जीजा साली की गांड चूत चुदाई की कहानी में आपने अब तक पढ़ा कि दो बहनें अपने पतियों के साथ खजुराहो घूमने गई।
शाम 5 बजे आँख खुली तो अनिल ने विजय को फोन करके अपने कमरे में बुलाया नाश्ते के लिए और ये भी कहा कि जैसे हो, वैसे ही आ जाना!विजय बोला- ऐसे आना तो मुश्किल है क्योंकि कुछ भी नहीं पहना है।
फोन रिंकी ने ले लिया, बोली- फोन सीमा को दो जरा?रिंकी ने सीमा से कहा कि वो केवल फ्रॉक डाल कर आ रही है नीचे कुछ नहीं… और वो भी ऐसे ही रहे।विजय और अनिल केवल शॉर्ट्स में ही रहें।
जैसे ही रिंकी और विजय अनिल के कमरे में घुस रहे थे, सामने रूम का दरवाजा खुला और उसमें से बाकी दोनों जोड़े अंदर बैठे दिखाई दिए।कुमुद ने रिंकी को हाय बोला और आँख मारी।
रिंकी ने अंदर आकर कमरा लॉक किया। रिंकी रीना के पास बेड पर बैठी और विजय और अनिल सामने चेयर्स पर!अनिल ने पनीर कटलेट्स और पकोड़े मंगा रखे थे। चाय रूम में ही इलेक्ट्रिक केटल में बननी थी।
अनिल का लंड तो टॉवल में तन गया था, असल में रिंकी के मम्मे साफ़ नजर आ रहे थे और रिंकी जैसे ही बेड पर बैठी उसकी और सीमा की चूत भी विजय और अनिल को नजर आ रही थी।चलो इसी सब के लिए तो आये थे यहाँ, ये सोच कर चारों मजे ले रहे थे।
चाय सीमा ने बनाई और सर्व की। कमरे में दो ही चेयर्स थीं, तो रिंकी तो दौड़ कर विजय की गोदी में बैठ गई पर सीमा संकोच में बेड पैर बैठी रही।अब अनिल ने उसको भी गोदी में बैठने को कहा, पर सीमा को संकोच हो रहा था, उसका कारण भी था कि अनिल का लंड अब टॉवल से बहार झांकने लगा था।
रिंकी सीमा से बोली- अगर तुझे जीजू की गोदी में बैठने में शर्म आ रही है तो तू अपने जीजू की गोदी में बैठ ले, मैं अपने जीजू की गोदी में बैठ जाती हूँ!और ऐसा कहकर वो बिना सीमा के जवाब का इन्तजार किये खड़ी हुई तो सीमा फटाफट अनिल के लंड के ऊपर बैठ गई, उसे मालूम था कि अगर इस वक़्त उसने देर की तो थोड़ी देर में अनिल का लंड रिंकी की चूत में होगा।
अब नाश्ता वाश्ता तो क्या होता, बस चुदाई का माहौल बन चुका था।तभी इण्टरकॉम बजा।
रिंकी ने उठाया, कुमुद थी, उसने कहा कि रात को बाहर ड्रिंक्स और कैंपफायर है।फोन आने से जो माहौल गरमाया था वो कुछ ठंडा पड़ा, सबने नाश्ता निबटाया, सब अब बेड पैर बैठ गए।
अनिल ने तो सीमा के मम्मे पकड़ ही लिए थे और वो उन्हें बाहर निकाल ही रहा था कि सीमा ने रोक प्रिया।रिंकी ने अपने होंठ विजय से चिपका दिए थे, उन्हें देखकर अनिल और सीमा भी चिपट गए। अब चारों एक दूसरे से चिपटे हुए बेड पैर लेटे थे।चुदाई का माहौल बन गया था, तभी विजय रिंकी को लेकर बाहर जाने लगा और उनके जाते ही कमरा बंद करके अनिल सीमा पर झपट पड़ा और उसकी फ्रॉक उतर कर सीधा उसकी चूत में घुस गया ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
