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भाभी की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 517 बार

दो जवान बेटियों की मम्मी की अन्तर्वासना- 7

राजेश 784

13 Sep 2021 को प्रकाशित

दो जवान बेटियों की मम्मी की अन्तर्वासना- 7
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चुदासी भाभी की हिंदी सेक्स कथा में पढ़ें कि भाभी को चोदकर मैं बाहर आकर सो गया. लेकिन मेरी नींद खुली तो देखा कि नंगी भाभी मेरे साथ लेटी लंड सहला रही थी.

भाभी की चूत और जांघें मेरे वीर्य से सनी हुई थी. साथ ही भाभी जहाँ उल्टी लेटी थी वहां से बेड की चादर बड़ी जगह से गीली हो गई थी. भाभी ने झुककर चादर को देखा तो एक संतोष की सांस ली और आंखें बंद कर ली.

कुछ देर हम यूँ ही लेटे रहे. मैंने देखा भाभी सो चुकी थी. इस पूरे खेल में रात का 1.00 बज गया था. मैंने भाभी के ऊपर चादर डाली और अपने दीवान पर आकर सो गया.

चुदासी भाभी की अब आगे की हिंदी सेक्स कथा:

मुझे सोये हुए लगभग एक घंटा ही हुआ था कि मुझे लगा जैसे कोई मेरे साथ सो रहा है और मेरे लण्ड को धीरे धीरे सहला रहा है.जब मेरी नींद अच्छी तरह से खुली तो मैंने देखा कि भाभी बिल्कुल नंगी मेरे साथ करवट लेकर लेटी हुई है. उनकी एक टांग मेरी एक जांघ पर चढ़ी हुई थी मेरा लोअर नीचे था और भाभी ने अपने एक हाथ से मेरे लौड़े को पकड़ा हुआ था.

सारी बात समझ कर मैंने भी करवट ली और भाभी की नंगी कमर में हाथ डालकर उनको अपनी ओर खींच लिया.भाभी मेरे शरीर से चिपक गई. भाभी ने अपनी टांग को और ऊपर उठाया और मेरे लण्ड को अपनी चूत के छेद पर सेट कर लिया.

मैंने भाभी से पूछा- आप तो सो गई थी इसीलिए मैं यहाँ आ गया था.भाभी बोली- राज, मुझे तुम इतने अच्छे लगते हो कि मैं तुम्हारे बिना अब सो ही नहीं सकती.

मैंने कहा- अभी और चूत मरवाने का दिल कर रहा है?भाभी बोली- मेरा दिल करता है तुम्हारा लण्ड बस हमेशा मेरी चूत के अंदर ही रहे.

मैंने भाभी को उनके चूतड़ों से पकड़ कर अपनी ओर खींचते हुए लण्ड को भाभी की चूत में ठोक प्रिया. हम दोनों अब करवट ले कर लेट हुए थे और एक दूसरे को बांहों में जकड़े हुए थे.भाभी बोली- राज, तुमने कभी पहले भी किया है किसी के साथ?मैंने सफेद झूठ बोलते हुए कहा- नहीं भाभी, मैंने तो किसी जवान लेडी की चूत ही पहली बार देखी है.

यह सुनकर भाभी रोमांचित हो उठी और बोली- सच में तुमने पहली बार चूत मारी है?मैंने कहा- जी भाभी, पहली बार आपको ही चोदा है.

भाभी ने मुझे एक जोर का किस किया और मुझे जकड़ कर बोली- हाय राजा, मैं कितनी खुशनसीब हूँ कि मुझे एकदम कोरा लण्ड मिला है.मैंने भाभी की चूत में एक जोरदार लण्ड का झटका मारा.भाभी- आई … मार प्रिया.मैंने भाभी के एक मम्मे को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगा.भाभी सी … सी … करती रही.मैंने भाभी के नर्म और गुदाज़ चूतड़ों को सहलाना शुरू किया.

भाभी ने एकाएक मुझे पीछे हटाया और कमर के बल दीवान पर लिटाया. भाभी अपनी टांगों को मेरे शरीर के ऊपर चौड़ी करके मेरे ऊपर चढ़ गई और अपनी गोरी, चिकनी और भारी गांड को ऊपर उठाते हुए एक हाथ से मेरा लौड़ा अपनी चूत के चिकने छेद पर रखा और नीचे की ओर बैठने लगी.

