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जीना इसी का नाम है-6

सौरभ गुप्ता

26 Jun 2021 को प्रकाशित

जीना इसी का नाम है-6
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एक दिन रात को 11 बजे सुनीता ड्रिंक लेकर लड़खड़ाते हुए घर आई, उसने पर्स में सिगरेट निकालने के लिए हाथ डाला पर पैकेट में

सिगरेट ख़त्म हो चुकी थी, मुझसे बोली- डार्लिंग सिगरेट ख़त्म हो गई है, जाकर दूसरा पैकेट ला दो।

मैंने कहा- सुनीता, अभी बहुत रात हो गई है, अब सिगरेट नहीं मिल सकती, दुकानें बंद हो गई होंगी, तुम सो जाओ, कल सिगरेट पी

लेना।

वो बोली- मैं नहीं जानती, तुम कैसे भी करके अभी ही सिगरेट लाकर दो…और बुरी तरह से जिद करने लगी।मुझे मज़बूरी में रात के 11.30 को उसे बस स्टैंड (4.5 k.m) से सिगरेट ला कर देनी पड़ी।

मैं बच्चा चाहता था पर सुनीता इसके लिए अपना फिगर ख़राब करने को तैयार नहीं थी, उसे अपने इसी फिगर के बलबूते अभी बहुत

कुछ हासिल करना था।

मैं बच्चा चाहता था पर सुनीता इसके लिए अपना फिगर ख़राब करने को तैयार नहीं थी, उसे अपने इसी फिगर के बलबूते अभी बहुत

कुछ हासिल करना था।

इस बीच हमारे पड़ोस में पार्टी हुई, मैं और सुनीता पार्टी में गए, वहाँ हमारी मुलाकत दुबे फॅमिली से हुई।सुनीता उन्हें पहले से ही जानती थी, वो मिसेस दुबे से बोली- तुम्हारा बड़ा बेटा रॉकी नजर नहीं आ रहा है?

मिसेस दुबे बोली- यह तुम्हारे सामने तो खड़ा है!

सुनीता हैरान हो गई- अरे यह रॉकी है? यह तो बहुत बड़ा हो गया है, पहचान नहीं आ रहा है, पहले देखा था तब कितना छोटा था!

रॉकी मुस्कुरा प्रिया, रॉकी एक 18 साल का खूबसूरत नौजवान था, उसने जिम जाकर अच्छी मस्सल बना रखी थी, उसकी हाइट करीब 6

फुट थी।इसके बाद सुनीता ने उससे कैसे सम्पर्क बढ़ाया, मैं नहीं जानता पर उसके बाद रॉकी का मेरे घर में आना जाना चालू हो गया।

मैं समझ रहा था कि सुनीता इसे पटाने के मूड में है और इस 18 साल के लड़के को पटा लेना उसके बांयें हाथ का खेल है।मैं कुछ कह नहीं पा रहा था।एक दिन रॉकी सड़क पर मेरी और इशारा करके अपने दोस्त को कुछ बता रहा था, मैंने उसके अंतिम शब्द सुन लिए, वो ये थे- इसी की

बीवी है।

मुझे पूरा विश्वास हो गया कि रॉकी सुनीता को चोद चुका है।मैं सुनीता को रंगे हाथ पकड़ना चाहता था इसलिए मैंने एक प्लान बनाया।

हमारे बेडरूम से लगा हुआ स्टडी रूम है, उसमें दो दरवाजे हैं, एक ड्राईंग रूम में खुलता है, दूसरा बेडरूम में…

मैंने चेक किया कि दोनों दरवाजों के की होल में बेडरूम और ड्राईंग रूम का कितना नजारा देखा जा सकता है, मुझे पता चला कि

ड्राईंगरूम का कुछ हिस्सा देखा जा सकता है पर बेडरूम का लगभग सारा हिस्सा यहाँ से देखा जा सकता है।

घर की सारी चाभियाँ 2-2 हैं, एक सेट सुनीता के पास रहता है और दूसरा मेरे पास… मैंने सुनीता की चाभियों में से स्टडीरूम की चाभी

निकाल ली और प्लान के मुताबिक कम्पनी से घर जल्दी आ गया, घर को अंदर से लॉक किया, एक पानी की बोतल कुछ बिस्किट

स्टडीरूम में रखे, पेशाब आदि से निपट कर मैंने सुनीता को फ़ोन किया कि मैं आज शाम की फ्लाईट से कंपनी के काम से पूना जा रहा

