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Hindi Chudai Kahani • पठन समय: 11 मिनट • पढ़ा गया: 868 बार

Pooja ki chudai ki kahani-2

realstory4u

05 Nov 2019 को प्रकाशित

Pooja ki chudai ki kahani-2
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दोस्तों मैं नीरज, आपने पूजा की चुदाई का पहला पार्ट पढ़ा हि होगा। अब ये इसका दूसरा पार्ट है।

तो जैसे आपने पिछले पार्ट में पढ़ा कि हम दोनों एक बार ओरल सेक्स से झड़ चुके थे, फिर वो मेरे बगल में लेटी हुई थी। तो उसने अपना सर मेरे सीने में रख दिया और मैं उसके बालों में हाथ फिराने लग गया।

उसकी साँसे अभी भी तेज थी और उसकी नंगी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। अब मैं उसके निप्पल को धीरे धीरे मसलने लग गया, वो भी मेरे लन्ड पर हाथ फिराने लग गयी।

मैंने उससे पूछा – तुमने पहले कभी सेक्स किया है?

वो – कैसी बात करते हो जब मेरा कोई बॉयफ्रेंड ही नहीं तो मैं किसी के साथ कैसे सेक्स करूँगी?

उसकी ये बात सुनकर मैं मन ही मन बहुत खुश हुआ, कि आज तो कुंवारी चूत चोदने को मिलेगी।

फिर वो बोली – क्या तुमने किया है पहले सेक्स?

मैंने बोला – हाँ किया है।

पूजा – किस के साथ किया है?

मैं उसे बताना नहीँ चाह रहा था कि मैंने एक आँटी के साथ सेक्स किया था, तोह मैं बोला – छोड़ो अब ये पुरानी बात हो गई है, तुम ये बताओ अंकल आंटी कब तक आयेंगे?

वो बोली – वो तो 5-6 बजे के बाद ही आएंगे।

मैं बोला – मतलब लगभग ढाई घंटे हैं हमारे पास?

ये बोल के मैं उसके ऊपर आ गया और उसके होंठो को चुमने और चूसने लग गया। उसके नुकीले निपल्स मेरी छाती पर गड रहे थे, मेरा लन्ड फिर से खड़ा होने लग गया था।

फिर मैं उसकी गर्दन को चूमने लग गया और धीरे धीरे मैं उसके बूब्स पर आ गया। फिर मैं उन्हें चाटने लग गया, फिर मै उसके निपल्स चूसने लग गया, अब पूजा भी फिर से गर्म होने लग गयी, वो मेरे सिर को पकड़ कर आह आह करने लग गयी थी।

मेरा लन्ड कड़क हो गया, फिर मैंने एक कपड़े से उसकी चूत और अपने लन्ड को साफ किया। फिर मैं उसकी चूत को चाटने लग गया, और वो बोली।

पूजा – नीरज क्या कर रहे हो, अब कंट्रोल नहीँ होता चोद दो अब मुझे प्लीज।

मैं – ज़रूर चोदूगाँ बस थोड़ा सब्र कर।

फिर मैं 69 की पोजीशन में आ गया, और अपना लन्ड मैंने उसके मुँह के ऊपर कर दिया। अब वो मेरा लन्ड चूसने लग गयी थी, और मैं उसकी चूत को चाट रहा था।

अब उसे भी लन्ड चूसने में मज़ा आ रहा था, मैं उसकी उसकी के दाने को चूस रहा था। दोस्तों इतना मज़ा आ रहा था कि उस मजे को बयान करना मुश्किल है। मैं दुबारा उसके मुँह में झड़ना नहीँ चाहता था, तो मैंने बोला।

मैं – चल अब मैं तेरी चूत में लन्ड डालता हूँ।

वो बोली – हाँ डाल दो, पर दर्द तो नहीं होगा ना? क्योकि मेरी फ्रेंड ने बताया था कि पहली चुदाई में बहुत दर्द होता है।

दोस्तों सुना तो मैंने भी था, पर मेरा भी कुंवारी चूत को चोदने का ये पहला अनुभव था। तो मैं बोला – थोड़ा बहुत होता है, पर मैं धीरे धीरे डालूँगा। इससे तुझे भी मजा भी बहुत आएगा, और तेरी चूत भी बहुत गीली हो गई है तो लन्ड प्यार से जाएगा।

फिर मुझे ध्यान आया कि पहली बार में खून भी निकलता है, मैंने सोचा अगर चादर में गिरेगा तो रमेश को पता चल जाएगा और मैं अभी उसे बताना नहीं चाहता था।

फिर मुझे एक आईडिया आया और मैं पूजा से बोला – यार हम फर्श पर चुदाई करते हैं।

वो बोली – क्यों?

