हॉट मेड सेक्स स्टोरी में मैं अपनी सेक्सी नौकरानी को एक बार चोद चुका था, वो मेरी बगल में नंगी पड़ी थी. लेकिन मेरा मन नहीं भरा था. वो उठ कर जाने लगी तो …
नमस्कार दोस्तो,मेरी सेक्स कहानी के पिछले भागगदराई कामवाली की चूत चोदीमें अभी तक आपने में पढ़ा था कि किस तरह से मेरी मां ने मेरी मदद के लिए गांव से हमारी कामवाली की बेटी को मेरे पास काम करने के लिए भेजा और मैं उसकी खूबसूरत जवानी पर फिदा हो गया.मैंने उसे बड़ी मुश्किल से पटाया और हमारे बीच चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया.
अब हॉट मेड सेक्स स्टोरी में आगे क्या हुआ, ये पढ़ें.
पहली बार चुदने के बाद लच्छो अपने कपड़े लेकर जाने लगी.मैं जल्दी से बिस्तर से उठा और उसे पीछे से अपनी बांहों में भर लिया.उस वक्त भी हम दोनों बिल्कुल नंगे बदन थे.
लच्छो हंसती हुई बोली- छोड़िये न साहब हो गया न अब.मैं- रुको न अभी मन नहीं भरा मेरा.
लच्छो इठला कर बोली- अब कितना करेंगे, एक बार ही बहुत है.मैंने लच्छो के दोनों दूध को थामते हुए उसकी पीठ को चूमते हुए कहा- तुम मुझे बहुत पसंद आई लच्छो, तुमको छोड़ने का मन नहीं करता.
इतना कहते हुए मैंने उसे फिर से बिस्तर पर लिटा प्रिया और उसके ऊपर चढ़ गया.वो कसमसाने लगी.
लेकिन मन तो उसका भी था.वो तो अभी जवानी की शुरुआत कर रही थी और उसकी चूत में भी वासना के कीड़े रेंग रहे थे.
मैंने उसे अपने साथ लिटा लिया. मैंने फिर से उसके दोनों निप्पलों को बारी बारी से चूमना शुरू कर प्रिया.वो भी मस्ती में सीत्कार करने लगी और मेरे सामने अपने दूध उठा उठा कर चुसवाने लगी.
मैं उसका एक निप्पल अपने होंठों में पकड़ कर खींचा तो उसकी मदभरी आह निकली और वो खुद अपने हाथ से अपने दूध को पकड़ कर मुझे पिलाने लगी.मैंने उसकी दोनों रसभरी चूचियों को जीभर के चूसा.उसने भी मुझे मस्ती से अपने दूध पिलाए.
जल्द ही मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया.उसने मेरे लंड का कड़ापन महसूस करते हुए अपनी कमर इधर उधर मटकाई और लंड को चूत की फांकों में रगड़वाने का सुख लेने लगी.
लंड की रगड़ से लच्छो भी जल्द ही फिर से गर्म हो गई.वो अपनी गांड हिला कर लंड को बार बार चूत में सैट करने की कोशिश कर रही थी और मैं उसकी चूत से लंड को हटा कर इधर उधर कर देता था.
इस तरह से मैं उसके पूरे बदन को चूमता रहा और वो सिसकारी लेती हुई मचलती रही.
अब मैंने अपने लंड को लच्छो के हाथ में थमा प्रिया.पहले तो लच्छो डरती हुई लंड को पकड़े हुई थी, फिर उसने लंड को आगे पीछे करना शुरू कर प्रिया.
बड़े प्यार से वो मेरे लंड को सहला रही थी.
कुछ देर बाद मैंने उसे अपने ऊपर लिटा लिया और लच्छो मेरे बदन को चूमने लगी.मेरे बदन को चूमते हुए वो मेरे लंड तक पहुंच गई और लंड को हाथ में लेकर ऊपर नीचे करती हुई सहलाने लगी.
जल्द ही उसने लंड को चूमना शुरू कर प्रिया और चूमते हुए उसने लंड को अपने मुँह में भर लिया.मैं नहीं जानता था कि वो लंड को इतने प्यार से चूसेगी.
अपनी जीभ को पूरे लंड पर चलाते हुए सुपारे को किसी कुल्फी की तरह आगे पीछे करते हुए चूसने लगी.मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और लंड को उसके गले तक देने लगा. वो भी गों गों करके लंड चूसती रही.
मैंने उससे पूछा- लंड चूसना किधर से सीखा?वो खिलखिला कर बोली- साब, आप तो आम खाओ, गुठलियां चूस कर क्या करोगे.
मैंने कहा- सच है लच्छो मुझे तो तेरे आम बड़े मस्त लगे. किससे चुसवा कर बड़े करवाए हैं.वो कुछ नहीं बोली, बस हंसती रही और लंड चूसती रही.