मेरा लौड़ा भाभी की चूत की दीवारों को फैलाते हुए अंदर जाने लगा.

भाभी ने अपने दोनों हाथ मेरी छाती पर रख लिए और लण्ड को चूत में एडजस्ट करते हुए ऊपर धम्म से बैठ गई. मेरा लंबा और मोटा लौड़ा भाभी की धुन्नी (नाभि) तक अंदर धंस गया. भाभी की जांघें और मेरी जांघों के बीच हवा जाने की भी जगह नहीं थी. उनकी चूत की दोनों मोटी पुट्टीयां मेरे लण्ड के चारों ओर फैल कर चिपक गई थीं. इससे भाभी मदहोश हो गई.

बैठे बैठे भाभी मेरी ओर नीचे झुकी और मेरे होठों को किस करने लगी. उनकी दोनों बड़ी बड़ी चुचियाँ मेरी छाती पर रगड़ खा रही थी. मैंने भाभी के एक मम्मे को मुंह में ले कर चूसना शुरू किया. भाभी आहें भरने लगी.

भाभी बोली- राज कुछ बात करो न!मैंने पूछा- भाभी, आपको मेरे साथ अच्छा लग रहा है न?भाभी बोली- इतना मजा तो मुझे अपनी सुहागरात को भी नहीं आया था.

मैंने भाभी से पूछा- कल तो मैं ऊपर अपने कमरे में सोऊंगा, तो कल कैसे होगा?भाभी- देखते हैं, मैं कोई न कोई रास्ता जरूर निकाल लूंगी, तुम चिंता मत करो.

मैंने कहा- मुझे तो बस यही डर है कि लड़कियों को शक न हो जाये?भाभी पूरी तरह से वासना में डूबी हुई थी, बोली- जो कोई भी चूँ चपड़ करेगी मैं उसकी गांड फाड़ दूंगी.मैंने कहा- लण्ड तो मेरे पास है, आप कैसे फाड़ेंगी?भाभी मस्ती में डूबी हुई बोली- कोई बात नहीं … तुम फाड़ देना. परंतु अब तो मेरी फाड़ो.

मैंने भाभी को नीचे लेटने का इशारा किया. भाभी दीवान पर पीठ के बल लेट गई. मैं भाभी की टांगों के बीच आ गया और लण्ड को चूत में डाल प्रिया.कुछ देर मैं भाभी के चिकने पेट पर लेटा रहा और धीरे धीरे लण्ड को चलाता रहा.

भाभी- आ … आ … बहुत मजा आ रहा है. ऐसे ही अंदर बाहर करते रहो.मैंने भाभी की एक चूची को मुंह में ले कर काट लिया.भाभी- हाय … मार प्रिया … ज़ालिम.

फिर मैंने भाभी के नीचे वाले होंठ को चूसना शुरू किया. भाभी इकट्ठी होने लगी. भाभी बोली- हाय राजा … तुम तो बहुत मजा देते हो.भाभी अपना दाहिना हाथ नीचे ले कर गई और जैसे ही मैंने चोदने के लिए लण्ड को थोड़ा ऊपर खींचा तो भाभी ने लण्ड को अपनी मुट्ठी में भींच लिया.लण्ड चूत के रस से लिबड़ा हुआ था.

अपने हाथ को भाभी ने अच्छी तरह से लण्ड और चूत पर मसल कर गीला किया और फिर अपनी चुचियों पर मसल लिया.भाभी बोली- राज, तुमने तो मेरी चूत में से पानी का दरिया ही निकाल प्रिया. ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ था.चुदने के लिए भाभी अपनी चूत को ऊपर उछालने लगी तो मैंने भी ताबड़ तोड़ शॉट मारने शुरू कर दिए. रात के सन्नाटे में खच खच की आवाजें आने लगी.