मैं बोला – ये फोल्डिंग चारपाई है, तुझे चोदते हुए आवाज करेगी ना।

वो बोली – ठीक है।

फिर मैंने फ्लोर पर न्यूज़ पेपर बिछा दिये और उसको उस पर लिटा दिया। फिर मैंने अपना लन्ड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुँह पर टिका दिया, मैंने उसकी टाँगे ऊपर उठा दी। फिर मैंने धीरे से लन्ड को ध्क्का दिया, और लंड थोड़ा सा अंदर चला गया।

इससे पूजा की हल्की सी आह निकली, और उसने अपनी आँखे बंद कर ली थी। फिर मैंने थोड़ा और जोर लगाया, तो मेरा लगभग 3 इंच लन्ड अंदर गुस गया था।

पूजा जोर से चिल्लाई और वो बोली – उइ माँ मर गई, बाहर निकालो मुझे नहीं घुसवाना प्लीज बाहर निकालो।

मैं बोला – अब तो घुस गया है थोड़ा बर्दास्त करो, फिर तुम्हे बहुत मज़ा आएगा।

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मैंने उसकी टाँगे सीधी करी और उसके होठों को मैं चूसने लग गया। अभी मैं लन्ड को हिला नहीं रहा था, और मैं उसके होंठो को चुम रहा था, और मैं उसके बूब्स मसल रहा था।

करीब 5 मिनट तक मैं ऐसा ही करता रहा, फिर जब मुझे लग गया अब वो कंफर्टेबल है। तो मैंने सोचा अब एक ही झटके में काम करना होगा, फिर मैंने इसके मुँह को अपने मुँह से लॉक कर दिया।

और मैंने एक जोर का झटका लगया, और मेरा पूरा लन्ड चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया। पूजा एक दम से सिहर गई उसने चिल्लाने की कोशिश करने लग गयी, पर उस की आवाज मुँह के अंदर हि गुम हो गई।

उसकी आँखों से आँसू निकल गए, चेहरे में पसीना भी आ गया। उसने अपने नाखून मेरी पीठ में गड़ा दिए था, फिर मैं रूक गया और मैं उसके बूबस सहलाने लग गया।

और फिर कुछ देर ऐसे ही मैं करता रहा, फिर मैं धीरे धीरे लन्ड अंदर बाहर करने करने लग गया। अब धीरे धीरे उसे मज़ा आने लग गया, अभी भी मैं उसके होंठो को चूम रहा था।

फिर 2-3 मिनट बाद मैं सीधा हुआ, और मैंने उसकी टाँगों को ऊपर उठाया ताकि लन्ड और अंदर तक जा सके। अब पूजा भी आह आह कर रही थी, अभी भी मैं लन्ड धीरे धीरे ही अंदर बाहर कर रहा था।

मैंने अपना लन्ड देखा तो वो खून से भरा था, मैंने पूजा को कुछ नही बोला। उसकी आंखें बंद थी उसके चेहरे पर उत्तेजना थी और आनन्द की झलक भी साफ़ दिख रही थी।

फिर कुछ देर बाद पूजा बोली – नीरज तेज तेज करो मुझे कुछ हो रहा है।

फिर मैं जोर जोर से लन्ड अंदर बाहर करने लग गया, अब वो फिर से उह आह करने लग गयी थी। उसकी आवाज में दर्द और उत्तेजना का मिश्रण था, मैं जोर जोर से झटके लग गया रहा था।

मैं – पूजा तेरी चूत कितनी मस्त है, मन करता है मैं इसे बस चोदता हि रहूं। तेरी चूत बस मेरी है मेरी जान।