मैंने भी दुनिया भर की बातों से दिमाग हटा कर अपने लंड की चुसाई में ध्यान लगाना उचित समझा.
उसके इस तरह से लंड चूसने से मेरा लंड पूरी तरह से खड़ा हो गया और चुदाई के लिए पूरी तरह से तैयार हो गया.
अब मैंने लच्छो को फिर से लिटा प्रिया और उनके दोनों पैरों को फैलाकर उसके ऊपर चढ़ गया.
इस बार मैंने अपने शरीर का वजन लच्छो के ऊपर ही डाल प्रिया.जिससे लच्छो कराह उठी, वो बोली- आह साहब!‘क्या हुआ?’‘आप बहुत भारी हो आह.’
“तू भी तो इतनी गदराई हुई है, मेरा वजन नहीं झेल सकती?”‘कितनी गंदी बातें करते हैं साहब आप.’
‘चुदाई में ऐसी बातों से ही तो मजा दुगना होता है. कसम से तेरा गदराया बदन देखते ही मैं तेरा दीवाना हो गया था, लेकिन कभी तुझसे बोलने की हिम्मत नहीं हुई.’‘मैंने भी कभी नहीं सोची थी कि आप मेरे साथ ऐसा कुछ करेंगे. लेकिन आप भी मुझे पसंद हैं.’
‘इसका मतलब तू अब रोज चुदेगी न मुझसे?’‘क्या आप रोज करेंगे?’
‘क्यों तुझे रोज नहीं करवाना क्या?’‘रोज़ नहीं, कभी कभी करेंगे.’
‘ऐसा नहीं है, अब तो रोज रात में तू मेरे साथ ही सोएगी. वो भी ऐसी ही बिल्कुल नंगी.’वो हंस दी.
इतनी बातें करते हुए मैंने अपना लंड एक बार में ही उसकी चूत में पेल प्रिया.
‘आह हहह हहह साहब आराम से डालिए.’‘क्या हुआ?’‘आराम से डालिए न … दर्द होता है.’‘क्यों?’
‘आपका इतना बड़ा है साहब, अन्दर तक चला जाता है.’‘क्या अन्दर तक चला जाता है?’
वो हंसी और बोली- आपका वो!मैंने कहा- मेरे वो का कुछ नाम भी रख दे.
वो बोली- मूसल रख लूं साब?मैंने कहा- मूसल सा लगता है क्या?
वो हंसी और बोली- हां मूसल सा ही तो है आपका!मैंने कहा- मेरा मूसला सा क्या है?
वो हंसी और बोली- वही आपका वो!मैंने कहा- अबे यार, अपनी चूत में लंड ले रखा है तूने … और लंड को वो वो कह रही है. साफ़ साफ़ बोल ना कि वो मतलब लंड.
वो बोली- हां साब आपका लंड मेरी चूत में बहुत अन्दर तक घुस जाता है.मैंने कहा- हां अब आई न लाइन पर!
वो बोली- लाइन पर ले लिया तो सरपट दौड़ लगाओ न साब जी.मैंने एकदम से झटके तेज किये तो वो चिल्ला दी- आह मर गई साब … इतनी तेज नहीं धीरे धीरे चोदो न!
आखिर मेरे बेटे का बाप कौन है- 7
मैंने अब उसे धीरे धीरे चोदना शुरू कर प्रिया.आह आह की आवाज के साथ लच्छो चुदाई का मजा लेने लगी.
जल्द ही मैं अपनी पूरी रफ्तार के साथ उसे चोदने लगा.लच्छो ने भी मुझे जोर से जकड़ लिया.
‘आह साब मजा आ रहा है आह बड़ा मस्त चोदते हो.’मैंने पूछा- पहली बार उसी लौंडे ने पेला था न?
वो हंस कर बोली- हां … मगर उसका वो छोटा सा था.मैंने कहा- और उसी ने चूसना सिखाया था न?
वो फिर से हंसी और हां में सर हिलाने लगी और बोली- अब उसकी बात छोड़ो साब … मेरी प्यास बुझाओ.
अब बिना रुके मैंने दस मिनट तक उसे चोदा लेकिन इस बार न वो झड़ी और न मैं.
फिर मैं उससे बोला- चल अब घोड़ी बन जा!लेकिन उसने सोचा कि मैं उसकी गांड मारूंगा इसलिए वो बोली- नहीं नहीं साहब पीछे से मत करिए, वहां बहुत दर्द होगा.‘अरे पगली मैं तेरी चूत में ही डालूँगा, तू चिंता मत कर.’
अब वो अपने घुटनों पर होकर घोड़ी बन गई और मैंने भी उसके पीछे जाकर लंड चूत में डाला और उसकी कमर को पकड़ लिया.
अब मैं उसे चोदने लगा और मेरे धक्कों के कारण उसकी बड़ी सी गांड मस्त लहरा रही थी.फट फट फट की आवाज चारों तरफ गूंज उठी.