हूँ, कल रात तक वापस आ जाऊँगा।

इसके बाद सुनीता के आने के पहले स्वयं को स्टडी रूम में बंद कर लिया कुर्सी पर बैठ कर इंतजार करने लगा कि शायद सुनीता रॉकी

को बुलाकर अगर चुदवाती है तो मैं उसे रंगे हाथ पकड़ लूँगा आज…मैंने मोबाइल को स्विच ऑफ़ किया और इंतजार करने लगा, बड़ा ही बोर लग रहा था।

करीब 8.00 सुनीता होटल से आई, वो नशे में नहीं थी, उसने पानी पिया, सिगरेट जला कर सोफे पर बैठ गई।वो केवल मुझे जब दिखती थी जब वो होल के सामने होती थी बाकी बातों का मुझे अंदाजा लगाना पड़ता था।

इसके आधे घंटे बाद बेल बजी, मैंने होल पर आँख लगा दी पर कुछ दिखा नहीं, केवल एक आवाज सुनाई दी- मैडम, आपका डिनर

पार्सल है।

फिर डिनर पार्सल लेकर लौटी सुनीता के पैर दिखाई दिए। सुनीता ने टीवी चालू कर प्रिया और सोफे बैठ गई। अब मैं उसे साफ साफ

देख सकता था। मैं फिर बोर होने लगा लगा, रात के 10 बजने वाले थे, मुझे लगा सुनीता खा पीकर सो जायगी और मैं यहाँ रात भर

बैठ कर झक मारूंगा।कि तभी धीरे से दरवाजे पर खटखट हुई, सुनीता ने जल्दी से उठ कर दरवाजा खोला, फिर दरवाजा बंद हो गया। अब मुझे होल से

सुनीता के साथ दूसरे मर्द के भी पैर जाते दिखे, दोनों सोफे पर बैठ गए अब मैं देख सकता था, वो रॉकी था।

सुनीता बोली- डार्लिंग, बहुत देर कर दी आने में?

वो बोला- मैम, आपका फोन बहुत लेट आया, मैं बड़ी मुश्किल से डैड को पटा कर आया हूँ कि दोस्त के यहाँ पढ़ाई करने जा रहा हूँ।

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सुनीता मुस्कुरा कर बोली- स्मार्ट बॉय, चलो अब बाथरूम जाकर फ्रेश हो लेते हैं।

कुछ समय बाद दोनों सोफे पर आये तो सुनीता और रॉकी दोनों एक छोटी नेकर और टी शर्ट में थे।सुनीता जाकर बियर की बोतल और गिलास ले आई, दोनों सिगरेट और शराब का मजा लेने लगे। रॉकी मेरी बीबी की नर्म जांघों पर सर

रखा कर सिगरेट पी रहा था, सुनीता उसकी टी शर्ट में हाथ डाल कर उसके सीने पर हाथ घुमा रही थी।

रॉकी की नेकर पर लंड का उभार बढ़ने लगा, सुनीता ने उसकी नेकर के ऊपर से ही लंड पकड़ लिया, बोली- डियर कुछ देर तो सब्र करो,

पहले डिनर तो ले लें।

दोनों ने डिनर किया, फिर रॉकी ने सुनीता की टीशर्ट उतार दी, वो अंदर कुछ नहीं पहने थी, दोनों गोरे गोरे संगमरमर जैसे मम्मे आजाद

हो गएसुनीता सोफे पर बैठ गई गोदी में रॉकी का सर रखा फिर अंपने हाथ से रॉकी का सर उठा कर उससे अपने मम्मे चुसवाने लगी जैसे माँ

अपने बेटे को दूध पिलाती है। वो उसके सर पर हाथ फिरा रही थी- चूसो रॉकी चूसो, आज जी भर के अपनी मै’म को चूसो, सारी रात

अपनी है…उसके मुख से सिसकारी निकल रही थी और अब उसके हाथ रॉकी के नेकर के ऊपर से ही उसके लंड को टटोलने लगे थे।

सुनीता ने एलास्टिक वाले नेकर और अंडरवियर दोनों को नीचे खिसका कर उसके मचलते हुए लंड को आजाद कर प्रिया।सचमुच उसका लण्ड लाजवाब था, गोरा और चिकना… साइज़ सामान्य से कुछ ज्यादा ही था…

