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Group Sex Story पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 447 बार

भाभी और उनकी सहेली के साथ सेक्स का मजा- 2

विन तालन

02 Nov 2022 को प्रकाशित

भाभी और उनकी सहेली के साथ सेक्स का मजा- 2
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होटल रूम सेक्स कहानी में पढ़ें कि भाभी ने अपनी सहेली को होटल के कमरे में बुला लिया. हम तीनों ने नंगे होकर कैसे थ्री-सम चुदाई का खूब मजा लिया.

हैलो फ्रेंड्स, मैं आपका दोस्त विन तालन एक बार फिर से भाभी के साथ होटल रूम सेक्स कहानी में थ्रीसम सेक्स कहानी का मजा लेकर हाजिर हूँ.कहानी के पिछले भागपड़ोसन के साथ होटल में सेक्स का मजामें अब तक आपने पढ़ा कि भाभी ने मेरी थ्री-सम सेक्स की इच्छा को जानकर अपनी सहेली ट्विंकल को बुलाने के लिए फोन उठा लिया था.

अब आगे की होटल रूम सेक्स कहानी:

भाभी ने तुरंत उसे फोन लगाया और स्पीकर ऑन करके बात की.

ट्विंकल- हैलो दिया … हाऊ आर यू … आज बहुत दिन में याद किया साली कमीनी … तू मुझको तो भूल ही गई.दिया- नहीं यार, ऐसी कोई बात नहीं है. एक तू ही तो मेरी बेस्ट फ्रेंड है तेरे अलावा और है ही कौन मेरा!

ट्विंकल- खैर छोड़ … और बता क्या हाल-चाल हैं … अब तो जीजू के साथ खूब मस्ती हो रही होगी! काश मेरी भी शादी जल्दी हो जाती, तो मैं भी रोज खूब मज़े लेती सेक्स के.दिया- हां मस्ती तो खूब हो रही है. पर ये बता सेक्स के मज़े लेने के लिए तुझे शादी की क्या जरूरत है? तुम तो इतनी खूबसूरत हो कि कोई भी लड़का सैट हो जाएगा. तुम किसी को पटा क्यों नहीं लेतीं? तुझ पर तो वैसे भी हजारों लड़के मरते होंगे.

ट्विंकल- हां यार एक पटाया था, पर मैंने ही उसको छोड़ प्रिया.दिया- क्यों?

ट्विंकल- यार उसका लंड बहुत छोटा सा था. जिस कारण वो सेक्स में बिल्कुल मज़े नहीं देता था. भोसड़ी का खुद 2 मिनट में डिस्चार्ज होकर ढीला पड़ जाता था और मैं और मेरी चुत प्यासी रह जाती थी.भाभी- अरे … ये कौन सा चूतिया सैट किया था?

ट्विंकल- हां यार साला चूतिया ही था. मुझे प्यासा छोड़ देता तो मुझे फिंगरिंग से काम चलाना पड़ता था. फिर मैंने सोचा जब फिंगरिंग से ही काम चलाना है … तो ब्वॉयफ्रेंड का सिरदर्द कौन पाले? उसके बाद मैंने कभी कोशिश नहीं की.दिया- अगर मैं ऐसा लड़के से मिलवाऊं, जो तुझे अपने मोटे लंड से खुश कर दे तो?

ट्विंकल- क्या यार सच में! फिर तो तू मेरी सच्ची सहेली कहलाएगी. वैसे बता तो कौन है वो मर्द?दिया- है मेरा देवर (विन चौधरी) जबसे उसने तेरी प्रोफाइल पिक देखी है, तबसे मेरे पीछे पड़ा है कि एक बार इससे सैटिंग करवा दो. मैं तुझे बता दूं कि उसका लंड भी बहुत दमदार है.

ट्विंकल- सच … पर मुझे ये बताओ कि तुमने उसका लंड कहां और कैसे देखा?दिया- वो सब तुझसे मिलकर बताऊंगी. तू एक काम कर, कल सुबह आ जा, उससे भी मिलवा दूँगी … और क्या पता कल ही तेरी चुत को भी सेक्स का सुख दिलवा दूँगी.

ट्विंकल- बहनचोद, तू तो शादी के बाद बड़ी वाली रंडी हो गई है. चल ठीक है, कल किसी बहाने मिलते हैं. वैसे कहां आना है … ये तो बता?

दिया भाभी ने ट्विंकल को हमारे होटल का पता प्रिया और बोला कि रिसेप्शन पर आकर फोन कर लेना.ट्विंकल- ठीक है कल मिलते हैं बाय.

