हसबैंड वाइफ ओपन सेक्स कहानी में पढ़ें कि कुछ रोमांचक करने की लालसा में पति पत्नी ने मिल कर ननगे होकर रिसोर्ट में क्या क्या कारनामे किये.
दोस्तो, आप सेक्स कहानी में रीना और अंकित की चुदाई का आनन्द ले रहे थे.कहानी के दूसरे भागस्विमिंग पूल पर बिकिनी में बीवीमें अब तक आपने पढ़ लिया था कि डिनर के बाद अंकित और रीना की चुदाई का खेल फिर से शुरू हो गया. अंकित ने रीना की चुत की फांकों को फैला कर उसके दाने को मसल कर फुला प्रिया था.
अब आगे हसबैंड वाइफ ओपन सेक्स कहानी:
उन दोनों का मस्त फोरप्ले चलने के बाद एक ब्रेक हुआ और अंकित खाने के बर्तन बाहर बरामदे में रखने गया था.
अब कैमरा रीना के हाथ में था.अंकित वहीं सीढ़ियों पर बैठ गया था. रात के दस बज चुके थे. वातावरण सुनसान हो चुका था.
पीछे से रीना भी आ गई थी.वो दोनों थोड़ी देर वहीं सीढ़ियों पर बैठ गए, एक दूसरे के आलिंगन में बिल्कुल नग्न.वे दीर्घ चुम्बन करते हुए मजा लेने लगे.
एक लम्बे चुम्बन के बाद वो दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा उठे.कैमरे से कुछ सेल्फी, सभ्य पोज में भी ली गईं.
रीना अंकित के फैले हुए पैरों के बीच घुटनों के बल बैठ गई और धीरे-धीरे अंकित का लंड रीना के मुँह में गायब होने लगा.उसका सिर आगे पीछे हिलने लगा था. कभी-कभी अधिकांश लिंग उसके मुँह से ढकने लगा था.
कई बार केवल लिंगमुंड को कवर किया जा रहा था. रीना सुपारे की किनार पर अपनी जीभ घुमा घुमाकर फिरा रही थी.
कई मिनटों बाद, अंकित कह उठा- ओह बेबी … वंडरफुल आह प्लीज़ जारी रखो … बहुत बहुत धन्यवाद.
रीना उत्साहित होकर अंकित का लंड चाटती रही. लंड के सिरे से लेकर नीचे तक उसकी जीभ कमाल कर रही थी.
अंकित की मर्दानगी की पूरी लंबाई, टिप से आधार तक कई मिनटों तक जीभ यूं ही चलती रही.
अब रीना फिर से लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.फिर वो बोली- चलो शयनकक्ष में चलते हैं. संभवत: आप घरेलू पिच पर एक और मैच खेलना पसंद करेंगे.
‘मुझे बहुत खुशी होगी अगर मैं घरेलू पिच पर शतक बना सकूं.’ अंकित ने एक मुस्कराहट के साथ जवाब प्रिया.‘लेकिन एक शर्त है, आपका बल्लेबाज किसी की मदद नहीं लेगा, आपके हाथ की भी नहीं.’ रीना ने शरारत से कहा.
‘मंजूर है, लगता है मैच रोमांचक होने वाला है.’ अंकित उत्सुकता से बोला.हंसते-हंसते जोड़ा बेडरूम में चला गया.
रीना जल्दी से बिस्तर पर घुटनों के बल बैठ गई, उसकी गांड हवा में और चेहरा बिस्तर पर था.अंकित उसके पीछे खड़ा था, उसका फड़कता लंड रीना की चूत के होंठों की ओर बढ़ रहा था.
वह कुछ और इंच आगे बढ़ा. फिर मैदान में पोजीशन लेकर जैसे ही शॉट लगाने की कोशिश की, रीना ने अपनी गांड हिला दी और निशाना चूक गया.बल्लेबाज फिर से गार्ड लेकर तैयार, लेकिन गली में स्लिप कर गया.
मैदान में फिसलन बहुत थी.रीना बार बार आखिरी समय में ही नितंबों को हिला दे रही थी. जिस वजह से हर बार बल्लेबाज का शॉट चूक जा रहा था.
