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जीजा साली की चुदाई पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 1,012 बार

दीदी की चुत में मेरे पति का लंड-1

अनन्या शाश्वती

15 Apr 2015 को प्रकाशित

दीदी की चुत में मेरे पति का लंड-1
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दोस्तो नमस्कार, मैं आप लोगों की प्यारी हॉट मीनू … एक बार फिर अपनी आत्मकथा में तहेदिल से आप सभी का स्वागत करती हूं. आप लोग मेरी कहानी को इतना सराह रहे हैं, उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद. आप लोगों के इस प्यार के कारण ही मैं अपनी आत्मकथा आप लोगों के साथ शेयर करती हूं.

जैसा कि आप सभी ने पिछली कहानीभाई और आशिक ने की 3 सम चुदाईमें पढ़ा था कि मैंने अपने मौसी के लड़के यानि अपने मौसेरे भाई और राजीव से किस प्रकार खुली छत पर जोरदार बारिश में थ्री-सम सेक्स करवा कर मजा लिया था. उसके बाद जब हम तीनों अपने रूम में आए, तो फिर से वो दोनों मेरे ऊपर टूट पड़े और सेक्स का नंगा नाच हुआ. सेक्स के दौरान ही पता नहीं कब, हम लोग सो गए.

जब मेरी नींद खुली, उस वक़्त सुबह के 11 बज चुके थे. जब मैं उठी, तो मेरे पूरे बदन में दर्द हो रहा था. दर्द इतना ज्यादा था कि मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही थी.

मैं किसी तरह दीवार का सहारा लेकर लंगड़ाती हुई बाथरूम में गयी. उधर जैसे ही अपने आपको आईने में देखा, तो मेरा दिल कांप उठा. मेरी दोनों चुचियों पर सिर्फ दांत के ही निशान थे. मेरी दोनों चुचियां बिल्कुल लाल हो गयी थीं.जब मैंने नीचे देखा, तो जांघ और चुत पर भी दांतों के काटे के बहुत ज्यादा निशान बने थे.

तभी मुझे राजीव की बात याद आयी कि वो बोला था कि आप ये चुदाई कभी नहीं भूल पाओगी. वही हुआ भी, सच में ऎसी चुदाई मैंने आज तक नहीं करवाई थी.

हालांकि इसके बाद हम लोगों ने कई बार थ्री-सम सेक्स किया.

खैर … इन सब बातों को छोड़ते हुए आज नई सेक्स कहानी की ओर बढ़ते हैं.

यह सेक्स कहानी तब की है, जब मेरी नई शादी हुई थी. मैं और मेरे पति रोहित हनीमून मना कर स्विटजरलैंड से आ रहे थे. हमारी लैंडिंग मुम्बई में होनी थी.

इस कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपसे थोड़ी सी कुछ और बात भी साझा करती हूँ.

जैसा कि आप लोगों को पता है कि मैं अपनी मौसी के बेटे सन्नी से अनेकों बार चुदी हूं और अभी तकमौसी के बेटे से चुद रही हूं. आज मैं आप लोगों को सन्नी के परिवार बारे में थोड़ा बता देती हूं. सन्नी के घर में पांच लोग हैं. मॉम, डैड, दो बहनें दीक्षा और वनिता … और सबसे छोटा सन्नी. दीक्षा मेरे से एक साल बड़ी है … जबकि वनिता मेरे से एक साल छोटी है. हम उम्र के कारण दोनों बहनें मेरी अच्छी सहेलियां हैं. हम तीनों बहनें एक से बढ़कर एक मस्त माल हैं.

हम लोग आपस में बिल्कुल फ्रेंक थे. एक दूसरे से सारी बातें शेयर कर लेते थे. फिर वो चाहे पढ़ाई की बात हो या चुदाई की हो. हम लोग बहनें कम, सहेलियां ज्यादा थे. सन्नी मेरे से 3 साल छोटा है. आज वो भाई के साथ साथ मेरा पति, दोस्त सब कुछ है. ये तो आप लोग जानते ही हैं.

अगर दीक्षा की बात करूं, तो उसकी शादी उसके यार से हो चुकी थी. शादी के बाद वो थोड़ी सी मोटी हो गई थी. जिसकी वजह से उसकी गांड, चुचियां एकदम हरी-भरी लगने लगी थीं. वो अब एक गदराए जिस्म की मालकिन थी. ना जाने कितने लोग उसकी जवानी देखकर मुठ मारते होंगे. अगर उसकी फिगर की बात करूं, तो उसका मदमस्त बदन 36-32-38 का है.

