होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 616 बार

देवर के साथ भाभी की चुदाई भरी मस्ती

प्रणीता जोशी

19 Oct 2024 को प्रकाशित

देवर के साथ भाभी की चुदाई भरी मस्ती
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हैलो फ्रेंड्स मेरा नाम प्रणीता है, मैं 31 साल एक हॉट मॉल जैसी दिखने वाली विवाहित औरत हूँ. मेरी शादी 8 साल पहले हुई थी, मेरे पति इंजीनियर हैं और एक बड़ी कम्पनी में जॉब करते हैं.

मेरे घर में मैं, पति और देवर तीनों ही रहते हैं. मेरे सास ससुर नहीं है. एक और देवर है, जिसका नाम जीतू है. उसकी अभी अभी शादी हो गई है, वो अब मेरे साथ नहीं रहता.

जब मैं शादी करके आई थी तो वो 15 साल का था, मेरी सास ना होने के कारण उसकी सारी देखभाल मैंने ही की थी और उसने भी मेरा ख्याल बहुत कायदे से रखा था.

उस वक्त मेरे पति सुबह 8 बजे ही जॉब पर चले जाते थे. उनके जाने के बाद मैं जीतू को उठाकर स्कूल छोड़ने और लेने जाती थी. उसका हर तरह से ख्याल रखती थी. उसे क्रिकेट खेलने का शौक था.

उसके बड़े भाई यानि मेरे पति सेक्स में कुछ खास जोरदार नहीं हैं, उनका लंड केवल 4 इंच का ही है.

मैं मेरा पूरा ध्यान जीतू की पढ़ाई और क्रिकेट में लगाती. जीतू जब स्कूल से दोपहर को क्रिकेट खेल कर आता, तब मेरे साथ ही सोता था. अंजाने में उसने कितनी बार मेरे बोबे और गांड चुत को हाथ लगा प्रिया था लेकिन इस सबसे जैसे उसको कोई फीलिंग ही नहीं आती थी. उसके इस अनजाने में हुए स्पर्श से मुझे भी कुछ नहीं लगता था.

एक दिन जब वो थक के अपने कमरे में सोया हुआ था, तब उसकी पैन्ट में उसका लंड खड़ा हुआ था. उसकी पैन्ट फूली सी दिखी तो मैंने महसूस किया कि इसका लंड तो एकदम बड़ा लंड सा होना चाहिए.मैं तो देखते ही रह गई कि 18 साल के लड़के का लंड इतना बड़ा कैसे होगा. उसके लंड की मोटाई मेरी कलाई जितनी थी और शायद लम्बा भी 7 इंच का होगा.

इसके बाद से मेरी बुझी हुई चूत फिर से सुलग गई और तब से मैं उसके साथ और घुलने मिलने लग गई. अब मैं उससे उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछती, बिस्तर में लेटे लेटे उसकी पीठ पर अपने बोबे दबाती, लेकिन उसे कुछ फीलिंग ही नहीं आती. मैं सोच कर हैरान होती कि ऐसी मुझमें क्या कमी है. लेकिन फिर सोचती कि शायद उसका दिल साफ होगा इसलिए वो मेरे लिए कुछ नहीं सोचता है. उसका खड़ा लंड देख तो मैं हक्का बक्का रह जाती और मैं उसे टीज़ करने का कोई मौका नहीं छोड़ती थी.

जब वो नाराज़ हो जाता तो बिल्कुल मुझे चिपक कर सो जाता था. मेरे पेट में हाथ डाल कर मुझसे बातें किया करता और कभी कभी मेरे बोबों पर मुँह रखके सो जाता. उसके बड़े भाई ने एक दो बार देख लिया कि वो मुझसे बिल्कुल चिपक कर सोता है, लेकिन कुछ नहीं कहते थे. बस बोल देते थे कि क्या आजकल बहुत प्यार है देवर भाभी में.. और मैं सिर्फ़ मुस्कुरा देती थी.

एक बार क्रिकेट खेलते वक़्त उसके हाथ को चोट लग गई, इसके कारण उसके हाथ को प्लास्टर तक करवाना पड़ा. इसके बाद उसकी पूरी देखभाल मुझे ही करनी थी. ऐसे वक्त में मेरे पति को भी काम के सिलसिले में बाहर जाना था, सो वो चले गए.

जब सुबह नहाने के वक़्त मैंने जीतू को आवाज़ दी कि चलो मेरे साथ नहा लो.लेकिन वो शर्मा रहा था.मैंने कहा- भाभी ही तो हूँ तुम्हारी.. शरमाना क्या?

मैं अब सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में बाथरूम में उसके सामने खड़ी थी और वो सिर्फ़ अंडरवियर में था. उसका लंड आज पहली बार मुझे देख कर खड़ा हुआ था.

