DesiXxx होम सर्वेंट कहानी में मैंने और मेरी पत्नी ने घर की नौकरानी से सेक्स किया. एक नौकर से उसकी शादी करवा के उस नौकर की गांड मारने का भी मजा लिया.
दोस्तो, मैं रतन दत्त अपनी इस सेक्स कहानी का अंतिम भाग लेकर आपके सामने पुनः हाजिर हूँ.
कहानी के दूसरे भागमेरी पत्नी ने नौकरानी संग लेस्बियन कियामें अब तक आपने अजय की जुबानी सुना था कि उसने किरण के साथ संभोग करना शुरू कर प्रिया था.
अब आप अजय से ही आगे की DesiXxx होम सर्वेंट कहानी सुनें.
थोड़ी देर बाद मैं फिर से किरण के बदन को चूमने लगा.किरण पुनः मचलने लगी, वह बोली- मालिक अब मेरे ऊपर आ जाइए … अब सहा नहीं जा रहा!मैं बोला- तुम चुदाई की भीख मांगो, मुझसे कहो कि मालिक कृपया अपना लंड मेरी चूत में डालकर दया कीजिए!किरण मेरे कहे अनुसार कहने लगी.
मैं उसे चोदने लगा.
जब मुझे लगता कि मैं झड़ने के समीप हूँ, मैं अपना लंड बाहर निकाल कर लंड को जड़ के पास से कस कर पकड़ लेता और लम्बी लम्बी सांस लेता.फिर जब लगता कि मेरा झड़ना टल गया है, तो मैं फिर से उसकी चुत चोदने लगता.
मैंने किरण के दोनों गालों पर चांटा मारकर कहा- मुँह खोलो!उसने मुँह खोला.
मैंने उसके मुँह के अन्दर थूककर कहा- पी जाओ!किरण थूक पी गयी.
कुछ देर बाद किरण मेरे सहलाने से ही पुनः झड़ गयी.अब मैंने लंड पेला और चोदने की गति बढ़ा दी. इससे लंड फूलने लगा.
मैंने उसकी चूत अपने वीर्य से भर दी, वीर्य चूत से बहने लगा.मैंने चम्मच में वीर्य लेकर किरण को मुँह खोलने को कहा.
उसने मुँह खोला तो मैंने उसके मुँह में वीर्य डाल प्रिया और उससे कह प्रिया कि पी लो, यह तुम्हारे बदन को ताकत देगा!किरण वीर्य गटक गयी.
मैंने किरण से कहा कि चलो अब मेरे साथ.मैं उसे बाथरूम में ले गया.
उधर किरण को फर्श पर बिठाकर उसे पुनः अपना मूत्र पिलाया और मूत्र स्नान कराया.दो बार झड़ने के कारण किरण पूरी तरह संतुष्ट थी.मैं दूसरी बार चोदने से बच गया.
मैं किरण को विभिन्न आसनों में चोदता था.किरण मेरे लंड की सवारी मजे से करती.
मैं किरण के साथ गुलाम के विभिन्न खेल खेलता, उसके गले में रस्सी लगा पट्टा बांधकर उसे पलंग पर बकरी की तरह खड़ा करके बोलता कि चल मेरी बकरी!
किरण जान बूझकर चलने से इंकार करती तो मैं बेल्ट उसके कूल्हों पर मारकर कहता कि चल साली!वह चलने लगती.
मैं रस्सी को पलंग पर बांधकर किरण के चूचों के नीचे बर्तन रखता, उसके निप्पल मरोड़ कर खींचकर दूध निकालने का नाटक करता.उससे हम दोनों को खूब मजा आता.
फिर हम दोनों की घमासान चुदाई होती.
उधर मैं अपनी पत्नी सरोज के साथ प्यार भरा सम्भोग हफ्ते में एक बार करता.
सरोज किरण के लेस्बियन संबंध भी चल रहे थे.
एक शाम सरोज किटी पार्टी में गयी, उसने मुझे बताया कि वह रात 10 बजे वापस आएगी.
सरोज जाने के बाद किरण मैक्सी पहन कर मेरे पास आयी.उसने अन्दर कुछ नहीं पहना था.
मैंने किरण को बताया कि मेरी एक फंतासी है कि खुले आसमान के नीचे चुत चोदी जाए.किरण राजी हो गई.
मैंने तय कर लिया कि आज किरण को फर्स्ट फ्लोर की बालकनी में नंगी करके उधर ही उसकी चुदाई करूँगा.किरण मना करने लगी कि साब बालकनी में तो कोई देख लेगा!मैं नहीं माना.
