होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 156 बार

हॉट भाभी से की चुदाई की शुरुआत-2

लक्की हॉट

14 Nov 2020 को प्रकाशित

हॉट भाभी से की चुदाई की शुरुआत-2
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हॉट भाभी से सेक्स की मेरी इस कहानी के पहले भागपड़ोसन भाभी से की चुदाई की शुरुआत-1में आपने पढ़ा कि मेरी पड़ोसन भाभी डिम्पल मुझे बहुत हॉट लगती थी. एक दिन हमारे घर में कोई नहीं था, भाभी मेरे घर में थी और मैं उन्हें पकड़ कर चूमाचाटी कर रहा था.अब आगे:

डिम्पल भाभी बोली- यह गलत है…लेकिन मैंने भाभी की बात नहीं सुनी और दोबारा अपने लब उनके लबों से चिपका दिए. साथ ही मैं अपने हाथों को भाभी की पीठ पर ले जाकर उनकी पीठ सहलाने लगा. कुछ ही पलों में भाभी ने अपना बदन ढीला छोड़ प्रिया और अब वो धीरे धीरे मेरे चुम्बन में साथ देने लगीं.

मैंने भी एक हाथ आगे लाकर उनके चूचे पर रखकर धीरे धीरे उसे सहलाने लगा, जिससे भाभी और अधिक गर्म हो गईं. अब तो भाभी ने अपने दोनों हाथ मेरे गले में डालकर मुझे कसकर पकड़ लिया. वो कसकर मेरे होंठों को इस कदर चूसने लगी थीं, जैसे मेरे होंठों को वे पूरा खा जाएंगी.

भाभी अब चुदास के नशे से पागल हो चुकी थीं. मैंने उनकी टी-शर्ट निकालने के लिए हाथों को ऊपर किया तो उन्होंने भी तुरंत अपने दोनों हाथ हवा में किये और मुझे हरी झंडी दिखा दी. मैंने उनकी टी-शर्ट निकालकर उन्हें ऊपर से नंगी कर प्रिया. वो वापस मुझे चूमने लगीं. अब मैं एक हाथ से भाभी के चुचे सहला रहा था और दूसरे हाथ को पीछे ले जाकर उनकी गांड मसल रहा था.

फिर मैंने अपना हाथ आगे लाकर जैसे ही लोअर के ऊपर से उनकी चूत पर रखा, वो एकदम से उछल गईं. पर मैंने अपनी पकड़ बनाई रखी और 15 मिनट के किस के बाद जब हम अलग हुए, तो हम दोनों एकदम हांफने से लगे थे.

मैं तुरंत भाभी को गोद में उठाकर कमरे में ले आया और उनको पलंग पर लेटा प्रिया. भाभी पलंग पर चूत पसार कर किसी रंडी की तरह टांगें खोल कर लेट गईं. मैं भी अपनी शर्ट और पैन्ट उतारकर केवल एक जॉकी में भाभी के पास लेट गया. मैं उन्हें किस करने लगा और हाथ से उनके मखमली बदन को सहलाने लगा. मैंने उनके एक चुचे मुँह में लेके चूसना चालू किया तो भाभी मुझे अपना दूध चुसाने लगीं. उनका हाथ मेरे सिर को अपने चुचे पे दबाने लगा था.

भाभी मम्मे चुसवाते हुए बस मादक सिसकारी ले रही थीं. वो सिसियाते हुए बोलीं- आह.. पी जाओ.. मेरा सारा दूध.. पूरा निचोड़ दो इन्हें..मैंने मम्मों को चूसने के बाद उनके पूरे बदन को चूसना चालू किया. पेट को चूमा, फिर नाभि में जीभ डालकर कुछ देर तक उसे चूसा. फिर मैंने नीचे को आते एक बार में उनका लोअर खींचते हुए उतार प्रिया. अब भाभी पूरी नंगी मेरे सामने थीं, क्योंकि उन्होंने पेंटी भी नहीं पहनी थी.

आज मेरा सपना पूरा होने वाला था. जिसके नाम की अनेक बार मुठ मारी थी, आज वो अप्सरा भाभी मेरे सामने बिलकुल नंगी पड़ी थीं. मैं भाभी की नंगी जांघ पर अपने होंठ रखे और मलाई जैसी जांघ को चूसने लगा.

