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जवान लड़की पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 549 बार

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3

जोधपुर गाय

14 Jun 2026 को प्रकाशित

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3
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ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी में गोआ में टप्पू सेना सोनू को नंगी करके उसके तीनों छेदों को चोद रही थी कि बापू जी ने देख लिया. उसके बाद तो बापू जी ने भी सोनू को सबके सामने चोदा.

दोस्तो, आपका ठोकुरधाम की इस सेक्स कहानी में पुनः स्वागत है.

पिछले भागपहली बार में ही सोनू के तीनों छेद चुद गएमें अब तक आपने पढ़ा था कि सोनू की गांड और चुत एक साथ चुद रही थी. तभी किसी पांचवें व्यक्ति ने अचानक से आकर कुछ ऐसा कह दिया कि सब एकदम से चौंक गए.

अब आगे ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी:

सबने मुड़ कर देखा तो बापूजी खड़े हैं और उनका लंड भी खड़ा है.

सब एक साथ- बापूजी आप?

बापूजी- हां मैं, तुमको क्या लगा … मुझे पता नहीं चलेगा, मैं तुम्हारे बाप का भी बाप हूँ … मैं सोया नहीं था और सो भी रहा होता तो सोनू की चीख से उठ जाता. बेचारी सोनू बिटिया को कैसे चोद रहे हो, पूरे रास्ते उसको परेशान किया और यहां आकर उसकी ये हालत कर दी. पूरी गांड और चुत सुजा दी … ऐसे कोई करता है. गांडो थाई गयो … रुको मैं बताता हूँ. इतनी प्यारी चुत को कैसे चोदते हैं.

बापूजी आगे आए और सोनू की चुत में लवड़ा पेल कर उसको बड़े प्यार से चोदने लगे.

सब हैरान होकर देखने लगे.

सोनू भी कुछ पल बाद मदहोशी से चुदवाने लगी.बापू जी ने सोनू को 30 मिनट तक चोदा.

सोनू और पूरी टप्पू सेना बापूजी का जोश देख कर दंग रह गई.

टप्पू- दादाजी, आप तो एक नंबर के चोदू निकले. इतनी देर तक तो हम मिल कर भी सोनू को नहीं चोद पाए थे!बापूजी- ये देसी घी का कमाल है, तुम्हारी तरह पिज्जा बर्गर नहीं खाया, आज भी बाजरा न रोटलो, देसी घी खाता हूँ … ऊपर से मेरे यंग ओल्ड ग्रुप वाले हिमालय से असली शिलाजीत लाते हैं और मैं रोज खाता हूँ.

टप्पू- रोज शिलाजीत खाकर करते क्या हो?सोनू- बापूजी पड़ोस वाली सोसाइटी की लेडीज को चोदते हैं. मुझे पता है क्योंकि जिसको बापू जी चोदते हैं, वह मेरी सहेली नेहा की मम्मी है!

बापूजी- सिर्फ नेहा की मम्मी नहीं, नेहा को भी चोद चुका हूँ … कुतिया बहुत बड़ी चुदक्कड़ रांड है. बड़े मजे से लंड लेती है. मैं तो कहता हूँ उसको भी तुम सब अपनी इस टपाटप सेना का मेम्बर बना लो. एक चुत और मिल जाएगी, वर्ना तुम सब तो सोनू की चुत का फटा हुआ भोसड़ा बना दोगे!

इसके बाद तो अगले दो दिनों तक सिर्फ चुदाई हुई, खुल्लम खुला चुदाई, दारू और नंगा नाच हुआ.

अगले दिन तक किसी ने भी कपड़े नहीं पहने, जिसको जब मन होता सोनू की चुत गांड या मुँह चोदने में लग जाता.

दूसरे दिन सोनू ने साफ मना कर दिया कि मैं और नहीं चुदवा सकती.

टप्पू ने 4 रशियन लड़कियां बुक कर लीं और उनके साथ चुदाई का मजा लेने लगे.

बापूजी- वाह टप्पू डिकरा, आज तक गांव की … और देसी माल बहुत चोदीं … लेकिन आज इन गोरी मेमों को चोदने का मौका मिल गया. जीता रह और चुत मारता रह, तुझे कभी चूतों की कमी न हो!

