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मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा- 3

सैम 68

18 Mar 2018 को प्रकाशित

मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा- 3
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डिलीवरी बॉय Xxx कहानी में मेरी मम्मी मेरे साथ थी, उनकी सहेली उनको अपनी चुदाई की बात बता रही थी कि कैसे वह अपने पड़ोसी दूकानदार के लड़के से चुदी.

दोस्तो, मैं रोहित आपको अपनी मॉम व उनकी सहेली की चुदाई के बारे में बता रहा था.

इस रसीली सेक्स कहानी के पिछले भागगर्म मॅाम की गांड मारी किचन मेंमें आपने अब तक पढ़ लिया था कि मैं अपनी मॉम के साथ सेक्स कर रहा था और दूसरी तरफ फोन पर सुनीता आंटी ने मेरी मॉम को अपनी चुदाई की कहानी बताना शुरू कर दी थी.

अब आगे डिलीवरी बॉय Xxx कहानी:

सुनीता- फिर एक दिन दोपहर को वह मेरे घर आया. उस समय मैं घर में अकेली थी और टीवी पर फिल्म देख रही थी. मैंने टांग ऊपर कर रखी थी, जिससे मेरा सब कुछ साफ दिख रहा था.मॉम- फिर क्या हुआ?

सुनीता- वह सामान की लिस्ट लेने आया था. वह मेरे सामने आकर खड़ा हो गया. मैंने देखा कि वह मेरी नंगी टांगों के अन्दर की तरफ देख रहा था. मैं उसको देखने लगी, उसका ध्यान मेरी टांगों की गहराई में था. मैं भी कुछ नहीं बोली, वह मुझसे बात करता हुआ मेरी चूत को ही देख रहा था. मैंने उसे चेक करने के लिए साड़ी को थोड़ा ऊपर कर लिया और सामान लिखवाने लगी.

मॉम- ओ बहुत मज़ा आ रहा है … फिर बता क्या हुआ?

सुनीता- यार, वह अब मेरे सामने ही बैठ गया और मेरी चूत की तरफ देखने लगा था, मुझे यूं लगा मानो वह मेरी चूत को चाट ही लेगा, पर वह कुछ नहीं कर पाया. मुझे भी अब उसके साथ मजा आने लगा था, मैंने उसे सारा सामान लिखवा प्रिया.मेरी मॉम ने कहा- फिर?

सुनीता- फिर वह मुझे देखते हुए बोला कि कभी भी कोई जरूरत हो तो बता प्रिया करो, बताने से ही जरूरत का पता चलता है! उसकी उस बात से मैं समझ गई कि वह क्या कहना चाहता है.

मॉम- फिर क्या हुआ?

इधर अपनी मॉम की पीठ पर मैं हाथ फेर रहा था, उनकी गांड को भी दबा रहा था.वे मुझे देख कर मुस्कुरा रही थीं और सुनीता से बात कर रही थीं.

शायद मॉम को भी सुनीता की सेक्स कहानी में मज़ा आने लगा था.

सुनीता- फिर वह चला गया, उसने जाते हुए कहा कि वह शाम को लड़के के साथ सामान भेजेगा. मगर उस दिन वह खुद ही आधा घंटा में आ गया. वह सामान लेकर आया था, मुझे दाल में काला लगा. मैं उसको देख कर मुस्कुराई और उससे रसोई में सामान रखने को कहा.

मॉम- फिर?

सुनीता- यार मैं खड़ी हुई, तो वह मुझे ही देख रहा था. फिर वह मेरे पीछे किचन में आ गया. मैंने कुछ सामान उठा कर रखा और जब मैं उसके सामने झुकी तो वह मेरे मम्मों को देखने लगा. मेरे मम्मों को देख कर उसका डंडा खड़ा हो गया. अब मुझे भी मजा आने लगा था.

मॉम- ओह सुनीता … आह आह!

मैं मॉम को मजा देने के लिए उनके दूध चूसने लगा और उनकी पीठ पर हाथ भी फिराने लगा.मॉम अब चुदाई के नशे में डूबने लगी थीं.

मुझे भी मजा आ रहा था, तो मैंने अपनी टांग मॉम की टांग के ऊपर रख दी और टांग फिराने लगा.मुझे बेहद मजा आ रहा था.

सुनीता पूरी डिलीवरी बॉय Xxx कहानी बताने लगी:

फिर मैंने उससे बोला- कुछ और काम भी कर दोगे क्या?तो वह बोला- हां आप जो कहोगी, सब कर दूंगा.

