होम पर वापस जाएं
कोई देख रहा है पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 485 बार

मुझे रण्डी बनना है-3

हरेश जोगनी

20 Mar 2023 को प्रकाशित

मुझे रण्डी बनना है-3
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हम मौसी के कमरे में पहुंचे आलीशान कमरा था और ए सी भी लगा था। मौसी ने सिगरेट जलाई, बड़ी सेक्सी लग रही थी, उसकी उम्र 40 साल से ज्यादा नहीं होगी। उसने सी.सी.टी.वी. चालू किया और हर कमरे का नजारा दिखाई प्रिया। जाहिदा के पास भी कस्टमर आ पहुँचा था और वो उससे भाव-ताव कर रही थी। दूसरे कमरे में सुशी के ऊपर कस्टमर चढ़ा था, वो पूरी ताकत लगा कर चोद रहा था। तीसरे कमरे में अनीता और वो युवक पहुँचे और अनीता ने उससे पैसे लिए और बाहर जाकर अपने पेटी में रख दिए। इस बीच युवक ने शर्ट निकाली और जांघिए में बैठ अनीता का इन्तजार करने लगा।

अनीता के आते ही उसने अनीता के पीछे जाकर उसके गेंद दबा दिए। इस पर अनीता ने उसका लौड़ा हल्का सा दबा प्रिया और कस कर चुम्मी ली।

यह देखकर मौसी बोली- साली बड़ी शरारती है रे तेरी बीवी?

तीसरे कमरे में अनीता और वो युवक पहुँचे और अनीता ने उससे पैसे लिए और बाहर जाकर अपने पेटी में रख दिए। इस बीच युवक ने शर्ट निकाली और जांघिए में बैठ अनीता का इन्तजार करने लगा।

अनीता के आते ही उसने अनीता के पीछे जाकर उसके गेंद दबा दिए। इस पर अनीता ने उसका लौड़ा हल्का सा दबा प्रिया और कस कर चुम्मी ली।

यह देखकर मौसी बोली- साली बड़ी शरारती है रे तेरी बीवी? मस्त रांड है साली ! इसको यहीं रहने दे 1-2 साल !

मैं- नहीं मौसी। मेरी गृहस्थी टूट जायेगी। रांड मत बोल न ! अच्छा नहीं लगता।

मौसी- तो क्या यह नेहा कर रही है? रांड का धधा कर रही है तो रांड ही बोलूंगी न? और वो देख कैसे खुश हुई रंडी बनकर ! मैं भी ऐसी खुश हुई थी पहला कस्टमर लेकर ! और मैंने तुझे पहले कहा था कि गाली-गलोच तो होगी, सहना पड़ेगा। इतना दुखता है तो तू भी पानवाले के यहाँ खड़ा रह कर या सड़क पर से कस्टमर लाकर भड़वा बन न। बड़े बड़े नेता देश को चोदू बनाते हैं तो उनको कोई कुछ नहीं कहता और तेरी बीवी का शौक पूरा हो रहा है तो तुझे बुरा लगा?

मैं- अच्छा मौसी, पहले तो वो घबराई थी फिर कैसे हिम्मत खुली?

मौसी- सभी रंडियों के साथ यही होता है ! पहले दिन लौड़ा भोसड़े में डलवाते हुए मेरा हाथ कांप रहा था तो कस्टमर ने खुद डाला और पूछा था कि क्यों? डर लगता है?

मैंने हाँ कहा तो हंस पड़ा था। शाम तक देख तेरी बीवी कैसे मस्त लौड़े लेने लगेगी। जहिदा ने तो 3 दिन तक धंधा किया फिर भी डरती थी। अब देख कैसी शरारती हो गई है, उसी ने तेरी बीवी को तैयार किया तो उसका डर भाग गया होगा।

इधर अनीता ने आहिस्ता से युवक का जांघिया निकाल प्रिया। इस पर युवक ने अनीता की पैंट निकाली और अनीता के कुरते को ऊपर करके उसकी पेंटी में हाथ डाला और बोला- अरे, बड़ा गर्म है यह भोसड़ा ! डरना मत ! दो घंटे के लिए तेरी मरम्मत करूंगा !

