होम पर वापस जाएं
इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 645 बार

लंड चुत गांड चुदाई का रसिया परिवार- 1

सोनिया कमल वर्मा

06 Jan 2022 को प्रकाशित

लंड चुत गांड चुदाई का रसिया परिवार- 1
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

ये पारिवारिक चुदाई की गन्दी स्टोरी है, जिन लोगों को रिश्तों में सेक्स पसंद नहीं हो, वो इस कहानी से दूर रहें. इस कहानी में गंदी चुदाई भी पढ़ने को मिलेगी.

दोस्तो, मैं सोनिया वर्मा. ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, जो मेरी सहेली बबिता ने मुझे बताई थी.मैंने सोचा कि इस मस्त देसी सेक्स कहानी को आप लोगों के साथ शेयर करूं.

एक बात और इसमें मैंने अपनी तरफ से कुछ मिर्च मसाला लगाया है, शायद आपको भी पसंद आए.

ये एक पारिवारिक चुदाई की कहानी है, इसमें बहुत सारे किरदार हैं. सेक्स कहानी में परिवार के रिश्तेदारों की चुदाई भी शामिल है.

जिन लोगों को रिश्तों में सेक्स पसंद नहीं हो, वो लोग प्लीज़ इस चुदाई की गन्दी स्टोरी से दूर ही रहें.क्योंकि इसमें किरदारों की मां-बहन की चूत भोसड़े खुल कर सामने आएंगे और उनकी गंदी चुदाई भी देखने को मिलेगी.इस सेक्स कहानी में कुछ राज भी छुपे हैं, जो वक्त आने पर ही खुलेंगे.

पहले सबका परिचय:

चिराग: ये कहानी का हीरो है. इसकी उम्र 20 साल है, जिम की हुई मस्त बॉडी है और ये कॉलेज में फाईनल ईयर का स्टूडेंट है.

मुकेश चिराग के पापा हैं. उनकी उम्र 48 साल है. ये एक सफल बिजनेस मैन हैं और कई फैक्ट्रीज के मालिक हैं. ये बबिता के पति हैं.

बबिता चिराग की मम्मी का नाम है. बबिता की उम्र 45 साल है. उनका 38-28-38 का फिगर है और ये एक नम्बर की चुदक्कड़ महिला है.

पूजा चिराग की दीदी है. इसकी उम्र 25 साल है और ये शादीशुदा है. पूजा का 36- 28-36 का मस्त सेक्सी फिगर है. ये मुंबई में रहती है और चुदाई में अपनी मां से दो नहीं चार कदम आगे है.

मनीष पूजा का पति है. इसकी उम्र 29 साल है. ये एक रेडीमेट गारमेंट्स फैक्ट्री का मालिक है.

स्पूजा चिराग की छोटी बहन है. उसकी उम्र 19 साल है. इसका 32-26-34 का कसा हुआ फिगर है और कॉलेज में सेकंड ईयर की स्टूडेंट है.इसका चिराग के कॉलेज में साथ आना जाना होता है.

दोस्तो, इस सेक्स कहानी में और भी बहुत से किरदार आएंगे, जिनका परिचय उनके आगमन पर ही होगा.

रात्रि के 11 बजे मुकेश और बबिता कमरे में बिलकुल नंगे बैठे एक दूसरे से खिलवाड़ कर रहे थे और चुदाई की तेज तेज कामुक सिसकारियों की आवाजें आ रही थीं.

मुकेश बबिता की मोटी सी गांड पर हाथ फेरते हुए बोला- क्या बात है डार्लिंग, तेरी गांड तो तेरी उम्र के साथ बढ़ती जा रही है.बबिता- ये सब आपका किया-धरा है. देखना एक दिन मार मार कर मेरी गांड को भी तुम पिलपिली कर दोगे. इसे भी मेरी भोसड़ी की तरह फला दोगे और साथ में बड़ी भी कर दोगे.

