होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 807 बार

चूत एक लंड अनेक-4

डॉली चड्ढा

17 Jun 2022 को प्रकाशित

चूत एक लंड अनेक-4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

तो चलिए दोस्तो, बिना कोई वक्त बर्बाद करे मैं आपको दिल्ली में हुई मेरी आखिरी चुदाई की कहानी बताती हूं।

अभी तक आप मेरी पहले की कहानियों में पढ़ चुके हैं कि कैसे दिल्ली में मैंने रविंद्र, अभिजीत, अजय और सूरज से अपनी चुदाई करवाई। जब चुदाई के बाद सूरज मेरे कमरे से जा रहा था तब अगले दिन उसने दो लड़कों को मेरे पास भेजने का वादा किया था। मैं अगले दिन मेरे साथ होने वाले थ्रीसम सेक्स के बारे में सोचते हुए सो गई।

जब अगले दिन मेरी आंख खुली तब सवेरे का 10 से भी ज्यादा बज चुके थे. मैंने मुंह धोकर अपने लिए चाय और बिस्किट ऑर्डर किए और जल्दी जल्दी अपना सामान पैक करने लगी।चाय पीकर और होटल का बिल भुगतान करके मैं होटल से बाहर आ गई और सूरज के बताए हुए होटल के लिए रवाना हो गई।

मेरा नया होटल ज्यादा दूर नहीं था और कुछ ही मिनटों में मैंने होटल में पहुंचकर अपने लिए कमरा ले लिया। कमरे में पहुंचकर मैंने पहला काम सूरज को फोन लगाने का किया और उसे अपना कमरा नंबर दे कर उसके दोस्तों के बारे में पूछा।

सूरज ने मुझे कुछ देर बाद फोन करके अपने दोनों दोस्तों के बारे में बताया और बोला कि मनोज और मुरली 3:00 से 4:00 के बीच होटल में आएंगे।जवाब में मैंने सूरज से बोला कि मैं रिसेप्शन पर मैसेज छोड़ देती हूं कि मनोज और मुरली मुझसे मिलने आएंगे उन्हें मेरे कमरे में आने प्रिया जाए।

इस पर सूरज ने कहा- बेबी, कुछ मत करो। इस होटल में मनोज और मुरली ने कई बार सर्विस दी है और उनको तुम्हारे कमरे तक आने के लिए रिसेप्शन को बताने की जरूरत ही नहीं है।सूरज ने मुझे मनोज और मुरली का फोटो भी मोबाइल पर सेंड किया और उनके मोबाइल नंबर भी। यह भी बताया कि ये लोग आने के पहले मुझे फोन अवश्य करेंगे।

मैंने घड़ी देखी तो मैं समझ गई कि मेरे पास अभी 3 घंटे के लगभग वक्त है। मैंने तुरंत अपने लिए लंच ऑर्डर किया और खाना खाकर एक घंटा आराम किया ताकि मेरी थकान थोड़ी कम रहे।

इसके बाद मैंने बहुत रगड़ कर स्नान किया और खूब अच्छे से मेकअप करके तैयार हो गई। इस बार की चुदाई के लिए मैंने डेनिम शॉर्ट्स और डीप कट ब्लाउज पहना। यह ड्रेस बहुत सेक्सी थी और मेरा पूरा फिगर देखने वाले को मदहोश करने के लिए काफी थी।

वक्त बिताने के लिए मैंने टीवी चला लिया और मुरली और मनोज का इंतजार करने लगी। टीवी देखते देखते मुझे झपकी भी आ गई।

मोबाइल की घंटी से मेरी झपकी टूटी और मैंने अपना फोन उठाया। फोन के दूसरी तरफ सूरज था और उसने मुझे बताया कि मुरली और मनोज मेरे कमरे के सामने खड़े हैं। और इसी क्षण मेरे कमरे की डोर बेल बजी।मैं तो इतनी एक्साइटेड हो गई थी कि तुरंत दरवाजा खोलने के लिए दौड़ी और मैंने झटके से दरवाजा खोला।

दरवाजा खोलते ही उसमें से एक लड़का थोड़ा आगे की तरफ गिरा और मेरे स्तनों से टकरा गया।उसके टकराने से मैं भी गिरते-गिरते बची।