दीक्षा की शादी मेरी शादी से 3 साल पहले हो गयी थी. उसका पति यानि मेरे जीजू मेरे पर पहले नज़र से ही फिदा थे. वो मुझे हमेशा छेड़ते रहते थे और उन्होंने मुझे चोदने की कोशिश कई बार की थी.लेकिन उनके हाथ हमेशा नाकामी ही हाथ लगी थी क्योंकि मैं उनसे चुदना नहीं चाहती थी.

दीक्षा अपने पति के साथ मुम्बई में रहती थी. जैसे ही दीक्षा को मालूम हुई कि हम लोग मुम्बई लैंड करेंगे, तो दीक्षा और जीजू दोनों बहुत जिद करने लगे कि हम लोग उसके यहां आएं. चूंकि वो लोग किसी कारणवश मेरी शादी में नहीं आ पाए थे, इसलिए वो दोनों आने के लिए काफी जिद कर रहे थे.

वे दोनों मेरे से ज्यादा मेरे पति से मिलना चाहते थे. इसलिए मैंने और मेरे पति ने तय किया कि हम लोग कुछ दिनों के लिए मुम्बई में ही रहेंगे. इसलिए हम दोनों ने दीक्षा से हां कर दी.

हम दोनों प्लेन से उतर कर जैसे ही बाहर निकले. दीक्षा और जीजू दोनों हम लोगों का इंतजार कर रहे थे. दीक्षा ने मुझे देख कर मेरी तरफ हाथ हिलाया और हम दोनों उनकी ओर चल दिए. मैं अपनी बहन को देखकर मुस्कुराने लगी. फिर नजदीक आते ही हम दोनों बहनें एक दूसरे से गले मिलीं. इसके ठीक बाद जैसे ही मैंने अपने पति की ओर देखा, तो पाया कि वो मेरी बहन दीक्षा के मम्मों को घूरे जा रहे थे.

मैंने अपने पति को हिलाकर कहा- ओ हैलो जी … क्या देख रहे हो. ये मेरी दीदी है.मेरे पति ने झेंपते हुए मेरी बहन से हाथ मिलाया. मैंने भी जीजू से हाथ मिलाया और फिर हम लोग उनकी गाड़ी में बैठकर घर के लिए निकल पड़े.

गाड़ी जीजू ड्राइव कर रहे थे और मेरे पति उनके बगल में बैठे थे. हम दोनों बहनें पीछे बैठकर गप्पें लड़ा रहे थे. मेरे पति छुप-छुप कर दीदी को व्यू मिरर में से देखने की कोशिश रहे थे. ये बात मैंने देख ली थी, लेकिन वो दोनों अभी तक इस बात से अनभिज्ञ थे.

मुझे उनका ऐसे देखना कुछ अच्छा नहीं लगी. मगर मैं चुप रही. कुछ देर बात हम लोग घर पहुंच गए. फिर हम फ्रेश हुए और खाना पीना खाकर सब लोग सोफे पर बैठकर बातें करने लगे.

मैं बार बार देख रही थी कि मेरे पति दीदी को घूर रहे थे. दूसरी तरफ जीजू हमेशा की तरह मुझे खा जाने वाली नज़रों से घूर रहे थे. मतलब दोनों मर्द एक दूसरे के पत्नियों को चोरी छुपे घूर रहे थे.

शाम को हम सब लोग घूमने निकले और डिनर बाहर ही करके घर लौटे. घर आकर हम सभी ने थोड़ी देर बात की और अपने अपने कमरे में सोने के लिए चले गए.

अभी हमारी नई-नई शादी हुई थी. मैं पिछले दो दिनों से किसी मर्द से चुदी भी नहीं थी. इसलिए मेरी चूत में आग लगी हुई थी. मैं हमेशा चुदने के लिए तैयार रहती थी और मेरे से ज्यादा रोहित मुझे हमेशा चोदने के लिए तैयार रहता था.

हम लोग जैसे ही कमरे में आए, रोहित बिना रूम लॉक किए मेरे ऊपर सवार हो गया. कुछ ही देर में उसका लंड मेरी चुत में था और वो ढंग से मेरी चुदाई करने लगा. आज शायद वो मुझे दीदी समझ कर चोद रहा था. ये बात मैं समझ गयी थी. उस रात रोहित ने मेरी चूत और गांड फाड़ कर रख दी थी.

फिर सुबह हम लोगों ने साथ बैठकर नाश्ता किया. रोहित मेरी दीदी को और जीजू मुझे फुल लाइन दे रहे थे.

नाश्ता करके जीजू ऑफिस के लिए तैयार होने के लिए अपने रूम में चले गए और दीदी किचन में कुछ काम करने लगी. दीदी के पीछे पीछे मेरे पति चले गए.