मुकेश- जानेमन, आज मेरा मूड तेरा ये तबला बजाने का ही कर रहा है.बबिता मुकेश के लंड को प्यार से सहलाते हुए बोली- नहीं, आज जो करना है, आगे करो. पिछली बार तुमने मेरी गांड मारी थी … तो मैं चार दिन तक लंगड़ा कर चली थी … भूल गए क्या!

मुकेश बबिता की गांड पर थप्पड़ मारते हुए बोला- मजा भी तो कितना आया था.बबिता- देखो जी, आज मेरी चूत में आग लगी है. पहले उसको बुझा दो, मेरी गांड फिर कभी मार लेना.

मुकेश- डार्लिंग तेरी चूत, अब चूत नहीं रही … फट के ढीला भोसड़ा हो गई है उसमें मुझे मजा नहीं आता.बबिता- आज रहने दो ना … बच्चे अब बड़े हो गए हैं. कभी पूछ लिया, तो उनको मैं क्या जवाब दूंगी!

मुकेश- ठीक है साली मादरचोद, पहले लंड तो चूस … फिर देख कैसे मैं तेरी मां चोदता हूँ.बबिता- आप क्या चोदोगे, वो तो पहले से ही मेरे बाबूजी से चुदी चुदाई है. तभी तो मैं पैदा हुई हूँ, तुम बस मुझे चोदो.

मुकेश बबिता की पपीते जैसी चूंचियों को निचोड़ कर बोला- और तेरी बहन, साली उसको तो बुला ले, उसी को चोद दूंगा.बबिता उठ कर बोली- मेरी मां को चोदोगे, मेरी बहन को भी चोदोगे … पर अभी जो आपके सामने चूत खुली हुई है उसको चोदने में आपकी दीदी का फटीचर भोसड़ा चुद रहा है!

वो भुनभुनाते हुए मुकेश के पैरों के बीच में आई और एक झटके में उसका लंड मुँह में भर कर चूसने लगी.

मुकेश- आआह धीरे कर कुतिया … किसी दिन मेरा लंड उखाड़ कर मानेगी तू … आआईईई … साली काट मत.मगर बबिता तो मस्त मगन होकर लंड चूस रही थी.

मुकेश- सच यार … तुम क्या लंड चूसती हो … आआह बस ऐसे ही चूस … मेरे दिल की रानी … आह मजा आ गया.

बबिता ने अपने मुँह से मुकेश का लंड निकाल कर एक बार उसकी तरफ देखा और इस बार तो मुकेश का अंडकोष मुँह में भरके चूसने लगी और लंड हाथ में लेकर मुठ मारने लगी.

मुकेश की इस दोहरे मजे से सिसकारी रुकने का नाम नहीं ले रही थी- आआह डार्लिंग … मेरी जानेमन, तू सच में चुदैल नंबर वन है … आआह साली रंडी मेरी रखैल … मेरी कुतिया … आह अब बस भी कर मेरी चुदक्कड़ छिनाल.

बबिता अपनी जगह से उठी और अपनी एक चूची पकड़ कर मुकेश की गोद में बैठ कर उसे अपना दूध पिलाते हुए उसके सर को सहलाने लगी.

मुकेश एक मिनट तक बबिता का दूध पीने के बाद बोला- इसमें तो कुछ निकलता ही नहीं है, इससे अच्छा तो तेरा भोसड़ा है … जिसमें से गर्म गर्म मलाई तो भरी हुई है.

उसने बबिता को 69 की पोजीशन में लिटा प्रिया और उसके बड़े से भोसड़े पर अपना मुँह लगा कर एक बार फिर से दोनों एक दूसरे के चूत और लंड चाटने चूसने लगे.

मुकेश बबिता का रसीला भोसड़ा फैला कर अन्दर तक जीभ डाल कर चाटता हुआ बोला- आह … क्या मस्त टेस्ट है तेरी मलाई का!