“ओह … सॉरी … सॉरी मैडम …” उस लड़के ने हड़बड़ा कर बोला।“कोई बात नहीं!” मैंने अचकचा कर बोला।“मैडम, मैं अजय और यह मुरली है। लड़के ने अब थोड़ा संभलते हुए बोला।“मेरा नाम डॉली है। मुझे नाम से बुलाओ, मैडम मत कहो। मैंने वातावरण को सहज करने के लिए कहा।

दोनों लड़के कमरे में आ गए और मैंने दरवाजा बंद कर प्रिया।

“डॉली, आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो। मुरली ने मुझसे हाथ मिलाते हुए कहा।“तुम दोनों भी तो हैंडसम लग रहे हो। लगता है आज बहुत मजा आएगा। मैं हंसती हुई बोली।“कुछ मंगवा लूं आर्डर देकर?” मैंने दोनों से पूछा।

“डॉली, अगर ज्यादा मजा चाहती हो तो थोड़ा रम या व्हिस्की मंगवा लो। मौसम भी ठंडा है। थोड़ा सा पीने से ज्यादा मजा आएगा चुदाई में।“ख्याल तो अच्छा है … लेकिन अगर ऑर्डर दे कर मंगवाउंगी तो होटल वालों को शक हो जायेगा। मैंने सोच कर कहा।“यार इसे पैसा दे दो यह सारा सामान यहीं पर ले आएगा, और तब तक मैं नहा कर तैयार हो जाऊंगा। मुरली ने मुझसे सटते हुए कहा।

मैंने मुरली के सुझाव के अनुसार मनोज को 1200 रू दे दिये और वह दारू लाने चला गया।

मुझे अकेला पाकर मुरली ने शॉर्ट्स के ऊपर से ही मेरी मांसल गांड को दबाते हुए बोला- बहुत मस्त गांड है। आज तो इसे मारने में बहुत मजा आएगा।“चुदाई में मजा आए, इसीलिये तो आप दोनों की सर्विस चाह रही हूं। मैंने भी पैंट के ऊपर से मुरली के लंड पर हाथ फेरते हुए कहा.“निश्चिंत रहो। आज तुझे इतना चोदेंगे कि जिंदगी भर अपनी चुदाई नहीं भूल सकोगी। मुरली बोला वॉशरूम में नहाने के लिए चला गया।

बहुत जल्दी मनोज दारू, सोडा और नमकीन लेकर आ गया और उसने यह सामान थैले से निकालकर टेबल पर रखना शुरू किया। कमरे में दो गिलास पहले से थे लेकिन मनोज अपने साथ दो-तीन डिस्पोजेबल ग्लास भी लेकर आया था।मुरली बाथरूम से नहा कर आया और उसने मनोज से कहा- तुम भी फटाफट नहा लो मैं तब तक पैग तैयार कर देता हूं।

मुरली तीन जगह पैग बनाने लगा तब मैंने मुरली से कहा- मैं नहीं पियूंगी।इस पर मुरली ने कहा- यार साथ दोगी तो हम सभी को मजा आएगा और जब सब कुछ होना ही है तो शर्माना क्यों? सूरज तो बोल रहा था कि तुम बहुत बोल्ड हो।यह बोलकर मुरली ने तीन जगह पैग बना दिए।

थोड़ी देर में मनोज भी नहाकर आ गया मुरली तथा मनोज मेरे सामने सिर्फ तौलिये में थे। दोनों के सीने सफाचट यानि वैक्सिंग किये हुए थे। ड्रिंक शुरू करने के पहले मुरली ने दो गोली निकाली और दोनों ने एक एक गोली खा ली।मेरे पूछने पर मनोज ने बताया कि यह सेक्स की गोली है।

मुरली से पूछने पर उसने बोला- यार, हम लोगों का प्लान तुझे लगातार 2 घंटे तक चोदने का है। मुझे सूरज ने बोला कि तुम बहुत गर्म हो और अगर तुम्हें गोली खाकर चोदा जाए तो तुम्हें भी बहुत मजा आएगा इसलिए हम लोग गोली लेकर ही चुदाई शुरू करेंगे।

