होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 515 बार

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-22

शरद सक्सेना

16 Mar 2025 को प्रकाशित

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग-22
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैं बोली- रितेश, आओ छत पर चलें।

रितेश तो पहले पहल नंगा छत पर घूमने से कतराने लगा लेकिन मेरे फोर्स करने पर वो तैयार हो गया।मैं और रितेश एक-दूसरे के कमर में हाथ डाले अपने कमरे से निकल पड़े।

रितेश का सारा ध्यान मैंने अपने ऊपर लगा प्रिया और टहलते हुए नमिता के कमरे के पास पहुँचे तो दोनों की बातों की आवाज आ रही थी।रितेश मुझसे वापस चलने के लिये इशारा कर रहा था जबकि मैंने रितेश को चुपचाप उन दोनों की बातों को सुनने का इशारा किया और नमिता के कमरे की खिड़की के और पास जाकर खड़ी हो गई, उन दोनों की बातें सुनने लगी।

एक बात तो थी रितेश में वो मेरी कोई बात नहीं टालता था, इसलिये वो मेरे पीछे आकर चिपक गया।मैंने जो जगह बनाई थी नमिता के कमरे के अन्दर देखने की, वहां खड़ी हो गई और अन्दर का नजारा करने लगी।

अन्दर रोहित की गोद में नमिता बैठी हुई थी और रोहित की उंगलियाँ उसकी चूचियों पर चल रही थी और साथ में रोहित मेरी ही तारीफ कर रहा था।

दोस्तो, यहां से रोहित और नमिता की बातचीत सुनिये।

रोहित- यार, रितेश सही ही कह रहा था कि भाभी की चूत है बहुत मस्त… चूत ही क्या उनके जिस्म का एक एक अंग बहुत मस्त है।नमिता थोड़ा चिढ़ते हुए- हाँ हाँ, अब तुम्हें भाभी की चूत अच्छी लगने लगी।रोहित- लो, मैं क्या गलत कह रहा हूँ। उनके होंठ देखो, ऐसा लगता है कि गुलाब की दो पखुंडियाँ। उनके जब मैंने होंठ क्या रसीले आम की तरह है, मन करता है कि चूसता रहूँ।

नमिता- तो जाओ ना, फिर भाभी के होंठ को चूसो, मुझे छोड़ो। आज मैंने भाई का भी लंड देखा है। क्या लंबा मोटा है। इसलिये तो भाभी भाई से खुश है। काश भाई जैसा लंड मुझे भी मिलता!रोहित- मेरा भी लंड तो तेरे भाई जैसा है।नमिता- तो मेरी चूत कौन सी बीमार है? जो एक बार मेरी चूत देख ले वो मेरी चूत में ही खो जाये।

रितेश पीछे से मेरी पीठ पर लगातार अपने चुम्बन की झड़ी लगाये हुए थे और मेरा हाथ उनके लंड को मसल रहा था।

नमिता की इतनी बात सुनते ही रोहित रास्ते पर आ गया- लेकिन नमिता तेरी चूची, क्या गोल गोल है बहुत मस्त है।कहते हुए रोहित नमिता की चूची को उसके कपड़े के ऊपर से ही मसल रहा था और उसकी गर्दन, गालों पर अपने चुम्बन की बौछार लगा रहा था।

इधर रितेश का हाथ भी मेरी चूचियों से खेल रहा था।

नमिता की चूचियाँ मसलते मसलते रोहित नमिता के ऊपर के कपड़े को उतार प्रिया और उसकी चूची को मुंह में ले लिया था और अब उसके हाथ नमिता की चूत को सहलाने में व्यस्त थे।

इस बार नमिता ने खुद ही अपने नीचे के कपड़े उतार लिये और अपनी चूत को सहलाने में रोहित की मदद कर रही थी।

फिर रोहित ने नमिता को अपने ऊपर से उतारा और कुर्सी पर बैठा कर उसके दोनों पैरों को खोल प्रिया और अपनी जीभ को उसकी चूत पर लगा कर चाटने लगा।नमिता उसके बालो को सहलाते हुए बोली- आज भाई ने भाभी को किस तरह उल्टा लटका कर अपना लंड चुसवाया। देख कर मजा आ गया।

नमिता की बात खत्म होती, इससे पहले मेरे पिछवाड़े एक चपत पड़ी, मैंने पलट कर देखा तो इशारे में उसने नमिता की कही हुई बात का मतलब पूछा।मैंने उसे चुप रहने का एक बार फिर संकेत किया।

