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चुदाई की कहानी पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 856 बार

चूत का क्वॉरेंटाइन लण्ड से मिटाया- 2

शालू

09 Nov 2017 को प्रकाशित

चूत का क्वॉरेंटाइन लण्ड से मिटाया- 2
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फुद्दी और लंड की कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी गर्म चुत लंड मांग रही थी और इसे भाभी के भाई का लंड मिलने वाला भी था. लेकिन मैं उसे तड़पा रही थी.

मेरी कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं अपनी भाभी के भी के घर आ गयी थी.

अब आगे फुद्दी और लंड की कहानी:

मैं और अजय उसके घर पर पहुंच गए और हम दोनों घर के अंदर गए.अजय ने मुझे कहा- अंजली, तुम्हें बुखार है. तुम आराम करो. तब तक मैं तुम्हारे लिए मार्केट से कुछ फल फ्रूट लेकर आता हूँ.मैंने भी बुखार की दवाई ले ली और वही अजय के बेड पर सो गई।

जब शाम को 5:00 बजे नींद खुली तो मेरा बुखार उतर चुका था.अजय चाय बना रहा था. वह रूम में चाय लेकर आया और बोला- शालू चाय पी लो!

हम दोनों ने साथ बैठकर चाय पी और काफी देर तक बातें की.अजय रह रह कर बार-बार मेरे बूब्स पर नजरें गड़ा रहा था और बात भी मेरी आंखों में आंखें डाल कर बात रहा था.उसके ऐसा करने से मुझे शर्म आ गई और मैंने अपना सर झुका लिया.

हम दोनों ने चाय खत्म की और मैं अजय के हाथ से कप लेने के लिए आगे बढ़ी तो अजय ने कहा- नहीं शालू, मैं अपना कप तुम्हें नहीं दूंगा, तुम अपना कप मुझे दे दो.मैंने कहा- नहीं, मैं नहीं दूंगी.

अजय बोला- नहीं शालू, तुम मेरी मेहमान हो और मैं तुम्हारी इतनी सेवा करूंगा कि तुम मेरे मेहमानवाजी की कायल हो जाओगी. आज तो पहला दिन है. देखती जाओ. मैं तुम्हारी इतनी सेवा करूंगा कि तुम्हें वादा है दोबारा मेरे पास आना ही पड़ेगा।

उसकी बातों को सुनकर मेरे शरीर में सनसनी दौड़ गई. मैं उसकी द्विअर्थी बातों को भलीभांति समझ रही थी.और मुझे भी काफी दिनों से नये लण्ड की तलाश थी जो आखिर अजय पर आकर खत्म होने वाली थी।

मैं भी अजय का लौड़ा लेने के लिए उतावली हो रही थी और चाहती थी कि अजय खुद पहले करके मेरी चूत में अपना किला फतह कर ले।

रात होते ही अजय ने खाना ऑर्डर कर प्रिया और फिर बोला- मुझे बहुत गर्मी लग रही है. मैं नहाने जा रहा हूं.वो मेरे सामने ही अपने कपड़े उतारने लगा. और तौलिया लपेटकर बाथरूम में घुस गया.

10 मिनट बाद जब वो नहा कर निकला तो बहुत ही सेक्सी लग रहा था. उसके शरीर पर पानी की बूंदें थी और उसने अपने शरीर पर तौलिया लपेटा हुआ था.

मेरी नजर सीधे उसके तौलिये अंदर से उसके लौड़े पर ठहर गई.उसने शायद नीचे अंडरवियर नहीं पहना था और उसका लौड़ा बिल्कुल तौलिये सीधा पूरे अपने आकार में तना हुआ था.शायद वह भी जानबूझकर मुझे अपने तने हुए लण्ड को दिखाना चाहता था.

मेरी नजर तो उसके तौलिये पर ही ठहर गई और मैं यह नजारा देखकर लण्ड के दर्शन को उतावली हो गई.अजय तौलिये में ही दर्पण के सामने गया और अपने आपको तैयार करने लगा.

इतनी देर में खाना आ गया और अजय ने तौलिया पहने हुए ही सोफ़े के सामने पड़ी मेज पर खाना लगा प्रिया.वो मुझे बोला- शालू आ जाओ, खाना खाते हैं.

और हम दोनों सोफ़े पर बैठ कर खाना खाने लगे. लेकिन मेरी नजर अब भी उसके लौड़े पर अटकी हुई थी और अजय ने ऐसा करते हुए मुझे कई बार पकड़ लिया.

मुझे अपना लण्ड ताड़ते हुए देखकर अजय बोला- मैंने साधना दीदी को तुमसे दोस्ती करने के लिए पूछा था लेकिन तुमने साधना दीदी को कोई रिप्लाई नहीं प्रिया?मैं बोली- तुम्हें दोस्ती मुझसे करनी थी या अपने दीदी से? अगर मुझसे दोस्ती करनी थी तो मुझसे पूछते! साधना भाभी को क्यों पूछा?! और मैं उनको रिप्लाई क्यों दूं?

