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Group Sex Story पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 443 बार

बिंदास बहन भाई के लंड से चुद गयी- 2

आयुषी 4

21 Sep 2022 को प्रकाशित

बिंदास बहन भाई के लंड से चुद गयी- 2
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डबल सेक्स का मजा लिया मैंने अपनी मौसी के बेटे और सगे भाई से एक साथ चुद कर. मेरे दोनों हरामी भाइयों ने एकसाथ मेरी चूत में लंड ठोक प्रिया था.

फ्रेंड्स, मैं आयुषी एक बार फिर से अपने लवली चूत लेकर आपके लंड के सामने हाजिर हूँ.कहानी के पहले भागमेरे छोटे भाई ने कर दी मेरी चूत चुदाईमें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं अपने भाई के मोटे लंड से चुदने की आदी हो गई थी. घर से बुलावा आने पर मैं अपने भाई के साथ लखनऊ में किसी शादी के कार्यक्रम में जा रही थी.

अब आगे डबल सेक्स का मजा:

रात में घर वालों के होने की वजह से भाई मुझे ट्रेन में चोद तो नहीं पाया, पर वो कभी मेरे मम्मे सहलाता रहा तो कभी चूत में और गांड में उंगली करता रहा.

सुबह हम लोग लखनऊ पहुंच गए.

हम सबसे मिले, फिर गेस्ट रूम में आराम के लिए चले गए.

घर में ज्यादा भीड़ भाड़ होने की वजह से रूम ज्यादा खाली नहीं थे तो एक रूम में 3-4 लोगों को रहना था.हमारे रूम में मैं, मेरा भाई और बड़ी मौसी का लड़का रुका था.

दोपहर का टाइम था. मैं नहाने चली गई थी. मेरे भाई रूम में नहीं थे, वो दोनों शायद कहीं गए थे.

पर जब मैं नहा रही थी, तो मुझे ऐसा लगा कि रूम में कोई आया है.मैंने आवाज देकर पूछा- कौन है?

तो भाई झट से बाथरूम में घुस आया और मुझे कमोड पर बिठा कर मेरी टांगें खोल दीं.उसने मेरी चूत फैला कर मुँह लगा प्रिया और चूत चाटने लगा.

मैंने उसके सर पर हाथ फेरते हुए पूछा- भाई जल्दी कर ले, कोई आ जाएगा.वो बोला- सब बिजी हैं यहां कोई नहीं आएगा.

मैंने रोहन का पूछा.रोहन हमारी मौसी का लड़का था, वो हमारे रूम में रुका था.

भाई ने बताया कि वो साला दारू पीने गया है.मैंने कहा- उसके साथ तू क्यों नहीं गया?

उसने कहा- दारू से ज्यादा नशा तो आपकी चूत चाटने में मिलता है.मैंने कहा- हां ये तो है. मुझे भी तुझसे चूत गांड चटवा कर बड़ा मजा मिलता है.

उसने कहा- दीदी, आपको मुझसे चूत गांड चटवाने से ज्यादा मजा मिलता है या चुदवाने से ज्यादा मजा मिलता है?मैंने कहा- अब कैसे बताऊं बेटा, बस तू चूत चूस और अपनी दीदी को मजा दे.वो बोला- हां दीदी अभी चूत चूस कर आपको चोदकर भी मजा दूंगा.

ये कहकर वो मेरी गांड और चूत फिर से चाटने लगा.

फिर उसने अपना लंड निकाला और मेरे मुँह में दे प्रिया.मैं भी एकदम पागलों की तरह उसके लंड को खा रही थी.

मेरे भाई को अपनी गांड चटवाने में भी बहुत मजा आता है, तो मैं बीच बीच में उसकी गांड भी चाट रही थी.वो आह आह करके अपनी गांड में मेरी जीभ का अहसास करता रहा.