उसने सीमा की टांगों को सर के पीछे तक उठाया और लंड की धकधक पेलमपेली की, सीमा भी उछल उछल कर उसका साथ दे रही थी, उसके मुख से खूब आवाज निकल रहीं थी।
तभी इण्टरकॉम बजा, उधर से रिंकी और विजय की चुदाई की आवाजें आ रहीं थी। रिंकी ने फोन मिला आकर आवाजें सुनने और सुनाने के लिए स्पीकर फोन खोल रखा था, अब दोनों कमरों की आवाजें एक दूसरे को सुनाई दे रहीं थी।
रिंकी तो सबसे ज्यादा चीख रही थी- और जोर से, आज फाड़ दो इसको… सुबह से परेशान कर रखा है इसने।अनिल तो कह रहा था- क्यों न मानसी और कुमुद को भी बुला लें, सब के सब ग्रुप सेक्स करें।
रात को कैंपफायर में जैम कर डांस हुआ, सबने ड्रिंक्स भी लीं।
रात को 12 बजे कमरे में आये, पहले चारों अनिल के कमरे में आये, वहां से जब विजय और रिंकी जाने लगे तो सीमा ने रिंकी से कहा कि आज रात तू और मैं साथ यहां सोयेंगे और विजय और अनिल तेरे कमरे में सोयेंगे।यह सुन कर विजय और अनिल बोले- ऐसा नहीं हो सकता!तब यह तय हुआ कि चलो चारों यहीं सोयेंगे।
विजय और रिंकी फटाफट कपड़े बदलने चले गए और इस बीच सीमा और अनिल ने भी चेंज कर लिया। अनिल और विजय को तो लुंगी और टी शर्ट्स दे गईं और रिंकी और सीमा स्लीवलेस शार्ट फ्रॉक पहनी थी, कमरे की लाइट बहुत मंदी कर दी थी।
एक बेड बार चारों को सोना था। सीमा और रिंकी ने अनिल और विजय से कहा कि तुम लोग बाथरूम में जाओ और हम लोग लाइट बंद कर के बेड पर बैठती हैं, तुम दोनों अंधेरे में आओगे और जो जिसके पास पहुंचेगा, वो उसी के साथ सोयेगा।
वो तो होना ही था विजय सीमा के पास पहुंचा और अनिल रिंकी के पास।चारों जोर से हंसे, लाइट जला दी गई, अब विजय सीमा से चिपट कर लेटा था और अनिल रिंकी से!हंसी मजाक चल रहा था पर किसी की हिम्मत नहीं कर रही थी आगे बढ़ने की!
जीजू
रिंकी बोली- हम यहाँ क्या करने आये हैं? चलो कुछ थ्रिल करते हैं।उसने एक खाली बोतल बीच बेड पर पट रखी और बोली- हममें से एक इसे घुमायेगा और इसका मुंह जिसकी ओर रुकेगा, घुमाने वाला उसके साथ तीस सेकंड तक जो चाहे करेगा।
सबसे पहले अनिल ने घुमाई तो विजय के सामने रुकी, अनिल ने तुरंत विजय की लुंगी में हाथ डाल प्रिया।विजय खूब चीखा- अबे क्या कर रहा है? लग जायेगी!पर शर्त ऐसी थी कि कुछ नहीं हो सकता था, सब हंस रहे थे।
अब अनिल ने घुमाई तो फिर विजय पर रुकी, अनिल उठा तो रिंकी ने उसे धक्का दे प्रिया- हर बार तुम ही लुंगी में हाथ डालोगे क्या, अब के में डालती हूँ।उसने तो विजय की लुंगी उतार कर फेंक दी, सीमा ने भी बोतल नीचे गिरा दी और लाइट बंद कर दी।
अब अगले दो मिनट में चारों के कपड़े उतर चुके थे और सीमा और रिंकी के मुँह में विजय और अनिल के लंड थे।अनिल ने रिंकी को 69 पोजीशन में कर लिया।