तभी जीजू ने दीदी को आवाज़ दी, तो दीदी ने मुझे आवाज दी- मीनू जरा जीजू को देख ले … उन्हें क्या चाहिए. मैं कुछ काम कर रही हूँ.

मुझे कुछ दाल में काला लगा कि दीदी मेरे पति के साथ अकेली किचन में क्या काम कर रही है.

तभी जीजू ने फिर दीदी को आवाज़ दी … और मैं बिना कुछ सोचे जीजू के पास चली गई.

जीजू मुझे देखकर बहुत खुश हुए और बोले- वाह क्या बात है.उन्होंने हंसते हुए कहा- काश रात में भी तुम अपनी दीदी की जगह की आ जातीं.मैं भी हंसते हुए बोली- अच्छा … तो दीदी क्या मेरे पति के पास चली जाती.मेरे इतना बोलते ही वो बोले- हां चली जाए … मुझे कोई दिक्कत नहीं है.

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तब मुझे एहसास हुआ कि अपनी बीवी भले ही हूर की परी ही क्यों ना हो, लेकिन मर्दों को हमेशा दूसरे की बीवी ही अच्छी लगती है.

इधर जीजू मेरे पर लाइन मार रहे थे और उधर मेरे पति ना जाने दीदी के साथ क्या कर रहे थे.

फिर जीजू बोले- चलो आ गयी हो, तो मेरी टाई थोड़ी सी ठीक कर दो.

मैं उनके गले में टाई बांध ही रही थी कि इतने में जीजू ने मेरे गाल पर एक किस कर दी.मैं थोड़ी गुस्से में बोली- जीजू ये क्या है. आप बड़े बदतमीज हो गए हो.

भुनभुनाती हुई मैं कमरे से बाहर जाने लगी.उधर जीजू मुझे मना रहे थे- अरे रुक जाओ रानी … ये कोई नई बात है क्या … जीजा साली में इतना तो चलता है.

मगर मैं बाहर चली गयी. जैसे ही मैं हॉल में पहुंची. तो रोहित सोफे पर बैठकर टीवी देख रहा था. मैं भी उसके पास जाकर बैठ गयी. थोड़ी देर में जीजू ऑफिस चले गए.

उनके जाने के बाद हम तीनों ने मिलकर ढेर सारी बातें की … और पता ही नहीं चला कि कब लंच का टाइम हो गया.

दीदी ने सबके लिए बाहर से खाना आर्डर कर प्रिया. फिर साथ मिलकर सबने लंच किया … और फिर से बात करने लगे.

बात करते करते पता नहीं मुझे कब नींद आ गयी और मैं वहीं सो गई. लेकिन रोहित और दीदी एक दूसरे से बात करने में लगे थे.

रोहित दीदी को फुल लाइन दे रहा था और शायद दीदी भी इस चीज को एन्जॉय कर रही थी.

तकरीबन मैं दो घण्टे बाद जागी. तब तक दोनों एक दूसरे के साथ हंस हंस कर बातें ही करने में लगे थे.

थोड़ी देर में जीजू भी आ गए. फिर जीजू और रोहित दोनों बाहर चले गए. उनके जाने के बाद हम दोनों बहनें आपस में बात करने लगीं.

बातों बात में दीदी ने पूछा- रोहित से तुम्हारा सेक्स रिलेशन कैसा है?मैं बोली- बहुत बढ़िया है दीदी.

इतने में मैंने दीदी को छेड़ते हुए पूछा- ऐसा क्यों पूछ रही हो … क्या जीजू आपको खुश नहीं कर पाते हैं?इस पर दीदी बोली- तेरे जीजू तो मुझे बहुत ज्यादा खुश कर देते हैं … पर शायद रोहित तुमसे खुश नहीं है.मैं बोली- नहीं ऐसी बात तो नहीं है दीदी. हम दोनों एक दूसरे से बहुत खुश हैं.

दीदी बोली- मैं एक बात कहूं, तुम बुरा तो नहीं मानोगी ना!मैं बोली- अरे बोलो न … मैं भला बुरा क्यों मानूंगी.तो दीदी बोली- जब मैं किचन में थी, तब रोहित मेरे पास आया था.

मैं अनजान बनते हुए बोली- कब और क्यों?दीदी बोली- इसलिए तो पूछ रही हूं ना कि तुम दोनों का सेक्स रिलेशन कैसा है.मैं बोली- मैंने बताया न दीदी हमारे बीच सब कुछ बहुत अच्छा है, लेकिन आप ये बार-बार क्यों पूछ रही हो?फिर दीदी बोली- सुबह जब तू जीजू के पास गयी थी न. रोहित उससे पहले मेरे पास आया था.