रशियन लड़कियां भी बापूजी के जोश को देखती ही रह गईं और एक्स्ट्रा चुदाई के कारण एक्स्ट्रा पैसे भी मांगने लगीं.

इसी तरह दो दिन तक गोवा में चुदाई का माहौल चलता रहा.

यहां एपिसोड खत्म हुआ, एपिसोड में अंत में तारक आया- रीता रिपोर्टर की बात सही साबित हुई, टप्पू सेना और बापूजी ने सोनू के सारे छेद खोल डाले, पर आपको याद होगा कि एक सप्राइज़ की बात कर रहे थे हम … क्या है वह सप्राइज़? कहीं वह सप्राइज़ सरदर्द न बन जाए. सब कुछ सही चल रहा हो, ये तो गोकुलधाम में होता ही नहीं.

उसी सप्राइज़ को जानने के लिए चलिए एक बार फिर से वापस चलते हैं क्लब हाउस की तरफ.

क्लब हाउस में सब चुदाई से फारिग होकर दारू पीने बैठ गए थे.उधर सारी सोसाइटी के मर्दों और औरतों ने एक दूसरे की बीवियों से अदला बदली वाला सेक्स का खेल खेला था.इसकी पूरी डिटेल के लिए आप मेरी सेक्स कहानियोंठोकुरधाम चुदाई महोत्सवजरूर पढ़ें.

उधर क्लब हाउस में जेठा बबीता के मम्मों पर दारू डाल कर पी रहा था.तो माधवी भाभी सोढ़ी का लंड दारू की ग्लास में डुबो डुबो कर चूसने में लगी थी.

अय्यर रोशन भाभी के मुँह में दारू पिला कर, उसके मुँह से पीने में लगा था.

वहीं डॉक्टर हाथी अंजलि की चुत चूसता हुआ दारू पी रहा था.

बबीता जी- जेठा जी, आपके कारण मुझे कार मिली, आज मेरी इच्छा पूरी कर दो. मुझे एक बार कार में भी चोद दो.जेठा लाल- बबीता जी आज तो मेरे भाग खुल गए, आज मैं बहुत खुश हूँ.

तारक- जेठालाल, इतना खुश मत हो यार … क्योंकि जब जब तुम खुश होते हो मतलब मुसीबत आने ही वाली होती है.जेठा इस बात से बहुत गुस्सा हो गया और बोला- मेहता साब, इस बंगाली चुत के लिए मैं गाली और गोली दोनों खा सकता हूँ. आने दो मुसीबत को, देख लेंगे.

तभी नीचे कम्पाउंड से आवाज आई, जिसको सुन कर जेठा लाल के होश उड़ गए.

वक्त के साथ वह आवाज और तेज होने लगी थी, जैसे कोई मुसीबत करीब आ रही हो.

ऐसी आवाज, जिसको सुन कर जेठा अपनी सपनों की रानी बबीता जी को नंगी ही छोड़ कर हाथी भाई की ओट में छुप गया.

सिर्फ जेठा ही नहीं बाकी सब भी हक्के बक्के रह गए थे.

अचानक से दरवाजा खुला और एक कड़क आवाज आई- माई डीयर जीजाजी, बेना ये देखो जीजाजी क्या कर रहे हैं?जेठा अपना लंड छुपाता हुआ बोला- सुंदर तू … और दया भी साथ में?सुंदर- हा माई डियर जीजाजी मैं … आपको क्या लगा. मेरे से ये सब छुपा लोगे? अरे बबीता जी पर आपकी नियत खराब थी, वह मुझे पता था. पर आपने तो अपनी हवस मिटाने के लिए पूरी गोकुलधाम सोसाइटी को चुदाईधाम सोसाइटी बना दिया?

जेठा- तुझे किसने बताया?सुंदर- अरे जो रंडियां तुमने बुलाई हैं न … वे मैंने ही भेजी हैं. बाघा ने जिसको बोला था, वह दलाल मेरे लिए ही काम करता है. जब पता चला कि माल गोकुलधाम में चाहिए, पहले तो लगा कि कोई एक आध आया होगा. पर 3 रंडियां बुलाई गईं, तो मैं समझ गया कि दाल में काला है!जेठा- बहनचोद, तू रंडी की दलाली करता है और उस मादरचोद बाघा को भी अहमदाबाद ही मिला … बावरी की चुत चोद ली भोसड़ी वाले ने … उस साले को बोला था कि बाहर से रंडियां बुलवाना, नहीं तो विदेश से बुलवा लेता!

