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Hindi Chudai Kahani पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 797 बार

Fuferi Bhabhi Ko Unhi Ke Bistar Par Choda

Rameshu

23 Mar 2015 को प्रकाशित

Fuferi Bhabhi Ko Unhi Ke Bistar Par Choda
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नमस्कार साथियो, मैं संजय कुमार मिश्र इलाहाबाद उत्तर प्रदेश से हूँ लेकिन दिल्ली में पिछले 15 साल से रहता हूं. मेरे बारे बिस्तर से जाने के लिये मेरी पिछली कहानी मुहबोली भाभी को गर्म करके चोदा. और दोस्त के साथ उसकी बहन की चुदाई वाला कहानी जरूर पढ़ ले.

मेरी सभी कहानिया देसी कहानी पे आपको मिल जाएगी. साथियो ये कहानी नही बल्कि मेरी हकीकत है. साथियो जब मैं छोटा था तभी से सेक्सी कहानियों की किताबें पढ़ता था. तो चुदाई के बारे में काफी कुछ जनता हूँ. वैसे भी देसी कहानिया का कोई भी ऐसी कहानी होगी जिसे मैंने पढा न हो.

पहले आप सभी को मैं अपने बारे में बता दूँ. मैं शादीशुदा हूँ. 2 बच्चे भी है. बीबी से भी खुश हूं. मगर बचपन से ही मुझे सेक्स का बहुत ज्यादा नशा रहता है.

मैंने लगभग अपनी सभी भाभियो पे हाथ मारा है. यहाँ तक कि जिस भाई से ज्यादा डरता हूँ. उस भाभी को और ज्यादा हँसी मजाक करता था. ताकि भाभी मुझसे पटी रहे और भाई लोगो के प्रकोप से भी भाभी जी बचाये. कितनी भी दूर की रिस्तेदारी क्यो न हो.

क्योंकि मेरा अंदाजा है, कि लड़की पटाओ तो भाव खाती है. और भाभी यदि पत्नी वाली है तो तुरंत पट जाएगी. कहा गया है. न कुँवारी को न चोदिये चुत पे करे घमण्ड चुदी चुदाई चोदिये जो लपक के लेवे लन्ड.

ये कहानी भी मेरी सबसे छोटी भाभी की ही है. जिनकी शादी भी मेरे शादी के समय ही हुई थी और इस समय भाभी की उम्र लगभग 30 के आस पास होगी. मेरे लगभग सभी रिलेटिव दिल्ली में ही रहते है.

हालांकि मैने आपको बताया न कि लगभग सभी भाभियो पे हाथ साफ किया है. ये भी मेरी फुफेरी भाभी थी. मेरी सभी भाभियां एक से बढ़कर एक है. 25 से लेकर 45 साल तक कि लगभग सभी भाभियो पे मैने अपना हाथ साफ किया है.

यहाँ तक कि कभी कभार जब मैं ड्रिंक करके आता था तो एक दो भाभियो से वीडियो कॉलिंग करता था व्हाट्सअप पे और ओ भी पूरा नंगा होकर.

भाभी भी मुझे वीडियो पे अपनी चुत और चुचियो कि झलक दिख दिया करती थी. हँसी मजाक तो खुल्लम खुल्ला हर भाभी से करता हूँ. और मेरी भाभियां भी मुझे बहुत पसंद करती है.

दोस्तो यहाँ पे मैंने सिर्फ नाम बदला है. और किसी भी भाभी का नाम और नही लिखा सिर्फ प्राइवेसी के लिये. खैर आपको ज्यादा बोर न करते हुए सीधे कहानी पे लेकर चलता हूं. इनसे हँसी मजाक हमेशा चलता था.

भाभी को बच्चा काफी देर से हुआ. तो बेटे को पिलाते समय खिलाते हुए जब भी भाभी को देता तो एकाध बार भाभी के बूबस दबा दिया करता था. भाभी भी हसके टाल देती थी.

मेरी बीबी मायके गयी हुई अभी से 2 महीने पहले की बात है. मेरे भैया गाँव गए थे. तो मैं किसी काम से भाभी के पास गया रात का टाइम था. तो भाभी बोली संजय खाना खाके तब जाना. मैंने कहा ठीक है भाभी.

फिर भाभी ने खाना बनाया हम सबने खाना खाया. खाते खाते रात के 11 बजने वाले हो गए तो भाभी बोली यही सो जाना. रात में कहा जाओगे. मैं तभी समझ गया था. आज भभी को चोदना है.

भाभी मेरी थोड़ी मोटी और छोटी सी है. जैसा कि मैंने बताया था कि मेरी भाभी से खुल्लम खुल्ला हँसी मजाक चलता है तो मैंने भाभी को बोला भाभी अकेले मुझे नीद नही आती.

भाभी भी समझ गयी थी आज ये चोदे बिना नही मानेगा. भाभी का बेटा जो कि 2 साल का है. ओ जल्दी सो गया. तो मैने ऐसे ही भाभी के बदन पे हाथ फेरा तो भाभी ने मेरा हाथ झटक दिया.

