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बीवी की अदला बदली पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 508 बार

दोस्त और उसकी बीवी ने लगाया ग्रुप सेक्स का चस्का-9

सनी वर्मा

16 Jul 2014 को प्रकाशित

दोस्त और उसकी बीवी ने लगाया ग्रुप सेक्स का चस्का-9
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खाना खाकर मैंने दीपा को फ्रिज से आइसक्रीम निकालने को कहा।वो उठी, मैं भी पीछे पीछे चला गया, मैंने उसको पीछे से गले लगाकर पूछा कि उसे बुरा तो नहीं लग रहा, और क्या वो और भी आगे बढ़ने को तैयार है?तो उसने पलट कर मुझे चूम कर कहा कि मेरे साथ वो हर चीज के लिए और किसी भी लिमिट तक तैयार है बस इन सबसे मेरे और उसके संबंधों पर फर्क नहीं आना चाहिए।

मैंने उससे पूछा- कामिनी और राजीव कैसे लगे?तो वो हंसकर बोली- कामिनी बहुत जिंदादिल और अच्छी है और राजीव को उसने चखा कहाँ है तो उसे क्या मालूम कि वो कैसा है।मैंने कहा- चल बाहर… अभी चखा दूँ।तो दीपा बोली- अभी तो आइसक्रीम ले आऊँ, फिर देख लेंगे! जरूरी तो नहीं कि आज ही सारा कार्यक्रम हो जाये!

वो चार कपों में डालकर आइसक्रीम ले आई, हमने आइसक्रीम खानी शुरू की तो राजीव ने फिर एक नई खुराफात हमसे बिना पूछे कर दी, उसने कामिनी को लिटाकर उसकी फ्रॉक ऊपर करके उसकी चूत में अपना आइसक्रीम का कप पलट प्रिया और उसे जीभ से चाटने लगा।

कामिनी ने दीपा जो आँख फाड़कर ये नजारा देख रही थी, को अपने पास बुलाया और उसे अपने मुँह के ऊपर बिठाया और उसकी चूत चूसने लगी।

अब अकेला मैं क्या करता, मैंने भी ताव में आकर अपने लंड पर आइसक्रीम लगा ली और लंड दे प्रिया दीपा के मुँह के अंदर…यह देख कर कामिनी बोली- सनी, मुझे भी चूसना है!

मैंने दीपा की ओर देखा, दीपा ने मेरे लंड को मुँह से निकाल कर उस पर और आइसक्रीम लगा कर मुझे अपनी जगह बिठा प्रिया और कामिनी मेरे लंड चूसने लगी।

राजीव कामिनी की चूत चूस रहा था और कामिनी मेरे लंड चूस रही थी।मैंने दीपा से कहा- राजीव का लंड खाली है उसे तू चूस…

दीपा को झिझक हो रही थी, राजीव ने उसका हाथ अपने लोअर में कर प्रिया।फिर तो दीपा ने उसका लोअर नीचे किया और उसका लंड अपने मुँह के अंदर ले लिया।

क्या नजारा था… हर ओर चुसाई और चुदाई का आलम!जैसे ही एक मिनट को राजीव ने अपना मुँह कामिनी की चूत से हटाया और दीपा से चुसवाने में अच्छी पोजीशन करी, मैंने फटाक से अपना लंड कामिनी के मुँह से हटाकर उसकी चूत में घुसा प्रिया।

कामिनी ने भी अपनी टांगें मेरे कंधों पर रख ली। हम जोरदार चुदाई में लग गए।यह देखकर दीपा ने भी राजीव का लंड मुँह से निकाल प्रिया और लेट गई इस इन्तजार में कि राजीव उसकी चूत फाड़ दे!राजीव ने उसकी दोनों टांगों को दोनों हाथों से फैलाया और अपना औज़ार दीपा की चूत में डाल प्रिया।

दीपा ने जिन्दगी में पहली बार किसी दूसरे का लंड खाया था, भले ही इसका इंतज़ार वो कबसे कर रही थी।दीपा और कामिनी ने एक दूसरे के हाथ पकड़ लिए थे और मैं और राजीव एक दूसरे की बीवियों की चूत बजा रहे थे।

मैंने कहा- राजीव चलो इनकी गांड भी खोल दें!मगर दीपा इसके लिए तैयार नहीं हुई, बोली- फिर कभी!रात काफी हो चुकी थी, कामिनी राजीव अपने घर चले गए।