इतना कहकर उसने अनीता की पेंटी निकाल दी और अनीता ने अपने हाथों से कुरता निकाला और पूरी नंगी हो गई। साली ने ब्रा नहीं पहनी थी, लगता है यह सब जाहिदा का सिखाया था।

युवक ने अनीता को पलंग पर बिठा कर उसके भोसड़े में जीभ डाल दी और मुंह से चोदने लगा। थोड़ी देर बाद उसने अनीता को मुंह में लौड़ा लेने को कहा। अनीता ने उसे कोंडोम पहनने को कहा। वो तैयार नहीं था पर आखिर मान गया।

फिर अनीता ने कस कर उसके लौड़े को पकड़ा और मुंह में डाल कर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी, और वो बेकाबू हो गया, उसने झट से पलट कर 69 की पोजिशन ली और लगे एक दूसरे का लौड़ा-भोसड़ा चाटने !

करीब 20 मिनट बाद उन्होंने आसन बदला, अनीता को अपनी तरफ मुंह करके गोद में बैठने कहा, आहिस्ता से लौड़ा भोसड़े में घुसेड़ प्रिया और अनीता को ऊपर-नीचे होने को कहा।

अनीता को बड़ा मजा आ रहा होगा ऐसा उसके चहरे को देख कर लगता था।

उन्होंने पुनः आसन बदला, युवक ने उसको सीधा लिटाया और थोड़ा टेढ़ा होकर पीछे लेट कर उसके भोसड़े में पीछे से लौड़ा डाल प्रिया और धक्के देने लगा।

मैंने तो ऐसे कभी अनीता को चोदा ही नहीं था और यह बंदा बड़ी मस्ती से चोद रहा है। थोड़ी देर बाद उसने उसको घोड़ी बनाकर पीछे से चोदा और आखिर में सीधे लिटा कर उस पर चढ़ कर चोदने लगा। जैसे ही उसका पानी छूटा तो झट से अनीता ने उसको अपनी टांगों से लपेट लिया।

वो दोबारा लौड़े को तैयार कर रहा था।

इतने में मौसी बोली- चलो बन गई तेरी बीवी रंडी ! क्योंकि पराए मर्द का लौड़ा लेना सीख लिया, अब इसे कुछ नहीं सिखाना पड़ेगा। अब तू भी भड़वाई सीख ले अब्दुल से ! मास्टर है एकदम ! राजू चल अब नीचे चलते हैं।मौसी ने मेरे कमर में हाथ डाल कर मुझे नीचे ले गई, वहाँ नए कस्टमर आकर बैठे थे।

मौसी- आओ आओ ! बैठो, थोड़ी देर अभी आती होंगी ग्राहक निपटा कर। क्या तुम्हें ये रीना और नीला नहीं चलेगी?

पहला ग्राहक- मौसी, हमें जूली चाहिए।

मौसी- नहीं रे ! वो बीमार है और डोक्टर के पास गई है। नीला के साथ बैठ जा ना?

यह भी पढ़ें (Recommended)

तीन पत्ती गुलाब-33

पहला ग्राहक- मौसी, वो बहुत अकड़ कर बात करती है !

मौसी- नीला, यहाँ आ ! क्या री? तू इनको अकड़ दिखाती है? देख साली, नई आई हुई रीमा झट से ग्राहक को लेती है।

दूसरा ग्राहक- मौसी हमें भी तो दिखाओ।

मौसी- 5000 रु. है तेरे पास? आज अगर चोदना है तो इतने देने होंगे क्योंकि अभी उसका पहला कस्टमर बैठा है।

दूसरा ग्राहक- मौसी, पहले देखने तो दो।

इतने में अनीता उस कस्टमर के साथ बाहर आ गई।

युवक- मौसी बहुत दिनों बाद इतना मज़ा आया। पैसे वसूल ! कल फ़िर आऊँगा।

मौसी- यह सिर्फ 4 दिन यहाँ है ! आ जाना उसके पहले !

