देसी बहन चुदाई कहानी मेरे मामा की बेटी की चूत चुदाई की है. मैं मामा के घर गया तो उनकी बेटी को देख मेरा लंड चूत मांगने लगा. मैंने उसे छुआ तो …
हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल मिश्रा है. मेरे मामा की लड़की का नाम दिया है. उसके 2 भाई हैं, जो बाहर जॉब करते हैं.
उनके घर पर मामा, मामी और दिया ही रहते थे.मामा सुबह होते ही शॉप पर लंच लेकर चले जाते और रात को 9 बजे आते.मामी घर पर ही रहती थीं.
मैं दिया को बचपन से देख रहा हूँ लेकिन अब वो बड़ी हो चुकी थी. उसकी उम्र अब 23 साल की थी.
मुझे गाज़ियाबाद में एक महीने के लिए कंपनी के कुछ काम से रुकना पड़ रहा था.उस समय इस बात को लेकर मैंने उधर एक कमरा किराए पर लेने के लिए मामा जी से कहा.
मामा ने कहा- हमारे यहां ही रुक जाओ.मैं मान गया.
अब मैं एक महीना मामा के घर ही रुका.
इससे पहले दिया से मेरी अक्सर चैट हो जाती थी.जब मैं मामा के घर पहुंचा तो दिया को देख कर हैरान रह गया.
वो बहुत खूबसूरत हो गई थी, बिल्कुल सिल्क स्मिता की तरह.मुझे उसे देखते ही प्यार हो गया.उसने मुझसे नमस्ते की और चाय नाश्ता कराया.
दिया को देख कर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे.मैं मामा के यहां नीचे वाले कमरे में रुक गया था.
मेरे 2-3 दिन तो बस दिया को देखने में ही कैसे गुजर गए, पता ही नहीं चला.
दिया रोज मेरे रूम में नीचे आकर खाना दे जाती थी.
एक दिन दिया दोपहर को खाना लेकर आई और झुक कर रोटी रखने लगी तो मेरी नजर उसकी वक्षसुमन पर चली गई.
दिया ने ये देख लिया तो अगली बार से वो दुपट्टा ओढ़ कर आने लगी.
एक दिन रात को मैं और दिया चैट कर रहे थे.काफ़ी बातें होने के बाद मैंने उसे बता प्रिया कि मैं उसे पसंद करता हूँ.लेकिन उसे लगा कि मैं उसे एक बहन की तरह पसंद करता हूँ.
अगले दिन जब वो मुझे खाना देने आई तो मैंने उसे कमर पर हल्के से टच किया.इससे वो गुस्सा होकर चली गई.
मुझे लगा कि कहीं वो ये बात मामी को बता ना दे.लेकिन उसने किसी को नहीं बताया.
वो रात को भी खाना लेकर आई लेकिन अबकी बार उसके चेहरे से साफ लग रहा था कि वो मुझसे नाराज है.
मैंने भी उसे कुछ नहीं बोला.दो दिन ऐसे ही चला, हम दोनों ने कोई बात नहीं की.
फिर दूसरे दिन रात 12 बजे मैंने दिया को हैलो का मैसेज किया.
उसका थोड़ी देर में रिप्लाई आया- बताईए, इतनी रात को मैसेज?मैं- नींद नहीं आ रही मुझे.
दिया- क्यों?मैं- क्योंकि तुम मुझसे गुस्सा हो.
दिया- तो आपने हरकत ही ऐसी की.मैं- एक बात बोलूं?
दिया- हां.मैं- तुम बहुत खूबसूरत हो, तो इसमें मेरी क्या गलती है?
दिया- मैं आपकी बहन भी तो हूँ.मैं- दूर की बहन हो!
दिया- फिर भी.थोड़ी देर दिया से बात करने के बाद पता चला कि वो घर में बहुत अकेली हो जाती है. इसलिए वो थोड़ी चिड़चिड़ी ही गई है.
फिर हम लोगों की दोस्ती पहले की तरह हो गई.
मैं- एक बात बताओगी दिया?दिया- हां पूछिए.
मैं- तुम इतनी खूबसूरत क्यों हो?दिया- मैं नहीं हूँ खूबसूरत.
मैं- तुम्हें कहां दिखेगी अपनी खूबसूरती.दिया- आप भी तो स्मार्ट हो.
मैं- तुम इतनी अच्छी हो इसीलिए मैं तुम्हें पसंद करने लगा हूँ.दिया- अच्छी बात है, लेकिन मैं आपकी बहन हूँ, तो आगे का कुछ नहीं हो सकता. इसलिए खुद को कंट्रोल कीजिए.
