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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 478 बार

Mujhe To Aapse Pyaar hai

vrisabhlal

10 Dec 2015 को प्रकाशित

Mujhe To Aapse Pyaar hai
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दोस्तों, यह मेरी पहली और बिलकुल सच्ची hindi sex story है। मैं आम तौर पर बहुत कम कहानी पढ़ पाता हूँ परन्तु कुछ कहानियों ने प्रभावित किया है। मेरा नाम वृसभ है, उम्र लगभग ४५ साल और मैं एक अच्छे पद पर हूँ।

लगभग १० साल पहले की बात है। हमने कंप्यूटर से सम्बंधित एक बिज़नेस शुरू किया था।इस काम के लिए एक अच्छी ट्रेनर की आवश्यकता थी तो मैंने अपने एक दोस्त को एक लेडी कंप्यूटर टीचर खोजने को कहा। कुछ ही दिनों बाद हमें एक बहुत ही खूबसूरत टीचर मिल गयी और हमने उसे सेंटर का जिम्मा सौंप दिया।

हमारा कंप्यूटर सेंटर निश्चित तारीख को स्टार्ट हो गया और अच्छे से चलने लगा। जो टीचर हमने काम पर रखी थी वो जरा दूर से आती थी तो उसके आने जाने का इन्तेजाम हमें करना पड़ता था। धीरे धीरे दो सप्ताह गुजर गए और हमारे काम में बढ़ौतरी होने लगी।

मैं आपको यह बता दूँ की जो टीचर हमने रखा था उसकी उम्र लगभग २८ साल की थी और थोड़ी मोटी थी परन्तु बहुत ही प्यारी सी गोल मटोल थी। उसका नाम मीता था और उसके बूब्स ३६ साइज के थे और कमर लगभग ३४ और हिप गोल मटोल मस्त मस्त थे।

कुल मिला के कहूँ तो एकदम मस्त माल थी। उसके चूची हमेशा ऊपर से ब्लाउज या सूट से बाहर निकलने को मचलते रहते थे। उसके गाल इतने मस्त थे की बस सिर्फ पूरे गालों को खा जाने का मन करता था।पूरी रसगुल्ला थी एकदम रसभरी।

एक दिन शाम को हम एक रेस्टोरेंट से खाना खा के निकले तो कार से उसे मैं छोड़ने जा रहा था तभी मेरा हाथ गियर चेंज करते समय उसके जांघ को छू गया।

मैंने झट से अपने को संभाला और संभल कर कार चलाने लगा। अचानक फिर से गियर चेंज करते समय मेरा बायां हाथ उसके दोनों जाँघों के बीच में अंदर तक छू गया। उसने सूट पहन रखा था और संभवतः उसके सूट के ऊपर ही उसके बुर के ऊपर मेरा हाथ लग गया था।

मैं तो एकदम सिहर गया और वो भी एकदम सनसना गयी। मैंने उसे देखा तो वो बिलकुल सेक्सी अंदाज़ में मुझे देख रही थी। नवंबर का महीना था सर्द रात थी मैंने मीता को सॉरी कहा तो उसने बोला नहीं नहीं कोई बात नहीं वृसभ।

मैंने कहा नहीं गलती से गियर चेंज करते समय हाथ लग गे तो उसने कह की ऐसी गलती मुझे अच्छी लगी। ऐसे ही गियर चेंज करो न।

मैंने उसे देखा और झट से कार ड्राइव करते हुए ही उसके रसगुल्ले जैसे गोर गालों पर एक जोर दार किश कर दिया। आअह्हह्हह किश करते ही वो उछाल पड़ी और उसके बूब्स फूलने लगे। इधर मेरा लंड भी उफान पर था। उसकी सिस्कारियों से मैं और उत्तेजित हो गया और मैंने कार रोककर उसके पुरे होठों को अपने मुह में भर लिया और जोर से चूसने लगा।

उसकी भरी हुयी जवानी की चूचियाँ सूट फाड़ कर बहार आने को बेताब हो रही थी। उसे बहुत मजा आ रहा था।आपको बता दूँ की ६ महीने पहले ही उसकी शादी हुयी थी। हम दोनों कार में ही एक दुसरे के होठों को जबरदस्त चूस रहे थे। तभी उसने कहा की आज मैं तुम्हारे साथ ही रुकना चाहती हूँ।

मुझे तो आप से प्यार है.. पति घर में है पर मैं तुममे समां जाना चाहती हूँ।

मैंने कार घुमा ली और शहर के एक बहुत ही अच्छे होटल में एक मस्त रूम ले लिया।हम दोनों कमरे में दाखिल हुए। उस समय रात के ९ बज रहे थे.. कमरे में आते ही वो मेरे गले लग गयी और जोर जोर से मुझे चूमने लगी। मैं उसके चूमने सेकाफी उत्तेजित हो गया था। परन्तु मैंने सब्र से काम लेते हुए पहले उसे खाना खा लेने को कहा।

