने लंड हमारी चूत पर टिका दिए। एक जोरदार झटके से उनके लंड हमारी चूत में समा गए।
हमने अपनी बांहें उनके गले में डाल दीं और अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए। वो हमारे होंठों को चूसते हुए जोरदार शॉट मार कर हमारी चूत चोदने लगे।
उनके लंड हमारी बच्चेदानी से टकरा कर बाहर आते और हमारे मुंह से मस्ती भरी आवाजें निकलतीं जो हमारे होंठों में दब जातीं।हम भी अपनी गांड हिला कर लंड के अंदर बाहर होने का आनन्द लेने लगीं।
कुछ देर बाद उन्होंने जगह बदल ली, अब मेरी चूत में विराट अंकल का लंड था और मम्मी की चूत में विजय का लंड अंदर बाहर होने लगा। कुछ देर बाद उन्होंने हमें पेट के बल दीवार से सटा लिया और वो हमारे पीछे आ गए।
हमने हाथ पीछे करके अपने चूतडो़ं की फांकें खोल लीं; उन्होंने हमारी गांड के छेद पर लंड टिका कर पीछे से हमारे बूब्ज़ पकड़ लिए और शॉट मार कर लंड हमारी गांड में पेल प्रिया।
वो दनादन शॉट मारकर हमारी गांड चोदने लगे; हम अपनी गांड गोल गोल घुमा कर गांड चुदाई का मजा लेने लगीं।
फिर उन्होंने जगह बदल ली और फिर से गांड चुदाई होने लगी। कुछ देर बाद उनकी रफ्तार तेज हो गई और उन्होंने अपना वीर्य हमारी गांड में गिरा प्रिया।हम दोनों भी पूरी तरह झड़ चुकी थीं; हमने अब स्कूटी से घर वाले कपड़े पहने और घुर्र घुर्र करती स्कूटी से अपने घर आ गईं।
उस दिन मम्मी के यारों से चुद कर बहुत मजा आया मुझे!support@mohakkisse.com