मैं- अच्छा मुझे प्यास लगी है और पानी भी खत्म हो गया है.दिया- ऊपर आइए, मैं बोतल दे देती हूँ.
मैं ऊपर गया और दिया बोतल लेकर सामने आई. मैं तो उसे देखता ही रह गया.नाइट सूट और खुले बालों में वो गजब लग रही थी.
दिया- अरे आप इतने गौर से क्या देख रहे हैं. लीजिए पानी की बोतल!मैं सकपका गया.
फिर देसी बहन चुदाई की तमन्ना को दिल में दबाए बड़े बुझे मन से मैं वापिस नीचे आ गया.दिया भी वापिस चली गई लेकिन वो समझ गई थी कि मैं उसे सच में काफ़ी पसंद करता हूँ.
अगले दिन भी हम लोगों की काफ़ी बातें हुईं और रात गहराने के समय मैंने दिया से चैट में पानी की बोतल के लिए कहा.
दिया- आज फिर पानी ख़त्म हो गया?मैं- आ जाऊं ऊपर?
दिया- आइए.मैं ऊपर गया और दिया को देखता रह गया.दिया- ये लीजिए पानी!
अबकी बार मैंने हिम्मत करके दिया से पूछा- अगर तुम बोर हो रही हो तो नीचे मेरे रूम में चलो. हम लोग खूब बातें करेंगे.दिया- वैसे नींद तो मुझे भी नहीं आ रही. लेकिन कोई जाग गया तो दिक्कत होगी. मैं बाद में कभी आ जाऊंगी.मैं फिर बुझे मन से वापिस आ गया.
कुछ 15 मिनट बाद करीब 12:30 बजे मेरे रूम में किसी ने नॉक किया.मैंने दरवाजा खोला तो सामने दिया थी.मेरी तो जैसे खुशी का ठिकाना ही नहीं था.
दिया- क्या हुआ आपको?मैं- कुछ नहीं. आओ अन्दर आओ.
दिया अन्दर आई. उसने काली सेक्सी वाली नाइटी पहनी थी.
मैं- मामा मामी लोग तो नहीं जागेंगे ना!दिया- वो लोग 6 बजे से पहले नहीं उठते हैं. इसी लिए मैं आ गई.
मैं- आओ बैठो.दिया- बताइए क्या बात करनी है आपको?
मैं- कुछ नहीं, ऐसे ही.फिर हम लोगों ने 10 मिनट बातें की.
तभी दिया की पीठ पर किसी कीड़े ने काट लिया.दिया तेज़ स्वर से चीखी और बोली कि मेरी पीठ पर किसी कीड़े ने कुछ काटा सा है.मैं- तुम लेटो, मैं देखता हूँ.
दिया लेट गई.
उसकी नाइटी का टॉप थोड़ा ऊपर किया मैंने … तो देखा एक छोटा सा कीड़ा था और त्वचा लाल सी हो गयी थी.
मैंने उसे बताया- मैं क्रीम लगा दूँ इसमें दिया?दिया- हां जल्दी से लगा दीजिए बहुत जलन हो रही है.
मुझे क्रीम ढूँढने में 5 मिनट लगा.तब तक दिया लेटी थी.
दिया- जल्दी लगाइए.फिर मैंने दिया की पर्मिशन से उसका टॉप थोड़ा ऊपर उठाया और लालिमा वाली जगह पर क्रीम लगाने लगा.
‘कुछ आराम मिला दिया?’दिया- हां.
मैं उसकी गोरी गोरी पीठ देख कर मेरा मन ललचाने लगा था.
‘दिया थोड़ा और ऊपर लगा दूँ?’
इस पर दिया ने पीछे से अपनी पूरी नाइटी ऊपर उठा दी और बोली- लीजिए अब आराम से लगाइए.
दिया की पीठ देख कर मेरा लंड एकदम टाइट हो गया.उसकी गोरी गोरी पीठ पर सिर्फ़ ब्रा की स्ट्रिप दिख रही थी.
मैंने धीरे धीरे दिया की पूरी पीठ पर क्रीम लगायी.क्या गजब थी वो … मेरी हिम्मत थोड़ी और बढ़ी.
मैंने धीरे से दिया की ब्रा की हुक खोल दी.लेकिन दिया ने कोई विरोध नहीं किया.वो बस चेहरे नीचे किए हुए लेटी थी.