अजय मेरा एक हाथ अपने दोनों हाथों तो मैं लेकर तपाक से बोला- तो ठीक है, तुमको ही पूछ लेता हूं.“शालू … मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं, क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगी?”

अगर मैं उसके छोड़े हुए शब्दों के तीर को नहीं संभालती तो शायद अगले 5 मिनटों में मैं उसके लौड़े के नीचे होती.

लेकिन मैंने भी संभल कर कहा- अजय, साधना भाभी ने मुझे इस बारे में कई बार पूछा लेकिन मैंने उन्हें भी यही कहा और तुम्हें भी यही कहती हूं. मैं भी शादीशुदा हूं और दो बच्चों की मां हूं. तुम भी शादीशुदा हो और एक बच्चे के पिता हो. तो हमारी यह दोस्ती क्या सही रहेगी?

जैसे मैं अजय के लौड़े पर बैठने के लिए उतावली हो रही थी, उससे ज्यादा अजय मुझे उतावला लग रहा था.अजय ने एक अपने शब्दों का एक तीर और मारा, बोला- एक बार अपना हाथ मेरे दिल पर रख कर बताओ कि यह तुम्हारे लिए धड़क रहा है या किसी और के लिए?

मैं अजय के बिल्कुल पास में आ गई और अपना एक हाथ उसके नंगे बदन पर उसके दिल पर रख प्रिया.उसका दिल जोर जोर से धड़क रहा था.

मैंने अपना दूसरा हाथ उसकी जांघ पर रख प्रिया. अब मेरे हाथ के और उसके लौड़े के बीच बिल्कुल कम अंतर रह गया था.मैं अजय से बोली- हाँ अजय, मुझे पता है तुम्हारा दिल मेरे लिए धड़क रहा है!ऐसा कह कर मैंने उसके गाल पर एक किस कर प्रिया और उठ कर खड़ी हो गई।

जैसे ही मैं खड़ी हुई अजय ने मेरा हाथ पकड़ लिया और मैं उसकी तरफ घूमी तो उसने एक झटके से मेरे हाथ को खींच कर मुझे अपने ऊपर गिरा लिया.

मैं अजय की गोद में गिर गई, मेरे बूब्स उसके नंगे सीने में दब गए और उसका 90 डिग्री पर खड़ा हुआ लण्ड तौलिये के अंदर से और मेरे कपड़ों को दबाता हुआ सीधा मेरी चूत पर लग गया.हम दोनों के चेहरे पास आ गए.

उसने अपने दोनों हाथों से मेरे चेहरे को पकड़ा और अपने होंठों से मेरे होंठों को मिला प्रिया.

वह अपने होंठों से मेरे होंठों का रसपान करने लगा और अपने दोनों हाथ मेरे चेहरे से हटाते हुए मेरे बूब्स की तरफ बढ़ाने लगा.

लेकिन मैं उसे और तड़पाना चाह रही थी. इसलिए तुरंत उसकी गोद से उठ खड़ी हुई और उसको बोली- अजय तुम्हारे सवाल के लिए मुझे थोड़ा वक्त चाहिए. मैं कल सुबह इस बारे में तुम को जवाब दूंगी.

मैंने मेज पर से बर्तन उठाये और सीधी रसोई में चली गई, वहां बर्तन साफ करने लग गई.

मेरी चूत अजय के लण्ड का स्पर्श पाकर गीली हो गई थी और लगातार पानी छोड़ रही थी.

मुझे पति का लण्ड लिए हुए काफी दिन हो गए थे. और नया लण्ड लिए हुए थे तो बहुत समय हो गया था.तो मैं अजय का लण्ड लेने के लिए उतावली होती जा रही थी.

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मेरा मन कर रहा था कि कमरे में जाकर तुरंत उसका तौलिया खोल कर सोफे पर ही उसकी गोद में सीधा उसके लण्ड पर बैठ जाऊं बिना कुछ कहे हुए!लेकिन साथ ही मैं अजय को तड़पाना चाह रही थी।

लेकिन मेरा शरीर मेरे खुद के काबू में नहीं तो रहा था, मैं अजय से भी ज्यादा उतावली हो रही थी और खुलकर चुदाई करना चाह रही थी.

मैंने अपना ध्यान दूसरी तरफ लगाया और तुरंत फोन लेकर अपने ससुराल फोन करने लगी.

काफी देर सासू मां से बात की और पति से भी बात की. सबकी तबीयत के बारे में पूछा और तबीयत का ध्यान रखने के लिए बोला.