उफ़फ्फ़ कितना बड़ा लंड था.. क्या बोलूँ. मैं उसके पीछे चली गई और उसकी पीठ पे साबुन लगाने लगी. साथ ही मैंने अपनी ब्रा को भी खोल प्रिया और उसकी पीठ पर अपने बोबे दबाने लगी. उसका लंड और भी कड़क हो रहा था. कुछ पल बाद मैं उसके सामने आ गई. मेरे गोरे मम्मों को देख कर वो बहुत परेशान हो रहा था.

तभी मैंने उसकी निक्कर नीचे खींची और एक झटके में उसे नंगा कर प्रिया. अब उसका लंड बिल्कुल मेरे मुँह के पास था. तभी अचानक ये क्या हुआ.. वो झड़ गया और उसका सारा वीर्य मेरे मुँह पर गिर गया.मैं हंसने लगी और बोला- ये कबसे सीखा तुमने?वो ‘सॉरी सॉरी’ बोलने लगा.

मैंने उसके लंड को अपनी जीभ से चाटा तो गनगना गया. कुछ ही पलों में मैंने फिर से उसका लंड खड़ा कर प्रिया और उसे चूमने लगी. वो भी मेरे सिर पर हाथ रखकर मेरी आँखों में देख रहा था, जैसे बरसों का प्यासा हो.

फिर उसने मेरे मुँह को चोदना चालू कर प्रिया. वो रपक रपक कर लंड से धक्के लगा रहा था और मैं मज़े से गांड हिलाकर उसके खीरे से लम्बे लंड का मज़ा ले रही थी. वाउ कितना अच्छा लग रहा था. मेरा बरसों पुरानी प्यास बुझने वाली थी.

मैं उसे अपने बेडरूम में ले गई और ड्रॉवर से कंडोम निकाला, तो वो भी जोश में आ गया.जीतू बोलने लगा- भाभी आई लव यू.मैंने मुस्करा के कहा- आई लव यू टू..

फिर मैंने उसके खड़े लंड पर कंडोम लगाया और चित्त लेट कर दोनों पैर फैला दिए. मैंने अपनी चुदाई की जो कहानियां कुंवारी उम्र में सोची थीं, आज वो आस इस लोहे के लंड से पूरी होने वाली थी.

फिर उसने अपनी जीभ मेरी चुत में डाल दी और मेरी चुत चाटने लगा. उसकी चूत चुसाई से मैं जल्द ही झड़ गई.उसने कहा- ये क्या भाभीजी.. इतनी जल्दी?मैंने कहा- तेरे भैया ने पहले ऐसा कभी नहीं किया था ना!

वो मुस्कराया और मेरा पानी चाटने लगा. फिर उसने अपना लंड मेरी चुत के मुँह पर लगा प्रिया. आह गरम लंड की क्या फीलिंग्स थी.. उफ़फ्फ़.. वो मेरे पैरों के बीच में आ गया और चुत में लंड सरकाने लगा. मैं तड़फ उठी इतना मोटा लंड मेरी चूत में पहली बार जा रहा था.

जब उसका आधा लंड अन्दर चला गया तो उसने धक्के मारना चालू किए. वो एक हाथ से मेरे दूध दबाने लगा. ‘अहहा आहा आहा अह..’ की आवाजों के साथ ‘छपक छपक..’ की आवाजें भी रूम में गूँज रही थीं, रूम का माहौल एकदम रंगीन हो गया था.

कुछ देर बाद उसने चुत से लंड निकाला और मेरे मुँह में दे प्रिया. मैंने कंडोम के ऊपर से कभी लंड नहीं चूसा था.फिर उसने मुझसे पूछा- कौन सा फ्लेवर है भाभीजी.मैंने मुस्कुरा के कहा- चॉकलेट..

कुछ देर बाद वो झड़ गया, उसका कंडोम मैंने निकाला और लंड का क्रीम चाटने लगी. वो बेड पर ही सो गया और मैं उसकी बांहों में सो गई.

दोपहर के 4 बज गए मेरी आँख खुली, मैंने गाउन पहना और उसकी पसंद की ब्लैक टी लेकर आई. मैंने उसका लंड मुँह में लेकर उसे जगाया और बेड पर हमने चाय ली.

फिर मैंने अपने पतिदेव को कॉल किया और उनसे हालचाल पूछा और बोला- आई मिस यू.

बातचीत में मालूम हुआ कि उन्हें आने में अभी 8 दिन और बाकी थे. फिर मैंने फोन रखा और जीतू मुझे किस करने लगा.