फोन कट हो गया.

फोन रखते ही भाभी बोलीं- क्यों देवर जी अब तो खुश हो ना?मैंने भाभी को बांहों में भरके कहा- हां मेरी जान … मैं बहुत खुश हूं, वाकई आप मेरे दिल की तमन्ना पूरी कर दोगी.

दिया भाभी- लेकिन ट्विंकल जब आएगी, तो उसको होटल वालों की तरफ से कोई परेशानी तो नहीं होगी?मैंने कहा- मेरी जान तुम चिंता मत करो, मैं होटल के मैनेजर से बात कर लूंगा.

फिर ट्विंकल की चुदाई को याद करके आंखों ही आंखों में ही मुझे पूरी रात काटनी पड़ी. खुशी के मारे आंखों से नींद कोसों गायब थी.रात को भाभी को चोदा तब भी अपने नीचे ट्विंकल की चुदाई को ही याद करके भाभी की चुदाई की.

खैर … जैसे तैसे सुबह हुई और वो शुभ दिन आ ही गया, जब मेरी बरसों की दिल की तमन्ना पूरी होने वाली थी.

मैंने रिसेप्शन पर जाकर सारा मामला सैट कर प्रिया.

इतने में दिया भाभी के पास ट्विंकल का फोन भी आ गया.ट्विंकल ने भाभी से कहा कि बस वो 5 मिनट में पहुंचने वाली है.

थोड़ी देर बाद दिया भाभी, ट्विंकल को लेने रिसेप्शन पर गईं. मैं कमरे में ही रुक कर उनके आने का इंतजार करने लगा.

दिया भाभी अपनी सेक्सी सहेली ट्विंकल को लेकर कमरे में आ गईं और दरवाजा अन्दर से लॉक कर प्रिया.

मैंने पहली बार ट्विंकल को देखा था.

उसने ब्लू कलर की जींस और पिंक कलर का टॉप पहना हुआ था, जो कि उसकी नाभि के ऊपर तक था. कमर पर छोटा सा बैग था, जिसमें शायद कॉलेज के बुक्स वगैरह थीं.

उसने अपनी बड़ी-बड़ी आंखों में आई-लाइनर लगा रखा था. होंठ एकदम ऐसे गुलाबी थे, जैसे उनमें से शहद टपक रहा हो.गाल एकदम गोरे, जैसे कश्मीर के सेब हों. लंबे बाल, पतली कमर, हाइट 5 फीट 6 इंच और फिगर भी 32-24-32 की … जो कि बाद मैं मुझे खुद ट्विंकल ने ही बताया.

कुल मिलाकर ट्विंकल कोई मॉडल जैसी लग रही थी.

ट्विंकल ने आते ही हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़ाया. मैंने भी आगे बढ़कर उससे हाथ मिलाया और अपना नाम (विन चौधरी) बताया.उसने भी खुद अपना परिचय प्रिया.

मैं तो बस एकटक ट्विंकल की खूबसूरती को ही निहार रहा था.तभी भाभी ने टोका- देवर जी कहां खो गए? अपने सपनों की रानी को देखकर कहीं बेहोश तो नहीं हो गए?

मैंने खुद को संभालते हुए बोला- कुछ नहीं भाभी … बस ऐसे ही इतनी पास से पहली बार देखा है इनको … इसलिए.फिर हम तीनों हंस दिए.

दिया भाभी ने मुझे इशारा करके बियर और कुछ स्नैक्स लाने के लिए कहा, जोकि हमने पहले ही सब अरेंज किया हुआ था.मैं बड वाइजर की 12 केन बियर ले आया, साथ में कुछ स्नैक्स भी.

फिर बियर के साथ दिया और ट्विंकल की बातों का दौर चला.

थोड़ी देर बाद मैंने दोनों को टोकते हुए कहा- हम भी यहीं हैं मोरनियों … कोई हमसे भी हाल-चाल पूछ लो.

तभी ट्विंकल ने कहा- क्यों नहीं आपका हालचाल पूछने के लिए ही तो हम इतनी दूर से आए हैं.ट्विंकल और दिया भाभी दोनों खूब हंसने लगीं.

तभी दिया ने ट्विंकल से कहा- चलो ताश खेलते हैं.ट्विंकल ने कहा- ओके … ताश में क्या खेलेंगे?

दिया ने कहा- स्ट्रिप पोकर खेलेंगे.ट्विंकल ने चौंकते हुए कहा- पोकर तो सुना है. लेकिन ये स्ट्रिप पोकर क्या होता है?