अब मनोज और मुरली ने अपने-अपने गिलास उठा लिए और उन लोगों के अनुरोध पर मैंने भी अपना गिलास उठा लिया।“चीयर्स … चीयर्स!” हम सभी ने अपने जाम आपस में टकराए।“चीयर्स डॉली की आज की चुदाई के नाम।” मुरली ने मेरे गाल पर चूमते हुए कहा।

कमरा थोड़ा ठंडा था इसलिए मैं हीटर चलाने के लिए उठी लेकिन मुरली ने मेरा हाथ पकड़ कर फिर से बैठा लिया और मुझे आंख मार कर बोला- दो पैग अंदर जाने के बाद तुझे इतनी गर्मी लगेगी कि तू खुद अपने कपड़े उतार देगी। इसलिए कमरा बिना मतलब गर्म मत कर, बस दारू पी के बिस्तर गर्म करना।

मुरली की बात सुनकर मैं भी मुस्कुराने लगी और धीरे-धीरे मैंने भी अपना गिलास खत्म कर प्रिया।

हम सबके गिलास मुरली ने दोबारा भरे और मेरे मना करने के बावजूद भी उसने मेरा गिलास भर प्रिया। खैर धीरे धीरे में दूसरा पैग भी पीने लगी। मुरली के अनुरोध पर मैंने एक झटके में अपना दूसरा पैग खत्म कर प्रिया।

एक झटके में गिलास खाली करने की वजह से मुझे तुरंत नशा हो गया और वाकई में मुझे गर्मी भी लगने लगी।

मुझे झूमती देखकर मुरली ने पूछा- डॉली मजा आ रहा है ना?मैंने उसे आंख मार कर अपनी गर्दन हां में हिलाई।

अब मैं उठने लगी तो मुरली ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और मैं उसकी गोद में जा गिरी।मुझे अपनी बाहों में भींच कर मुरली ने मम्मों को ब्लाउज के ऊपर से ही पकड़ लिया।“आहहह …” मेरे मुंह से निकला।

“कहां जा रही हो जानेमन?” मुरली ने मेरी जांघ पर हाथ फेरते हुए बोला।“मुझे गर्मी लग रही है।” मैंने थोड़ी मादक आवाज में बोला।“कहां पर गर्मी लग रही है बेबी को?” मुरली ने मेरे स्तन दबाते हुए पूछा।“सभी जगह गर्मी लग रही है। मैंने शॉर्ट्स के ऊपर से अपनी चूत को सहलाते हुए बोला।

“गर्मी तो जानेमन मुझे भी लग रही है। यह कहते हुए मुरली ने अपना तौलिया निकाल प्रिया।मुरली को तौलिया निकालते देख मनोज ने भी अपना टॉवल उतार कर दूर फेंक प्रिया।

अब दोनों लड़के नंगे हो चुके थे लेकिन मैंने कपड़े पहने हुए थे। एक उड़ती हुई नजर मैंने दोनों के नंगे जिसमें पर डाली। मुझे लगा दोनों के लंच 7 इंच के आसपास है अच्छे से शेव किया होने की वजह से सुंदर दिख रहे थे।

मुरली ने मुझे बिस्तर पर लेटा प्रिया और मेरी शॉर्ट्स निकाल दी, मैंने भी अपने नितंब ऊपर करके मुरली को शॉर्ट्स निकालने में मदद की। मेरी पैंटी मेरी चूत से चिपकी हुई थी। मैंने बिना समय बर्बाद किए अपना ब्लाउज खुद उतार प्रिया। अब मैं सिर्फ एक ब्रा और पैंटी में थी।

अब मुरली और मनोज दोनों मुझसे सट गए। दारू के नशे के कारण मेरी चूत थोड़ी नशीली हो गई थी। मैंने अपने हाथ बढ़ाकर मुरली और मनोज के लंड पकड़ लिए। दोनों के लंड अच्छे मोटे थे और सख्त होकर मानो फुफकार रहे थे। मुरली ने मेरे दाएं स्तन को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और मनोज ने बांया।

मुरली का हाथ मेरी पैंटी के ऊपर से मेरी चूत तक गया तो मेरी चूत में जैसे सिहरन होने लगी और उत्तेजना में मैं भी धीरे से अपनी चूत को ऊपर की तरफ उठाने लगी। कमरे में भरपूर लाइट थी और दोनों ने बहुत जल्दी मेरे शरीर से ब्रा और पैंटी को अलग कर प्रिया।