अब रिंकी की चूत अनिल के मुँह में थी, अनिल का लंड तो रिंकी लोलीपॉप की तरह चूस रही थी, विजय ने हाथ बढ़ा कर उसके मम्मे दबाने शुरू कर दिए।
रीना ने कहा- चलो तुम दोनों पहले रिंकी की बजाओ, मैं दूर से ही मजे लूंगी।अब विजय ने रिंकी के मुँह में अपना लंड दे प्रिया और रीना को पास खींच कर उसके मम्मे मुँह में ले लिए।
उधर अनिल ने रिंकी की टांगों को चौड़ाया और अपना लंड पूरा पेल प्रिया।अब अनिल रिंकी की टांगों को पकड़ कर फुल स्पीड में रिंकी की चुदाई करने लगा। विजय ने भी सीमा को कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड कर प्रिया।
सीमा आगे होकर रिंकी की चूत के पास अपना मुँह ले आई और कभी रिंकी की चूत पर कभी अनिल के लंड पर अपनी जीभ लगाने लगी। अनिल ने भी एक हाथ से उसके मम्मे दबाने शुरू किये।
विजय ने अपना लंड सीमा की चूत से निकाला तो सीमा उठी और रिंकी के मुंह के ऊपर अपनी चूत ले आई, वो घुटनों पैर बैठ गई थी। रिंकी ने उसकी चूत को मुँह में ले लिया।
सीमा की चूत चूंकि विजय चोद चुका था तो उसमें गीलापन और लंड का स्वाद था। रिंकी पूरे मजे लेकर चूस रही थी सीमा की चूत और सीमा और अनिल के होंठ मिल गए थे।
अब विजय बेड पर पीठ के बल लेटा और सीमा को अपने लंड पर बिठाया। उसने अपने लंड पर वेसलीन लगा ली थी और थोड़ी वेसलीन उसकी उँगलियों में थी जो उसने सीमा की गांड में लगा दी।
सीमा ने गांड कभी नहीं मरवाई थी, इसलिए वो चीखी- नहीं। मेरी गांड में मत डालना, बहुत दर्द होगा!
पर यहाँ कौन किसकी सुन रहा था, कुछ तो चुदाई का आलम और कुछ वेसलीन का चिकनापन, उसकी गांड में विजय का लंड आराम से चला गया, वो दर्द या डर से एक बार तो चीखी पर अनिल ने अपने होंठ उसके होठों से मिलाकर उसकी चीख बंद कर दी।
अब विजय उसकी गांड मार रहा था, अनिल ने अपने पैर सीमा के इधर उधर रखे और अपना लंड उसकी चूत में घुसेड़ प्रिया।अब सीमा का मजा दोगुना हो गया था, मजा दोगुना तो दर्द भी दोगुना!पर दर्द से मजा बड़ा होता है, उसके दोनों छेदों में दो लंड थे और चुदाई जोरों पर थी।
रिंकी ने अपने होंठ उसके होठों से मिला दिए थे। दो मिनट की पेला पेली के बाद अब रिंकी ने सीमा की जगह ली और विजय ने अनिल की, यानी रिंकी की गांड में अब अनिल था और चूत में विजय का!सीमा रिंकी के नीचे दोनों लंडों को अपनी जीभ से सहला रही थी।
अब फाइनल राउंड की तैयारी हुई और दोनों को नीचे लिटाकर और उनकी टांगों को चौड़ा करके अनिल और विजय ने फाइनल राउंड की चुदाई की और सारा माल उनकी चूतों में डाल प्रिया।
सब थक चुके थे तो इसे ही निढाल होकर नंगे ही सो गए।
चूत चुदाई की कहानी जारी रहेगी।enjoysunny6969gmail.com