होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 951 बार

गर्लफ्रेंड ने खुद आकर चूत चुदवा ली-1

संदीप साहू

11 Dec 2022 को प्रकाशित

गर्लफ्रेंड ने खुद आकर चूत चुदवा ली-1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम संदीप है, यह कहानी आधा सच और आधा झूठ है, पर यह तो तय है कि इस कहानी के शुरू से अंत तक आप लोगों का लंड और चूत सुलगती ही रहेगी और कई बार पानी भी छोड़ देगी।यह सेक्स कहानी कई भागों में बंटी हुई है.. पर हर भाग अपने आप में पूर्ण है।

कहानी उस समय की है जब मेरी उम्र बीस वर्ष थी और मैं बी.एस.सी. फाइनल का छात्र था। मुझे कॉलेज में सब चॉकलेटी ब्वॉय कहते थे, मेरा रंग गोरा और शरीर सामान्य है। मेरी ऊंचाई 6 फिट और वैभव की ऊंचाई मेरी ऊंचाई से थोड़ी कम है.. वो एक गोरा और सुंदर सा लड़का था।

मैं एक किराए के मकान में अपने दोस्त वैभव के साथ रहता था, जो मेरे ही क्लास में पढ़ता था।

एक साल पहले फर्स्ट इयर में एक खूबसूरत लड़की ने प्रवेश लिया। उस तीखे नैन-नक्श 5.3 इंच हाईट वाली सुंदर गोरी लड़की का नाम भावना था, उसका फिगर 32-24-32 था।उस गदराए हुए शरीर की लड़की को देखते ही मैंने ठान लिया था कि इसकी चूत में अपना लंड घुसा कर ही रहूँगा।

कॉलेज की सभी लड़कियों की तरह वो भी मुझे देखती थी।मैंने उसके करीब जाने की कोशिश की, मगर बात नहीं बनी.. बस एक-दो बार नोट्स को लेकर बातें हुईं। इसी बातचीत में मैंने उसका और उसने मेरे घर का पता पूछ लिया। वो मेरे रूममेट को भी पहचानने लगी थी।

ऐसे ही दिन बीत रहे थे.. लेकिन मुझे धीरे-धीरे लगने लगा कि मैं उससे प्यार करता हूँ। इसलिए मैं भावना को पाने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहता था।

हमारे कॉलेज में एक फंक्शन था.. जिसमें कुछ गेम्स भी होने थे। सीनियर होने की वजह से कॉलेज के सभी फंक्शन और गेम्स की तैयारी हमारा ग्रुप ही करता था।

एक गेम चिट निकालने वाला था और उस चिट में लिखे हुए टास्क को पूरा करना था।उसमें भावना ने भी हिस्सा लिया था, मेरे दिमाग में शरारत सूझी, मैंने गेम से पहले ही भावना को पीला कार्ड उठाने कह दिया।

अब गेम के समय भावना ने पीला कार्ड उठा कर पढ़ा और पढ़ कर स्टेज पर ही रोने लगी।सबने पूछा कि टास्क क्या है, पर वो कुछ नहीं बोली और स्टेज से उतर गई।सब उसे चिढा़ने और हँसने लगे।

सफेद सलवार कुर्ती और प्रिंटेड लाल दुपट्टे में गुस्से और शर्म से लाल भावना हॉल से बाहर चली गई।

मुझे अपनी गलती का अहसास था.. क्योंकि मैंने ही उस पीले कार्ड में टास्क लिखा था कि अपने ऊपर का कपड़ा हटा कर वाक करो.. और वो इसी वजह से रोने लगी थी, उसने किसी को कुछ नहीं कहा।

अब मैं उसी की सोच में डूबा हुआ फंक्शन निपटा कर घर आया और थकावट मिटाने के लिए नहाने चला गया।मैं बाथरूम से निकला ही था कि मुझे सामने भावना नजर आई.. उसे देखते ही मेरे होश उड़ गए।

इस वक्त मैंने तौलिया के अलावा कुछ नहीं पहना था। वो दरवाजे पर ही खड़ी थी।मैंने कहा- अरे भावना तुम.. आओ अन्दर बैठो।उसने वैभव की तरफ देखते हुए कहा- आप बाहर जाइए!वैभव बिना कुछ बोले निकल गया।

वैभव के बाहर जाते ही उसने रूम में कदम रखा।भावना ने कहा- तुम जानते हो संदीप मैं स्टेज पर क्यों रोई?