दिया भाभी ने कहा- देखो यहां कोई बच्चा तो है नहीं, हम सब एडल्ट हैं. खेल के साथ में कुछ एक्साइटमेंट भी होनी चाहिए. इस खेल में बस एक रूल एक्स्ट्रा होता है कि जो पोकर की गेम जीतेगा, वह बाकी से अपनी पसंद का कोई काम देगा. वो काम अगर हारने वाले लोग ना करें, तो उनको अपना एक कपड़ा उतारना पड़ेगा. इस तरह से खेल तब तक चलेगा, जब तक किसी भी एक मेंबर के पास एक भी कपड़ा होगा.

ट्विंकल बोली- हम्म … ये सब सुनने में तो मजेदार है. चलो खेल कर देखते हैं.

मुझे उम्मीद नहीं थी कि ट्विंकल इतनी जल्दी मान जाएगी. शायद यह सब बियर के नशे का भी कमाल था … या फिर ये कहें कि ट्विंकल आजाद विचारों वाली लड़की थी.

अब खेल शुरू हुआ और पहले पहली गेम दिया भाभी जीत गईं. उन्होंने ट्विंकल को डांस करने के लिए बोला.

ट्विंकल ने दिया को भी अपने साथ नाचने के लिए बोला, पर दिया भाभी नहीं मानी.

भाभी ने कहा- ऑर्डर इज बॉर्डर … नहीं तो तुम अपना टॉप उतारो.

ट्विंकल ने अपना टॉप उतार प्रिया.

ट्विंकल ने रेड कलर की ब्रा पहनी थी. जिसमें से उसके मम्मों का क्लीवेज बड़ा मस्त दिखाई दे रहा था.

मेरा मन तो कर रहा था कि मां चुदाए खेल … इसके मम्मों को तो अभी दबा दबा कर सारा रस पी जाऊं.मगर जब तक आग भड़क न जाए, तब तक मजा भी कम आता है. इसलिए मैंने बस उस आग का इंतजार करना उचित समझा.

खैर … अगली बार के गेम को भी दिया भाभी ने ही जीत लिया. इस बार उन्होंने ट्विंकल को मुझे हग करने का ऑर्डर प्रिया. इसे ट्विंकल ने खुशी-खुशी मान लिया और मुझे भी उसे छूने का मौका मिल ही गया.

मैंने उसको बांहों में कस कर भींचा … उसके बदन की खुशबू मुझे पागल करने लगी.

तभी भाभी बोलीं- आराम से देवर जी … अभी तो बहुत कुछ करना बाकी है.

खेल फिर से शुरू हुआ. इस बार ट्विंकल जीत गई. उसने दिया भाभी से साड़ी उतारने को कहा, जिसे दिया भाभी ने बड़े आराम से मान लिया. अब दिया भाभी ब्लाउज और पेटीकोट में थीं.

अगली बार का गेम मैंने जीता. मैंने दोनों को हरी मिर्च खाने का कह प्रिया, क्योंकि मुझे पता था वह यह नहीं कर पाएंगी. वही हुआ … और ट्विंकल को अपनी जींस और दिया भाभी को अपना ब्लाउज उतारना पड़ा.

जींस उतरते ही ट्विंकल की केले के तने जैसी चिकनी चिकनी दूध जैसे गोरी जांघें मेरे सामने नंगी हो गई थीं.

उसने ब्रा की मैचिंग वाली लाल पैंटी पहनी हुई थी. बीयर के माहौल से हम तीनों मस्त हो गए थे.

अगली बार गेम ट्विंकल ने जीता. उसने मेरी टी-शर्ट और दिया भाभी का पेटीकोट उतरवा प्रिया. अब दिया भाभी भी केवल ब्रा और पैंटी में रह गई थीं.

ऐसे करते करते हम तीनों के बदन पर बस अंडरवियर ही रह गए.

तभी दिया भाभी बोलीं- ट्विंकल डार्लिंग, अगर तुम्हें डर लग रहा हो तो बस करें या फिर और खेलने की हिम्मत है?

इस पर ट्विंकल ने आंख मारते हुए कहा- बहन की लौड़ी … तूने अभी मेरी हिम्मत देखी कहां है.उसकी आवाज में नशा बोलने लगा था.

आखरी गेम दिया भाभी फिर से जीत गईं और उन्होंने हम दोनों को आर्डर प्रिया कि एक दूसरे के अंडरवियर उतार दो. मैं तो कब से ही ये चाहता था.