तब मैंने उससे पूछा- किसी को कुछ शक तो नहीं होगा ना?तो वह बोला- आप मुझ पर विश्वास करो, आप जो कहोगी सब कर दूंगा, आप भी किसी को मत बताना … आप शर्म मत करो … आपको बहुत अच्छा लगेगा!

सुनीता- तब ओके मेरे पीछे आओ.

मैंने अब किचन का दरवाजा बंद कर प्रिया और बाहर आकर मेन गेट भी बंद कर प्रिया.राजू बिल्कुल मेरे पीछे ही खड़ा था.

जब मैं वापस मुड़ी, तो मैं उससे टकरा गई.

राजू- आह चलो ठीक है, कोई बात नहीं!

मुझे उसके छूने से करंट सा लगा.वह मुस्कुरा प्रिया तो मैंने भी मुस्कान दी.

मैंने उससे कहा कि बहुत समझदार हो … समझदार रहोगे तो मजा लूटोगे, नहीं तो खाली हाथ रह जाओगे.

राजू- बस आप हुकुम करिए!

मैं- चलो मेरे पीछे आ जाओ, उधर बेडरूम है … वहीं बात करेंगे.

जब मैं बेडरूम का लॉक खोल रही थी, तब वह मेरे बिल्कुल पिछले आ गया.मैं समझ गई कि आज तो खूब चुदाई होगी.

साथ में मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं वह कुछ गलत न कर दे.तभी मुझे मेरी पीठ पर कुछ दबाव सा महसूस हुआ.

मुझे एक बार को यह कुछ अजीब सा महसूस हुआ कि राजू बस थोड़ी ही देर में मुझे चोदने वाला था.दोपहर के टाइम मैं घर पर अकेली ही थी और कोई आने वाला भी नहीं था.

मैं बेडरूम का गेट खोलने के लिए थोड़ी सी झुकी, तो मेरे झुकते ही मेरी गांड पर कुछ सख्त सा आ लगा.वह राजू का खड़ा लंड था.

मैंने उसके लंड पर अपनी गांड रगड़ते हुए गेट को खोल प्रिया.गेट खोलते ही सामने बेड देख कर राजू ने पीछे से मुझे पकड़ लिया.

मैं- ओह राजू ये …राजू- आह, मैडम जी आप बहुत मस्त हो! अब ज्यादा बोलो मत … आपको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया है, अब तो आपको चोद कर ही जाऊंगा.

राजू ने मुझे गोदी में उठा लिया और बिस्तर की तरफ चल पड़ा.मैं- अरे तुम ये क्या कर रहे हो, कोई आ गया तो!

राजू कुछ नहीं सुन रहा था, उसने मुझे बिस्तर पर लिटा प्रिया- तुम तो बहुत मस्त माल हो, अगर तू मेरी घरवाली होती तो बहुत खुश कर देता. तू तो बड़ी चिकनी और गोरी है, आज मेरा लौड़ा लेगी, तो तुझे पता चलेगा कि मजा क्या होता है!

मैं- पहले बेडरूम का गेट बंद कर आओ, कोई आ गया तो मेरी तो इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी.राजू- मेन गेट बंद है, इसको बंद करने की क्या जरूरत है!

मैं बिस्तर पर बैठी थी.तो राजू ने मुझे खड़ी होने का बोला.

मैं खड़ी हुई तो उसे मुझे पकड़ लिया और दीवार से लगा प्रिया.उसने मेरी आंखों में देखा, मैं मुस्कुरा दी तो वह भी हंसने लगा.फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए और वह मेरे होंठों को चूसने लगा.

वह किसी प्यासे जानवर की तरह मुझ पर टूट पड़ा था. मेरे गर्म होंठों को मानो खाने सा लगा था.मुझे बेहद मज़ा आ रहा था, मैंने भी उसकी शर्ट खोल दी.

मैं अब उसकी नंगी पीठ पर हाथ फेर रही थी.वह भी मेरे गाल चूसने लगा था.मुझे मजा आने लगा.

राजू- ओ मैडम जी, मैं आपको आज बहुत मजा दूंगा. आपके मम्मे तो बहुत बढ़िया हैं, लाओ अब ये कपड़े खोल कर दिखाओ. मैं भी दूध पीना चाहता हूं! पहले तो तुम मुझे बड़ी झुक झुक कर दिखा रही थी.

मैं- आह तुम खुद ही खोल लो, पता चल जाएगा!राजू- आह, ये खुलता कैसे है साला!

राजू मेरे मम्मों को ब्लाउज के ऊपर से ही दबाने लगा.