मुरली बहुत खुशी से मेरी चिकनी चूत को देख रहा था।“अरे वाह डॉली तेरी चूत तो बिल्कुल बेबी चूत है।” मुरली ने मेरी चूत पर हाथ फेरते हुए कहा।“बेबी चूत मतलब?” मैंने अनजान बनते हुए पूछा“मतलब तेरी चूत अभी बहुत ज्यादा फैली नहीं है। मुरली ने मुझे चूमते हुए बोला और मेरी चूत की दोनों पुत्तियों को अपने अंगूठे और तर्जनी के बीच दबा प्रिया।

मुरली के इस कृत्य से तो मेरी चूत में कैसे आग लग गई और मैं सिसकारी भर कर चिहुंक पड़ी।“यार अभी तक तो मेरी चूत में सिर्फ लंड गए हैं। बच्चा बाहर नहीं निकला है कि फट जाएगी।” मैंने मादक आवाज में कहा।“तेरी गांड भी बहुत कसी हुई है इसे तो मैं जी भर कर चोदूंगा।” मुरली ने मेरे चूतड़ पर हाथ फेरते हुए कहा।“तुम्हारे जी भर कर चोदने से ही इसकी भी प्यास बुझेगी.” मैंने धीमी आवाज में कहा।

“मेरी चूत को चाटो ना। मैंने अनुनय के स्वर में कहा।मेरी बात सुनकर मनोज बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया और मुझे उसने अपने ऊपर आने के लिए इशारा किया।

मनोज का इशारा समझ कर मैंने अपनी चूत उसके मुंह पर रख दी और आगे की तरफ झुक कर उसका लंड अपने मुंह में लेकर धीरे-धीरे चूसना शुरू किया और इधर मनोज ने मेरी चूत को थोड़ा सा फैलाया और अपनी जुबान चूत के अंदर डाल दी और उसने मेरी चूत को चूसना शुरू किया।‘उफ …’ क्या फीलिंग थी। मेरी चूत में तो जैसे उबाल आ गया हो। मेरी चूत अपने आप उसकी जुबान पर आगे पीछे होने लगी।

और मेरे होंठों के मादक स्पर्श से मनोज का लंड मेरे मुंह में फूलने लगा।

मुरली ने मेरे चूतड़ों को पकड़कर फैलाया। मेरे गुलाबी गांड छेद को देखकर बोला- क्या मस्त सेक्सी छेद है बेबी; तुम्हारा छेद देखकर तो मेरा लौड़ा टन टना उठा है।ऐसा बोल कर मुरली ने अपनी जुबान मेरी गांड के छेद में डालकर जुबान अंदर बाहर करना शुरू कर दी।

अब तो मेरी हालत बिल्कुल पतली हो गई। मेरी चूत और गांड दोनों को अजय और मुरली कुत्ते की तरह चूसे और चाटे जा रहे थे और मैं कुतिया की तरह गर्म होकर अपनी चूत और गांड को इनकी जुबान पर रगड़े जा रही थी। मेरी चूत से लगातार काम रस बह रहा था और मनोज उसे अपनी जुबान से चाट चाट कर अमृत पान कर रहा था।

अचानक मनोज ने अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में डाल दी और अपनी जबान को वहां से निकालकर मेरी गांड में डाल प्रिया।“आआआहह … उईईई … मर गईईईई …” मेरे मुंह से जोर से सिसकारी और सीत्कार फूटने लगे।

मेरे मुंह को बंद करने के लिए मुरली ने मेरे मुंह के सामने आकर अपना लंड मुंह में डाल प्रिया और मुझे सर से पकड़ कर मेरे मुंह को चोदने लगा। वह मेरे मुंह को चोदते समय कुछ अनाप-शनाप बड़बड़ाए जा रहा था।

मारे उत्तेजना से मेरी चूत झड़ गई और मेरी चूत के गाढ़े रस से मनोज ने मेरी गांड को अंदर तक चिकना कर प्रिया।