दया- टप्पू के पापा, आपसे ये उम्मीद नहीं थी. अरे देखो आप की हवस के कारण पूरी सोसाइटी चुदाई में लगी हुई है?

तभी सोढ़ी क्लब हाउस के अन्दर आ गया. वह अपना पटियाला पैग लगा कर न/शे में था. पर सुंदर और दया को देख कर वह भी चौंक गया.

वह क्लब हाउस के बाहर से ही सब सुनने लगा और सोचने लगा कि ओ तेरी … दया भाभी और सुन्दर आ गए. साले ने सारा मजा खराब कर दिया, पूरा नशा उतार दिया. कुछ सोचना पड़ेगा.तभी उसको एक आइडिया आ गया.

सोढ़ी अन्दर आया और दया भाभी को शांत करने की कोशिश करने लगा.

सोढ़ी- दया भाभी तुस्सी शांत हो जाओ … और पहले पानी पियो. ओ सुन्दर विरे तुस्सी भी पानी पियो, फिर बैठ कर गल करते हैं.

थोड़ी नानुकुर और सोढ़ी के जोर देने पर के बाद दया भाभी ने पानी पी लिया.

दरअसल सोढ़ी ने वही कामोत्तेजक दवाई मिला हुआ पानी दया और सुंदर को पिला दिया था, जो सबने पी रखा था.

धीरे धीरे दोनों को असर होना शुरू हुआ.अब वे दोनों न सिर्फ शांत होने लगे बल्कि उनके अन्दर भी कामवासना जागने लगी थी.

जेठा- दया मैं क्या करता, तू एक अरसे से अहमदाबाद बैठी है, यह बबीता जी को देख देख कर लंड फटने को हो गया था मेरा .. मैं रंडियों के पास नहीं जाना चाहता था, फिर मेहता साब मिले और धीरे धीरे हम सब शामिल हो गए!

दया- तो क्या हुआ, बुला लेते रंडियों को घर पर … बापूजी तो वैसे भी अपने यंग ओल्ड ग्रप के साथ रंडियां चोदते हैं. उनको भी कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता और लगे हाथ टप्पू को भी ये ज्ञान दे देते. अब तो वह भी जवान हो गया है!

जेठा- दया ये क्या … मतलब तू गुस्सा नहीं है?दया- ना ना … बल्कि मैंने तो खुद सुंदर और उसके दोस्तों से खूब चुदवाया है!

जेठा- साले सुन्दर, मैं तो तुझे एक नंबर का भोसड़ीवाला चूतिया समझता था, तू तो बहनचोद निकला. अपनी ही बहन चोद दी तूने?

सुन्दर- यस, माई डीयर जीजाजी. बेना इसीलिए तो अहमदाबाद आई थी, ताकि मुझसे चुदवा सके और फिर वह पेट से हो गई, तो ऑपरेशन वगैरह के कारण वापस नहीं भेजा. वर्ना आपको ऑपरेशन के घाव देख कर शक हो जाता … और जो कैमरा हाथी भाई ने बाहर से मंगवाया था, वह भी मेरा दोस्त था तो मैंने उससे कैमरे का पासवर्ड ले लिया था. उससे मैं उधर से ही सब कुछ देख रहा था. यहां तक कार में आपकी चुदाई देखते हुए आ रहा हूँ … बेना तो आपकी बबीता जी के साथ चुदाई देख कर इतनी उत्तेजित हो गई कि अहमदाबाद से यहां तक मेरा लंड चूसती हुई आई है. ध्यान से देखो उसके चेहरे पर अभी भी मेरा माल चिपका हुआ है. लगता है आपको विश्वास नहीं हो रहा है … तो ये देखिए माय डीयर जीजाजी!

इतना बोल कर सुंदर ने अपना लंड निकाला और दया के मुँह में दे दिया.