मैंने उनको बोल प्रिया कि मैंने भी कोरोना जांच करवाई है। लेकिन अब मुझे बुखार नहीं है मेरी तबीयत ठीक है.लेकिन मैंने उन्हें यह नहीं बताया कि मैं अजय के घर होम आइसोलेट हो गई हूं.फिर मैंने फोन रख प्रिया।

मैंने दूसरा फोन तुरंत भाभी को किया.भाभी- कैसी है अब तबियत?में बोली- तबीयत तो ठीक है और सेवादार भी ठीक है

भाभी- सेवादार तो कब से तेरी सेवा करने के लिए बैठा है बेचारा, तू ही हर बार मना कर देती है.मैंने भाभी से कहा- आपका सेवादार तो बड़ा उतावला हो रहा है मेरी सेवा करने के लिए!भाभी बोली- अगर तेरी तबीयत सही है तो फिर चुद जाना, क्यों नाटक कर रही है? बेचारा कितने सालों से तड़प रहा है तेरे लिए!

“भाभी, मैं उसको परखना चाहती हूं, कि सच में वह मुझसे प्यार करता है या केवल मुझे अपनी लण्ड के नीचे लेने के लिए ही उतावला हो रहा है!”“तुझे उससे कौन सा शादी करनी है और परिवार बसाना है?” भाभी मुझसे बोली.

मैं बोली- भाभी, परिवार नहीं बसाना और ना ही शादी करनी है. लेकिन प्यार भी तो कोई चीज होती है. वह इतने सालों से मेरे लिए तड़प रहा है और आपको भी कई बार बोला मुझसे दोस्ती के लिए तो कुछ समय तो मुझे भी दीजिए उसे परखने के लिए!ऐसा तो हो नहीं सकता कि आज रात में मैं उसका लण्ड खाऊँ और कल मेरी गांड पर लात मार दे, मुझे मना कर के रण्डी घोषित कर दे. आखिर परिवार के अंदर ये सब करना है तो सामने वाले को परखना भी जरूरी है और फिर अगर बात किसी को पता चला जाती है तो पूरे परिवार की बदनामी होगी.

भाभी- अरे हां महारानी परख ले, परख ले, कहां की बात कहां लेकर चली गई. इतना आगे की सोच रही है तो मैं भी विश्वास दिलाती हूं तुझे कि मेरा भाई तेरी हर परीक्षा पर खरा उतरेगा.

मैं बोली- आपका भाई तो बड़ा उतावला हो रहा है, कब से तौलिये मैं अपने लौड़े को तंबू बनाकर मेरे सामने ही बैठा है और इशारों इशारों में मानो ऐसा कहना चाह रहा है कि आजा शालू … बैठ जा मेरे लौड़े पर!

भाभी बोली- आये हाय … मैं मर जाऊँ … लगता है आज मेरी ननद मेरे भाई का लौड़ा खाकर ही मानेगी.

“सही बोलूं भाभी … तो मैं सच में उतावली हो रही हूं. पर आपका भाई तो मुझसे भी ज्यादा उतावला हो रहा है. आप ऐसा मत बोलो कि आप की ननद आज आपके भाई का लौड़ा खाएगी. बल्कि आप तो ऐसा बोलो आज आपका भाई आपकी ननद को लोड़ा दिए बिना नहीं मानेगा.

भाभी बोली- हां तो चाहे चाकू तरबूज पर चले, या चाकू पर तरबूज, कटना तो तरबूज को ही है.

“एक बात पूछूं आपसे भाभी?”“हां बोल?”

“आज आपने जानबूझकर मुझे अजय के घर पर रहने के लिए बोला. और मम्मी पापा और भैया को भी आपने ही मनाया मुझे अजय के घर पर रहने के लिए! यह आपकी ही चाल थी मैं समझ गई पहले ही!”

भाभी- हां मैंने ही मम्मी पापा को मनाया तुझे अजय के साथ रहने के लिए! और वैसे भी मम्मीजी पापाजी को अजय पर और तुझ पर पूरा विश्वास है. और तेरे भैया? वे तो बड़े भोले हैं. उनको मनाना तो मेरे चुटकी का काम है।

“पर भाभी, अपने भैया को कैसे मनाया? प्लीज बताओ ना?”