मैंने किरण की मैक्सी उतार कर उसे नंगी कर प्रिया और उसके बाल पकड़ कर कूल्हों पर बेल्ट से मारते सीढ़ियों से बालकनी में ले गया.
किरण को सामने झुककर उसके हाथ बालकनी की रेलिंग से बांध दिए.उसके चूचे दबाने के बाद मैंने निप्पल पर कपड़े सुखाने की क्लिप लगा दी.मैं पीछे से उसकी चूत चोदने लगा.
थोड़ी देर चोदने के बाद मैं लंड बाहर निकाल लेता.फिर किरण के कूल्हों पर बेल्ट मारकर कहता- गुलाम … मालिक को मना करे मुझे पसंद नहीं!मैंने 45 मिनट तक उसे चोद कर DesiXxx का मजा लिया.
किरण उस दरमियान दो बार झड़ गयी.
कामरस उसकी जांघों से बहकर फर्श पर गिर रहा था.बाद में किरण ने बताया कि उसने जानबूझ कर मना किया था, जिससे मैं जबरदस्ती उसकी चुत चुदाई करूं और बेल्ट से मारूं … जिससे उसे मजा आए.
दूसरी तरफ 22 उम्र का विकास फलों की दुकान के मालिक से ख़ुशी से गांड मरवाता था.मालिक गांड मारने के समय विकास को थोड़ा पीटता था. पिटने में विकास को मजा आता था.
मालिक विकास को दूसरे मर्दों के पास जबरन भेजने लगा था तो विकास इस अत्याचार से दुखी हो गया था.मैंने अपने घर उसे नौकरी दी.
विकास गोरा दुबला सुंदर था.वह हमारे यहां का अच्छा खाना खाकर फूलने लगा. उसका शरीर भर गया.
मैंने उसकी डॉक्टर से जांच कराई थी तो उसे यौन रोग नहीं निकला था.उसकी दूसरी बार जांच 3 महीने बाद होनी थी. अब दस दिन बाद 3 महीने पूरे होने वाले थे.
हॉस्टल में मैं जिस दोस्त की गांड मारा करता था, उससे अभी भी फ़ोन पर बात बात होती.
उसी दोस्त ने बताया कि उसकी शादी हो गयी, तो कुछ दिनों तक उसने मोमबत्ती से अपनी गांड चोद कर शांत की.फिर वह एक पड़ोसी से गांड मरवाने लगा.
गांड मरवाने का अलग ही मजा है, यह वे ही जानते हैं जिन्होंने अपनी मरवाई है.
मैंने एक पैकेट मोमबत्ती विकास के कमरे में रख दी.दूसरे दिन मैंने देखा कि उस पैकेट के बाहर एक मोमबत्ती निकली रखी है और उसमें तेल लगा है.मैं समझ गया कि विकास की गांड कुलबुलाती है.
तीन महीने पूरे होने पर विकास की डॉक्टरी जांच हुई और 3 दिन बाद रिपोर्ट आयी कि उसे कोई यौन रोग नहीं है.
मैं- विकास यह ख़ुशी की बात है कि तुम्हें कोई यौन रोग नहीं है. अब तुम्हारी गांड की खुजली मैं मिटाऊंगा. साफ़ साफ़ कहो तुम्हें क्या क्या अच्छा लगता है?विकास- मेरी छाती दबाने, निप्पल मरोड़ने और हल्की पिटाई से मुझे जोश आ जाता है.
मैं- झांट, कांख और दाढ़ी मूंछ के बाल शेव कर लेना और नहाकर आज शाम 7 बजे गेस्टरूम में मेरा इन्तजार करना.उसने हामी भर दी.
मैं साढ़े सात बजे गेस्ट रूम में गया, विकास को खड़ा करके उसे नंगा कर प्रिया. उसके गोरे व थोड़े फूले हुए पुरुष चूचों पर भूरे रंग के निप्पल थे.मैं चूचे दबाने निप्पल मरोड़ने लगा.
विकास सिसकारी लेने लगा.
मैंने अपने कपड़े उतारे और हाथ में बेल्ट लेकर पलंग के किनारे बैठ गया.मैंने अब उससे अपने लंड की तरफ इशारा करके कहा- चूसो!
विकास पलंग पर हाथ रखकर लंड चूसने लगा.मेरा लंड खड़ा होने लगा.
मैंने विकास के कूल्हे पर बेल्ट से मारकर कहा- गले तक लेकर चूसो!
नाजायज़ सम्बन्ध
विकास को एकदम जोश आ गया, वह गपागप लंड गले तक लेकर चूसने लगा.