भाभी बोली- राज- मेरा होने वाला है तुम भी अपना कर लो, साथ में झड़ेंगे.मैंने जोर शोर से चुदाई शुरू कर दी. दीवान अपनी जगह से सरकने लगा. अंत में भाभी ने मुझे आ … आ … करके जोर से जकड़ लिया और उसी वक्त मेरे लण्ड से भी वीर्य की पिचकारी निकलने लगी. मैंने कुछ रुक रुक कर झटके मारे और भाभी की चूत को गर्म वीर्य से भर प्रिया.

भाभी ने अपनी पकड़ ढीली की और एक बड़ी सांस लेकर टांगें फैला दी. मैं कुछ देर भाभी के ऊपर लेटा रहा, फिर नीचे उतर कर उनके साथ लेट गया.

कुछ ही देर में भाभी उठी और चौड़ी टांगें करते हुए अपने कमरे के बाथरूम में चली गई. कुछ देर बाद वे अपनी स्कर्ट और टॉप पहन कर आई.

उन्होंने धीरे से ड्राइंगरूम के दरवाजे की कुंडी खोल दी. भाभी फिर एक बार मेरे पास दीवान पर बैठी और मुझे बांहों में भर कर चूमते हुए बोली- थैंक यू राज, तुमने मेरे सूखे जीवन में बहार ला दी है, अब तुम इस घर में जैसे मर्जी रहो और जो मर्जी करो, तुम्हें कोई रोकने वाला नहीं है.

भाभी ने मुझे छोड़ा और बोली- सुबह के तीन बज गए हैं, अब थोड़ा सो लेते हैं, मैं अपने बेडरूम में जा रही हूँ, पूजा हर रोज छः बजे उठकर अपने लिए चाय बनाती है. तब तक तुम भी सो जाओ, मैंने रात को ही पूजा को बोल प्रिया था कि वह हर रोज तुम्हें बेड टी दे प्रिया करेगी. कल तो वैसे भी संडे है इसलिए कोई जल्दी नहीं है, देर से उठेंगे, मैं भी आराम से ही उठूंगी.

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यह कह कर भाभी अपने रूम में चली गई.

सोने से पहले उन्होंने गैलेरी का पीछे का दरवाजा भी खोल प्रिया और अपना बेडरूम अंदर से बंद कर लिया ताकि किसी को शक न हो.

एक बार तो मैंने सोचा कि इस वक्त पूजा को चोदने का अच्छा मौका है. परंतु मैं इतना थक चुका था कि मैंने सोना ही बेहतर समझा.

सुबह 6 बजे के करीब पूजा ने मुझे धीरे से हिलाया, तो मैं उठकर बैठ गया.

पूजा- राज, मैं अपने लिए चाय बना रही हूँ, आपने अभी पीनी है?मैंने कहा- जी, बना लो, मैं भी पी लूँगा. लेकिन इससे पहले टॉयलेट जाऊंगा और ब्रुश करूँगा.पूजा- मेरे टॉयलेट में चले जाओ.

मैं अपना ब्रश लेकर पूजा के टॉयलेट में चला गया.

ब्रश आदि से फ्री हो कर जैसे ही मैं मुड़ा तो दरवाजे के पीछे पूजा की बहुत ही सुंदर पैंटी और ब्रा टंग रही थीं.मैंने उसकी पैंटी को उतार कर हाथ में लिया तो मेरा लण्ड खड़ा हो गया. मैंने लण्ड बाहर निकाल कर पैंटी को अपने लण्ड पर रगड़ा और उसे लण्ड पर लटका लिया. फिर काफी बड़े डीप कप वाली ब्रा को देखा.

कुछ ही देर में पूजा अंदर आ गई. उसने पूछा- ब्रश कर ली?मैंने कहा- जरा अंदर आओ.पूजा- नहीं, कोई आ जायेगा. आप बाहर आ जाओ.यह कहकर पूजा बाहर जाने लगी.

तो मैंने ब्रा पैंटी को वहीं छोड़ा और उसे पीछे से पकड़ कर बांहों में भर लिया.पूजा- छोड़ो राज, कोई देख लेगा.मैंने कहा- कोई नहीं देखेगा, थोड़ा मज़ा दो.पूजा- दरवाज़ा खुला है.उसको पकड़े पकड़े मैं थोड़ा आगे बढ़ा और दरवाजे पर हाथ मार कर आधा बंद कर प्रिया जिससे कि कोई एकदम न देख सके.