मैंने धीरे से दिया को आवाज लगाई.
दिया कुछ नहीं बोली.बस लेटी हुई थी.
मैंने धीरे से दिया की पीठ पर किस किया.आह बड़ी गजब माल थी वो!
दिया अब भी कुछ नहीं बोली.
अब मैंने दिया की पूरी पीठ पर किस करना शुरू कर प्रिया और जीभ से चाटा भी.
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इतने से दिया मचल उठी.
फिर मैंने दिया को सीधा किया.वो आंखें बंद किए हुई थी.
मैंने दिया के होंठों पर किस किया.दिया बस लेटी थी … शायद शर्मा रही थी.
मैंने धीरे से दिया की नाइटी का टॉप उतारा तो वो साथ दे रही थी.काली ब्रा में बहुत सेक्सी लग रही थी वो!
मैंने 2 मिनट उसे ब्रा में देखा. सच में जन्नत की हूर लग रही थी वो!
फिर मैंने दिया की ब्रा उतारी.उसके दूध 30 साइज के थे और निप्पल ब्राउन.
मैंने धीरे से दिया के दोनों दूध हाथ में लेकर दबाए.बहुत सॉफ्ट दूध थे उसके.
दिया- आआ आहह!अब दिया ने आंखें खोल दीं.
मैं उसके एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा.दिया- आआहह … आराम से!
मैंने दिया की आंखों में देखा.वो मुझे देख कर मुस्कुराई.फिर मैंने कसके दिया के होंठों को पिया.वो भी साथ दे रही थी.
मैंने दिया के गले, होंठों, कंधों, पेट हर जगह किस किया और खूब चाटा. बहुत खूबसूरत थी वो … और बहुत मुलायम त्वचा थी उसकी.दिया एकदम मदहोश हो गई थी.
फिर मैंने धीरे से दिया का नाइटी वाला लोवर उतारा.मैं तो उसकी जांघों को देखता ही रह गया. बहुत मस्त जांघें थीं उसकी. खूब मोटी मोटी और गोरी जांघें … और जांघों के बीच में छोटी सी सिल्की काली पैंटी.
मैंने दिया की दोनों जांघें फैलाईं.दिया की पैंटी बहुत गीली थी.
‘तुम्हारी पैंटी उतार दूँ दिया?’दिया- उतार दीजिए.
मैंने अपनीबहन की पैंटीउतारी.उसकी चुत बहुत गीली थी और पानी छोड़ रही थी.
मैंने दिया की चुत को आइस क्रीम की तरह चाट लिया.इससे दिया तो जैसे पागल सी हो गई- आआआ … आआअहह!
मैं- क्या हुआ?दिया- गुदगुदी हुई.
मैं दिया की चुत की दोनों फांकों खोल कर उसकी चुत को जीभ से चाटने लगा.
दिया- आआहह … भैया … क्या कर रहे हो … आआ आअहह … पागल हो जाऊंगी मैं … आआअहह!मैंने दिया की जांघें और फैलाईं और उसकी चुत को और खोल कर चूसने लगा.
दिया- आअहह … मम्मी … मुंम्म्मय यययी … क्या कर रहे हो आप … बहुत गुदगुदी हो रही है.
मैं- कुछ लोगी दिया इसमें?दिया- जो मन में आए पेल दीजिए.वो एकदम मदहोश सी थी.
मैंने अपना लंड निकाला और दिया की चुत पर रगड़ा.
दिया- ये क्या है … इतना बड़ा!मैं- लोगी अन्दर इसे?
दिया- लेकिन मुझे दर्द होगा ना!मैं- नहीं कुछ नहीं होगा.
दिया- ओके.मैं- मैंने दिया की दोनों टांगें फैलाईं और उसकी चुत में अपना लंड डाला.पूरा लंड एक बार में चला गया.
दिया- आआआ आहह … ये तो पूरा अन्दर चला गया.
मैं दिया के ऊपर आ गया.वो भी मुझसे लिपट गई और हम दोनों एक दूसरे की आंखों में देखने लगे.मैं दिया की चुत में लंड अन्दर बाहर कर रहा था और दिया मुझसे बातें कर रही थी.
दिया- बहुत अच्छी लगती हूँ क्या मैं आपको?मैं- हां.
दिया- आपकी नजर मुझपर पहले दिन से थी ना!मैं- हां.
दिया- अब तो मैं आपकी हो गई.मैं- हां.