मैं- आआहह साला बहुत मस्ती लेगा तू … पुलिस वाले की बीवी को चोदेगा तू … उसको तो पता ही नहीं चलेगा और तू मेरी इज्जत लूटेगा!राजू- जब पुलिस वाले की घरवाली खुद मजा लेने वाली हो तो फिर कौन रोक सकता है … आह बड़े मस्त मम्मे हैं तेरे … साली जल्दी से खोल इनको कुतिया!

मैंने अपने हाथ ऊपर कर दिए, राजू ने मेरा ब्लाउज उतार प्रिया.अब उसने मेरी साड़ी भी उतार दी.

मैं अब ब्रा और पैंटी में ही थी.मैंने भी राजू के कपड़े उतार दिए.

उसने बड़ा सा कच्छा पहन रखा था जिसमें उसका लंड खड़ा था.

मैं- थोड़ा प्यार से कर … बाकी कपड़े बाद में उतार लेना.

राजू अब मुझे बांहों में लेकर मेरी पीठ पर हाथ फेर रहा था, मुझे भी खूब मजा आ रहा था.

उसने मेरी ओर देखा तो मैंने आंख मारी और राजू के मुँह से मुँह लगा कर चूमने लगी.मेरे दूध उसके सीने से दबने लगे. वह भी मेरा मुँह चूस रहा था.

अब तो वह मेरी जीभ को चूसने लगा था.हम दोनों बारी से एक दूसरे के मुँह का रस चूस रहे थे.कभी वह मेरे होंठों को चूसता तो कभी मैं उसके होंठों को चूसती.

वह मेरी पीठ पर हाथ फेरता तो मुझे गुदगुदी होने लगती और ऐसी फुरफुरी सी लगती मानो मुझे सर्दी लग रही हो.नीचे मेरी चूत में पानी आने लगा था.

अब वापिस मुख्य कहानी पर आते हैं.

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मॉम सुनीता की यह सेक्स कहानी सुन कर एक्साइटेड हो गईं और वे खड़ी हो गईं.उन्होंने मुझे इशारा किया, मैं मॉम के पास जाकर खड़ा हो गया.

मॉम ने मेरा एक हाथ पीठ पर कर लिया.मैं हाथ घुमाने लगा तो मॉम मुस्कुरा दीं और वे भी आहें भरने लगीं.

मॉम ने खुद को सुनीता मान लिया और वह मुझे राजू मान कर रोल प्ले करने लगी थीं.मुझे भी अब मजा आने लगा.

मॉम- ओह सुनीता, तुझे बुरा नहीं लगा कि वह तुझे चोदने वाला है!

सुनीता ने फिर से अपनी चुदाई का बखान शुरू कर प्रिया:

नहीं यार उस वक्त तो वह मुझे एक वरदान सा लग रहा था.वह मेरे गाल चूसने लगा, उसका एक हाथ मेरी ब्रा पर था, तो वह मम्मों को दबाने लगा. वह मुझे अब मस्ती दे रहा था.मैं आह आह करने लगी थी.

राजू- आ जा मेरी जान, पुलिस वाले की पत्नी को चोदने में मज़ा बहुत आएगा! तू बस रोज़ बुला लिया कर मुझे!मैं- ओह राजू, बहुत मजा आ रहा है यार … आज तो मर गई यार आह … तू मुझे जी भरके प्यार कर … आआह, कोई नहीं है घर पर आआह मेरी जवानी लूट ले आह!

राजू मेरे गाल चाटने लगा.वह मेरे दूसरे गाल को खा रहा था.

उसने मेरे दूध को दबाया तो मुझे मजा आने लगा.राजू ने अब मेरी पीठ पर हाथ घुमाया और ब्रा का हुक खोल प्रिया, मेरी ब्रा ढीली हो गई.

उसने मेरी नंगी पीठ पर कुछ देर हाथ फेरा.मेरे कंधों में ब्रा अटकी हुई थी, तो उसने ब्रा को पकड़ कर उतार प्रिया.

वह मेरे नग्न मम्मों को देख कर उत्तेजना से चिल्ला पड़ा- अरे वाह … तेरे तो बहुत मस्त मम्मे हैं … आह बहन की लौड़ी, इसमें तो एक लीटर दूध होगा … आ, अब तो चूसने दे!

वह मेरे दूध को हाथ से पकड़ कर मसलने लगा और एक को मुँह में दबा कर चूसने लगा.

सुनीता- आआ राजू … चूस ले मेरे दूध … आआह चूस ले आआ साले ये रोज रोज नहीं मिलते हैं … आज मौका है!