तभी रोहित ने अपना सर ऊपर उठाया और बोला- यार तुम्हारे भाई और भाभी सेक्स में बिल्कुल परफेक्ट है। एक से एक नई स्टाईल लाते हैं।कहकर एक बार फिर वो नमिता की चूत को चाटते हुए बोला- अगर तुम कहो तो तुम भी इस तरह मेरे लंड को चूस सकती हो।‘नहीं बाबा!’ नमिता बोली- चलो बेड पर… मुझे भी तुम्हारे लंड को मजा देना है।

फिर दोनों उठ कर बिस्तर पर चले गये और 69 की पोजिशन में आकर एक दूसरे का रसास्वादन करने लगे।

थोड़ी देर तक ऐसा करते रहने के बाद नमिता उठी और घोड़ी बन गई और रोहित घुटने के बल बैठ कर अपने लंड को नमिता की चूत में सेट कर एक धक्का मारा, गप्प से रोहित का लंड नमिता की चूत के अन्दर समा गया और फिर धक्के की आवाज से साथ साथ दोनों की आहें भी सुनाई देने लगी।

तभी मैं बोल पड़ी- अकेले अकेले मजा ले रहे हो?दोनों चौंक कर हम लोगों की तरफ देख रहे थे, जबकि नमिता इतना शर्मा गई कि वो आँखें फाड़े हमारी ही ओर देख रही थी, उसको अहसास नहीं था कि मेरे साथ रितेश भी खड़ा है।

अचानक जैसे उसे याद आया तो चादर खींचकर नमिता ने अपने आपको ढका।

फिर मैं बोल पड़ी- अगर तुम दोनों को ऐतराज न हो तो क्या हम दोनों अन्दर आ सकते हैं?नमिता और रोहित दोनों एक दूसरे को देख रहे थे।

तभी रितेश बोल पड़ा- आकांक्षा, तुम इन लोगों को परेशान मत करो।

रितेश की बात सुनकर दोनों ने एक दूसरे को इशारा किया और फिर रोहित ही बोला- नहीं साले साहब, आओ अन्दर आओ।कहकर रोहित ने दरवाजा खोला।

रितेश भी थोड़ा बहुत शर्मा रहा था। हालाँकि नमिता की जगह कोई और दूसरा होता तो शायद रितेश इतना न शर्माता।

मैं रितेश को पीछे से धकेल कर अन्दर ले गई। दोनों भाई बहन की नजर एक दूसरे से नहीं मिल रही थी। हालाँकि नमिता की नजर बार बार अपने भाई के लंड पर ही थी, वो बार बार कोशिश कर रही थी कि उसकी नजर लंड से हट जाये, लेकिन चाह कर भी नमिता की नजर हट नहीं रह थी।

तभी रोहित ने मेरी तरफ देखा और मैंने रोहित को आँख मारी, रोहित मेरे इशारे को समझ चुका था, वो मुझे कुछ कह नहीं सकता था।

मैं रितेश को लेते हुए नमिता के पास गई और नमिता के जिस्म पर पड़े हुए चादर को एक झटके से हटाते हुए बोली- तीन नंगे हैं और तुम चादर ओढ़े हुई हो? वैसे भी कल से दो तीन दिन तक किसी को कुछ मिलने वाला नहीं है। तो आज पूरी रात एन्जॉय करें।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Desi Videshi Sangam – Episode 8

जैसे ही नमिता के ऊपर से चादर हटी उसने अपने दोनों पैरो को सिकोड़ लिया और दोनों हाथों से अपनी चूचियों को ढक लिया।आखिर रितेश था एक मर्द ही, सामने नंगी लड़की देखी तो उसकी भी शर्म चली गई, रोहित की तरफ देखते हुए बोला- रोहित, तुमने आज तक नमिता को ठीक से देखा नहीं, नहीं तो आकांक्षा की तारीफ नहीं करते।

कहते हुए रितेश नमिता के पास बैठ गया और उसके चेहरे से बालों को हटाते हुए बोला- इसका भी पूरा जिस्म किसी काम देवी से कम नहीं है। अच्छा सा अच्छा मर्द इसके सामने नहीं टिक सकता।