अंत में, स्ट्रेट ड्राइव सबको बीट करते हुए उसकी चूत के होंठों को अलग करते हुए सीधे डीप बाउन्ड्री के अन्दर घुसता चला गया.जब तक उसकी गेंदें गांड को नहीं छू गईं, तब तक वह उसकी नम गुलाबी चूत में गहरा घुसता चला गया.
फिर लगभग बाहर, फिर अन्दर धीमा, फिर तेज … बार बार इसे दोहराया गया.
अंकित जोर देते हुए लंड अन्दर पेलता और आंशिक रूप से बाहर खींच लेता.उसका पिस्टन रीना के सिलेंडर में स्पीड से पंप कर रहा था.
अंकित गति बदल रहा था, गहराई बदल रहा था लेकिन लंड रीना की नम योनि के अन्दर लगातार घूम रहा था.
मौका मिलने पर अंकित बड़ा स्कोर बनाने में विश्वास रखता था, उसने रीना को चोदना जारी रखा और स्कोर बड़ा होता गया.
रीना अब आह आह की कराहें भरने लगी थी.साथ ही आनन्द की अनुभूति उसे चोदने के दौरान और उत्साहित करने को मजबूर भी कर रही थी- आह और गहरे घुस जाओ सनम … आह मुझे और जोर से चोदो … हां ऐसे ही!
अंकित भी लगातार रीना को जोर-जोर से दबाते हुए चोदे जा रहा था, वो अपने लंड को अन्दर पूरी तरह से पेल कर चोद भेद रहा था.अंतत: चरम आ गया और दोनों लगभग एक साथ बोल उठे- आह … मेरा बस ही गया आह!
तभी अंकित का लिंग मानो फट गया और सैलाब बह निकला.सफेद अर्ध-तरल पदार्थ रीना के खजाने के अन्दर खाली हो गया.
रीना का शरीर कांप रहा था, संभोग समाप्ति के साथ उसके शरीर में मरोड़ आ रही थी.
कुछ ही पल बाद वो दोनों अलग हो गए और आराम करने लगे.
सांसें नियंत्रित होने के बाद रीना बाथरूम में चली गई.उधर से बेडरूम में वापस आकर देखा कि अंकित कंबल में सो गया है.
रीना धीरे से कंबल में रेंगती हुई घुस गई और अपने जीवनसाथी से लिपट कर सो गई.
गुरुवार की सुबह दोनों एक साथ ही उठे और बाथरूम का उपयोग करने आ गए.दोनों एक दूसरे को साबुन मल मल कर स्नान कराने लगे, आलिंगन बद्ध होकर शॉवर के मजे लेने लगे.
आठ बजे दोनों ड्राइंग रूम में नाश्ता कर रहे थे.उस वक्त रीना ने काले रंग की टीयर ड्राप स्ट्रेपलैस माइक्रो पैंटी सैट पहन रखी थी.उसकी ब्रा निप्पल और आस-पास के थोड़े से हिस्से मात्र को ढके हुई थी. पीठ पर डोरी से बंधी थी. पैंटी आगे से पानी की बूंद के आकार की थी, जो सिर्फ चूत की दरार को ही ढक पाने में सक्षम थी.
पीछे सिर्फ डोरी थी, जो नितम्बों की दरार में समाई हुई थी.पैंटी भी कमर पर डोरी से बंधी थी.
अंकित सिर्फ एक सफेद बॉक्सर पहने हुए था.
‘आज सेक्स टू डू लिस्ट से हम लोग क्या करने वाले हैं? रीना ने पूछा.‘अभी हम बहुत ही एक्साईटिंग सेक्स के मजे लेने वाले हैं.’ अंकित ने जवाब प्रिया.
थोड़ी देर में किसी के बोलने की आवाज सुनाई दी.अंकित ने खिड़की से देखा, बगल वाले कॉटेज के अधेड़ दंपत्ति जा रहे थे.
अंकित ने कहा- अब कम से कम तीन घंटे तक पड़ोस के कॉटेज में कोई नहीं आएगा, हम पीछे की बाल्कनी में थोड़ी मस्ती कर सकते हैं.‘हम ऐसा क्या करने वाले हैं? रीना संशय से पूछ बैठी.‘ऊपर चलो बताता हूं.’
दोनों ऊपर बेडरूम में आ गए.