मैंने एक ही झटके में ट्विंकल की पैंटी को उतार कर दूर फेंक प्रिया.पहली बार उसकी बिना बालों वाली गुलाबी चुत मेरी आंखों के सामने थी.

मैंने मौके का फायदा उठाते हुए ट्विंकल की चुत पर एक चुम्मा दे प्रिया.इससे ट्विंकल कसमसा गई. उसने भी रुक कर मेरे अंडरवियर को पकड़ कर उतार प्रिया, जिससे मेरा 7 इंच लंबा लंड उछल कर उसके चेहरे पर लगा.

लम्बा मोटा लंड देखते ही उसकी आंखें खुली की खुली रह गईं और वो बोली- ओ माय गॉड … यह तो बहुत बड़ा और मोटा लंड है.

तभी दिया भाभी बोलीं- मेरी जान ये तेरे लिए ही है, आज जी भर कर तेरी चुदाई करेगा. इसलिए इसका खुलकर मजा ले ले.दिया के कहने पर ट्विंकल ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे हिलाने लगी.

तभी दिया भाभी आगे आ गईं.भाभी मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगीं और ट्विंकल से बोलीं- मेरी जान ऐसे मजा ले … साली क्या हिला रही है.

अब ट्विंकल की बारी थी. उसने मेरे लंड को पहले चूमा और फिर अपने मुँह में लेकर आगे पीछे करने लगी.

मैं तो जन्नत में था. मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी जल्दी इतनी खूबसूरत लड़की, नंगी होकर मेरे लंड को इस तरह चूसेगी.

ट्विंकल मेरे लंड को चूस रही थी और दिया भाभी मेरे आंडों के साथ खेल रही थीं. मुझे ऐसा महसूस हो रहा था मानो मैं जन्नत में हूं.

दस मिनट ऐसे ही चूसा चूसी करने के बाद ट्विंकल बोली- अब आपकी बारी है.मैंने कहा- ठीक है मेरी जान.

मैं बेड पर सीधा लेट गया. मैंने ट्विंकल से कहा- तुम अपने दोनों पैर मेरे मुँह के पास लाकर बैठो ताकि मैं तुम्हारी चुत चाट सकूं.ट्विंकल ने ऐसा ही किया.

अब मैं ट्विंकल की एकदम चिकनी पावरोटी जैसी फूली हुई चुत चाट रहा था, साथ ही मैं दोनों हाथों से ट्विंकल के दोनों चुचों को जोर जोर से मसल रहा था.

दिया भाभी मेरे खड़े लंड को पकड़ कर जोर जोर से चूस रही थीं.

दोस्तो उस टाइम जो खुशी मिल रही थी उसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता कुछ ही देर बाद ट्विंकल का शरीर अकड़ गया और मैं बड़ी कामुक सीत्कार करते हुए मेरे मुँह में ही झड़ गई.मैं ट्विंकल की चुत का सारा पानी पी गया, आह … बहुत ही स्वादिष्ट माल था.

अब ट्विंकल अपने दोनों पैर खोल कर बेड पर लेट गई और मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर बोली- प्लीज फक मी … मुझसे सहन नहीं होता. मुझे जल्दी से चोद दो.

मैंने भी देर ना करते हुए उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी टांगों को हवा में उठा कर उसकी गुलाबी चुत पर अपना लंड टिका प्रिया.

इतनी देर चुसाई के कारण उसकी चुत काफी गीली हो गई थी, जिससे एक ही झटके में मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी टाइट चुत में घुस गया.

मोटा सुपारा चुत की फांकों को चीरता हुआ अन्दर घुसा, तो ट्विंकल दर्द से छटपटाने लगी.

उसकी छटपटाहट देख कर मैं वहीं रुक गया.

उसी दौरान मैंने दिया भाभी से ट्विंकल की बगल में लेटने के लिए कहा, तो दिया भाभी ने वैसा ही किया.

अब दिया भाभी ट्विंकल के बूब्स चूस रही थीं और मैं धीरे धीरे अपना लंड ट्विंकल की चुत में अन्दर-बाहर करने लगा था.कुछ ही पलों बाद ट्विंकल का दर्द कम होने लगा और उसने मस्ती से अपनी आंखें बंद कर लीं.

मैं बीच-बीच में कभी दिया भाभी के होंठों को चूसता, कभी उनकी चुचियों को पीता और कभी ट्विंकल के होंठों का रसपान कर लेता, तो कभी उसकी चुचियों को मसल देता.इस तरह हम तीनों चुदाई में पूरी तरह एक दूसरे का साथ दे रहे थे. हम तीनों सेक्स में बिल्कुल पागल हो चुके थे.

