होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 942 बार

भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-1

इब्राहिम

18 Oct 2025 को प्रकाशित

भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैंने जब से भाभी को देखा था.. तभी से उनकी मस्त जवानी का दीवाना बन गया था।

जब मेरे भाई की उनसे सगाई हुई थी उसके बाद से जब भी किसी त्यौहार के अवसर पर घूमने जाना होता.. तब मैं भाभी के घर ही जाना पसंद करता था।तब मेरी उम्र एक नए-नए हुए जवान लौंडे की थी।

निकाह से पहले ऐसे ही एक मौके पर मेरा भाई और मैं जब भाभी के घर उनसे मिलने के लिए गए.. तो हमारी बड़ी आवभगत हुई।

कुछ देर बाद भाभी हमें पानी देने आईं.. तो उस वक्त उन्होंने नेट वाली पीले रंग की ड्रेस पहनी हुई थी.. जिसमें उनके काले निप्पल एकदम साफ़ दिख रहे थे।

आह.. उनके निप्पलों को तो मैं एकटक देखता ही रह गया। उन्होंने अन्दर ब्रा भी नहीं पहनी थी।मेरा तो उनके चूचों की गोलाई देखकर ही उनको चूसने का मन हो गया।

हम लोगों का समुन्दर किनारे घूमने जाने का प्रोग्राम बना तो वो राजी हो गईं और तैयार होने अन्दर चली गईं। जब वो तैयार हो कर आईं.. अय हय.. मैं तो बस लौड़ा पकड़ कर ‘आह्ह..’ भर कर रह गया।

मैं, मेरा भाई और भाभी हम तीनों बाइक पर बैठ कर निकल पड़े। मेरा भाई गाड़ी चला रहा था.. मैं बीच में बैठा था और मेरी भाभी मेरे पीछे थीं। मैं उनसे छोटा और सब का लाड़ला था.. इसलिए उन्हें मेरे बीच में बैठने से कोई आपत्ति नहीं थी।

जब भाई ब्रेक लगाते.. तो मेरी भाभी के चूचे मेरी पीठ पर टच होते थे।

आह.. मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि मेरा नौजावान लम्बा लंड एकदम क्रान्ति करने पर उतारू हो उठता। मुझे यूं लगता कि अभी नीचे लिटा कर भाभी की चूत में लौड़ा घुसा दूँ। लेकिन मैं भी उनका लाड़ला था।

इस तरह हम सभी समुन्दर किनारे पहुँच गए और बाइक एक तरफ लगा कर घूमने लगे।उधर और लोग भी आए थे।

उन सबके साथ हम सबने दोस्ती की और बीच पर बॉल खेलने के लिए मिल रही थी तो हम सभी खेलने लगे।

मेरी भाभी भी हमारे साथ खेल रही थीं।जब भाभी बॉल लेने दौड़तीं तो उनके चूचे गजब उछाल मारते दिख रहे थे।हमारे कपड़े भी पानी से कुछ भीग गए थे।

मैं ये सब बड़े ध्यान से देख रहा था।

फिर कुछ देर बाद यूं ही मस्ती करने के बाद हम तीनों नाश्ता वग़ैरह करके घर के लिए निकल पड़े। अब तक शाम के 7 बज गए थे।

भाई ने बाइक स्टार्ट की और मैं बीच में बैठ गया। मेरी भाभी मेरे पीछे बैठ गईं। भाभी के चूचे गरम हो चुके थे और मेरी पीठ को छू रहे थे।उनके चूचों के गरमागरम स्पर्श ने मुझे भी गरम कर प्रिया।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Amazing Time With Aunty

थोड़ी चले तो हवा लगने से भाभी को गीले कपड़ों में ठंड लगने लगी थी।उन्होंने भाई से कहा..

तो भाई ने कहा- मेरे भाई को पकड़ लो।लेकिन भाभी शर्मा रही थीं।

मैंने भाई से कहा- भाई भाभी को बीच में बिठा लो.. मैं पीछे हो जाता हूँ।भाई ने कहा- हाँ ये ठीक रहेगा।

अब मैं भाभी के पीछे बैठ गया। मेरे पीछे बैठने से मेरा लंड भाभी की गाण्ड को छूने लगा। उनकी गाण्ड की दरार में लौड़ा लगने से मुझे कुछ हो रहा था और मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया।

मेरा खड़ा लौड़ा भाभी को चुभने लगा था लेकिन भाभी कुछ बोल नहीं पाईं।

भाई गाड़ी चला रहे थे.. सड़क खराब थी ओर गड्डे भी ज्यादा आ रहे थे। मैं गिर सकता था।

मैंने भाई से कहा- भाई धीरे चलाओ.. मैं गिर जाऊँगा.. पकड़ने के लिए भी कुछ नहीं है।भाभी ने कहा- आप मुझे पकड़ लीजिए।

उनका कहना था और मैंने तुरंत भाभी की कमर में हाथ डाल प्रिया। अंधेरा होने के कारण कोई देख भी नहीं रहा था।

एक-दो बार मैंने मम्मों को अनजान बन कर दबा भी प्रिया।भाभी कुछ नहीं बोलीं.. शायद उनको भी मजा आ रहा था।

ऐसे ही हम घर आ गए। भाभी को उनके घर छोड़ा और हम अपने घर पहुँच गए।

मैंने घर पहुँच कर 4 बार मुठ मारी.. मुझे तो बस बार-बार भाभी के चूचे याद आ रहे थे।

उनकी चूचियों की याद करते हुए मैं सो गया।

अगर आपको मेरी कहानी का अगला भाग पढ़ने का मन है.. तो प्लीज़ मुझे ईमेल कीजिए।support@mohakkisse.com

फ्री सेक्स स्टोरी का अगला भाग :भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक-2

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

भाभी की मदमस्त जवानी और मेरी ठरक

कुल भाग: 3
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Amazing Time With Aunty
भाभी की चुदाई

Amazing Time With Aunty

Hi this is JOHN.. ISS pe apni pehli kahani lekar aya hu apke liye. Me ISS ko boht dinose pdh raha hu aur iski sari kahanise mene plan bna kar apni is kahani ko asli jindgi me enjoy kiya hai.. Me 18 yrs ka hu mera lund 6.5′ lamba aur 2’chodha hai.....

8 मिनट 696
भाभी तड़प गई
भाभी की चुदाई

भाभी तड़प गई

बात उस समय की है जब मेरी जवानी पूरे जोश पर थी मेरा वीर्य निकलना शुरू ही हुआ था और कोमल-कोमल झांट आई थी और चूत मारने का इतंना मन करता था कि बस चूत हो! कैसे ही हो!

5 मिनट 876
भाभी चूत चुदवा कर मेरी बीवी बनी -2
भाभी की चुदाई

भाभी चूत चुदवा कर मेरी बीवी बनी -2

अब तक आने पढ़ा..अब उनके परिवार में उनकी माँ.. दो भाई उनकी पत्नियां और बड़े भाई की एक लड़की और एक लड़का था।चाय पीने के बाद हम उनके खेत पर टाइमपास के लिए चले गए। शाम 7 बजे हम वापिस आए। रात को डिनर किया और सब सोने लिए चले गए।मैं भाभी और उनकी माँ एक ही कम...

10 मिनट 1,012

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।