मैंने उसकी गांड एक उंगली की और कहा- एक दिन मुझे तेरी गांड मारनी है.वो हंस पड़ा और बोला- मेरी गांड कौन से लंड से मारोगी दीदी?

मैं बोली- भैन चोद तेरे लिए एक डिल्डो मंगाऊंगी. उसे मैं कमर पर बांध कर तेरी गांड मारूंगी.वो हंस कर बोला- हां दीदी, आप मेरी गांड मार लेना. मैं भी किसी दिन आपकी चूत में एक साथ दो लंड पेलूंगा.

मैंने कहा- साले दूसरा लंड किसका लाएगा? क्या तेरे दिमाग में अपने किसी दोस्त से चुदवाने का विचार तो नहीं चल रहा है?वो हंस प्रिया और बोला- नहीं दीदी अभी तक तो सिर्फ सोचा है. बिना आपकी मर्जी के आपकी चूत में किसी को भी लंड नहीं लगाने दूंगा.

हम दोनों काफी गर्म हो गए थे.

अब उसने मुझे अपनी गोद में उठाया और अपना लंड एक झटके में पूरा अन्दर कर प्रिया.

थोड़ी देर बाथरूम में मुझे चोदने के बाद उसने मुझे कमरे में लाकर बेड पर पटक प्रिया और ताबड़तोड़ चोदने लगा.उसका लंड मेरी चूत में सटासट चल रहा था और 3 उंगलियां मेरी गांड में थीं.

कुछ देर बाद उसने लंड मेरी गांड में डाल प्रिया.काफी देर से चुदाई का समारोह चल रहा था और मेरा बेवकूफ भाई गेट पर कुंडी लगाकर नहीं आया था.

मौसी का लड़का अचानक कमरे में आ गया, वो शराब पीकर आया था.उसने जैसे ही देखा कि हम दोनों चुदाई कर रहे हैं, उसने कहा- ये तुम दोनों क्या कर रहे हो, तुम दोनों तो सगे भाई बहन हो. पागल हो गए हो क्या? मैं अभी जाकर सबको बताता हूँ.

मेरे भाई ने उसे रोका और कहा- मैं तुझे सब समझाता हूँ कि बात क्या है.रोहन बैठ गया. मैं अभी भी बिना कपड़े के पड़ी थी. मैंने बस चादर ओढ़ ली थी.

भाई ने रोहन को समझाने की बहुत कोशिश की.पर उसे समझ नहीं आ रहा था और वो सबको बताने की बात पर अड़ा था.अचानक उसने कुछ ऐसा कहा जिससे मैं शॉक हो गई.

वो बोला- मुझे अगर तुम आयुषी की चूत चोदने दो, तो मैं किसी को नहीं बताऊंगा.हम दोनों के पास कोई और चारा नहीं था.

मैंने कह प्रिया कि ठीक है, चोद लो … पर किसी को मत बताना प्लीज.मेरे इतना कहते ही उसने झट से अपने कपड़े उतार फेंके और अपना लंड सीधे मेरे मुँह में घुसा प्रिया.

कुछ देर बाद वो मेरी चूत के अन्दर लंड पेल रहा था.मेरा भाई वहीं बैठ कर मेरी चुदाई देख रहा था.

मुझे पता था कि मुझे नंगी देखने के बाद मेरा भाई भी रुकने वाला नहीं है.

उसने रोहन से कहा- तुम लेट जाओ और आयुषी को ऊपर आने दो. मैं ज्यादा मजा दूँगा.

रोहन बोला- ठीक है, मुझे तो बस चूत चोदने मिलनी चाहिए. चाहे ऊपर से या नीचे से मिले, मुझे बस आयुषी की चूत चाहिए.

मेरा भाई राजी हो गया.मैं पहले से ही राजी थी.

जैसे ही रोहन लेटा और उसके ऊपर बैठकर मैंने उसका लंड अपनी चूत में भरा, मेरे भाई ने पीछे से आकर अपना लंड भी मेरी चूत में घुसा प्रिया.