युवक- क्यों मौसी, यह यहाँ नहीं रहेगी?

मौसी- नहीं रे ! यह तो मेहेमान है मेरी ! उसका धंधा तो कलकत्ता, मुंबई और लखनऊ में चलता है। यह तो मेरे कहने पर धंधे पर बैठी !

मौसी ने झूठ बोलकर बाजी सम्हाली।

पहला ग्राहक- मौसी, मैं इसके लिए 3000 दूंगा ! बोलो है मंजूर?

मौसी ने रीमा को आँख मारी और- क्या री? रीमा चलेगा?

अनीता- अरे भड़वे, नई फसल चखनी है तो और 5000 रु. ढीले कर ना?

मैं तो उसके मुंह से ऐसी रंडी वाली भाषा सुनकर दंग रह गया। साली पूरी रंडी ही बन चुकी थी। बड़े बेफिक्र होकर पैंट से सिगरेट निकाली और जला कर कश लेने लगी। उसके सामने धुंआ फेंका और उसके शर्ट को पकड़ा।

अनीता- चलता है क्या? नहीं तो भाग यहाँ से..

वो उठकर चला गया। मौसी थोड़ी गुस्सा होने ही वाली थी कि :

दूसरा ग्राहक- मैं देता हूँ ! चल ! मगर तीन घंटे बैठूंगा और पूरा मज़ा लूँगा।

अनीता- आ जा मेरे राजा ! बजा दे मेरे भोसड़े का बाजा।

अनीता ने उसकी बाहों में बांह डाल दी और चल पड़ी चुदवाने।

मौसी- साली बड़ी तेज है ! 4 दिन में 20000 रु. कमा लेगी।

पढ़ते रहिए ! कहानी जारी रहेगी !support@mohakkisse.com2003

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

पड़ोसन ने मॉम को अपने पति और उसके बॉस से चुदवाया
कोई देख रहा है

पड़ोसन ने मॉम को अपने पति और उसके बॉस से चुदवाया

मेरा नाम रेशमा है और मेरी मॉम का नाम सरला है।पहली कहानी में मैं आपको अपना परिचय करवा चुकी हूँ। मेरी मॉम दूध वाले से चुदवा चुकी हैं, यह घटना मैं आप सभी कोमेरी मॉम ने चूत चुदवा ली दूध वाले सेमें बता चुकी हूँ।

6 मिनट 141
मेरी सेक्सी बुआ के मटकते चूतड़-1
कोई देख रहा है

मेरी सेक्सी बुआ के मटकते चूतड़-1

प्रणाम साथियो.. मैं सूरज एक बार फिर नई कहानी लेकर आया हूँ। मेरे घर में पापा-मम्मी और मैं कुल तीन सदस्य हैं। पापा जॉब करते हैं और ज्यादातर बाहर ही रहते हैं। मेरी मम्मी गृहस्थी संभालती हैं।

13 मिनट 466
तीन पत्ती गुलाब-33
कोई देख रहा है

तीन पत्ती गुलाब-33

भाभी धीरे-धीरे अपने भारी और मोटे नितम्बों को नीचे करने लगी और अपनी बुर की फांकों को अँगुलियों से चौड़ा किया। अन्दर से लाल चीरा ऐसा लग रहा था जैसे किसी तरबूज की गिरी हो। फिर एक नोट को अपनी बुर की फांकों के बीच में करते हुए उठाने की कोशिश की पर नोट न...

13 मिनट 451

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

कुलदीप वर्मा

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

रवि खन्ना

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।