हमने खाने का आर्डर दिया और साथ में मीता के कहने पर रॉयल स्टैग वाइन भी मंगवा ली। खाना खाने के बाद कुछ तो शराब का असर और उससे भी जड़ा इतना बेताब शबाब का नशा। मीता ने झट से दरवाजा बंद कर फिर से मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और चूमने लगी। उसकी सिसकियाँ भी निकल रही थी।

मैंने उसकी गर्दन पकड़ी और गर्दन पर जोरदार किश किया जिससे वो शिहर कर तिलमिला गयी। मैंने उसके गोल गोल बूब्स को सूट के ऊपर से ही दबाब शुरू किया तो वो मचलने लगी।

मैंने उसके गर्दन को किश करते हुए उसके बालों में धीरे धीरे हाथ फेरते हुए पुरे शरीर को एक हाथ से सहला दिया।और फिर धीरे से उसके सूट के ऊपर वाले जम्फर को खोल दिया साथ ही मैंने बिना देरी किये उसके ब्रा भी खोल दिए।ओह्ह्ह क्या मस्त सुडौल चूची थे, एकदम गोरे गोरे और गोल गोल।

मैं बेतहासः इसके चूची को दबा रहा था उअर वो श्स्करी ले रही थी। मैंने बिना देरी किये उसके सलवार का नारा खोल दिया और पैंटी भी एक साथ निकल दिया।

नंगी मीता बिलकुल जन्नत की परी लग रही थी। मैंने हलके हाथों से उसके बुर को सहला दिया बस फिर क्या था वो पूरी तरह से समर्पण में आ गयी और बोले लगी मेरे वृसभ जल्दी से कपडे खोलो और अपना मस्त लंड मेरे बुर में डाल दो। चोदो जमकर आज मुझे।

मेरा पति सिर्फ काम करता है मुझे शादी के बाद से अभी तक तृप्त नहीं कर पाया।

उसने खुद ही मेरे सरे कपडे उतारे और मुझे भी पूरा नंगा कर दिया। मेरा मस्त ८ इंच का कड़क लंड देख कर वो आहें भरने लगी। मैंने उसे दीवार के सहारे खड़ा कर दिया और उसके पुरे बदन को चाटने लगा। वो मदहोश हो चुकी थी और आना सुध बुध खो चुकी थी।सिर्फ बोले जा रही थी आज मेरी प्यास बुझा दो।

मैंने उसके चूची को मुह में लेकर पीना शुरू किया और मजे लेकर तब तक पीटा रहा जब तक दोनों चूची पुरे कड़क नहीं हो गए.. इस बीच वो झड़ गयी और लंड घुसने का आग्रह करने लगी।

मैंने देर नहीं करते हुए दीवार के सहारे खड़े कर उसे सहलाया और धीरे से अपने कड़क लंड को उसकी बुर में डाल दिया। उसके बुर से पानी निकलने के कारन वो गीली हो गयी थी परन्तु मस्त बुर थी उसकी और मैंने दो झटकों में ही पूरा लंड उसके बुर में दाल दिया और खड़े होकर ही उसे चोदने लगा।

वो मुझे जोर से पकड़ी हुई थी और सिस्कारियों के साथ मस्त चुदवा रही थी। कुछ देर खड़े होकर चोदने के बाद मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी जाँघों के बीच बैठ कर उसकी चिकनी गीली बुर में अपना लंड पेल दिया। मैं जोर से धक्के लगा रहा था और वो मदहोश होकर चुदवा रही थी।

२० मिनट भरपूर चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गए और मैंने उसके कहने पर बुर के अंदर ही पानी निकाल दिया। हम दोनों पसीने से लथपथ हो गए थे। फिर हम उसके बुर के अंदर ही अपना लंड डाले हुए सो गए।

कहानी पढ़ने के बाद अपने विचार निचे कमेंट सेक्शन में जरुर लिखे, ताकि देसी कहानी पर कहानियों का ये दोर आपके लिए यूँ ही चलता रहे।

सुबह ५ बजे उठकर हमने फिर जम कर चुदाई की और फिर ११ बजे एक बार फिर पटक कर चोदने के बाद मैं उसके घर उसे छोड़ आया।

रास्ते में उसने कई बार मुझे किश किया और आज छुट्टी कह कर कल से काम पर आने को कहा। फिर हम कई बार साथ होकर शहर से बहार भी जा कर चुदाई कार्यक्रम करते रहे।

तो केसी लगी आपकी मेरी hindi sex story, बताइयेगा जरुर मेरी मेल आई डी है “support@mohakkisse.com”।

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