पीछे की बाल्कनी अंग्रेजी अक्षर सी आकार की आठ से दस फीट लंबी चौड़ी थी. उस पर ढाई फीट ऊंची रेलिंग लगी हुई थी.रेलिंग का ऊपरी भाग लकड़ी के चौड़े पट्टे का था. रेलिंग में लोहे की खड़ी छड़ें लगी थीं.
बगल वाले कॉटेज की बाल्कनी में … अथवा पीछे कंपाउंड में आए बिना कोई उन्हें नहीं देख सकता था.पड़ोसी की बाल्कनी पर कपड़े सूख रहे थे, मतलब वो वापस आकर ही चैक आउट करने वाले थे.
रीना की लाजवाब सेक्सी ड्रेस में थोड़ी फोटोग्राफी होने लगी. लेकिन अंकित के शैतान दिमाग में कुछ और ही चल रहा था.
अंकित ने कहा- सेक्स टू डू की लिस्ट से बांडेज का एक्ट हम यहीं पर करेंगे.इस पर रीना ने पूछा- अगर पड़ोसी आ गया तो?
‘हमारे पास तीन घंटे का समय है, उसके पहले वो नहीं आने वाले हैं.’अंकित ने समझाया.रीना ने असमंजस में हामी भर दी.
अंकित अन्दर से बांडेज का सामान ले आया.उसने रीना के हाथ में हैंडकफ पहनाकर सिर से ऊपर बाल्कनी की छत से गमले लटकाने वाले कड़े से बांध प्रिया.इससे रीना का मुँह पड़ोसी की बाल्कनी की तरफ हो गया.
रीना का बांया पैर रेलिंग की पट्टी से टखने के पास एवं घुटने से थोड़ा ऊपर रस्सी से बांध प्रिया गया था व दाहिना पैर उठा कर रेलिंग के टॉप पर रख कर बांए पैर से नब्बे डिग्री के कोण से टखने एवं जांघ को बांध प्रिया गया.
अब रीना की कमर तक का हिस्सा फिक्स हो चुका था, सिर्फ कमर के ऊपर का भाग थोड़ा बहुत घूम सकता था.थोड़ी दूर खड़े होकर कैमरे के साथ अंकित अवलोकन करने लगा.
फिर उसने रीना के पास आकर पीछे से आलिंगन में भर कर उसकी पीठ पर चुंबन लिया, उसके उरोजों के साथ खेलते खेलते ब्रा की पीठ पर बंधी डोरी को दांतों से खोल प्रिया.अंकित ने रीना के छत्तीस साइज के उरोजों को मुक्त कर प्रिया.
रीना ऐसे ओपन सेक्स से थोड़ी घबराती हुई बोली- प्लीज, मुझे खुले में इस तरह से नंगी मत करो.
अंकित ने उसकी गुहार को नजरअंदाज किया और उसके शरीर से खेलना जारी रखा.वो अपना एक हाथ पैंटी के अन्दर डालकर उसकी चिकनी चूत सहला रहा था, दूसरे हाथ से स्तन मसल रहा था, होंठों से पीठ के चुंबन ले रहा था.
सहेली से पति की गांड मरवाने की योजना
रीना उसका कड़ापन अपने नितंबों पर महसूस कर रही थी.अंकित की उंगलियां कमर पर पैंटी की डोरी के पास घूमने लगी थीं.
उसने दोनों तरफ की डोरियों की गांठ एक साथ खोल प्रिया.रीना अब पूर्णतया नग्न बंधी थी.वह बाल्कनी की रेलिंग से कमर के नीचे हिलने डुलने की स्थिति में नहीं थी.
अंकित को रीना की ये पोजीशन भा गई और उसने ओने कैमरे से कई फोटो ले लिए.रीना थोड़ी नर्वस थी, वो असहाय भाव से इधर उधर देख रही थी.
सूर्य की सीधी आरतीें उस पर पड़ रही थीं. उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था.वो रस्सी से बंधी होने से पीछे मुड़कर अंकित को देखने में भी असमर्थ थी.
थोड़ी ही देर में रीना को अंकित टी-शर्ट पहने कैमरा हाथ में लिए कॉटेज के पिछवाड़े बाल्कनी के नीचे दिखाई प्रिया.खड़ी छड़ों से बनी रेलिंग रीना का कुछ भी नहीं ढक पा रही थी.