मैंने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को फैलाया, जिससे उसके गांड का छेद मुझे दिखने लगा.गांड के छेद को देखते हुए मैं तेजी से उसे चोदने लगा.
बीच बीच में मैं उसके चूतड़ पर थप्पड़ भी मारता जा रहा था.कुछ देर बाद लच्छो झड़ गई लेकिन मैं अभी भी उसे लगातार चोदे जा रहा था.
काफी समय तक मैं उसे घोड़ी बनाकर चोदता रहा.
फिर मैं उसे बिस्तर से नीचे लाया औऱ खड़ा कर प्रिया.अब उसकी एक टांग उठाकर अपने हाथ में फंसा लिया और लंड चूत में डालकर दूसरे हाथ से उसकी कमर को थाम लिया.
अब मैं उसे उसी पोजीशन में चोदने लगा.इस पोजीशन में मुझे बहुत मजा आ रहा था और मुझसे ज्यादा मजा लच्छो को आ रहा था.क्योंकि अब उसने भी अपनी कमर हिलाना शुरू कर प्रिया और नागिन की तरह लहरा लहरा कर मेरा साथ देने लगी.
फिर मैंने उसे दोनों पैरों पर खड़ा कर प्रिया और उसकी गांड को थाम लिया.
लच्छो ने अपने दोनों हाथ से मुझे पकड़ लिया और अब मैंने बहुत तेजी के साथ उसकी चुदाई शुरू कर दी.
‘आह हहह आह साब … मजा आ गया.’मैंने उसे बिल्कुल भंभोड़ कर रख प्रिया.
मेरा लंड किसी मशीन की तरह उसके चूत में अन्दर बाहर हो रहा था.इस बीच लच्छो दुबारा भी झड़ गई लेकिन मेरी चुदाई नहीं रुकी.
वो बेहद जोर जोर से ‘आह हहह …’ कर रही थी.मैं उसे बिना रुके तब तक चोदता रहा जब तक मेरा पानी नहीं निकल गया.
मैंने दुबारा भी उसकी चूत में अपना पानी भर प्रिया.
हमारी इस बार की चुदाई काफी लम्बी चली.लच्छो इस बार बुरी तरह से थक चुकी थी और वो बिस्तर पर चुपचाप लेट गई.
मैं भी उसके बगल में लेट गया और कब हम दोनों की आंख लग गई, पता ही नहीं चला.
जब मेरी आंख खुली तो शाम के 7 बज रहे थे.उस वक्त लच्छो मेरे पास नहीं थी.
मैंने कपड़े पहने और बाहर जाकर देखा तो लच्छो किचन में खाना बनाने की तैयारी कर रही थी.
मुझे देख वो शर्मा गई और मैं पीछे से उससे लिपट गया.जल्द ही उसने मुझे चाय बनाकर दी और फिर रात 9 बजे हम दोनों ने खाना खाया.
खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में आ गया और लच्छो का इंतजार करने लगा.
काफी देर तक जब लच्छो का पता नहीं चला, तो मैं उसके कमरे में गया, जहां लच्छो बिस्तर पर लेटी हुई थी.मुझे देख वो खड़ी हो गई.
मैंने बिना कुछ बोले उसे अपनी गोद में उठा लिया और अपने कमरे की तरफ चल प्रिया.
‘कहां ले जा रहे हैं साहब?’‘मैंने कहा था न आज से तू रोज मेरे साथ ही सोएगी.’
मैं लच्छो को कमरे में लाया और बिस्तर पर लेटा प्रिया.हम दोनों तुरंत ही नंगे हो गए.
पहले तो मैंने लच्छो की चूत की दो बार जमकर चुदाई की उसके बाद तीसरी बार मैंने उसकी गांड भी चोद दी.
उस रात 3 बार मैंने लच्छो को चोदा जबकि उससे पहले दोपहर में ही मैंने दो बार उसे चोदा था.
उस रात हॉट मेड सेक्स के बाद मेरे साथ नंगी ही सोई.सुबह सुबह ही हम दोनों ने एक बार और चुदाई का मजा लिया.
उसके बाद से अब लच्छो रोज रात में मेरे साथ ही सोने लगी और अब वो मेरे साथ पूरी तरह से खुल चुकी थी.अब रोज ही रात में हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे.
जल्द ही मैंने उस हॉट मेड की चूत का भोसड़ा बना प्रिया था.दोस्तो, आज भी लच्छो मेरे साथ ही पूर्ण समर्पण के साथ रह रही है और हम दोनों किसी पति पत्नी की तरह ही रहते हैं वो मेरा हर तरह से ख्याल रखती है, चाहे घर हो या बिस्तर.
उम्मीद करता हूँ कि मेरी ये हॉट मेड सेक्स स्टोरी आप सभी को पसंद आई होगी.धन्यवादsupport@mohakkisse.com