कुछ देर बाद मुझे लगा कि मैं झड़ जाऊंगा.मैंने विकास से रुकने को कहा पर वह नहीं रुका.
तभी मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी निकली, जिसे विकास चटखारा लेकर पी गया.वीर्य पीने के बाद उसने मेरा लंड चाटकर साफ़ कर प्रिया.
वह बोला- आज इतने महीनों बाद वीर्य पीने मिला, मालिक धन्यवाद!मैंने कहा- ओके कल फिर मिलते हैं.
दूसरी शाम हम दोनों नंगे हुए.मैंने विकास को गर्म किया और तेल की बोतल उसे देकर कहा- मेरे लंड पर और अपने छेद में लगाओ.
फिर उसके बाद विकास को चित लेटा कर उसे अपने पाँव छाती की तरफ करने को कहा.वह जानता था कि किस तरह से गांड चुदवाई जाती है.
मैंने उसकी गांड में पूरा लंड पेल प्रिया और इत्मीनान से गांड मारने लगा.
बीच बीच में रूककर मैं विकास के गालों पर चांटे मारकर कहने लगा- मुँह खोलो.
उसने मुँह खोला, तो मैं उसके मुँह के अन्दर थूकने लगा.विकास मजे से थूक पीने लगा.
फिर मैंने विकास को घोड़ी बनाकर उसके गोरे सुडौल कूल्हों पर चांटे मारकर उसकी गांड मारी.विकास कमर हिलाकर लंड और अन्दर ले रहा था.इसी बीच विकास का लंड भी खड़ा हो गया लेकिन उसकी उत्तेजना इतनी अधिक थी कि वह अपने लंड को बिना छुए ही झड़ गया.मैंने विकास की गांड वीर्य से भर दी.
एक महीने मैंने विकास की गांड कई आसनों में मारी.मैंने देखा कि विकास का लंड मेरे बराबर लम्बा है.
हफ्ते में एक रात मैं अपनी पत्नी सरोज से सम्भोग करता, बाकी रातों को किरण या विकास के साथ सम्भोग करता.
किरण विकास 21-22 उम्र के थे.उनकी यौन प्यास ज्यादा थी.
मैं शाम को जब घर आता, वे दोनों आशा से देखते कि आज रात मैं किसे बुलाऊंगा.
मैं 40 साल का था, दिन भर बिजनेस का काम करना … और हर रात सम्भोग से मैं थकने लगा था.
मैंने सोचा कि यदि विकास किरण की शादी करा दूं तो दोनों आपस में सम्भोग करके खुश रहेंगे. मैं कभी कभी स्वाद बदलने के लिए उनके साथ मजे करूँगा.
तब मैंने सरोज से बात की.उसे यह प्रस्ताव ठीक लगा.
मैं और सरोज 4 दिन बाद जर्मनी घूमने जाने वाले थे.
मैंने विकास से पूछा- विकास, तुम्हें किरण कैसी लगती है … क्या उससे शादी करोगे?विकास- मुझे किरण अच्छी लगती है, लेकिन क्या वह मुझसे शादी के लिए राजी होगी?
मैं- तुम्हें मालूम है कि मैं किरण के साथ भी सोता हूँ.विकास- आप मेरी गांड भी मारते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. पर आप मेरी गांड मारना बंद मत करना!
मैंने किरण से बात की.वह विकास से शादी करने राजी हो गयी.
मैंने उससे स्पष्ट कह प्रिया कि शादी के बाद भी मैं कभी कभी उसके साथ सोऊंगा.
किरण को कोई आपत्ति नहीं थी.उसने मुझे विकास की गांड मारते खिड़की से देखा था … तो वह इससे भी राजी थी.
उसी रात विकास ने किरण की मांग में सिंदूर भरकर शादी की.सुबह दोनों खुश थे.
चार दिन बाद हम लोग जर्मनी चले गए.मैं और सरोज जर्मनी में कई जगह घूमे.
एक दोस्त ने बताया था कि जर्मनी में लाइव सेक्स शो कहां देख सकते हैं पर पत्नी को उधर ले जाना सुरक्षित नहीं रहेगा.
इसलिए मैं सरोज को बताकर शो देखने गया.मैंने कई सेक्स वीडियो देखे थे पर इस लाइव शो का मजा अलग ही था.काश मैं सरोज को साथ ले जा पाता.
इधर मैं सरोज के साथ सेक्स का आनन्द लेता पर मुझे विकास की गांड की याद आती.
फिर 15 दिन बाद हम सुबह सुबह घर लौट आए.विकास और किरण ने हमारा स्वागत किया, बढ़िया देसी नाश्ता तैयार था.