राजू ने एक दूध को पकड़ रखा था और निप्पल को अपने मुँह में लेकर खाने लगा. वह मेरे दूध को चूस और खा रहा था.मुझे उससे इस तरह से अपने दूध चुसवा कर बहुत मजा आने लगा था.

इधर मुख्य कहानी में जैसे जैसे सुनीता बता रही थी, मैं मॉम के साथ वैसे ही ट्रीट कर रहा था.मॉम- आआह्ह्ह … आहह यार, बहुत मज़ा आ रहा है … सुनीता … ओह नहीं फिर क्या हुआ?

सुनीता ने आगे बताया:वह मेरे दूध के निप्पल खाने लगा तो मुझे दर्द होने लगा.

मैं- क्या कर रहे हो … दर्द हो रहा है, आराम से बस चूसो … काटो मत!राजू- साली, कितने बड़े मम्मे हैं तेरे … खाने दे न बड़े मस्त हैं आह!

सुनीता- आह अब रहा नहीं जा रहा … अपना लंड दिखा मुझे!

मैंने राजू का कच्छा खोल प्रिया और उसके लंबे लंड को देख कर घबरा गई.

सुनीता- ओह माय गॉड, ये तो चूत फाड़ देगा!राजू- डर मत, तेरी चूत बहुत गहरी है … सब झेल लेगी तू कुतिया … चल बेड पर चल कर चित हो जा!

राजू ने मुझे गोदी में उठा लिया और बेड पर ले आया.उसने मुझे अपना लंड पकड़ा प्रिया- पहले लौड़ा चूस साली … फिर तेरी चूत मारूंगा.

मैंने उसके लंड की टोपी को मुँह से लगा लिया और मजे से चूसने लगी.राजू की आंखें बंद हो गईं- आह बहुत मस्त चूसती है रे लंडखोर रांड … सारा मजा ही चूस लेगी क्या … आआह्ह्ह … रंडी साली आज तेरी चूत को फाड़ डालूंगा बहन की लौड़ी!

मैं राजू का थोड़ा सा लौड़ा ही अन्दर को ले पा रही थी.कुछ देर बाद मुझे मजा आने लगा.अब उसका काफी सारा लंड मैं और अन्दर तक लेने लगी थी.उसका लंड मेरे गले तक आ गया.

मैं बहुत देर तक लंड चूसती रही.उसके लंड की नाड़ियां कड़क हो गईं.लंड एकदम टाइट हो गया. उसका लंड कुछ टेढ़ा भी हो गया था.

मैं- उउई माँ उउ मा राजू … पेल दे भोसड़ी वाले … आह!राजू- आआहह हां चल बहुत देर से चूस रही है … अब बस कर नहीं तो वीर्य निकल जाएगा … फिर तेरी चूत कौन चोदेगा आआहह रंडी.

मैंने लंड को छोड़ प्रिया.उसने मुझे लिटा प्रिया और मेरी चूत पर हाथ फेरने लगा.

मैं- ओह्ह मर गई रे राजू … आआह बहुत मजा आ रहा है … अब मत तड़पा अपनी रंडी को … जल्दी से लंड पेल दे.

राजू- रंडी साली बहन की लौड़ी … तुझे तड़पाने में ही मजा आ रहा है … तेरी इस कचौड़ी सी चूत पर हाथ फेरने में ही बहुत मजा आ रहा है … आआह बड़ी मुलायम चूत है तेरी … आआह अभी डंडा पेलता हूं इसमें!

मैं- ऊह्ह्ह मर गई रे … मार डाला साले चूत पर हाथ मत फेर … आआह अब और नहीं रुकना मुझे … ओह्ह्ह साले जैसा तू कहेगा, वैसा ही करूंगी … तेरी रंडी बन जाऊंगी, तेरा जी करे तब चोद लिया कर … प्लीज प्लीज अब तो चोद दे … चूत मेरी … आआह जल्दी चोद साले नहीं तो अभी भगा दूंगी तुझे आह … पेल बहन के लंड!

राजू- ले यार अपनी टांग ऊपर कर … अभी चोदता हूं … आह अब रोज चूत मारूँगा तेरी … कुतिया बना कर फाड़ दूंगा तेरी … चल टांग ऊपर कर!

उसने मेरी चूत को थोड़ा चाटा और थूक लगा प्रिया.

मैं- हइइ रे आआ हहह मर गई रे … बहन के लंड … लौड़ा डाल कुत्ते … नहीं तो मैं तेरा लंड काट लूँगी. आआहह ओ यार!

