प्रेषिका : अंजली
“नेहा अब तो तूने मेरी गाण्ड भी मार ली, अब तो अपना लण्ड बाहर निकाल ले !” मैंने नेहा को कहा।
“हाँ बस अभी निकाल रही हूँ !” कहते हुए नेहा ने अपनी गति बढ़ा दी और अब जोर जोर से डिल्डो मेरी गाण्ड के अंदर-बाहर करने लगी।
दो-तीन मिनट के बाद नेहा ने अपना डिल्डो बाहर निकाला और मेरे साथ ही बिस्तर पर निढाल हो कर गिर गई।
“नेहा, तू क्यों निढाल हो गई, गाण्ड तो मेरी चुदी है और पानी भी मेरी चूत से निकला है!!!” मैंने नेहा को चूमते हुए कहा।
हम दोनों कुछ देर तक ऐसे ही लेट कर सुस्ताते रहे फिर नेहा ने धीरे से पूछा,”शालू क्या मुझे चोदेगी?”
“हाँ चोदूँगी ! ला मुझे यह डिल्डो उतार कर दे फिर देख कैसे मैं तेरी चूत और गांड का भुरता बनाती हूँ।” मैंने कहा।
“यह वाला तो सिर्फ तुझे चोदने के लिये है. मुझे चोदना है तो मेरे बैग में से दूसरा निकाल ले !” नेहा बोली और उठ कर बाथरूम में चली गई।
मैं उठी और उसके बैग में देखा तो कोई आठ इंच लंबा और दो इंच मोटा काले रंग का एक डिल्डो उसमें पड़ा था, मैंने उसे निकाला और नेहा के बाथरूम से निकलने का इंतज़ार करने लगी।
फिर मैं बाथरूम होकर आई और उस काले डिल्डो को अपनी कमर पर बांध कर नेहा के साथ लेट गई। मैंने नेहा को चूमना-चाटना शुरू कर प्रिया।
नेहा धीरे धीरे सिसकारियाँ भर रही थी, मैंने नेहा को कहा- आज मैं तेरे साथ वैसा ही करूँगी जैसे कोई लड़का चोदने से पहले मुझे चूमता-चाटता है।
“ठीक है और मैं भी तेरा लण्ड ऐसे चूसूँगी जैसे लड़के का लण्ड चूसती हूँ !” नेहा बोली।
“ले फिर पहले मेरा लण्ड चूस कर खड़ा कर !” कहते हुए मैं उसके साथ लेट गई।
नेहा ने मेरे डिल्डो के सिरे को चाटना शुरू कर प्रिया, फिर उसे हाथ में पकड़ कर ऊपर से नीचे तक चाटते हुए मेरी जांघों को चाटने लगी। अब नेहा डिल्डो को अपने मुँह में लेकर अपने सिर को जोर जोर से ऊपर नीचे करती हुई चूस रही थी, अपने हाथों में थूक लगा कर कभी मेरी जांघों पर मलती और कभी मेरे मोम्मों पर मलती हुई उन्हें मसल रही थी।
मेरी जोर जोर से सिसकारियाँ निकल रहीं थीं। थोड़ी देर के बाद नेहा मेरे ऊपर लेट गई और मेरे होठों को काटती हुई चूसने लगी।
कुछ देर के बाद मैं नेहा के ऊपर चढ़ गई और उसके होठों को चूसते हुए उसके मोम्मे मसलने लगी। मैंने नेहा को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटना और चूमना शुरू कर प्रिया, उसके मोम्मे चूस चूस कर लाल कर दिये, उसके होठों को अपने होठों में दबा कर चूसने लगी।
मैंने उसको उल्टा लिटा कर उसकी पीठ को चाट चाट कर अपनी थूक से गीला कर प्रिया. उसकी गांड को चाट चाट कर जोर जोर चपत मार मार कर लाल कर प्रिया। मैंने उसे सीधा लिटाया और उसे चूमते हुए नीचे उसकी चूत पर पहुँच गई, उसकी जांघें खोल कर उसकी चूत के ऊपर चाटने लगी।
नेहा की चूत से पानी निकल रहा था, वह सिसकारते हुए कहने लगी, “ओह्ह्ह शालू मेरी जान !!! चोद दे मुझे !!”