अलग अलग एंगल से अंकित ने बहुत सारी फोटो ले लीं.
रीना ने कहा- जान मुझे पेशाब आ रही है, प्लीज़ मुझे खोल दो.लेकिन शातिर अंकित ने वहीं से ही रीना को मूतने को कहा.
रीना भी शुरू हो गई.अधिकांश पेशाब बाल्कनी में ही गिरने लगी थी.थोड़े छींटे रेलिंग से बाहर जमीन पर गिरने लगे थे.
अंकित कैमरे के साथ उसके इस पोज का मजे लेने लगा था.
अब अंकित वापस बाल्कनी में आ गया.रीना के पैर के फैला कर बंधे होने से उसके सुंदर गोल नितंबों के नीचे गांड एवं थोड़ी सी खुली हुई चिकनी चूत स्पष्ट दिखाई दे रही थी.
अंकित ने कैमरा एक खास एंगल पर सैट कर प्रिया.रीना उसके आगमन से अनजान थी.
वो पीछे से आया और उसने रीना को आलिंगन में भर लिया.
‘आपकी यह फैंटेसी तो बहुत ही खतरनाक है, मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इस तरह से बाल्कनी में नंगा बांधा जाएगा.रीना थोड़ा उत्तेजित स्वर में बोल रही थी.
उसके जवाब में अंकित पीछे से लिपटा हुआ बोला- अगर तुम्हें डर लग रहा है तो मैं खोल देता हूँ. लेकिन ये रोमांच तुम्हें हमेशा याद रहेगा!रीना नरमी से बोली- हां मैं भी आपको निराश नहीं करूंगी, आप जो चाहें कर सकते हैं.
अंकित उसके स्तनों को पीछे से पकड़ कर सहलाने मसलने लगा.वो गर्दन के पीछे, कंधों पर, पीठ पर लगातार चुंबन करता गया. उसके हाथ आगे से पूरे शरीर को सहला रहे थे.
नीचे बैठ कर वो रीना के नितंबों को चुंबन करने लगा, उन्हें काट रहा था, चाटता रहा था, जीभ फिरा रहा था, गांड, चूत के होंठों का चुंबन करने लगा. चूत के होंठों की चिकनी किनारी को बारी बारी से चाटने लगा.वह उत्तेजना से फूली भग्नासा को दांतों से पकड़ कर खींचने लगा, जीभ फिरा कर चाटने लगा.
फिर उसने अपने दोनों हाथ से नितंबों को फैलाकर जीभ को चूत के अन्दर डाल प्रिया.
मुलायम लेदर के हंटर से धीरे धीरे उसके नितंबों पर वार करने लगा.कभी हंटर उसकी चूत की दरारों पर भी लग जाता.
हंटर की मार से रीना के नितंब लाल होने लगे थे.मस्ती में रीना सब भूला चुकी थी.
उसकी आंखें वासना से बंद हो गई थीं. पूरा शरीर कसमसाने लगा था.
‘जानू अब ज्यादा मत तड़पाओ, मैं परम आनन्द के लिए मरी जा रही हूं.’रीना जैसे नशे में बोलने लगी थी.
परिस्थिति अंकित के भी बर्दाश्त के बाहर होने लगी थी.लंड चुत में प्रवेश कराने के लिए अंकित को थोड़ा अपने घुटनों पर झुकना पड़ा.
फिर जैसे ही पोजीशन बनी. एक तीव्र झटके से लंड होंठों को फाड़ते हुए चूत में अन्दर तक समा गया.दोनों चूचियां हाथों से पकड़ कर अंकित ने जो रफ्तार पकड़ी, रीना उत्तेजना से पागल हो उठी.
अंकित आगे से एक हाथ घुसाकर रीना की भग्नासा को रगड़ने लगा था.
कमर से थोड़ी आगे को झुकी रीना बाल्कनी में नंगी बंधी हुई थी. दोनों सूरज के उजाले खुलेआम सेक्स कर रहे थे.कभी भी कोई आ सकता है, ये सोच सोच कर अंकित बहुत उत्तेजित हो रहा था.
वह लगातार पंपिग करता गया.थोड़ी देर में दोनों के शरीर अकड़ गए और उन्हें चरम सुख की प्राप्ति हो गई.