“मैंने तेरे भैया के बाहों में हाथ डाल कर उनको एक गाल पर किस किया और उनसे से बोली ‘सुनो जानू … शालू को कोरोना हो सकता है, उसने आज जांच करवाई है, उसको यहां घर पर लाएंगे तो सभी को कोरोना होने का खतरा है. तो उसको क्यों ना अजय के साथ भेज दें! अजय का घर बड़ा है और शालू को वहाँ कोई तकलीफ नहीं होगी रहने में, इससे हमारे बच्चे भी सेफ रहेंगे और अगर शालू यहां रहेगी तो रात में बच्चे भी हमारे साथ सोएंगे. तो हमारी चुदाई में भी खलल पड़ेगा. क्यों ना शालू अजय के साथ भेज देते हैं. बच्चे सभी एक रूम में सो जाएंगे और मैं हर रात तुम्हारे लौड़े के नीचे सो सकूँगी.तो तेरे भैया बोले ‘हां मेरी जानेमन … मैं हर रात तेरी चूत में लण्ड डाल कर सोना चाहता हूं, मुझे हमारी चुदाई में खलल नहीं चाहिए, जैसा तुम्हें उचित लगे वैसा करो!’ अब तेरे भैया को क्या पता, कि उनकी बहन आज उनके साले से जमकर चुदने वाली है. और उसका लौड़ा खाने के लिए ही उसके साथ गई है!और वहां बेचारे ननदोई जी अकेले लण्ड हाथ में लेकर हिला रहे होंगे. यहां उनकी पत्नी किसी और के लौड़े पर आज रात उछल कूद करने वाली है.

मैं और भाभी जोर-जोर से हंसने लग गई.अब मैं भाभी को बोली- भाभी, आप सच में बड़ी चालू हैं। आपने बहुत अच्छा प्लान बनाया है, थैंक्स भाभी।

भाभी बोली- अच्छा ननद बाईसा, अब थैंक्स बोल रही हो जबकि मैं इतने समय से बोल रही हूँ. तब तो बड़े भाव खा रही थी. यह लण्ड तो बहुत पहले मिल सकता था. अगर तू पहले ही हाँ बोल देती तो!

“भाभी, दूसरों के पसंद का लण्ड लेने में और खुद पसंद करके लण्ड लेने में बहुत फर्क होता है. अब जब मुझे अजय का लण्ड लेने में दिलचस्पी है तो मैंने आपको थैंक्स बोला।”

भाभी बोली- शालू, मैंने तेरे लिए एक नए लण्ड की व्यवस्था करवाई है और आज तक तुमने जितने भी लण्ड लिए हैं सब के बारे में मुझे बताया है, और मैंने जितने भी लिए है सबके बारे में तुझे पता है, लेकिन इस बार मुझे तुझसे कुछ चाहिए, बोल मांगूंगी तो तू देगी या नहीं?

मैंने साधना भाभी को बोला- भाभी, आप कैसी बात कर रही है? आपके लिए तो मेरी जान हाजिर है. आप जो मांगेंगी, मैं वह तो आपको देने के लिए तैयार हूं।भाभी ने बोला- मुझे मेरे भाई की और मेरी ननद की चुदाई देखनी है, तो तुम दोनों की चुदाई की वीडियो बनाकर मुझे दिखाना. पर इस बारे में अजय को पता नहीं चलना चाहिए कि वीडियो तुम मेरे लिए बना रही हो और मुझे दिखाओगी।

“भाभी, अगर सच बताऊं तो मेरा मन अजय के साथ वो हर चीज करने का हो रहा है जो आज तक मैंने किसी के साथ सेक्स में नहीं किया. मैं अजय से अपनी गांड भी मरवाना चाहती हूं और उसका लौड़ा भी चूसना चाहती हूं और हर सेक्स पोज करना चाहती हूं जो मैंने आज तक नहीं किये. हम दोनों की चुदाई वीडियो आपको दिखाने में मुझे शर्म तो बहुत आएगी. पर हां मैं वादा करती हूं आपने अब मांग लिया है तो आपको हमारी चुदाई का वीडियो में जरूर बताऊंगी.”

भाभी- अरे मेरी रानी … तू तो बड़ी लण्डखोर हो गई है?“लण्डखोर तो भाभी आप मुझसे भी बड़ी हैं. लेकिन आप वाले किस्सों की बात बाद में फुर्सत से करेंगे. अभी मुझे आपके भाई का जूस निकालने जाना है। जबसे अजय में मुझे अपनी गोद में अपने लण्ड के ऊपर बिठाया है तब से ही ये निगोड़ी चूत आंसू बहा रही है.”

भाभी बोली- ठीक है तू जा अब! काफ़ी देर हो गई है हमें बात करते हुए! तेरे भैया भी लण्ड पर तेल लगा कर बैठे हैं. कब से इंतजार कर रहे हैं. और बेचारा मेरा भाई भी तेरी चूत के दर्शन को बेताब होगा.

हम दोनों जोर से जोर से हँसने लगी. हमने एक दूसरी को चुदाई की रात की शुभकामनाएं दी और फ़ोन रख प्रिया.

मेरी फुद्दी और लंड की कहानी आपको पसंद आ रही होगी. मुझे बतायें!

फुद्दी और लंड की कहानी जारी रहेगी.

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चूत का क्वॉरेंटाइन लण्ड से मिटाया

कुल भाग: 7
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
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ranjan892

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

अखिल, राजस्थान

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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