मैं चीख पड़ी क्योंकि दो लंड एक साथ मेरी चूत में थे.जबकि मैं समझ रही थी कि ये मेरी सैंडविच चुदाई करने की सोच रहा है.मैं भी आज एक अपनी गांड और चूत में लंड लेना चाह रही थी. मगर साले ने चूत में ही लंड पेल प्रिया था.

मेरी चूत परपराने लगी.पर कुछ देर बाद मुझे डबल सेक्स का मजा आने लगा.

अब वो दोनों कभी मेरी गांड मारते, कभी चूत … या कभी दोनों एक साथ चोदने लगते.

काफी देर तक चुदाई करने के बाद रोहन बाहर चला गया और उसके कुछ देर बाद भाई भी निकल गया.मैं एक सिगरेट पीकर अपने आपको शान्त करने लगी.

बाद में मैं तैयार होकर नीचे चली गई.

अगले दिन शादी थी तो तैयारियां बहुत जोरों से चल रही थीं, किसी के पास टाइम नहीं था.वो दिन ऐसे ही बीत गया.

रात को खाना खाकर सब अपने अपने रूम में चले गए.मुझे पता था कि आज हमारे रूम में रात का क्या माहौल होने वाला है.

मैंने रूम का दरवाजा खोला तो वो अन्दर से लॉक था, तो मैंने नॉक किया.भाई ने दरवाजा खोला और मुझे अन्दर खींच कर झट से दरवाजा बंद कर प्रिया.

अन्दर दोनों (रोहन और मेरा भाई) पूरे नंगे होकर मेरे आने का इंतजार कर रहे थे.दोनों सामने दारू की बोतल खोल कर पी रहे थे.

मेरे अन्दर आते ही रोहन ने मेरे सारे कपड़े खींच कर उतार दिए.आज से पहले मेरे कपड़े शायद इससे जल्दी कभी नहीं उतरे होंगे.

दोनों ने मेरे कपड़े उतार कर मुझे बिल्कुल नंगी कर प्रिया और मुझे घोड़ी बनाकर रोहन ने अपना लंड मेरे मुँह में भर प्रिया.भाई ने अपना मुँह मेरी गांड में भर प्रिया.

भाई की जीभ मेरी चूत के अन्दर जा रही थी.मुझे महसूस हो रहा था कि आज सच में मैं जन्नत की हूर बनी हुई हूँ.

उसके बाद हम तीनों ने चार चार पैग दारू पी और उसके बाद मेरे दोनों भाइयों ने रात भर मुझे चोदा.

अगले दिन शादी निपटा कर हम वापस आ गए.घर पर मम्मी ने कहा- 2 एक दिन और रुक जाओ. तुम लोग तो आ ही नहीं पाते हो.

हम दोनों मान गए.मैंने ऑफिस कॉल करके एक हफ्ते की छुट्टी ले ली.

मैंने आपको पहले भी बताया है कि जब से मेरा मेरे भाई के साथ चुदाई का सिलसिला शुरू हुआ है तबसे मैंने पैंटी पहनना बंद कर प्रिया है.

अब हम दोनों घर पर थे तो चुदाई करने में बहुत रिस्क था. कोई पकड़ लेता तो न जाने क्या हो जाता.पर भाई को जब कोई आसपास नहीं दिखता तो उसका हाथ सीधे मेरी सलवार में होता था और वो मेरी चूत मसलता रहता था.

दो दिन बीत गए थे, हम दोनों को चुदाई का मौका ही नहीं मिल पा रहा था.अब मेरी भी चूत में चुदाई की खुजली हो रही थी.

मेरी चूत जब देखो चुदाई के बारे में सोच कर गीली हो जाती थी.

मैं तीसरे दिन किचन में खाना बना रही थी. पापा ऑफिस गए थे. मम्मी टीवी देख रही थी और उनके साथ भाई भी था.मैंने भाई को आवाज दी कि इधर आ.