वो बोली शरारत नही. मैंने कहा भाभी कुछ करूँगा नही. सिर्फ हाथ रखके सो जाऊंगा. भाभी भी जानती थी बगैर चोदे तो छोड़ेगा नही तो भाभी दूसरी तरफ मुह करके सो गई. और मैं भाभी के पीछे था.

तो भाभी के बूब्स को दबाने लगा. मैं गर्मी हो या ठंड सोता हमेशा अंडरबीयर में ही हूँ. तो भाभी भीअब गर्म होकरमेरी तरफ मुड़ गयी तो सबसे पहले मैंने भाभी को बोला भाभी कपड़े उतार दो.

भाभी भी गर्म हो गयी थी तो उन्होंने मन नही किया मैंने भाभी की नाइटी उत्तर दी अब भभीमेरे ब्रा और पेटीकोट में खड़ी थी. दोस्तो मुझे पेटीकोट खोलने में बड़ा मजा आता है.

तो मैंने भाभी का पेटीकोट और ब्रभी खोल दी. अब भाभी मेरे सामने बिल्कुल न्नगी खड़ी थी. भाभी ने भी खिचके मेराअंडर बियर उतार दिया. मेरा खड़ा लन्ड देखते ही भाभी का मुह खुला रह गया ओ बोली इस लन्ड से तुम अपनी बीबी को चोदते होकैसे झेलती होगी बेचारी.

वत्सव में मेरा लंड बहुत बड़ा है. तो मैंने अब भाभी को लिटाया और दोस्तो चुदाई से पहले चुत चूसने और लंड चुसवांने का शौक है. लेकिन भाभी लन्ड मुह में लेने से मना करने लगी.

तो मैंने भी ज्यादा जोर नही दिया. और भाभी की चूत चूसने लगा तो भाभी जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी.

जब भाभी से बर्दास्त करना मुश्किल हो गया तो उन्होंने मेरा लंड मुह में लेलिया मैंने उनकी तरफ देखा तो मेरा लन्ड मोटा ज्यादा है तो पूरा नही गया था मेरी निगाह उनसे मिलते ही मुस्कराने लगी और काफी देर 69 पोजिशन के बाद मैंने उन्हें बीएड पे लिटाया और अपने लन्ड के टोपे को भाभी के चुत पे रगड़ने लगा.

रगड़ते ही भाभी के चुत से तो जैसे नाली भतीहै उस हिसाब से पानी निकलनेलगा. तो भाभी जबरदस्ती मुझे नीचे लिटाकर मेरे लन्ड को अपनी चुत में ले लिया. और उछलने लगी.

फिर काफी देर बाद जब भाभी थक गई पर अब भी नीचे थी और मैं उनके उपरकुच देर इस तरह से चोदने के बाद मैंने भाभी को कुटिया बनाया औरपीछे से धक्के पे धक्के लगाने लगा.

भाभी भी मस्ती में आह हाय यह आह करने लगी. अब तक भाभी दूसरी बार झड़ गयी लेकिन पता नही क्यो मेरे लंड से अब तक पानी नही निकला.

फिर से भाभी नीचे लिटाया और कुछ देर में भी पानी निकलने वाला था तो भाभी से पूछा भाभी कहा निकालू तो उन्होंने अंदर निकालने से मना कर दिया. तो मैने भाभी के पेट पे सारा मल निकाल दिया.

भाभी के चेहरे से लग रहा था भाभी चुदाई से संतुष्ट है. फिर हम पानी वगैरह पिये और लेटकर बात करने लगे फिर भाभी बोली नीद आरही है अब सो जाएं.

तो मैंने कहा भाभी एक बार और हो जाये तो भाभी का भी मन था चुदवाने का. फिर से दोबारा हम लोगो ने चुदाई की इस बार की चुदाई और ज्यादा चली फिर हम नंगे ही एक दूसरे को अपने बाहों में पकड़कर सो गए.

दोस्तो एक बात तो सच है पहले मैं कहानियों में पढ़ता था. मगर अब अनुभव भी है. जो मजा भाभी और साली की चुदाई में है ओ मजा कही और नही.

अभी तक किसी साली को नही चोद पाया हूं. लेकिन एक साले की बीबी है जिन पे मेरी नियत खराब है. उसकी चुदाई भी करते ही उसकी कहानी आपको बताऊंगा.

सुबह भाभी ने मेरे ऊपर चद्दर डाल दी. फिर मैं उठा और निकल गया अब तो भाभी को हफ्ते में एक दो बार उन्हें अपने लन्ड की खुराक देने लगा.

जब तक मेरी बीबी नही आई तब तक मैंने भाभी को कभी घुमाने के बहाने ले जाकर बुद्धा गार्डन में तो कभी अपने घर ऐसे करके भाभी को खूब चोदा.

बीबी के आने के बाद भी मैं आये दिन भाभी की चुदाई करता रहटा हूँ. भाभी ने ही अपनी एक सहेली जो कि उनके नीचे के फ्लोर पे रहती है. उनकी चुत भी भाभी ने ही दिलवाई. लेकिन वो कहानी बाद में!

उनकी पड़ोसन की चुदाई के बाद मैन भाभी की गाड़ कैसे मारी ओ अगली बार बताऊंगा. आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी. मुझे मेल या हैंगआउट पे बताना.

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