नाश्ते के बाद सरोज ने किरण से बात की- किरण, मैं सफर से थक गयी हूँ. तू मेरी मालिश कर दे.यह कह कर सरोज किरण को लेकर चली गयी.मैं भी विकास को गेस्टरूम में ले गया.
गेस्टरूम में जाते ही मैंने विकास के निप्पल मरोड़ कर उसे गर्म किया, उसे घोड़ी बनाकर कूल्हों पर चांटे मारते उसकी गांड मारी.
मैं- विकास तुम किरण के साथ खुश हो न?विकास- हां बहुत खुश हूँ, पर आपकी याद आती थी.
शाम मैंने किरण के साथ गेस्टरूम में जंगली सम्भोग किया, उसे बेल्ट से मारा, उसके मुँह में थूका, बाथरूम ले जाकर उसे मूत्र स्नान कराया और मूत्र पिलाया.
किरण बोली- मालिक मजा आ गया.फिर किरण नहाकर आयी.
मैं- किरण तुम विकास के साथ खुश हो?किरण- हां विकास एक अच्छा इंसान है. मुझे प्यार करता है, मेरा ख्याल रखता है. उसे बिस्तर में पत्नी के साथ क्या करना है, यह मालूम ही नहीं था. मैंने उसे सब सिखा प्रिया. वह सम्भोग बड़े प्यार करता है, मुझे अच्छा लगता है, पर वह जंगली सम्भोग के लिए राजी नहीं है. जंगली सम्भोग की कला आप को आती है … कृपया आप उसे बंद मत करना. विकास को भी आपकी याद आती है, जब उसे पीछे खुजली होती है तो वह खुद अपनी उंगली से अपनी गांड को कुरेदता है.
मैं किरण से कह न सका कि मैं भी अपनी पत्नी से प्यार से सम्भोग करता हूँ.
मैं जर्मनी से स्ट्रेप ऑन डिल्डो लाया था.मैंने स्ट्रेप ऑन डिल्डो किरण को प्रिया.वह उसे अपनी कमर पर पहन कर डिल्डो में तेल लगाकर अपने पति की कैसे गांड मार सकती है … उसे उसका वीडियो दिखाया.
मैं- जब विकास को ज्यादा खुजली हो और मैं व्यस्त हूँ, तब तुम विकास की गांड मार देना … और एक बात, कल रात मुझे तुम्हारा और विकास का सम्भोग देखना है, कमरे की लाइट चालू रखना. मैं कमरे के बाहर खिड़की के पास बैठूंगा. खिड़की खुली रखना और विकास को बता देना.
चूंकि मैंने सरोज से वादा किया था कि घर आकर उसे लाइव सेक्स शो दिखाऊंगा.
मैं और सरोज ने खिड़की के पास चेयर पर बैठकर लाइव सेक्स शो देखने लगे.विकास और किरण ने फोरप्ले के बाद एक दूसरे के कपड़े उतारे … फिर 69 पोजीशन में लंड चूत चूसे.अनेक आसनों में प्यार से काफी देर सम्भोग किया.
लाइव सेक्स शो देखकर मैं और सरोज उत्तेजित हो गए.हम दोनों तत्काल उठकर बेडरूम में आ गए और हमने घमासान सम्भोग किया.
कुछ दिन बाद जब मैं किरण के साथ यौन आनन्द ले रहा था, तब किरण ने बताया कि उसने स्ट्रेप ऑन डिल्डो पहन कर कुछ देर विकास की गांड मारी. इससे विकास बहुत जोश में आ गया.उसने किरण का स्ट्रेप ऑन उतार कर उसकी घमासान चुदाई की.विकास को इतना जोश पहली बार आया था. इस बात से किरण को बड़ा सुख मिला था.
किरण विकास को हमारे बंगले में रहते और काम करते हुए 5 साल हो गए हैं.जब मेरा मूड होता है, मैं किरण या विकास को गेस्ट रूम में बुला लेता हूँ और उनसे DesiXxx यौन आनन्द लेता हूँ.
सरोज किरण से मालिश कराती है, लेस्बियन सेक्स का आनन्द लेती है.हम दोनों विकास किरण के लाइव सेक्स शो देखते हैं.हम सभी खुश हैं.
आपको यह DesiXxx होम सर्वेंट कहानी कैसी लगी, कृपया जरूर बताएं.मेल भेजते समय कहानी का नाम अवश्य लिखें क्योंकि मैंने अनेक कहानियां लिखी हैं तो मुझे जबाव देने में सुविधा रहेगीsupport@mohakkisse.com