भाभी ने अपने दोनों पैर मोड़ लिए और हाथ चूचों पर रख लिए, शायद पूरी नंगी हो जाने के कारण वो थोड़ा शर्मा रही थीं. इस अवस्था में भाभी बिल्कुल कामदेवी लग रही थीं.

अब मैंने उनके पैर सीधे करके सबसे पहले उनके पैर का अंगूठा चूसा, फिर धीरे-धीरे ऊपर बढ़ते हुए पूरी टांग चूस कर गीली कर दी. फिर मैंने उनकी चिकनी जांघों को चूसा और आगे बढ़ते हुए उनकी बिना बालों वाली गुलाबी चूत को देखा.दो मिनट तक मैं यूं ही मन्त्रमुग्ध सा भाभी की सफाचट चूत को देखता ही रहा. फिर एक हाथ से भाभी की चूत को सहलाया और लपक कर चूत की फांकों पर जीभ लगा कर चाटने लगा.

इस अचानक हुई प्रतिकिया से भाभी बिन पानी मछली समान तड़पने लगीं और बोलीं- नहीं विक्की.. उसे मत चूसो.. ये गंदा लगता है.शायद उनके पति ने कभी उनकी चूत नहीं चूसी थी, इसलिए वो ऐसा बोल रही थीं. पर दोस्तो सेक्स का सबसे ज्यादा मजा ब्लोजॉब में है. मतलब लड़की की चूत चूसने में सबसे ज्यादा आनन्द आता है. मुझे अभी उनकी चूत से उनकी मूत्र की खुशबू के साथ उसकी कुछ बूंद भी पीने को मिलीं, जो बड़ी नमकीन थीं. ऐसा लग रहा था, जैसे जीवन का पूरा आनन्द चूत चूसने में ही है.

अब मैंने अपनी जीभ चूत के छेद के अन्दर चलाना चालू कर दी, जिससे भाभी सह न सकीं और अपने दोनों हाथ से मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगीं. भाभी बोलीं- आह.. खा जाओ.. आज जितना मजा मुझे पहले कभी नहीं आया.. आह आह और चूऊससोऊ.. हा हा बस्स में आअ रहीईई हूँऊऊ..इसी के साथ भाभी जी झड़ने लगीं. मेरा पूरा मुँह उनके वीर्य रूपी अमृत से भर गया, जिसे मैंने पूरा पी लिया और पूरी चूत को चाट के साफ कर प्रिया.बहुत ही मस्त टेस्ट था दोस्तो.

अब भाभी ने मुझे ऊपर की ओर खींचा और वापस मुझे चूमने लगी. भाभी बोलीं- आई लव यू विक्की.. अब और मत तड़पाओ.. जल्दी से डाल दो.मैंने बोला- भाभी, अब आपकी बारी है.

वो मेरा इशारा समझ गईं और तुरंत मुझे धक्का देकर मुझे पीठ के बल लेटा कर मेरी जॉकी को खींच कर निकाल फेंका. मेरा तनतनाता लंड भाभी के सामने था, जिसे वो मस्त नशीली आँखों से निहार रही थीं. दो पल लंड का दीदार करने के बाद भाभी चुप्पी तोड़ते हुए बोलीं- बहुत मस्त है तुम्हारा लंड..फिर हाथों से सहलाते हुए मेरी ओर देखकर अपना निचला होंठ दांतों से भींचते हुए एक अलग ही प्रकार की कातिल स्माइल देने लगीं. इस बीच उन्होंने मेरे लंड को काफी जोर से दबाया, जिससे मेरी चीख निकल गयी.

तभी उन्होंने हाथों से तेज़ी से ऊपर नीचे कर सुपारे की चमड़ी को पूरी नीचे कर उस पर अपना थूक गिराया और दोनों हाथों से लंड को मसलने लगीं. इस समय वो मुझे किसी ब्लू फ़िल्म की हीरोइन दिख रही थीं. उन्होंने थूक लगाकर मेरा पूरा लंड गीला कर प्रिया और उसे अपने हाथों से मसलने लगीं. फिर एकदम से झुक कर लंड के सुपारे पर अपनी जीभ चलाने लगीं. उनकी इस चूसने की कला देख कर मैं दंग रह गया.