माधवी- दया भाभी, आपके मुँह में सुंदर का लंड मस्त लग रहा है. पहली बार एक बहन को भाई का लंड चूसते हुए देखूँगी. आप गरबा क्वीन के साथ साथ लंड चूसने में भी क्वीन हो!दया- माधवी भाभी, आपको क्या पता, मुझे हमेशा से चुदाई का शौक रहा है. मैं अलग अलग तरीके से चुदाई पसंद करती हूँ. आज आपको एक नई चुदाई का तरीका बताती हूँ, जो मेरा फेवरेट है … गांडमार गरबा!

सोढ़ी- क्या बात है दया भाभीजी, अभी अभी माधवी परजाई के भोसड़े में भांगड़ा किया है, अब गांडमार गरबा … क्या बात है!दया- हां सोढ़ी भाई, मेरे पास चुदाई के लिए गांडमार गरबा, लंड से डांडिया यानि लांडीया और सेक्सी सनेडों भी आता है मुझे

सब दया भाभी को देखने लगे थे.

दया- तो चलो, सब लेडीज एक सर्कल में घोड़ी बन जाओ सारे जैंट्स गरबा करते हुए अपनी पसंदीदा गांड के पीछे अपने अपने लौड़े सैट करना, म्यूजिक की धुन के साथ साथ लंड चलना है, ठीक 30 सेकंड जब धुन बदलेगी, तो घूम कर अपने पीछे वाली को लंड चुसवाना है, फिर धुन बदलने पर घोड़ी बदल कर अपने आगे वाली घोड़ी की गांड मारनी है. मैं आपको करके दिखाती हूँ.

दया के कहे मुताबिक एक सर्कल में माधवी भाभी, उसके पीछे कोमल भाभी, उसके पीछे अंजलि भाभी, उसके पीछे बबीता जी घोड़ी बन के खड़ी हो गई

दया- सुंदर विरा, इनको बात की गांड मार गरबा कैसे खेल जाता हैसुन्दर- हां बेsना, आज तो मजा ही आ जाएगा, जब भी गोकुलधाम में आता था, मन करता था यह की सेक्सी सेक्सी भाभियों को चोदूँ, आज वह सपना भी पूरा हो गया!

जैसे ही म्यूजिक शुरू हुआ, सुंदर माधवी भाभी की गांड मारने लगा.

थोड़ी देर में 180 डिग्री पर घूम कर कोमल भाभी के मुँह में लंड पेलने लगा.

फिर बीट चेंज होने पर कोमल भाभी के पीछे आकर उनकी गांड में लंड डाल दिया, फिर घूम कर अंजलि भाभी को चुसवाना शुरू किया और उसके अंजलि भाभी की गांड, फिर बबीता जी का नंबर आ गया.

सभी इस डेमो को देख कर बहुत खुश हुए, सभी जैंट्स सोचने लगे कि हमने आज सिर्फ किसी एक की बीवी चोदने की सोची थी, आज सब लेडीज, सब जैंट्स से बारी बारी से चुदेंगी.

दया भाभी- पर इस डांस का मजा तभी है, जब थोड़ा थोड़ा शुरूर हो, सोढ़ी भाई सबके लिए पटियाला पैग बनाओ!

दारू, थोड़ा खाने पीने और रेस्ट के बाद सब चुदाई सेक्सप्रेस एक बार फिर शुरू हो गई.

सारी लेडीज एक बड़े से सर्कल में घोड़ी बन कर बैठ गईं.

दया भाभी कोमल भाभी, अंजलि भाभी, माधवी भाभी, रोशन भाभी, बबीता जी, रीता रिपोर्टर और तीनों रंडिया और जैंट्स ने अपनी पोजीशन ले ली.

पूरे क्लब हाउस में हवस का नंगा नाच हो रहा था.

फिर शुरू हुआ गांडमार गरबा, जो सुबह तक चला, सब इतने थक गए थे कि नंगे ही क्लब हाउस में सो गए, पर अभी चुदाई खत्म नहीं हुई और कई दिनों तक चली, जब तक टप्पू सेना वापस नहीं आ गई.

तो दोस्तो, ये थी एक फंतासी भरी सेक्स कहानी, जो मैंने अपने पसंदीदा सीरियल के कैरक्टर्स को लेकर गढ़ी है.

इस ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी को लेकर आप मुझे मेल कर सकते हैं.मेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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