हमारा घर एक हनीमून सूइट हो गया था, जहाँ मैं और मेरे देवर के अलावा कोई नहीं था. हमने खूब खुल कर फ्री सेक्स के मजे लिए.हम दोनों ने बाहर जाने का प्लान किया. मैंने टॉप और जीन्स पहनी और उसके साथ बाहर घूमने चली गई. हमने शाम को चाइनीज खाया फिर गार्डन में घूमे और रात को 8 बजे घर पर आ गए.

मैंने पूछा- रात में क्या खाओगे?तो उसने कहा- भाभी का रायता.मुझे हंसी आ गई, मैंने उसको अपनी चुचियों से चिपका लिया.

उसने मुझे फिर से चोदने की तैयारी की. उसका लंड खड़ा हो गया था. अब मुझसे भी रहा नहीं गया और मैंने सोफे पे बैठे हुए ही अपना टॉप निकाल कर फेंक प्रिया. उसने मुझे पूरा नंगी कर प्रिया और फिर मुझे सोफे पर ही चोदने लगा. इस बार उसने कंडोम भी नहीं लगाया था. उसकी लंड की चमड़ी की रगड़न मुझे चूत में और मज़ा दे रही थी.

दो मिनट बाद मैं उसके लंड पर बैठ गई और गांड हिला के उसके लंड का मज़ा लेने लगी. वो मेरी जुल्फों में उंगलियां डाल कर मेरे बालों को खींच रहा था, लेकिन मुझे बहुत अच्छा फील हो रहा था. मैं उसकी बांहों में अपनी इज़्ज़त, अपनी चुत उसके लंड पे घिस रही थी.

आज मेरी इतनी अधिक चुदाई हुई कि मेरी चुत लाल हो गई थी. मेरी चुत में से पानी आने लगा था. फिर मैं सोफे पे पीठ के बल लेट गई. उसने मेरा एक पैर हाथ में लेकर मेरी चुत को चोदना चालू कर प्रिया. धकापेल चोदन चल रहा था, धक्के पे धक्का लगता जा रहा था. उसका कड़क लंड मेरी चूत के मुँह को पूरा खोल चुका था.

मैं अब हवा मैं उड़ने लगी थी, न ज़ाने मेरे मुँह से ‘और चोदो और तेज चोदो..’ ऐसी आवाजें निकल रही थीं. पैर से लेकर सिर तक मैं नंगी अपने देवर के लंड का मज़ा ले रही थी. फिर मैं नीचे बैठ गई और उसने मेरे मुँह मैं अपना सारा वीर्य झाड़ प्रिया. मैंने सारा वीर्य थूक प्रिया.तो उसने मुझे कहा- भाभी ये क्या किया उसे पी जाना चाहिए था ना.मैंने उससे कहा- चल पागल, ऐसा कहीं होता है क्या?

उसने मुझे अपने रूम में ले जाकर लैपटॉप खोलकर ब्लू फिल्म दिखाई, जहां एक लड़की ने पूरा वीर्य पिया था. मैं हक्का बक्का रह गई और मेरे मन में भी वीर्य का टेस्ट करने की कशिश जाग उठी.

रात के 11.00 बज गए थे. मैं जीतू के ही रूम में बिल्कुल नंगी सो गई.. अब मुझे क्या डर था.

दूसरे दिन मैं उठी तब जीतू बाहर दौड़ने गया था. मुझे कल दिन भर चुदाई होने की वजह से बहुत हल्का हल्का महसूस हो रहा था.तभी जीतू चिल्लाता हुआ आ गया- भाभी जी, घर में हैं क्या?

उसके एक हाथ में ऑरेंज जूस था और दूसरे में ब्राउन ब्रेड. उसने मुझे ऑरेंज जूस पिलाया और मेरे माथे पे किस किया और बाथरूम में चला गया.

मैं भी उसके पीछे पीछे ब्रेकफास्ट ख़त्म करके बाथरूम में आ गई. हम दोनों ने एक साथ शावर लिया.

फिर मैंने मेरा कल वाला टॉप और जीन्स पहनी और हम बाहर घूमने चले गए.

मैटनी शो 10.30 का देखा और 1.30 फिल्म देख कर हमने बाहर ही कुछ खाना खाया. फिर वापस घर आने लगे.उसने मुझसे रास्ते में पूछा- कौन सा फ्लेवर लूँ?मैंने मुँह बनाते हुए कहा- मत लो.

उसका चेहरा एकदम से उतर गया.. मैंने उसे आँख मारी और फिर घर पर आ गए.

अब वो थोड़ा शांत और थोड़ा डरा हुआ था. उसे लगा कल की 4 बार चुदाई ग़लतफहमी में हो गई थी. शायद भाभी अब चुदाई नहीं करने देगी.

वो सोफे पे बैठकर टीवी देख रहा था और मैं अन्दर आकर नंगी हो गई और उसके सामने बिल्कुल नंगी आ गई. वो फिर से हक्का बक्का हो गया. उसके लंड की तरफ इशारा करके मैंने चूत चोदने के लिए कहा.