फिर उन्होंने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में भर लिया, जो सही से उनके मुँह में आया ही नहीं.. क्योंकि दोस्तो मेरा लंड लगभग 7 इंच लम्बा और ठीक मात्रा में मोटा भी है.

यह भी पढ़ें (Recommended)

Savita Bhabhi comic videos FREE me dekhiye

भाभी कभी मेरे लंड पर जीभ चलातीं, कभी चूसतीं.. कभी मेरे अंडकोश को हाथ से सहलातीं, कभी उन्हें मुँह में ले लेतीं. उनकी इस कला के सामने मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाया और मैंने अपना सारा वीर्य उनके मुँह में छोड़ प्रिया, जिसे वो भी मेरी ओर देखकर पी गईं. शायद उन्होंने पहली बार वीर्य पिया था.. क्योंकि पीते हुए भाभी अपना मुँह बना रही थीं.

फिर मैंने उन्हें अपने ऊपर लिया और हम थोड़ी देर इसी तरह एक दूसरे के ऊपर लेटे रहे. करीब 10 मिनट बाद मैंने फिर उठकर एक बार उनकी चूत चूस कर गीली कर दी और उन्होंने मेरा लंड गीला कर प्रिया.अब मैंने उनको दोनों टांगों को अपने हाथ से उठा कर लंड को उनकी चूत पे सैट किया और सुपारे को वहीं चूत के बाहर फांकों में रगड़ता रहा जिससे भाभी और तड़पने लगीं.इसी कारण भाभी बड़बड़ाने लगीं- प्लीज़ अब मत सताओ.. जल्दी से अन्दर डाल दो.

मैंने सोचा कि जो भाभी थोड़ी देर पहले तक नानुकुर कर रही थीं, वही अब जल्दी चुदने के लिए विनती कर रही हैं. मैंने उन्हें थोड़ा और तड़पाया, फिर मैंने अपना सुपारा उनकी चूत में घुसा प्रिया. फिर वैसे ही एक मिनट के लिए लंड के सुपारे को फांकों में दबा कर सैट किया, फिर थोड़ा सा तेज धक्का लगाकर आधा लंड भाभी की चूत में उतार प्रिया.

अब भाभी एकदम से चिल्ला उठीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ मैंने तुरंत उनके होंठ को चूसना चालू कर प्रिया, जिससे उनकी आवाज बाहर न आ सके.कुछ पल बाद जब भाभी सामान्य स्थिति में आईं, तब मैंने उन्हें छोड़ा और बोला- इतनी जोर से चिल्लाओगी भाभी.. तो पूरा मोहल्ला सुन लेगा.वो बोलीं- क्या करूँ.. तुम्हारा मेरे पति से लंबा और मोटा भी है.. और मेरे पति ने पिछले एक महीने से मुझे हाथ तक नहीं लगाया.मैं ये सुनकर थोड़ा चौंक गया.

भाभी बोलीं- अब तुम करो.. मैं दर्द सह लूँगी.उनकी बात सुनकर मैंने लंड वापस बाहर निकाला और इस तरह मैंने आधा लंड ही भाभी की चूत में अन्दर बाहर करना चालू किया, फिर 5-6 धक्कों के बाद पूरा लंड एक साथ उसकी चूत में उतार प्रिया जो उनकी बच्चेदानी से जा टकराया. इससे भाभी को काफी दर्द हुआ पर इस बार वो चिल्लाई नहीं, बस दोनों हाथों से मेरी पीठ जोर से पकड़ के नाखून से खरोंचने लगीं. भाभी अपने मुँह से बस ‘अह यह उह..’ करके रह गईं.