रॉकी का लंड अब सब्र नहीं कर रहा था, उसने सुनीता की नेकर खींच कर उसे पूरी तरह से नंगी कर प्रिया, उसकी चूत पर छोटे छोटे

भूरे बाल थे।

अब रॉकी ने बैठ कर अपना लंड पकड़ लिया, बोला- मै’म प्लीज मुँह में ले लो ना…

सुनीता बोली- रॉकी, मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं है।

रॉकी बोला- मै’म, एक बार प्लीज…

सुनीता मुश्किल से मानी और उसका लंड मुँह में ले लिया।आज तक मैंने सुनीता से कभी अपना लण्ड नहीं चुसवाया है।

10 सेकंड बाद ही मुँह हटा लिया, बोली- रॉकी, मैं यह नहीं कर सकती।

अब रॉकी लंड तने सीधा खड़ा था, मेरी बीवी कूद कर उससे ऐसे चिपकी जैसे बंदर का बच्चा अपनी माँ से चिपकता है। मेरी बीवी की

दोनों टाँगों ने कैंची की तरह रॉकी की कमर को लपेट लिया, उसके पैर के निचले हिस्से हवा में थे।इससे उसकी चूत रॉकी के लंड सामने आ गई, दोनों हाथो से मेरी बीवी ने रॉकी के कंधों को पकड़ रखा था। इसी स्टेज में रॉकी ने अपना

लंड उसकी चूत में डाल प्रिया और चोदने लगा।मेरी सुनीता का पूरा वजन रॉकी पर था, पर वो शक्तिशाली लड़का गोदी में लेकर मेरी बीवी को चोद रहा था।

सुनीता बोली- रॉकी, मेरी इस आसन में आज तक कोई चुदाई नहीं कर पाया… तुम पहले मर्द हो जिसमे इतनी ताकत है, रॉकी चोदो…

मैं तुम्हारी दीवानी हो गई हूँ… चोद ले, राजा चोद ले, मैं तो तेरी कुतिया बनने को भी तैयार हूँ, हाय बड़ा मजा आ रहा है… बड़ा मजा !

कुछ देर ऐसे करने के बाद रॉकी ने उसे उतार प्रिया, रॉकी ने सुनीता को पीछे घुमाया, सुनीता की पीठ उसकी तरफ थी, रॉकी सोफे पर

लंड तान कर बैठा था, उसने सुनीता की पतली कमर पकड़ी और चूतड़ों के बल उसे गोद में धीरे धीरे ऐसे बिठाया कि लंड उसकी चूत में

घुसता गया।

पूरा लंड घुसते सुनीता बोली- वाहहह… ह… हह… हह…घुस गया… घुस गया…चुदी चुदाई सुनीता को मोटा लंड लेने में कोई परेशानी नहीं हुई।

रॉकी ने दोनों बूबे दबा दबा कर धक्के मारना शुरू कर प्रिया, थोड़ी देर बाद उसने सुनीता की कमर पकड़ी और चूतड़ों को ऊपर किया,

आधा लंड बाहर हो गया, फिर कमर को नीचे खींच चूतड़ों को लंड पर पटका, फिर से पूरा लंड अंदर…

दो तीन बार ऐसा करने के बाद मेरी बीवी खुद चूतड़ों को लण्ड पर पटक पटक कर चुदाने लगी- अहह आहा.. ऊ ऊ…

उसकी चूचियाँ जोर से हिल रही थी, उसके चूतड़ रॉकी की जांघ पर पड़ते तो चप चप चप चप की आवाज आती।

सुनीता बड़बड़ा रही थी- चोदो रॉकी चोदो… अपनी मै’म को जी भर चोदो… तुम्हारे जैसा हार्ड चोदने वाला मुझे आज तक नहीं मिला… जोर

से रे… प्लीज मेरी प्यास बुझा दो ओ ओ…ओ…ओ…

उसका मुँह खुला था, सांसें तेज हो गई, वो बुरी तरह हांफ रही थी- मजा आ गया… मजा आ गया …हाय हाय हाय..हाय सी…सी…सी …थोड़ी देर बाद दोनों झड़ गए, सुनीता को रॉकी ने अपनी बांहों में उठाया और सुनीता ने उसके गले में हाथ डाले, रॉकी उसको लेकर

बेडरूम चला गया।जैसे फिल्मों में हीरो सुहागरात मनाने हिरोइन को उठा कर ले जाता है।कहानी जारी रहेगी।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

हर्मेन्द्र चोपड़ा

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राजीव पाल

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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