मैंने बिना कुछ बोले अपनी नजरें झुका लीं।

‘संदीप शायद तुम समझे ही नहीं? मैं तुमसे प्यार करने लगी थी.. लेकिन तुम मेरे जिस्म के भूखे निकले।’

इतना सुनकर मैं खुश भी था और लज्जित भी था।मैंने कहा- नहीं भावना.. ऐसा कुछ भी नहीं है।उसने कहा- सफाई देने की जरूरत नहीं है।यह कह कर उसने मुड़ कर दरवाजा बंद कर दिया।

रूम में ट्यूब लाईट का भरपूर प्रकाश था और उसने मुझसे थोड़ी दूर खड़े होकर रोते हुए अपना दुपट्टा शरीर से अलग कर दिया। मैं मूर्ति बन गया था, मेरे कुछ बोलने से पहले ही उसने कहा- तुम्हें यही चाहिए था ना?

यह कहते हुए एक ही झटके में अपनी कुर्ती निकाल दी।

लाल रंग की ब्रा में कसे उसके सुडौल दूधिया झांकते बड़े-बड़े स्तनों को देखकर मेरा लंड अकड़ने लगा। तभी उसने सलवार का नाड़ा खींचा और सलवार जमीन पर आ गिरी।

अनायास ही मेरी नजर उसकी चिकनी टाँगों का मुआएना करने लगी।

मेरी नजर टाँगों से शुरू होकर उसकी सुडौल जाँघों से होकर चूत में चिपकी लाल कलर की पेंटी के अन्दर घुस जाने का प्रयास कर रही थी।

तभी उसने अपनी ब्रा भी निकाल फेंकी मैं उसके गुलाबी निप्पल देख ही रहा था कि उसकी आवाज आई ‘लो बुझा लो अपनी हवस की आग..’यह कहने के साथ ही उसने अपनी पेंटी भी टाँगों से अलग कर दी।

मैंने एक झटके से अपना पहना हुआ तौलिया निकाला और उसकी तरफ बढ़ गया।

वो रोते हुए भी मेरे खड़े लंड को देख रही थी और मुझसे नजरें मिलते ही अपनी आँखें बंद कर लीं।

मैं उसके पास जाकर अपने घुटनों पर बैठ गया, जिससे कि उसकी भूरे रोंये वाली मखमली चूत मेरी आँखों के सामने आ गई।

मैंने उसकी चूत के ऊपर हल्का सा चुम्बन लिया और उसकी चूत से मदहोश कर देने वाली खुशबू को लंबी सांस के साथ अपने अन्दर भर लिया।

फिर उसकी कमर में अपना हाथ घुमा कर उसको तौलिया पहना दिया।

मेरा ऐसा करते ही उसका रोना बंद हो गया और मैंने खड़े होकर उसके गालों को थाम कर माथे को चूमते हुए कहा- भावना अगर मैं जिस्म पाना चाहूँ तो रोज एक नई लड़की मेरे बिस्तर पर होगी, पर सच्चाई तो ये है कि मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ। लो पहन लो अपने कपड़े और मेरे मजाक के लिए मुझे माफ कर दो।

अब भावना फिर से रोते हुए मेरे सीने से चिपक गई और कहा- तुम सच कह रहे हो ना संदीप? तुम नहीं जानते कि मैं तुम्हें कितना चाहती हूँ।मैंने कहा- तुम भी नहीं जानती कि मैं तुम्हें कितना प्यार करता हूँ।

मैंने उसे गोद में उठा कर बिस्तर में बिठा दिया चूंकि मैंने अपना तौलिया भावना को पहना दिया था.. इसलिए अब मैं पूरी तरह नंगा था और भावना भी सिर्फ तौलिये में थी।

भावना मेरी गोद में बैठी थी, अब हम प्यार भरी बातें करने लगे।

मेरा हाथ भावना के उरोजों पर जा रहा था.. पर मैं पहल नहीं करना चाहता था।

भावना ने अपनी बांहों का हार मेरे गले में डाल रखा था। वो मेरे गालों को चूम रही थी। अब तो उसका एक हाथ मेरे सीने को भी सहला रहा था।

लड़की के नाजुक हाथ का स्पर्श पाकर मेरा लौड़ा अकड़ने लगा। शायद भावना को मेरा खड़ा लंड चुभा.. वो मुस्कुरा कर मेरी गोद से उतर कर मेरे सामने जमीन पर बैठ गई और मेरे लंड को गौर से देखने लगी।

मैं समझ गया कि इसके मन में कुछ प्रश्न हैं।मैंने कहा- क्या सोच रही हो?उसने कहा- ये कितना बड़ा और सुंदर लग रहा है, क्या सबका इतना ही बड़ा होता है?मैंने हँसते हुए जवाब दिया- नहीं ज्यादातर लोगों का इससे छोटा होता है, पर कुछ लोगों का इससे भी बड़ा होता है।