वो बहुत गरम हो गया और मुझ पर टूट पड़ा. उसने मेरे दूध मुँह में ले लिए और उंगलियों से चूत और चूतड़ सहलाने लगा.

इस बार उसने मुझे डॉगी बनाया और पीछे से अपना लंड मेरी चुत में सरकाने लगा. मेरी चुत इस पोजीशन में और भी ज़्यादा खिल रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था. वो मेरी चुत को उसका पूरा लंड लेने के लायक बना रहा था. मैं घुटने से नीचे झुक गई थी और वो मेरे बाल पीछे की तरफ खींच रहा था. मेरी जान निकली जा रही थी लेकिन चुत में जो मज़ा मिल रहा था, वो सब दर्द उस पर कुर्बान था.

फिर मैंने उससे बच्चा देने की माँग की तो खड़बड़ा उठा. मैंने फिर उसे सारी हक़ीकत बताई तो उसने मुझे अपनी बांहों में कस कर पकड़ा और बोला- थैंक्यू भाभी.. आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है.. मैं आपकी गोद भरूंगा.

मुझे अपने पति का ख्याल आया और फिर मैंने उन्हें कॉल करके बोला कि आज छोटे की तबियत खराब हुई थी तो मैं डॉक्टर के पास उसे ले गई थी. वहाँ पे मुझे उलटी सी आई तो डॉक्टर ने मुझे भी चैक किया और उसकी जांच से कुछ बात पता चली है कि मैं माँ बनने वाली हूँ. डॉक्टर ने अगला अपायंटमेंट 8 दिन बाद का प्रिया है. आप जल्दी आ जाओ.

मैंने फोन रखा और चूत सहलाते हुए बोल प्रिया- चल जीतू अब तुम्हारी बारी है.. मुझे बच्चा चाहिए.

जीतू ने मुझे गरम होता देखकर अपना लंड सहलाना चालू कर प्रिया और मुझे लिटा कर मेरी चुत के मुँह पर अपना लंड रख प्रिया.

मैंने आँख मारी तो उसने धक्के लगाना चालू कर दिए. आज मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैं बहुत खुश हो गई थी कि मुझे भी अपनी गोद में बच्चा लेने का सौभाग्य प्राप्त होगा. दस मिनट की चुदाई के बाद उसने मेरी चुत में पानी छोड़ प्रिया.

सुबह उठने के बाद तीसरे दिन मैं तैयार हो रही थी.उसने बोला- भाभी, आज मुझे कॉलेज में काम है.. मैं शाम को आऊंगा, लेकिन मेरी एक ख्वाहिश है कि आज रात तुम मेरे लिए दुल्हन जैसे सजो और मैं तुम्हारे साथ सुहागरात मनाऊं.. सब इंतज़ाम कर लेना.

बस वो इतना कह कर और मेरे गालों पे किस करके चला गया. मैंने घर के सारे काम कर लिए. उसके लैपटॉप में ब्लू फिल्म देखकर दोपहर में मैं सो गई और फिर शाम को सुहागरात वाला पूरा इंतज़ाम किया.

वो शाम को आया और देवर भाभी की सुहागरात अच्छे से मनी.मेरी फ्री सेक्स स्टोरी कैसी लगी?support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Bhabhi Ko Chod Kar Suhagdin Manaya
भाभी की चुदाई

Bhabhi Ko Chod Kar Suhagdin Manaya

Hello friends, mera naam karan hai aur aaj mein aapko meri aur meri bhabhi ki chudai ki kahani sunane ja raha hun, kaise maine meri bhabhi ko unki suhagraat ke agle din choda, main ek zym trainer hu aur meri personality kafi tagdi hai, mera lund k...

17 मिनट 1,174
पहली चुदाई का सुख मौसेरी भाभी ने प्रिया- 2
भाभी की चुदाई

पहली चुदाई का सुख मौसेरी भाभी ने प्रिया- 2

भाभी पुसी लिक स्टोरी में पढ़ें कि मैंने भाभी को सेक्स के लिए तैयार कर लिया था. भाभी चूत में लंड डालने को कह रही थी पर मैंने जीभ रख दी चूत पर!

12 मिनट 427
Bade Boobs Wali Sexy Padosan Ko Choda – Part 2
भाभी की चुदाई

Bade Boobs Wali Sexy Padosan Ko Choda – Part 2

Hi guys I’m Manoj and back with 2 part of this story, jaisa ki aap sab jante hai ke kaise maine apni padosan pallavi ko choda agar aapne wo story nahi padhi h to pahele usko padhe. toh main ab sidhe kahani pe aata hoon.

7 मिनट 642

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।