बबिता मुकेश का लंड चूसना छोड़ कर सिसकने की मशीन बन गई और बकने लगी- आह सीईईई मेरी मां आआह और कितना अन्दर घुसोगे … आईई ओह ओ मां मैं गई … ओह आआ आआह हाय तौबा क्या चूत का चटोरा मिला है मुझे … मां देखो तो अपने इस चूत चाटू दामाद को … हाय मैं गई.

ये कहते हुए बबिता मुकेश के मुँह में झटके खाते हुए झड़ गई.

मुकेश भी कम नहीं था, उसने बबिता की चूत की मलाई का एक कतरा भी व्यर्थ नहीं जाने प्रिया, कुछ माल बह कर बबिता की गांड तक गया था … उसको भी मुकेश ने अपनी लंबी जीभ निकाल कर चाट लिया तब ही उसने अपना मुँह हटाया.

मुकेश ने बबिता के ऊपर आकर बबिता के जलते हुए गर्म भोसड़े पर अपना फनफनाता लंड रख प्रिया और एक ही धक्के में आधा लंड चुत में उतार प्रिया.

फिर एकदम से धक्कों की तेज बारिश के साथ वो बबिता को चोदने लगा- ले साली … अब बताता हूँ चुदाई क्या होती है.बबिता- आआह और जोर से चोदो आआह … हां और तेज मेरे राजा … आआह मेरे चोदू भगत … मेरी चूत के पुजारी … चोदो मुझे … आईईईई हां बस ऐसे ही.

मुकेश- साली रंडी ले कमीनी … अपने इस लायसेंसी यार का मूसल ले … मादरचोद कुतिया … आज तो तेरी चूत का कचूमर नहीं निकाला, तो तेरा भरतार (खसम) नहीं.वो दनादन दनादन बबिता को लगातार चोदे जा रहा था.

फुल स्पीड में उसका लंड धकाधक धक्के के साथ किसी पिस्टन के जैसे बबिता के भोसड़े में अन्दर बाहर हो रहा था और उसकी गोटियां बबिता के गोल मटोल चूतड़ों से टकरा कर पट पट की ध्वनि पैदा कर रही थीं.

पर अब मुकेश भी झड़ने के करीब आ गया था.

बबिता- ओह मां … बचा ले अपने चोदू दामाद से मुझे … देख तेरी बेटी को तेरा ये दामाद कैसे रंडियों की तरह चोद रहा है. हाय तौबा … बचा लो मां … मुझे बचा लो … आईईईई ओओओह हाययययय मैं मर गई रे!

बस इसी के साथ बबिता के भोसड़े का गर्म गर्म झरना फूट पड़ा.

मुकेश- भोसड़ा चोदी साली, मां को बुला रही है … भूल गई क्या उसने भी मेरे ससुर से इसी तरह चुदवाया था … वो अपनी विशालकाय गांड उठा उठा कर चुदी थी, तभी तू रंडी पैदा हुई थी साली.

ये बोलते हुए मुकेश ने बबिता का पूरा भोसड़ा अपने पानी से भर प्रिया.

दोनों थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़े रिलेक्स होते रहे. उनके चेहरे बता रहे थे कि दोनों आज भी संतुष्ट हुए हैं.

फिर पहले बबिता उठ कर बाथरूम में गई, वो अपने आपको साफ करके आई. उसके बाद मुकेश भी फ्रेश हुआ और दोनों एक दूसरे की बांहों में नंगे ही सो गए.

सुबह बबिता की नींद खुली, तो उसने अपने आप को मुकेश के नीचे पाया.

वो कसमसाते हुए उठी तो देखा मुकेश लंड अभी भी खड़ा है. उसने झुक कर लंड मुँह में ले लिया और एक बार चूस कर बाथरूम चली गयी.

वहां से वो नित्य क्रियाओं से फ्री होकर नंगी ही बाहर आकर. उसने बाहर आकर सिर्फ एक नाईट गाउन पहना, फिर किचन में जाकर सबके लिए चाय बनाने लगी.