मैं बोली- क्यों?दीदी बोली- जब रोहित आया, तो मैं बर्तन धो रही थी. तभी तेरा पति आया और मुझे पीछे से पकड़ कर पीछे से मेरे गालों को किस करने लगा. मेरी चूचियों को दबाने लगा. मैंने सोची कि तेरे जीजू हैं. उनके ऐसा करते ही मैं चौंक कर बोली कि अरे क्या कर रहे हो … छोड़ो मीनू आ जाएगी. लेकिन वो बिना बोले मेरी कुर्ती में हाथ डालकर मेरी चूचियों को ब्रा के ऊपर से मसलने लगा.मैंने आश्चर्य से दीदी से पूछा- फिर?

दीदी- फिर वो जबरदस्ती मेरी ब्रा में हाथ डालने की कोशिश करने लगा और उसने मेरे गालों पर चुम्बन की बौछार कर दी. मुझे ये बात थोड़ी सी अजीब लगी कि तेरे जीजू तो ऐसे नहीं करते. मैंने पीछे मुड़ने की कोशिश की, लेकिन तेरे पति ने मुझे अपनी बांहों में जोर से जकड़ा हुआ था.

इतना कह कर दीदी मुझे देखने लगी. मैंने पूछा- फिर क्या हुआ?दीदी- फिर वो मेरी ब्रा में हाथ डाल कर बड़ी जोर से मेरी दोनों चुचियों को मसलने लगा … और मेरे गालों और गर्दन को चूसने लगा था.

मैंने दीदी को बड़ी हैरानी से सुन रही थी और दीदी बोले जा रही थी- फिर मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर पीछे मुड़ी और देखते ही बिल्कुल अवाक रह गयी … और शर्म से पानी पानी हो गयी. मैं गुस्से से एकदम लाल हो गयी थी.मैं- आपने कुछ कहा नहीं?दीदी- हां मैं उससे बोली कि ये तुम क्या कर रहे हो … पागल हो गए हो क्या? मैं अभी मीनू को बुलाती हूँ. फिर मैंने आवाज़ लगाने के लिए जैसे ही मुँह खोला, वैसे ही रोहित मेरे मुँह को दबाकर मेरे से रिक्वेस्ट करने लगा कि प्लीज दीदी ऐसा मत करो. वो इस दौरान भी अपनी गर्मागर्म सांसें मेरी गर्दन पर छोड़े जा रहा था.

मैं ये सब सुनकर गुस्से में तमतमा रही थी कि आज रोहित ने दीदी के साथ इतनी बड़ी हरकत कर दी और मुझे मालूम ही नहीं चला.

दीदी कहे जा रही थी- तू तो जानती ही है मीनू कि गर्दन पर कोई सांस छोड़े, तो लड़की कितनी कामुक हो जाती है. रोहित की गर्म सांसों मैं भी थोड़ी थोड़ी गर्माने लगी थी … और कसमसाने लगी थी. लेकिन तेरा पति तो मेरे साथ खेल रहा था. देखते ही देखते उसने मेरी चूत में हाथ डाल प्रिया और मेरी चूत को मसलने लगा. तू तो जानती ही है कि एक मदहोश औरत की चुदाई में चूत सहलाना … मतलब आग में पेट्रोल डालने के बराबर होता है.

अब मैं दीदी की इस गर्म बात को सुनकर और भी हैरान थी. जबकि दीदी अपनी रौ में बोले जा रही थी.

दीदी- फिर मुझे होश आया और मैंने अपने आपको जैसे तैसे रोहित से अलग किया. मैं उससे थोड़ी गुस्से में बोली कि अब तुम यहां से बाहर जाओ, नहीं तो मैं मीनू को बुलाती हूँ. इस पर रोहित बोला कि दीदी आपसे एक रिक्वेस्ट है.

उसके मुँह से रिक्वेस्ट शब्द सुनते ही मैंने सोची कि ये शायद माफी मांगेगा. लेकिन मैं गलत थी. मैं तो उसकी बातों को सुनकर एकदम हैरान हो गयी थी कि कोई इंसान इतना बेशर्म कैसे हो सकता है.

मेरी दीदी की चुत में मेरे पति का लंड कैसे घुस सका, ये आपको मैं अपनी जीजा साली सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगी.

आप लोग मुझे कमेंट्स जरूर कीजिएगा.

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श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

दीदी की चुत में मेरे पति का लंड

कुल भाग: 2
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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

देव कुमार

2 months ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

चन्द्रलेखा

2 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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