मैं अपने डिल्डो को उसकी चूत के मुँह पर रगड़ने लगी और फिर उसे नेहा की चूत के मुँह पर लगा कर मैंने धक्का मारा जिससे आधा डिल्डो नेहा की चूत में घुस गया।
“आह्हह्ह!!! ओह्ह्ह्ह!!! शालू तेरा लण्ड घुस गया मेरी चूत में!!!” नेहा की जोरदार आह निकली।
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मैंने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू कर दिये और पूरा डिल्डो नेहा की चूत में डाल प्रिया। एक बार पूरा डिल्डो नेहा की चूत में डालने के बाद मैं कुछ सेकंड के लिये रुकी ताकि नेहा की साँसे संयत हो जायें और फिर उसकी चूत में डिल्डो अंदर-बाहर करने लगी।
“नेहा अब बता, तुझे कैसे चोदूँ !! धीरे धीरे या जोर जोर से !!” मैंने नेहा की टाँगें पकड़ कर चौड़ी कर लीं।
“मेरे ऊपर लेट कर चोद !!” नेहा बोली।
मैंने उसकी टाँगें छोड़ दीं और नेहा के ऊपर लेट कर उसके मोम्मे अपने हाथों में दबा लिये और उसके होठों को चूसते हुए उसे चोदने लगी।
कोई दस मिनट के बाद नेहा ने अपनी दोनों टाँगें मेरी कमर पर लपेट लीं और मेरी गाण्ड को जोर जोर से दबाते हुए झड़ गई। कुछ देर तक नेहा के ऊपर लेटे रहने के बाद मैं दोबारा उठी और उसकी टाँगें खोल कर उसको जोर जोर से धक्के मार कर चोदने लगी।
थोड़ी देर में नेहा फिर से झड़ गई,”अग्ग्ग्ग!!! आह्हह्ह!!! शालू मैं गई!!!”
मैंने उसकी टाँगें अपने कंधों पर रखीं और अपने पूरे जोर से उसे धक्के मारने लगी। नेहा की चूत से पानी बह कर बाहर निकल रहा था और उसकी गाण्ड के छेद को भी भिगो रहा था।
मैंने उस पानी को अपनी उँगलियों पर लगाया और नेहा की गाण्ड के छेद पर लगाते हुए अपनी एक उंगली उसकी गाण्ड में डालने लगी।
“ओह्ह्ह्ह ! शालू नहीं प्लीज़ मत कर !!” नेहा जोर से कराही।
“जब तक लड़की की गाण्ड ना मारी जाये, चुदाई पूरी नहीं होती !!” मैं उसकी गांड में उंगली अंदर-बाहर करते हुए बोली।
मैंने अपना डिल्डो बाहर निकाला और उसकी गाण्ड के छेद पर लगा कर दबाने लगी।
जैसे ही डिल्डो का सिरा अंदर गया नेहा चिल्लाई,”ओह्ह्ह्ह !! शालू प्लीज़ धीरे धीरे डाल !!!”
“जब तूने मेरी गाण्ड मारी थी तो तुझे बहुत मज़ा आया था अब मेरी बारी है तो प्लीज़ धीरे धीरे डाल? आज मैं तेरी गांड फाड़ दूँगी !!” मैंने जोर से एक धक्का मार कर डिल्डो नेहा की गांड में घुसेड़ते हुए कहा।
मैंने नेहा की गाण्ड के नीचे हाथ डाल कर उसकी गाण्ड और थोड़ी सी ऊपर की ओर उठा ली ताकि मुझे आसानी हो जाए और दनादन उसकी गाण्ड मारने लगी।
नेहा की आहें भी अब कम हो गईं थी। कोई पन्द्रह मिनट तक नेहा की गाण्ड मारने के बाद मैंने अपना डिल्डो बाहर निकाल लिया और नेहा की चूत में डाल प्रिया और दोबारा उसकी चूत चोदने लगी। नेहा मेरे मोम्मे दबाने लगी. जैसे ही नेहा के हाथों का दबाव मेरे मोम्मों पर बढ़ता, मैं उसे चोदने की गति बढ़ा देती।
तभी नेहा ने अपनी पूरी शक्ति से मेरे मोम्मे दबा दिये।
“ओहहह!!! आह्हह्ह!!! आह्हह्ह!!! नेहा मेरे मोम्मे छोड़!!!” कहते हुए मैं उसके हाथ हटाते हुए उसके ऊपर गिर गई और अब नेहा ने अपनी उँगलियाँ मेरी पीठ में गड़ा दीं और झड़ने लगी।
जब हम दोनों की साँसे संयत हुईं तो हम दोनों साथ साथ चिपक कर सो गईं।