अंकित थक कर वहीं जमीन पर बैठ गया जबकि रीना अब भी वैसी ही बंधी थी.
वीर्य चूत में से टपक कर जांघों से नीचे बह रहा था.कैमरे के रिमोट ने लगातार काम किया था.
पूरी फिल्म एकदम अवार्ड विनिंग बन गई थी.
रीना को अभी अपनी परिस्थिति का बिल्कुल ख्याल नहीं था, वो तो आंखें बंद कर मस्ती में डूबी हुई थी.उसको बंधन मुक्त होने की कोई जल्दी नहीं थी, उसने अभी तक अंकित से एक बार भी रस्सियां खोलने के लिए नहीं कहा था.
शरीर जरूर थकान महसूस कर रहा था. मगर आनन्द थकान पर हावी था.अंकित के हिसाब से अभी डेढ़ घंटे का समय उनके पास और था.
अब अंकित उठ गया और रस्सी खोलने लगा.रीना को थोड़ा आराम महसूस हुआ.
अंकित ने रीना के पेट के नीचे हाथ लगाकर उसे उठा लिया.
फिर उसने रीना को रेलिंग पर पेट के बल लिटा प्रिया.पहले हाथ पीठ पर रख कर रस्सी से बांधे, फिर पैर घुटनों से मोड़कर रेलिंग के साथ बांध दिए.
पेट के पास भी रेलिंग से बांध प्रिया.ये नजारा देखने लायक था.
रीना बिल्कुल नंगी रेलिंग के टॉप पर बंधी हुई थी.उसकी नम चूत पड़ोसी की बाल्कनी के तरफ थी.
अंकित ने प्यार से उसके शरीर को सहलाया और चुंबन लेकर पूछा- तुम ठीक तो हो न, घबराहट तो नहीं हो रही है?
‘मैं खुलेआम नंगी बंधी हूं, मुझे सोच सोच कर रोमांच हो रहा है.’ रीना ने जवाब प्रिया.‘आज का बहुत ही शानदार अनुभव था, तुम्हारे काबिले तारीफ सहयोग के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, जानेमन.’ अंकित ने कृतज्ञ भाव से कहा.
‘मैंने भी कोई कम मजा नहीं लिया, शुरू में थोड़ी घबराहट थी लेकिन फिर बहुत मजा आया.’ रीना ने जवाब प्रिया.‘मेरी थोड़ी ज्यादती के लिए माफ कर देना प्रिय.’
‘प्यार में माफी नहीं होती, मैंने भी पूरा एन्जाय किया है, अभी भी इस हालत में तुम्हारा साथ मुझे अच्छा लग रहा है.’ऐसे ही बाल्कनी में दोनों बातें कर रहे थे. कैमरा अपना काम कर रहा था.
समय कम होने से अंकित ने रीना के सारे बंधन खोल कर उसे अपनी तरफ घुमा कर रेलिंग पर बैठा लिया.दोनों प्रगाढ़ आलिंगन में हो गए. रीना के स्तन जैसे अंकित की छाती में धंसे जा रहे थे.
अंकित हाथों से नितंबों को सहारा दिए हुए था.रीना की पीठ पड़ोसी की बाल्कनी की तरफ थी.
उसकी टांगें अंकित की कमर से लिपटी हुई थीं.
‘मैं अभी भी ऐसे ही बैठने को तैयार हूँ, भले चाहे पड़ोसी देख लें.’ रीना शरारत से बोली.अंकित ने चुंबन लेते हुए कहा- पागल, हम दोनों बिल्कुल नग्न हैं, मैं नहीं चाहता कोई हमारी तस्वीरें ले ले.
समय का कुछ ख्याल नहीं था. दोनों एक दूसरे में खोए हुए थे.प्रेम सेक्स पर हावी था. नग्नता भी उनके प्रेम को बढ़ा रही थी.
दोस्तो, हसबैंड वाइफ ओपन सेक्स कहानी के इस हिस्से को पढ़कर आपको कैसा लगा, कृपया अपने विचार अवश्य साझा करें. आपके विचार मुझे अगले भाग को लिखने में आत्मविश्वास देते हैंsupport@mohakkisse.com
हसबैंड वाइफ ओपन सेक्स कहानी का अगला भाग:उत्तराखण्ड में रिसॉर्ट का रोमांच भरा सेक्स- 4