थोड़ी देर में पूजा का शरीर काँपते हुए झटकने लग गया, और उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गई औए वो झड़ चुकी थी। पर मैं अभी झड़ा नहीं था फिर मैंने झटके स्लो कर दिए, अब मैं धीरे धीरे झटके लग गया रहा था और मैं बोला।

मैं – पूजा क्या मस्त चूत है तेरी, एक दम जबरस्त टाइट है। मुझे इसे चोदने में बहुत मज़ा आ रहा है ।

मैं धक्के भी मार रहा था, और मैं उसके बूबस भी मसल रहा था, फिर वो दुबारा गर्म होने लग गयी और वो फिर से उह आह करने लग गयी।

फिर मैंने थोड़े तेज धके मरने शुरू कर दिये, और पूजा बोली – ओह मैं पागल हो जाउंगी मुझे कुछ हो रहा है, ।

ये सुन कर मैंने अपने धक्के और तेज कर दिये, मैं उसके साथ ही झड़ना चाहता था। अब रूम में पुच्च पुच्च की आवाज गूंज रही थी, और हम दोनों पसीने से लतपथ थे।

फिर पूजा की जोर की आह निकली और मेरे लावा भी उसकी चूत की गहराई में समा गया। कसम से क्या मस्त आनंद मिला था, फिर मैं उसके ऊपर ढेर हो गया। कुछ देर मैं उसके उपर ऐसे ही पड़ा रहा, ये सब होने में लगभग 45 से 50 मिनट लग गए थे।

अब हमारे पास 1 घंटा और था, और मैं इस मौके को पूरी तरह इस्तमाल करना चाहता था। फिर मैं उसके ऊपर से उठा और उसने न्यूज़ पेपर पर खून देखा तो वो डर गई।

मैं बोला – पहली बार में होता है।

फिर मैंने न्यूज़ पेपर को उठा के कूड़ेदान में डाल दिया, मैंने कपड़े से लन्ड साफ किया और उसने अपनी चूत को साफ़ किया। फिर हम बेड पर बैठ के बातें करने लग गये।

बीच बीच में मैं उसके बूब्स दबा देता, और वो मेरा लन्ड सहला रही थी। फिर उसके हाथ फेरने से मेरा लन्ड टाइट होने लग गया, अब मैं फिर उसके होठों को चूसने लग गया।

मैं उसकी चूत में उँगली करने लग गया, फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसके हाथ बेड पर टिका कर उसको झुका दिया। अब मैं उसके पीछे आ गया, और उसकी चूत थोड़ी सूजी हुई लग रही थी।

मैं उसकी चूत को चाटने लग गया, पूजा को बहुत मज़ा आने लग गया था। जब वो बहुत उत्तेजित हो गई थी, और मेरा लन्ड भी कड़क हो गया था। अब मैं खड़ा हुआ और उसकी चूत में लन्ड एक झटके में मैंने अंदर डाल दिया।

उसकी चीख निकल गई, फिर मैं उसे इसी पोजीशन में चोदने लग गया। वो भी अपनी गांड हिलाने लग गयी, मैंने उसकी कमर पकड़ रखी थी थोड़ी देर में वो थकने लग गयी।

तो उसने अपना सर बेड पर टिका दिया, अब इस पोजीशन में मेरा लन्ड उसके अंदर तक जा रहा था। थोड़ी देर में जब मुझे लग गया कि अब मैं झड़ने वाला हूँ। तो मैंने धक्के और तेज कर दिये, फिर थोड़ी देर में मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में निकाल दिया।

अब वो भी झड़ चुकी थी, फिर हमने अपने कपडे पहने और वो बोली – अब मैं जाती हूँ मम्मी पापा के आने से पहले नहा लेती हूँ।

मैं – ओके।

फिर वो मुझे किस करके चली गई, उसके बाद हमने मौका मिलने पर 3-4 बार और सेक्स किया। फिर मुझे किसी वजह से रूम चेंज करना पड़ गया, और उसके बाद हम फिर कभी नहीं मिले।

दोस्तों, आपको ये कहानी कैसी लग गयी प्लीज ये मुझे कमेंट करके बताएं।

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