जब रितेश नमिता की तारीफ कर रहा था तो मेरी नजर रोहित पर पड़ी, जो थोड़ा बहुत असहज सा लग रहा था।मैं रोहित की तरफ गई और उसके जिस्म से चिपकते हुए बोली- कैसा लगा मेरा सरप्राईज?रोहित बोला- भाभी मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था।

‘अब बताओ कि मैं कैसी लग रही हूँ?’रोहित थोड़ा सहज होने की कोशिश में उसने अपनी बांहों को मेरी कमर में डाल प्रिया और बोला- हो तो भाभी तुम मादरचोद, लेकिन तुम्हारे जैसा कोई दूसरा नहीं। तुम इस खेल को बहुत खुल कर खेलती हो। तुम्हारी यही अदा मुझे पसंद है।कहते हुए उसने मेरी गर्दन पर अपने चुम्बन की झड़ी लगा दी, जबकि उसका लंड मेरे गांड में रह रह कर चुभ रहा था।

उधर रितेश अभी भी बड़े ही प्यार से नमिता के गालों को सहला रहा था और नमिता से खुलने का प्रयास कर रहा था। गालों को सहलाते हुए रितेश ने धीरे से नमिता के दोनों कैद चूचियों को उसके बेदर्द हाथों से आजाद कराया और फिर उसकी चूचियों को सहलाने लगा।

रोहित की तरफ देखते हुए बोला- तुम सही कह रहे थे, इसकी जैसी चूची तो मेरी आकांक्षा की भी नहीं है।यह रितेश का स्टाइल था कि कैसे किसी लड़की या औरत की तारीफ की जाती है।

इधर रोहित के दोनों हाथों की दो-दो उंगलियाँ मेरे चूचुकों को मसल रही थी।

उधर रितेश नमिता की चूचियों को सहलाते सहलाते उसके टांगों को सीधा कर चुका था और नीचे जमीन पर बैठते हुए रितेश का अंगूठा नमिता की चूत की सैर करने लगा।

रितेश अपने अंगूठे से नमिता की चूत से खेल रहा था, वो बार-बार अपने अंगूठे को नमिता की चूत के अन्दर डालता और फिर बाहर निकालता और फिर उसको सहलाता।

इधर अपनी बीवी के साथ ये सब होता देखकर रोहित को भी जोश चढ़ गया तो वह भी मेरी चूत की सेवा करने लगा।

कमरे में शान्ति थी, लेकिन खेल मस्त चल रहा था।मेरा हाथ रोहित के लंड के सुपारे के साथ खेल रहा था।

उधर रितेश कभी नमिता की चूत में अपनी जीभ चलाता तो कभी अंगूठे से उसकी चूत का निरीक्षण करता।

नमिता को भी सरूर चढ़ने लगा था, वो अपने हाथ से अपनी चूची मसल रही थी, अपने गले को ऐसे सहला रही थी कि वो बहुत प्यासी हो और पानी पीने की बहुत इच्छा हो… उसकी कमर अपने आप उठ रही थी, ऐसा लग रहा था कि जब रितेश की उंगली उसकी चूत के मुहाने पर जाती तो वो कमर उचका कर उसकी पूरे अंगूठे को अपनी चूत में लेने की कोशिश करती।

मैं ये सब देख कर मस्त हो रही थी कि मुझे लगा कि मेरे हाथ से लंड छिटक गया है, लगा कि रोहित को हाथ मेरी गांड की फांकों को फैला कर उसको चाट रहा था।मैं भी हल्की झुक गई ताकि रोहित को मेरी गांड और चूत दोनों छेद का मजा आसानी से और भरपूर मिल सके।

उधर नमिता की हालत बहुत ही खराब थी क्योंकि मेरा प्यारा रितेश उसको बड़े प्यार से मजे दे रहा था।अचानक नमिता अपनी चूचियों को बहुत तेजी से मसलने लगी और अपनी कमर को उठाने लगी, फिर वो ढीली पड़ गई।रितेश ने उसकी चूत का पानी निकाल प्रिया।

नमिता की चूत का पानी रितेश के अंगूठे पर था, रितेश ने उस अंगूठे को अपने मुंह के अन्दर लिया और चूसने लगा, फिर नमिता की दोनों टांगों को फैलाते हुए अपना मुंह उसकी चूत पर रख प्रिया और उसे सूंघने लगा।