फिर मैंने धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करना चालू किया. जब भाभी का दर्द थोड़ा कम हुआ और उन्होंने भी नीचे से अपनी गांड उछालना शुरू किया, तब मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी. कुछ देर तक इसी पोज में चुदाई हुई. फिर भाभी ने मुझे पकड़ के नीचे लिटा प्रिया और खुद मेरे ऊपर आकर बैठ गईं. भाभी ने अपने एक हाथ से लंड पकड़ कर अपनी चूत पे सैट किया और एक ही बार में पूरा लंड अन्दर ले लिया. फिर भाभी मेरे लंड पे कूदने लगीं. मैं उनके हिलते हुए दूध मसलने लगा. वो इस समय सब कुछ भूलकर बस चुदाई की क्रीड़ा में मगन थीं. जिसकी खुशी उनके चेहरे से साफ दिख रही थी.

कुछ ही देर की चुदाई के बाद भाभी अपने चरम पे आ गई थीं. उनकी चूत में अब कसावट आ रही थी और एकाएक उन्होंने अपना पानी छोड़ प्रिया. जिसकी गर्मी मुझे अपने लंड पे महसूस हुई और उसी के साथ मैंने भी अपना पानी भाभी की चूत में छोड़ प्रिया.

वो ऐसे ही निढाल होकर मेरे ऊपर लेटी रहीं और हम दोनों कुछ देर तक ऐसे ही नंगे एक दूसरे से चिपके लेटे रहे.

फिर मैंने बाथरूम जाने के लिए उनको उठाया, तो उन्होंने मुझे टाइट पकड़ लिया और फिर मेरे होंठों को चूसने लगीं. भाभी मुझे प्यार करने लगीं. अभी भी मेरा मुरझाया हुए लंड भाभी की चूत के अन्दर ही था. जब वो उठीं, तो उनकी चूत से ढेर सारा रस निकलने लगा, जिसे मैंने पास पड़े तौलिये से साफ किया.

इसके बाद हम दोनों साथ बाथरूम गए और साथ नहाये. कामवासना के चलते मैंने एक बार वहां भी भाभी की चुदाई की, फिर बाहर आकर उन्होंने अपना गाउन पहना और मेरे लिए चाय बनाई.

हमने साथ चाय पी और वो अपने घर जाने लगीं, तो मैंने भाभी का हाथ पकड़ अपनी ओर खींच कर गले से लगा लिया.मैं बोला- भाभी थैंक्स..तो वो बोलीं- थैंक्स तो मुझे कहना चाहिए.. तुमने आज मुझे जितना मजा प्रिया, उतना कभी मेरे पति ने भी नहीं प्रिया. आज तुमने मुझे औरत होने का असली सुख प्रिया है.इसी के साथ वापस हमारे होंठ आपस में मिल गए.

फिर भाभी जल्दी वापस आने का बोल कर निकल गईं.

दोस्तो, इसके बाद मैंने किस तरह भाभी को पूरी रात चोद कर अपने लंड का दीवाना बनाया, वो मैं कामवासना से भरपूर अगली गर्म कहानी में बताऊंगा.

मेरी और डिम्पल भाभी की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी. मेल लिख कर जरूर बताएं और कोई गलती हो तो माफ कर दीजिएगाsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

हॉट भाभी से की चुदाई की शुरुआत

कुल भाग: 2
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Savita Bhabhi comic videos FREE me dekhiye
भाभी की चुदाई

Savita Bhabhi comic videos FREE me dekhiye

Apki chahiti Savita Bhabhi laut aayi hai, ab apni sexy awaj ke sath. Ji haan apne sahi suna ek baar fir teyar ho jaiye Savita Bhabhi ke sexy adventures par jaane ke liye.

1 मिनट 448
Pados Ki Bhibhi Ke Saath Maje Loote
भाभी की चुदाई

Pados Ki Bhibhi Ke Saath Maje Loote

Hi dosto mera naam man h me mp ke ek choti si tahsil me rahta hu aaj pahli baar me iss pe apni story likh raha hu umeed h aap sabko pasand aayegi me ek hatta katta banda hu hight 5”9 h rang gora dikhne me smart hu ye kahani abhi kuch 1 mahina pura...

7 मिनट 572
Intezar ka phal meetha hota hai-5
भाभी की चुदाई

Intezar ka phal meetha hota hai-5

Hello dosto, aapke liye ek aur garma garam sex kahani ka agla part lekar aapka dost Sunil aapke liye hajir hai. Ab aage padhiye.

14 मिनट 424

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।