वो आ गया और जैसा मुझे मालूम था, उसका हाथ सीधे मेरी स्कर्ट में आ गया.वो मेरी चूत मसलते हुए बोला- बताओ दीदी क्या हुआ?

मैंने कुछ नहीं बोला, बस स्कर्ट उठा दी.उसे समझने में देर कहां लगनी थी. वो नीचे बैठा और उसने अपनी बहन की चूत में मुँह घुसा प्रिया.

वो 10 मिनट तक मेरी चूत चाटता रहा.तभी मम्मी ने उसे आवाज दे दी तो वो बाहर चला गया.

कुछ देर बाद वापस किचन में आकर मेरी स्कर्ट के अन्दर घुस गया.पर सिर्फ चूत चटवाने से आज मेरी प्यास नहीं बुझने वाली थी.

मैंने भाई से कहा- तुम नींद की गोली लेकर आओ.वो मार्केट गया और ले आया.

मैंने मम्मी की लस्सी में नींद गोली मिला दी और वो कुछ देर बाद अपने रूम में जाकर सो गईं.बस फिर क्या था, पापा तो शाम को आने थे और मम्मी सो चुकी थीं.

हम दोनों ने लगातार बहुत देर तक चुदाई की.

मेरी चूत औरगांड का दरवाजाऐसे खुल गया था मानो कोई पहाड़ की गुफा हो.जम कर चुदाई करवाने के बाद एक अच्छी नींद तो बनती थी.

मैं सो गई.इस तरह से धीरे धीरे एक हफ्ता बीत गया.

अब हम दिल्ली वापस जा रहे थे.भाई मुझसे बोला- आपने मुझे पिछले हफ्ते बहुत कम प्यार प्रिया, मैं आपसे गुस्सा हूं.

मैंने कहा- कोई बात नहीं पागल, फ्लैट पहुंचने की देर है, मैं तुझे ढेर सारा प्यार दूंगी.कुछ घंटे बाद हम अपने फ्लैट पर पहुंच गए थे.

अगले दिन संडे था.फ्लैट पर पहुंच कर हम दोनों ने दारू पी और खाना खाकर एक सिगरेट सुलगा कर चुदाई की तैयारी करने लगे.

एक बार चुदाई करके हम दोनों आराम करने लगे.

अगली सुबह में उठती उससे पहले मेरा गाउन गायब हो चुका था.मेरा भाई मेरी चूत चाटने में लगा हुआ था.

मैंने उसका सर जोर से अपनी चूत में दबा लिया और वो और जोर चूत चाटने लगा.उसने मेरी चूत अपनी उंगलियों से पूरी तरह खोल रखी थी और जीभ बिल्कुल अन्दर रगड़ रही थी.

पूरे दिन हम दोनों नंगे ही रहे क्योंकि पूरे दिन भाई मेरी चुदाई ही करता रहा.शायद साले ने कोई गोली खा रखी थी.

उस दिन से मेरे ऑफिस से घर आने के बाद मेरा भाई मुझे कपड़े ही नहीं पहनने देता है और न ही खुद पहनता है.

उसका जब भी मन करता है तो मेरी चूत में घुस जाता है.फिलहाल तो सब ऐसे ही चल रहा है. आगे कुछ स्पेशल होता है, तो मैं अपनी चुदाई की कहानी लिख कर जरूर बताऊंगी.

मेरी डबल सेक्स का मजा कहानी कैसी लगी? मुझे कमेंट्स में बताएं.बाय ब्रदर्स!support@mohakkisse.com

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कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

बिंदास बहन भाई के लंड से चुद गयी

कुल भाग: 2
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Main aur Kritika raat bhar chudai karke bahut thak gaye the. Hum dono subah 5 baje so gaye.

13 मिनट 291

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सोनी रवि

3 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

सैम शेख

3 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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