दिया- मुझे प्यार करके कैसा लग रहा है आपको?मैं- बहुत अच्छा … शब्दों में नहीं बता सकता मैं.
दिया ने अपनी टांगों से मुझे लपेट लिया और बोली- अब और तेज कीजिए.मैंने दिया की चुत में रफ्तार बढ़ा दी.
दिया- आआ आहह … ऐसे ही करो … मजा आ रहा है.दिया के दूध उछल रहे थे.
मैं- और तेज?दिया- हां औरर्र तेजज … और्र तेजज्ज़.
मैं- मज़ा आ रहा है न!दिया- पूछिए मत … आआ आआहह.
मैं- खूब तेज तेज कर रहा हूँ तुम्हारी चुत में!दिया- और कसके.
मैं- तुम्हारी चुत बहुत टाइट और बहुत गीली है.दिया- आआआ आहह.
मैं- प्रेग्नेंट होना है दिया?दिया- कर दीजिए.
मैंने दिया के होंठों को अपने होंठों में भर लिया.फिर दिया के दोनों हाथ पकड़ कर उसकी चुदाई और तेज कर दी.
दिया- आआ आहह … मम्मी ऊउम्मययी … और तेज … और तेज भैया … और अन्दर … और कस कसके … और तेज तेज कीजिए … आआ अहह … और तेज … और … तेज … अहह …
मैं दिया से एकदम लिपटा था और उसे ताबड़तोड़ चोद रहा था.दिया की बहुत तेज आवाज आ रही थी- आआ आआआ अहह … म्मी ऊउम्मय्यी. आआ आअहह … और तेजज्ज़..और तेज … और अन्दर तक … और अन्दर तक … आआअहह … भैया मेरा कुछ निकलने वाला है.’
तभी दिया झड़ गई और उसका रस निकल गया और वो मुझसे लिपट गई.मैंने भी दिया की चुत भर दी.
दिया- आआहह … मार डाला आपने तो आज मुझे … आंह.
अगले दिन दिया मुझसे कुछ शर्मा रही थी लेकिन फिर वो भी सामान्य हो गई.
दिया के मम्मे मुझे कुछ बड़े लगने लगे थे.
फिर अगले दिन में नीचे बाथरूम में नहाने गया और दिया भी नीचे ही झाड़ू लगा रही थी.मैंने दिया को इशारे से बाथरूम में बुला लिया.
दिया बाथरूम में आ गई और मैंने जैसे ही दिया को किस करना शुरू किया, तभी मामी ने दिया को ऊपर बुला लिया.तो दिया बोली- मैं बाद में आती हूँ.
अगले दिन मैं फिर नहाने गया तो अबकी बार दिया नीचे ही थी.उसने पहले ही आवाज लगा कर मामी को बोल प्रिया कि वो मेरा रूम साफ कर रही है तो एक घंटा लगेगा.
मैंने बाथरूम का दरवाजा खोल करके दिया को अन्दर बुला लिया.
दिया- आज आपके पास टाइम ही टाइम है.मैंने दिया को किस कर लिया.
दिया ने टी-शर्ट और लोंग स्कर्ट पहनी थी. दिया भी मुझे स्मूच देने लगी.
मैंने दिया को दीवार से सटा कर उसकी स्कर्ट उठा दी और पैंटी में हाथ डाल कर उसकी चुत रगड़ने लगा
दिया- आआहह … आराम से … आज कोई डर नहीं है.
मैंने और दिया ने करीब 10 मिनट तक किस किया. मैंने दिया की टी-शर्ट उतार दी.उसने रेड ब्रा पहनी थी.
मैंने दिया की ब्रा उतारी और उसके दूध मसलने लगा.दिया- आआआ आहह … जो करना है मुझे लिटा कर करो न भैया.
ये कह कर दिया खुद जमीन पर लेट गई.
मैंने दिया की स्कर्ट ऊपर की और उसकी पैंटी उतार दी.उसकी जांघें बहुत मोटी मोटी और गोरी थीं.
दिया- स्कर्ट भी उतार दो न पूरी.
मैंने दिया की स्कर्ट भी उतार दी.अब दिया पूरी नंगी बाथरूम में लेटी थी.
दोस्तो, मेरी बहन बाथरूम में मेरे लंड से चुदने के लिए नंगी थी.
देसी बहन चुदाई कहानी कहानी के अगले भाग में मैं अपनी बहन की दोबारा चुदाई लिखूंगा.आप मेल करना न भूलेंsupport@mohakkisse.com
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