राजू ने मेरी टांग ऊपर की और लंड चूत पर रख कर जोर से शॉट मारा तो उसका 6 इंच का लंड मेरी चूत चीरता हुआ चूत की गहराई में चला गया.

मुझे ऐसे लगा मानो किसी ने गर्म सरिया पेल प्रिया हो … मीठे दर्द से मैं कराही और मेरी चूत उसके लंड से पूरी भर गई.उसका गर्म लंड चूत में पेवस्त हो गया था.

वह मुझ पर लेट गया, सारा लंड चूत में घुस गया.वह मेरी टांगों पर लेट गया था … उसकी जांघें मेरी जांघों पर थीं.

सारा लंड चूत में लेकर मैं मजा लेने लगी.

उसने मेरी चूत में लौड़ा डाल तो प्रिया था मगर बाहर नहीं निकाला.मैंने उसके मुँह पर किस कर प्रिया.

वह मेरे ऊपर लेटा हुआ था, मेरे दूध का निप्पल उसके सीने से लग कर दब गए थे और मेरे दोनों दूध सीने से पिस रहे थे.वह मुझ पर लेट कर खुश था

मैं हिरणी की तरह उस सांड के नीचे दब गई थी और उसने मुझे दबोच लिया था.

मेरी चूत में उसका मोटा लंड घुसा हुआ था.वह मेरी चूत फाड़ रहा था मगर मुझे उस वक्त अपनी चूत की कोई फ़िक्र नहीं थी.

मैं- आआह साले मादरचोद … अन्दर ही पड़ा रहने दे … ओह्ह्ह राजू मेरे यार … कितना मजा आ रहा है. अब तू रोज आकर अपनी मैडम को चोदेगा न!

थोड़ी देर बाद उसने मेरी लेना शुरू कर दी.उसका लंड चूत से जबरदस्त रगड़ खा रहा था. हर झटके में 440 वोल्ट का करंट था.मैं हर झटके पर मचलने लगी थी.

वह मेरी चूत की मानो सील तोड़ रहा था.

मैं- उउई मॉम … उउह उउई मर गई रे! चोदू राजा हाय मेरी चूत … उउइइ मम्मा ऊओह्ह्ह यार आआ … मार ली मेरी चूत आह … साले हरामी चोद मुझे!

राजू- बहन की लौड़ी … आआहह बहुत मस्त चूत है तेरी … अब अगर तेरा घर वाला भी आ जाए तो भी चोदे बिना नहीं छोड़ूँगा … साली तेरी चूत में बहुत मजा आ रहा है. तुझे अब चुदने से कोई नहीं बचा सकता आआहह कुतिया आहहह.

मैं- मुझे भी मजा आ रहा है, मैं भी चुदवा कर ही खड़ी होऊंगी, चाहे कुछ भी हो जाए … तू मुझे छोड़ना मत, चोद कर ही अलग होना मेरे राजा!

इधर मेरी मॉम सुनीता आंटी की ये सब चुदाई की बातें सुन कर पागल हो गई थीं.मैंने मॉम की चूत पर लंड रखा और एक ही झटके में लंड राजा चूत रानी के अन्दर चला गया.मॉम की आह निकल गई- ओ मार गई यार आआह रोहित … मार डाला तूने आ आह्ह्ह … ऊह्ह्ह यार मर गई मैं तो … मेरी चूत को तेरा लौड़ा इसीलिए तो पसंद है आआआ आ!

मॉम की बात सुन कर सुनीता आंटी एकदम से चौंक गईं- ओए यह मैं ये क्या सुन रही हूं … तू अपने बेटे से सेक्स कर रही है यार तू तो छिपी रुस्तम निकली … आआ कब मेरा उसके साथ कांटा फिट करेगी!

मॉम आंटी के सामने चुप न रह सकीं और उन्होंने स्वीकार कर लिया.

दोस्तो, मेरी मॉम ने अपनी सहेली सुनीता के सामने यह स्वीकार कर लिया था कि वे मुझसे यानि अपने बेटे से चुदवाती हैं.

इस स्वीकारोक्ति के बाद इस सेक्स कहानी में किस तरह का आनन्द आना शुरू हुआ.यह आपको अगले भाग में जानने मिलेगा.

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डिलीवरी बॉय Xxx कहानी का अगला भाग:मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा- 4

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मॉम के बाद उनकी सहेली को भी चोदा

कुल भाग: 5
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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

जितेन्द्र यादव

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अवनीश गुप्ता

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

n

nikitalove69

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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