चूत को सूंघने के बाद रितेश ने एक लम्बी सी सांस छोड़ी और बोला- मुझे पता नहीं था कि नमिता की चूत की सुंगध इतनी सेक्सी होगी। मन कर रहा है कि इसकी चूत को मैं चबा जाऊँ, कहते हुए रितेश ने नमिता की चूत को चाटना शुरू कर प्रिया।

इधर रोहित को अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, वो उठा और अपने लंड को मेरी चूत पर सेट कर प्रिया और धक्के लगाने लगा।

इतनी देर के बाद नमिता की आंखें खुली और वो रोहित को मेरी चुदाई करते हुए देखने लगी, उसने रितेश को भी अपनी चूत खुजला कर उसका लंड उसकी चूत के अन्दर डालने के लिये इशारा किया।

रितेश इशारा समझ कर बिस्तर पर आ गया और अपने लंड को नमिता की चूत में डालकर धक्के लगाने लगा।

अब उस कमरे का नजारा बदल गया था, दोनों औरतें कुतिया की पोजिशन में थी और दोनों मर्द कुत्ते की तरह चोद रहे थे।कभी चूत के अन्दर तो कभी गांड के अन्दर उनका लंड होता।

मैंने भी रोहित को मेरी गांड चोदने से नहीं रोका।

अब हम सब बदल बदल कर चुदने और चुदवाने का मजा ले रहे थे। अन्त में मेरे कहने पर रोहित ने मेरे मुंह को अपने रस से भर प्रिया और रितेश ने नमिता के मुंह को अपने रस से भर प्रिया।

हम दोनों ही उस रस की एक एक बूंद को गटक गई और उसके बाद दोनों मर्दों ने हमारी चूत से बहते हुए पानी को अपनी जुबान से साफ किया।

रात दो बजे तक चुदाई का प्रोग्राम चलता रहा और उसके बाद हम सभी नमिता के रूम में सो गये।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

लागी लंड की लगन, मैं चुदी सभी के संग

कुल भाग: 53
भाग 1
भाग 1: पढ़ें
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 3
भाग 3: पढ़ें
भाग 4
भाग 4: पढ़ें
भाग 5
भाग 5: पढ़ें
भाग 6
भाग 6: पढ़ें
भाग 7
भाग 7: पढ़ें
भाग 8
भाग 8: पढ़ें
भाग 9
भाग 9: पढ़ें
भाग 10
भाग 10: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 12
भाग 12: पढ़ें
भाग 13
भाग 13: पढ़ें
भाग 14
भाग 14: पढ़ें
भाग 15
भाग 15: पढ़ें
भाग 16
भाग 16: पढ़ें
भाग 17
भाग 17: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 20
भाग 20: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 32
भाग 32: पढ़ें
भाग 33
भाग 33: पढ़ें
भाग 34
भाग 34: पढ़ें
भाग 35
भाग 35: पढ़ें
भाग 36
भाग 36: पढ़ें
भाग 37
भाग 37: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 39
भाग 39: पढ़ें
भाग 40
भाग 40: पढ़ें
भाग 41
भाग 41: पढ़ें
भाग 42
भाग 42: पढ़ें
भाग 43
भाग 43: पढ़ें
भाग 44
भाग 44: पढ़ें
भाग 45
भाग 45: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 51
भाग 51: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Do Ladkiyon Ne Mujhe Choda
Group Sex Story

Do Ladkiyon Ne Mujhe Choda

Hello dosto, kese ho aap! Mera naam Ritik hai. Meri umar 22 saal hai aur main study kar rha hoon. Personality ke mamle me toh ladkiyo se pucho mere baare. hindi sexi stories

8 मिनट 594
मेरा पहला प्यार सच्चा प्यार-3
Group Sex Story

मेरा पहला प्यार सच्चा प्यार-3

मेरी सेक्स कहानी के दूसरे भाग में अब तक आपने पढ़ा कि पटेल के लड़के और उसके दोस्त ने मुझे झाड़ियों में खींच लिया और मेरी चूत चाटने लगे. मेरे मुँह में लंड डालने की कोशिश करने लगे.अब आगे:

15 मिनट 749
Desi Videshi Sangam – Episode 8
Group Sex Story

Desi Videshi Sangam – Episode 8

Apni nayi bani jodiyo ke saath hum chaar couples alag alag room me chudai kar rahe the. Main Sid ke saath thi ki tabhi Rick bhi apni partner aur Sid ki biwi Shelly ko uthha kar hamaare room me aa gaya.

17 मिनट 1,066

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

कैफरेन खान

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

महेश साहू

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।