पूजा ने आगे से खुलने वाली साटन की घुटनों तक कि एक स्लीवलेस नाइटी पहन रखी थी जिसे उसने एक डोरी से कमर पर बांध रखा था. उसके नीचे उसने कुछ नहीं पहना था.

मैंने पूजा की छाती पर खड़े उसके दोनों मम्मों को पकड़ लिया और उन्हें जोर जोर से मसलने लगा. चुचों के निप्पल एकदम सख्त हो चुके थे. पूजा की साँसें जोर जोर से चलने लगी थी. मेरा लण्ड पूजा के मोटे, चिकने और गुदाज़ चूतड़ों की गहराई में लोअर के अंदर से ही घुस गया था.

मैंने पीछे से पूजा की गर्दन पर होंठ रख दिये.पूजा- आ…आ…ई… मत करो आ … कोई आ जायेगा.मैंने धीरे से कहा- अभी तो सब सो रहे हैं.

और यह कह कर उसकी नाइटी को पीछे से उठाया और झट से लोअर में से लण्ड निकाल कर उसकी चिकनी गांड के ऊपर रख प्रिया. इसके साथ ही मैंने पूजा की नाइटी को थोड़ा आगे से उठाकर अपने दोनों हाथों से उसकी जांघों को पकड़ लिया और एक हाथ से उसकी चिकनी चूत को सहलाने लगा.

पूजा ने अपना सिर मेरी गर्दन में उल्टी हो कर रख प्रिया और धीरे धीरे बोलने लगी- ना … करो, कोई … आ … जायेगा … तो मुसीबत हो जाएगी. प्लीज … छोड़ दो … वर्ना सारा खेल खराब हो जायेगा.मैंने पूजा को छोड़ प्रिया.

पूजा बोली- थोड़ा सब्र करो, मौका आने दो, मैं कहीं भागी जा रही हूँ क्या?वो बाहर निकल गई.

मैंने भी सोचा कि कहीं भाभी को पता लग गया तो वह मुझे आज ही बाहर निकाल देगी और सारा खेल खत्म हो जाएगा.मैं भी बाहर आकर दीवान पर बैठ गया.

पूजा चाय ले आयी. वह सोफे पर बैठ गई.मैंने पूजा से कहा- पूजा, तुम सच में हेरोइनों से भी बढ़कर सुंदर हो, मैं तुम्हें पाने के लिए बेचैन था परंतु तुम मुझे घास ही नहीं डाल रही थी.पूजा- कभी ट्राई तो किया नहीं.मैंने कहा- ट्राई तो तब करता जब मुझे थोड़ी सी भी उम्मीद होती? अब भगवान ने मेरी सुन ली है.पूजा मुस्करा दी.

वो बोली- राज, हमें बहुत संभल कर चलना है, कोई रिस्क नहीं लेना. मम्मी इस मामले में बहुत सख्त हैं. हमें किसी से बात नहीं करने देती.

मैं मन ही मन सोचने लगा कि तुम्हारी मम्मी को तो आज सारी रात चोदा है. खैर, मैं तीनों की बातों और मुलाकातों को एक दूसरी से गुप्त रखना चाहता था इसलिए कुछ नहीं बोला.

पूजा धीरे से बोली- आप अपना सामान अभी ले आओ, ऐसा न हो कि कोई गड़बड़ हो जाये!मैंने कहा- ठीक है.

उस दिन मैं अपने मकान मालिक से मिला और मैंने उन्हें बताया कि मैं आज कमरा खाली कर रहा हूँ.उन्होंने उस दिन तक का हिसाब बनाया और मैं अपना सामान लेकर सरोज के मकान में आ गया.

सामान में मेरे पास केवल दो सूटकेस, बुक्स और दो चार बर्तन थे. जिस मकान में मैं रह रहा था उसमें भी बेड मकान मालिक का ही था.

मैं लगभग 1:00 बजे अपना सामान लेकर सरोज भाभी के मकान में पहुंच गया और ऊपर वाले कमरे में अपना सामान रख प्रिया.सरोज भाभी ने अपनी सफाई वाली मेड से उस रूम की साफ सफाई करवा दी थी.

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