हमारी बातों के वक्त भावना मेरे लंड को सहला रही थी। फिर मैंने उसे लंड को चूसने के लिए कहा, शायद वो भी इसी इंतजार में थी।पहले उसने लंड की पप्पी ली, फिर धीरे से लंड चूसना शुरू किया।

उसने एक बार मेरे चेहरे की ओर देखा.. उत्तेजना में मेरी आँखें छोटी हो रही थीं।दूसरे ही पल भावना ने लंड अपने गले तक डाल लिया और चूसने के साथ ही आगे-पीछे भी करने लगी।

मैंने उसका सर थाम लिया और उसके मुँह को ही चोदने लगा, वो गूं-गूं की आवाज करने लगी लेकिन मैंने अपना लंड जोरों से पेलना जारी रखा।उसने मुझसे छूटने की कोशिश की.. पर मैं कहाँ छोड़ने वाला था, मैंने धक्के और तेज कर दिए।

मैंने अचानक ही लंड मुँह से बाहर खींच कर पूरा माल उसके उरोजों पर गिरा दिया। उसकी आंखों में आंसू आ गए थे।

उसने मेरे वीर्य को छूकर देखा और मुँह बनाते हुए बाथरूम में चली गई।उसने बाथरूम से निकलते ही कहा- मार डालते क्या?मैंने ‘सॉरी’ कहा।

‘कोई बात नहीं मैं तुम्हारे लिए मर भी सकती हूँ।’यह कहते हुए उसने मुझे चूम लिया और कहा- तुम तो खुश हो ना?

इसके बाद हम दोनों लेटे रहे, उसने लंड को फिर से टटोलना शुरू किया। कुछ पल बाद उसने मेरे लंड को पकड़ कर कहा- वाह जनाब.. इतनी जल्दी सुस्त पड़ गए.. लेकिन मैं तुम्हें ऐसे ही नहीं छोड़ने वाली।

उसकी बातें सुनकर मुझे शक हुआ कि भावना चुदाई के बारे में इतना कैसे जानती है। वो पहली बार में भी इतनी खुलकर बात कैसे कर रही है।

मैंने पूछा- भावना क्या तुम्हारा कोई अतीत था, मैं क्या कहना चाह रहा हूँ तुम समझ रही हो ना?भावना ने कहा- पहले तुम अपना अतीत बताओ।मैंने खुलकर कह दिया- मैंने तीन बार सेक्स किया है.. दो बार रंडी को चोदा और एक बार दोस्त की गर्लफ्रेंड के साथ किया है।

बस इतना सुनते ही भावना बिस्तर से उतर गई।मैंने कहा- क्या हुआ?

अब मैं असमंजस में था कि क्या होने वाला है। इस कहानी में बहुत रस है.. आप मेरा साथ दीजिए और आपको कहानी कैसी लगी मुझे मेल जरूर कीजिएगा।support@mohakkisse.comगर्लफ्रेंड की चूत की चुदाई की कहानी जारी रहेगी।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मॉडलिंग की लालच में मेरी बहन चुद गई
जवान लड़की

मॉडलिंग की लालच में मेरी बहन चुद गई

हैलो डियर … मेरी ये सेक्स कहानी काल्पनिक है, इसका किसी से कोई लेना देना नहीं है.मेरी पिछली कहानी थीभाई से चूत चुदवाई बहाना बनाकर

18 मिनट 985
प्रेमिका की चूत चोदने की चाहत
जवान लड़की

प्रेमिका की चूत चोदने की चाहत

मैं अब अपनी कहानी पर आता हूँ।मैं जब स्कूल में पढ़ता था.. तो मेरी क्लास में एक काजल नाम की लड़की थी। शायद वो मुझको चाहती थी.. पर वो मुझको कुछ बोल ना पाई.. मैं भी उसे चाहता था.. पर मैं अपनी मुहब्बत का इजहार उससे कर नहीं पाया।

5 मिनट 833
आंटी और भतीजी की चूत चुदाई की मस्ती
जवान लड़की

आंटी और भतीजी की चूत चुदाई की मस्ती

इंडियन देसी गर्ल Xxx कहानी में पढ़ें कि एक जवान लड़की ने अपनी चाची को उसके आशिक से चुदती देखा तो वो गर्म हो गयी और चाची के चोदु से चुद गयी.

13 मिनट 449

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

गुड़िया

1 week ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।