वो पहले चिराग को उठाने गई.

बबिता उसके रूम में गई तो अन्दर जाते ही उसकी आंखें फैल गईं. स्पूजा और चिराग इस दुनिया से बेखबर एक दूसरे से लिपटे सोये पड़े थे.

स्पूजा की नाईटी अस्त व्यस्त होकर उसकी कमर तक चढ़ी हुई थी, जिसमें से उसकी साटन की झीनी सी पैंटी में गोल मटोल गोरी गांड फंसी हुई थी. उसकी केले जैसी चिकनी गोरी टांगें चमक रही थीं.

बबिता मन में सोचने लगी कि इस लड़की को कब अक्ल आएगी. ये अपने कमरे में सोने के बजाए यहां इस जवान भाई से लिपट कर बेखबर सोई पड़ी है, वो भी ऐसी हालत में.अगर चिराग देख लेगा तो अनर्थ हो जाएगा.

बबिता अपनी इसी सोच से बाहर आते हुए आवाज लगाने लगी- स्पूजा, स्पूजा उठ इतनी बड़ी हो गई … शर्म नहीं आती तुझे भाई के साथ सोते हुए. चल उठ देर हो रही … कॉलेज नहीं जाना क्या?

स्पूजा एक मॉर्डन जमाने की वो लड़की है, जिसे इस सबसे कोई परहेज नहीं था.वो दोनों भाई बहन कम … और दोस्त ज्यादा थे. आपस में अपनी हर बात शेयर करते थे.

और सबसे बड़ी बात ये कि इनके बीच कोई पर्दा नहीं था. एक दूसरे के चूत लंड भी नहीं छुपाते थे.पर इन्होंने अभी तक कभी अपनी रीमा पार नहीं की थी.

“गुड मॉर्निंग मॉम.” अपनी मां की गोद में सिर रखते हुए स्पूजा बोली.बबिता- बेटी तू अब बड़ी हो गई है, अपने कपड़ों का ध्यान रखा कर. तू देख जरा … ये क्या हालत कर रखी है!

उसने स्पूजा की नाईटी की तरफ इशारा करके कहा- अगर चिराग तुझे इस तरह देख लेता … तो तुझे अच्छा लगता?स्पूजा- कम ऑन मॉम … कुछ नहीं होता. ये मेरा सोहना भाई है … ये कभी कुछ गलत कर ही नहीं सकता. और आप मुझे कह रही हो, अगर आपको चिराग इस प्रकार देख ले तो!

उसने बबिता की हिलती हुई पिलपिली चूची पकड़ कर कहा, तो बबिता बनावटी गुस्से में थोड़ा शरमाते हुए- क्या करती है छोड़ मुझे … दिन ब दिन बेशर्म होती जा रही है और तू अपने रूम में क्यों नहीं सोती?

स्पूजा मुस्कुरा कर मजे लेते हुए अपनी मॉम की एक चूची हल्के से दबा कर बोली- कल रात आप दोनों की यहां तक आवाजें आ रही थीं.बबिता मन में बोली ‘हे भगवान … ये कैसे हो गया.’ फिर संभल कर बोली- चल झूठी … हम ऐसा वैसा कुछ नहीं कर रहे थे … वो तो वो तो …

स्पूजा एकदम से हंसते हुए बोली- क्या ऐसा वैसा मॉम?बबिता उसकी बात समझ कर बोली- मार खाएगी तू किसी दिन, चल उठ देर हो रही अब.

ये बोल कर वो बाहर जाने लगी.

स्पूजा उछल कर बिस्तर से बाहर आई और एक झटके में अपने सिर से नाईटी निकाल कर बबिता के ऊपर फैंक दी. फिर केवल ब्रा-पैंटी में दौड़ते हुए अपने रूम में भाग गई.