हमने कपड़े नहीं पहने थे, हम ऐसे ही सो गए।

अगले इतवार को कामिनी ने वाटर पार्क का प्रोग्राम बनाया। मेरी छुट्टी तो मंगलवार को होती थी मगर कामिनी के बार बार कहने पर मैं दोपहर दो बजे बाद चलने को तैयार हुआ।वाटर पार्क में स्विमिंग कोस्टयूम तो वहीं से लेने थे, अपने टॉवल लेकर दीपा कामिनी के साथ आ गई। मैं और राजीव सीधे वहीं पहुँचे।

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कामिनी और दीपा ने बिकनी स्टाइल का कोस्टयूम लिया और मैंने और राजीव ने बरमूडा!हम लोग एक साथ खूब मस्ती करने लगे। यह तय हो गया था कि कामिनी मेरे साथ रहेगी और दीपा राजीव के साथ!एक बंद वाली स्लाइड में मैं और कामिनी ऊपर से नीचे फिसल कर आये, अंदर मैंने कामिनी के मम्मे जोरे से दबाये।कामिनी चीखी पर इतनी शोर में उसकी चीख कहाँ सुनाई देती।

नीचे दीपा आते ही बोली- राजीव तो बहुत बदमाश है! ऊपर से नीचे आते में इसने मेरे मम्मे दबा दबा कर परेशान कर प्रिया।

हम लोग स्विमिंग पूल में भी इन दोनों की चूत में उंगली करते रहे।वहाँ खड़े गार्ड ने एक बार देख भी लिया और सीटी बजाई।मैंने बाहर आकर उससे कहा कि चुपचाप जो हो रहा है होने दे और कल मेरी दुकान पर आकर 500 रुपये ले जाये।

वो मुस्कुरा कर बोला- ठीक है, पर और लोगों न देखें, इस बात का भी ध्यान रखें!

शाम को घर आने पर प्रोग्राम बना कि रात को खाना छत पर खायेंगे।हम लोग अपना अपना खाना लेकर 9 बजे छत पर पहुँच गए। छत पर ज्यादा रोशनी नहीं थी। कामिनी और दीपा ने तय कर लिया था कि वो दोनों गाऊन में आएँगी, मैंने लुंगी और शर्ट पहनी थी, राजीव भी लुंगी और टीशर्ट पहने था।

हम लोग नीचे चटाई बिछाकर बैठ गए, अब हमें दूसरी छतों से भी कोई देख नहीं सकता था।

कामिनी ने हाथ आगे बढ़ाकर मेरी और राजीव की लुंगी की गाँठ खोल दी।हमारी लुंगी आगे से खुलकर हमारे औजार दिखाने लगी।इसके बाद कामिनी ने दीपा के गाऊन की बेल्ट खींच दी।

राजीव ने दीपा को अपनी ओर खींच लिया, दीपा पेट के बल लेट कर राजीव का लंड चूसने लगी।मैं कामिनी के पीछे बैठकर उसके मम्मी दबाते हुए उसकी जीभ अपनी जीभ से चूसने लगा।

तभी दीपा ने अपनी उंगली कामिनी की चूत में कर दी और कामिनी ने भी अपने पैर का अंगूठा दीपा की चूत में कर प्रिया..कोई देख न ले इसलिए हम लोग खड़े नहीं हो सकते थे।बहुत देर तक हम ऐसे ही करते रहे।

राजीव तो दीपा के मुँह में झड़ गया पर दीपा, कामिनी और मेरी प्यास अधूरी रही।मैंने दीपा से कहा- चलो नीचे चलते हैं।तो कामिनी बोली- मेरा क्या होगा?पर मजबूरी थी इससे ज्यादा यहाँ कुछ हो भी नहीं सकता था।

मैंने राजीव को एक आईडिया प्रिया कि दो दिन के लिए जिम कार्बेट पार्क चलते हैं, वहाँ मैं कामिनी के साथ रहूँगा और तुम दीपा के साथ… दो दिन सिर्फ चुदाई… बस खाने के लिए ही बहार निकलेंगे।

मेरा आईडिया सबको पसंद आया। यह जिम्मेदारी मुझे दी गई कि मैं काम के हिसाब से छुट्टी की डेट निकाल लूँ और राजीव से कन्फर्म करके रिजर्वेशन करा लूँ।

जिम कार्बेट की कहानी अगली बार बताऊँगा।आपको मेरी कहानी कैसी लगी, बताइयेगा।

सनी वर्माsupport@mohakkisse.com

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