अब मुझे मनोज ने पीठ के बल लेटा प्रिया और मेरी जांघ को काट काट कर चूसने लगा। मुरली ने मेरे स्तनों का जिम्मा संभाला और बारी बारी से मेरे स्तनों को बेदर्दी से चूस चूस कर लाल कर प्रिया। उसने मेरे अधरों पर भी काटा और काट काट कर निशान बना दिए।

इसके बाद दोनों ने मिलकर मुझे स्तनों के बल लेटा प्रिया। मुरली मेरे बांयी तरफ बैठ गया और उसने मेरे स्तन के नीचे से अपना हाथ डाल कर बांये स्तन को अपनी हथेली में पकड़ लिया और स्तन मसलते हुए मेरी जांघ के पिछले हिस्से को नितंबों के नीचे से चूसने लगा।

मनोज मेरे दाईं तरफ बैठ गया और वह मेरी कमर के दाहिने हिस्से को अपने मुंह में लेकर चूसने और काटने लगा। साथ ही उसने अपने बांये हाथ की दो उंगलियां मेरी चूत में अंदर तक घुसा दी।मनोज और मुरली की हरकतों से मैं तुरंत उत्तेजित हो गई और मेरी चूत हीरो की अंगुलियों के इशारे पर स्वत: आगे पीछे होने लगी।“आहहहहह … ऊं ऊं … बहुत मजा आ रहा है।” मैंने सीत्कार करते हुए कामोत्तेजित आवाज में कहा।

मुझे उत्तेजित होते देखकर दोनों अपनी हरकतें तेजी के साथ करने लगे। मैंने अपनी गर्दन पीछे की तो मुरली मेरे अधरों को भी चूसने लगा।

“आहहहह … उईईई … जल्दी से मेरी गांड और चूत चोद कर मेरी खुजली मिटा दो।” मैंने कामुक आवाज में दोनों से अनुरोध किया।“जरूर चोदेंगे बेबी, पर पहले यह तो बताओ कि गालियाँ दे कर तुम्हारी चुदाई करें तो तुम नाराज़ तो नहीं हो जाओगी?” मुरली ने मेरे नितंबों को जो़रों से मसलते हुए बोला।

“मुझे भी गालियों के साथ चुदाई पसंद है। तुम मुझे बिल्कुल रंडी बनाकर चोदो।” मैं अपनी चूत को सहलाते हुए बोली।“रंडी की चूत देख कैसे लंड लेने के लिये लपलपा रही है।” मुरली ने मेरी चूत पर चुटकी भरते हुए बोला।“मेरी चूत और गांड लपलपा रही है, इसलिए तो तुम दोनों को चुदाई के लिए बुलाया है।” मैं मुस्कुरा कर बोली।

मनोज और मुरली दोनों मेरी गांड मारना चाहते थे और इस वजह से दोनों में मतभेद होने लगा।

पाठकों की सराहना एवं कमेंट लेखक मैं नया उत्साह भरते हैं इसलिए मेरा सभी पाठकों से नम्र अनुरोध है कि अपने कमेंट मुझे support@mohakkisse.com पर अवश्य भेजें।

कहानी जारी रहेगी.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

चूत एक लंड अनेक

कुल भाग: 5
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Behen Ka Train Me Gangbang
Group Sex Story

Behen Ka Train Me Gangbang

Hi friends rajeev here, bahut khushi hui ki aapne meri purani stories bahut pasand ki, yeh story mai aapki farmaish par lik rha hu.

7 मिनट 389
मेरी सेक्सी बीवी ने दो मर्दों से चुत चुदवाई- 2
Group Sex Story

मेरी सेक्सी बीवी ने दो मर्दों से चुत चुदवाई- 2

न्यूड वाइफ चूत कहानी में मेरी हॉट वाइफ मेरे दोस्त के घर में उसके बड़े लंड से चुद कर मजा ले रही थी, मैं बाहर से देख रहा था. तभी एक और आदमी आया.

13 मिनट 598
Pyaar se lekar chudai tak ka safar-41
Group Sex Story

Pyaar se lekar chudai tak ka safar-41

Lagbhag 3 hrs ki lambi chudai ke baad kisi me taqat nahi bachi thi. 10 minut baad sab uthe andul ne mujhe goad me uthaya aur bathroom me le aaya.

7 मिनट 623

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

नरेश सुथार नागल

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

भाई 420

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।