बबिता- किसी दिन हमारी नाक कटवायेगी ये लड़की … जब देखो बचपना करती फिरती है. फिर जैसे ही उसकी नजर अपने लाड़ले एकलौते बेटे चिराग पर पड़ी, तो उसके मन से एक आवाज उठी कि कितना मासूम है मेरा बेटा.

वो उसके पास जकर प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरते हुए बोली- चिराग बेटा उठ … कॉलेज जाने में देर हो जाएगी.

चिराग- गुड मॉर्निंग स्वीट मॉम, थोड़ी देर और सोने दो ना … कितने बज गए हैं?बबिता- साढ़े सात बज रहे हैं, चल उठ वरना लेट हो जाएगा.

चिराग उठ कर मॉम के हाथ से चाय लेकर पीते हुए बोला- वो भूतनी उठी या नहीं?बबिता- बेटा वो अब बड़ी हो गई है. उसको यहां मत सोने प्रिया कर.

चिराग- मॉम अभी बच्ची है वो, ये पूरा घर उसका है. जहां मर्जी सो जाए … इसमें छोटी बड़ी की क्या बात है!बबिता- बिगाड़ उसको … मुझे क्या.

वो भुनभुनाते हुए निकल गई- मैं नाश्ता बना रही हूं, जल्दी तैयार होकर नीचे आ जाना.

बबिता नीचे जाने लगी, तभी उसको अहसास हुआ कि उसकी चूंचियां बिना ब्रा के सचमुच कुछ ज्यादा ही हिल रही हैं.

बबिता को अपने बेटे चिराग के सामने अपनी चूचियां हिलती हुई महसूस हुईं तो वो सोचने लगी कि उसका बेटा न जाने क्या सोच रहा होगा.

दोस्तो, इस पारिवारिक चुदाई की गन्दी स्टोरी के अगले भाग में चूत चुदाई का रस और भी ज्यादा छलकेगा. अभी के लिए आप सभी से विदाई लेती हूँ. आप मुझे इस सेक्स कहानी के लिए अपने मेल लिखना न भूलेंsupport@mohakkisse.com

चुदाई की गन्दी स्टोरी का अगला भाग:लंड चुत गांड चुदाई का रसिया परिवार- 2

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

ससुर और बहू की कामवासना और चुदाई-1
इंडियन बीवी की चुदाई

ससुर और बहू की कामवासना और चुदाई-1

“उफ्फ…अब हट भी जाइये, अब और कितना रगड़ोगे मुझे. आधा घंटा से ऊपर हो गया; मेरा तो दो बार हो भी चुका. थक गयी मैं बुरी तरह से सांस फूल गयी मेरी तो” मेरी रानी ने भुनभुनाते हुए कहा और मुझे परे धकेलने की कोशिश की.

13 मिनट 557
बड़े बेदर्द बालमा-1
इंडियन बीवी की चुदाई

बड़े बेदर्द बालमा-1

और आप लोगों के ई मेल के ज़रिये मैं अब इस निष्कर्ष पर पहुँचा हूँ कि जीवन में सभी को कुछ न कुछ बदलाव चाहिए क्योंकि कुछ लोग रूटीन के सेक्स से भी उकता जाते हैं, ऐसे ही कई पति पत्नी के मेल मेरे पास आये हैं और वे कुछ नया चाहते हैं।ऐसे ही शादीशुदा जोड़ों य...

7 मिनट 693
दूसरी शादी की सुहागरात का मजा
इंडियन बीवी की चुदाई

दूसरी शादी की सुहागरात का मजा

हैपी एंडिंग सेक्स कहानी मेरी दूसरी शादी के बाद पहली रात की चुदाई की है. मेरा बिलकुल मन नहीं था सेक्स करने का … पर अपने नए पति का विशाल लन देख कर मेरी चूत पानी पानी हो गई.

22 मिनट 720

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

इमरान रिजवी

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

अंजलि शर्मा सेक्सी

4 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।