तभी ट्विंकल एकदम से गर्मा उठी और बोली- आह फक मी हार्ड विन, मुझे पूरी ताकत के साथ चोदो.

मैंने दिया भाभी को इशारा किया कि वो ट्विंकल के होंठ अपने होंठों में लेकर चूसे.

जैसे ही भाभी उसके होंठ चूसने लगीं, मैंने एक जोरदार शॉट मारा, इससे मेरा पूरा लंड ट्विंकल की टाइट चुत की गहराई में समा गया.ट्विंकल दर्द तड़प उठी और खुद को छुड़ाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

लेकिन मैं कहां मानने वाला था. मैं उसे सहलाते हुए बोला- बस मेरी जान हो गया बस … अब दर्द नहीं होगा, सिर्फ मजा आएगा.मैं ऐसे ही रुक कर ट्विंकल के पूरे शरीर को चूमने और चाटने लगा.इस काम मैं दिया भाभी भी पूरी तरह सहयोग कर रही थीं.

थोड़ी देर में ट्विंकल का दर्द कुछ कम हुआ … तो वो खुद ही अपनी कमर उचकाने लगी.मैं भी अपना लंड आगे पीछे करके ट्विंकल को चुदाई का सुख देने लगा.

दिया भाभी भी बीच बीच में ट्विंकल की चुत के दाने को सहलाती और कभी उसके और मेरे जिस्म को चाटती जातीं.

दोस्तो … इस प्रकार चुदाई करने में मुझे कितना मज़ा आ रहा था मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता.

इस समय होटल के कमरे में बस हम तीनों की ‘ह्म्म्म … आह्ह ह्ह ..’ की मस्ती भरी सिसकारियां ही सुनाई दे रही थीं.तभी ट्विंकल तेज़ी से अकड़ने लगी- आह्ह्ह … मैं तो गई!वो अपनी चुत उठाते हुए झड़ गई.

मैं भी अब चरम पर आ गया था, इसलिए मैंने अपनी रफ़्तार बढ़ाते हुए ट्विंकल की चुत में अपना माल भर प्रिया.

मैंने उस रात में दो बार दिया भाभी और तीन ट्विंकल को चोदा था.मेरे लंड से बहुत सारा माल निकल गया था. मैं निढाल हो गया था. शायद इसी को थ्री-सम का सुख कहते हैं. ये सुख मुझे मेरी प्यारी दिया भाभी के कारण मुमकिन हुआ था.

उस दिन शाम ट्विंकल को भी इतना सुख मिला था कि उसने रात को भी हमारे साथ रहने का फैसला किया.उसने दिया भाभी से अपने घर वालों की बात करवा दी कि वो अपनी सहेली के घर रुक कर स्टडी कर रही है. उसने पढ़ाई का बहाना करके मजा लेने का तय कर लिया था.

पता नहीं कितनी बार … और बीसियों किस्म के आसनों में हम तीनों ने सेक्स किया. इस तरह मेरे थ्री-सम करने की भी ख्वाहिश भी पूरी हो गई और हम तीनों ने ही तरह तरह से चुदाई का सुख प्राप्त कर लिया था.

अब दिया भाभी मुझसे दूर हो गई हैं क्योंकि उनके पति का ट्रांसफर मुंबई शहर में हो गया है.

इस कारण से भाभी से सिर्फ फोन पर ही सेक्स चैट करके हम दोनों काम चला पा रहे हैं.

दिया भाभी मुझे मुंबई आने के लिए टिकट भी बुक कराने के लिए कई बार कह चुकी हैं … पर काम के चलते अभी तक मैं उनसे मिलने जा ही ना सका. उम्मीद है कि जल्दी ही हम मिलेंगे.

दोस्तो, सच कहूँ तो दिया भाभी जितना प्यार करने वाली महिला बहुत ही किस्मत से मिलती है.काश उस जैसी प्यार करने वाली भाभी मेरी ज़िन्दगी में फिर से आ जाए.

आपको मेरी यह सच्ची होटल रूम सेक्स कहानी कैसी लगी. प्लीज़ मेल करके जरूर बताइएगा.मेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

भाभी और उनकी सहेली के साथ सेक्स का मजा

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

रितेश लहरी

3 months ago

मजा आ गया भाई! भाभी को अच्छे से मनाया। अगला पार्ट भी जल्दी पब्लिश करना।

जुगल किशोर

3 months ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

अगम

4 months ago

बहुत ही रोमांटिक और कामुक कहानी थी यार।

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