दोस्तो, मैं फेहमिना आप सबके सामने अपनी एक नई कहानी लेकर आई हूँ।मेरा नाम फेहमीना इक़बाल, मैं 26 साल की एक खूबसूरत लड़की हूँ।
जैसा आप सभी जानते ही होंगे कि साहिल के ऑफिस की पार्टी में मेरी मुलाकात साहिल के दोस्त आकाश से हुई थी और पहली ही मुलाकात में मैं आकाश पर पूरी तरह से फ़िदा हो गई थी।अब मुझे आकाश को पटाना था।वैसे मैंने पार्टी में देखा था की आकाश मुझ में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी ले रहा था।
खैर उस पार्टी के बाद साहिल और मैं घर आ गए, घर आकर मैं सो गई।
अगले दिन मैंने महसूस किया कि किसी का हाथ मेरे बूब्स पर चल रहा था। मैं समझ गई कि यह साहिल ही हो सकता है।मैंने उसे मना कर प्रिया तो वो भी चला गया।
मगर थोड़ी देर बाद जब मैं सो कर उठी तो साहिल वहीं बैठा हुआ मुझे देख रहा था।मैंने उससे पूछा- ऐसे क्यूँ देख रहा है?तो वो बोला- यार, तुझे जब भी देखता हूँ बस चोदने का मन करता है।
मैंने एक स्माइल दी, तो वो मेरे पास आकर मेरे बूब्स चूसने लगा और उसने मुझे वही लिटाकर चोदना शुरू कर प्रिया।अब ऐसे ही दिन निकलते रहे।
एक दिन जब साहिल मुझे चोद रहा था तब मैंने साहिल से कहा- मुझे तेरा दोस्त बहुत पसंद है।उसने कहा- तू उससे चुदना चाहती है क्या?
मैंने स्माइल करके अपना जवाब उसे दे प्रिया।वो बोला कि वो भी आकाश की गर्लफ्रेंड रिया को चोदना चाहता है।
वैसे रिया भी एक खूबसूरत लड़की थी, कोई भी उसे चोदना चाहेगा।फिर साहिल मुझे बार बार बोलने लगा- मैं रिया को चोदना चाहता हूँ, कुछ कर ना?
मेरे दिमाग में एक आईडिया आया, मैंने पहले रिया से दोस्ती करने की सोची।मैंने साहिल को बोला- तू आकाश से बात करके उसको हमारे घर डिनर पर बुला ले।
साहिल ने आकाश से बात कर ली तो आकाश ने रिया को साथ लाने का वादा कर प्रिया।उस रात साहिल ने मुझे रिया समझ कर बहुत चोदा।
फिर एक दिन वो लोग हमारे घर आ गए, मैंने देखा आकाश बहुत स्मार्ट लग रहा था और रिया भी बहुत सेक्सी लग रही थी।साहिल बस रिया को ही देखे जा रहा था।
मैं और साहिल भी अच्छे तरीके से तैयार थे, आकाश बार बार मुझे चोर निगाह से देख रहा था।
हम लोगों ने थोड़ी देर बात करके डिनर किया। इस बीच मेरी और रिया की बहुत अच्छी दोस्ती हो गई।कुछ देर बाद वो लोग चले गए।
धीरे धीरे रिया और मैं और ज्यादा मिलने लगे तो हमारी दोस्ती और भी ज्यादा पक्की हो गई। हम लोग आपस में अपने अपने बॉयफ्रेंड के बारे में भी गन्दी गन्दी बात कर लेते थे।
रिया ने मुझे बताया कि आकाश का लंड 8 इंच लंबा है तो तभी से मेरी चूत में खुजली होने लगी।
फिर एक दिन रिया को शॉपिंग जाना था तो उसने मुझे कॉल किया। उस वक़्त मैं अपने रूम में अकेली थी और सोकर उठी थी।तो मैंने रिया को बोल प्रिया- तू मेरे घर आ जा, फिर यही से मॉल चलेंगे।
थोड़ी देर बाद रिया आ गई, मैंने उसको बोला- तू थोड़ी देर यही बैठ, मैं बस नहा कर आती हूँ।बोलकर मैं नहाने चली गई।
थोड़ी देर बाद मैं बाथरूम से बाहर आ गई, उस वक़्त मेरे बदन पर बस एक बस तौलिया था।मुझे उस हालत में देखकर रिया ने मुझे आँख मारी और बोली- मेरी जान, तू तो आज ऐसे ही मॉल चल, सब तुझे देखकर अपने लंड खड़े कर लेंगे।
मैंने उसे कुछ नहीं कहा बस मुस्कुराकर अपने कपड़े लेकर स्टोर रूम में जाने लगी तो रिया बोली- यार, मुझसे क्या शर्मा रही है? यहीं कपड़े बदल ले ना?तो मैंने भी सोचा ‘इससे क्या शर्माना…’ मैंने अपना तौलिया निकाल प्रिया और मैं उसके सामने पूरी नंगी हो गई।
रिया मेरे बदन को घूर कर देख रही थी, उसकी आँखों में मुझे हवस दिख रही थी, मैंने उसको टोका- ऐसे क्या देख रही है? जो मेरे पास हैं वो ही तेरे पास है।यह सुनकर वो थोड़ा मुस्कुराने लगी और बोली- यार तूने अपनी बॉडी को कितना अच्छा मेन्टेन किया हुआ है।
मैंने कुछ नहीं कहा बस अपनी शर्ट पहनने लगी तो उसने कहा- तू ब्रा नहीं पहनेगी?तो मैंने कहा- मैं ब्रा पैंटी नहीं पहनती।वो बोली- साली, तू तो पक्की वाली रंडी है।मैंने कहा- नहीं यार, रंडी वाली वात नहीं है… बस मुझे ब्रा पैंटी में मज़ा नहीं आता।
फिर वो बोली- थोड़ी देर रुक ना… थोड़ी देर बाद कपड़े पहन लेना।मैंने उससे पूछा- क्यूँ, क्या हुआ?तो वह बोली- यार, अगर मैं लड़का होती तो तुझे अभी चोद देती।
मैं बहुत जोर से हँसी।वो मेरे पास आई और मेरे गाल पर चुम्मा कर प्रिया।
जोधपुर की भाभी संग पहला लेस्बीयन सैक्स
उसके अचानक चुम्बन करने से मैं थोड़ी गर्म हो गई थी तो मैंने भी उसके होंठों पर एक हल्का सा किस कर प्रिया।अब वो और मैं दोनों गर्म हो चुकी थी और एक दूसरी को हवस भरी निगाहों से देख रहे थे।
तभी अचानक रिया ने मेरे होंठों को अपने होंठों के कब्ज़े में ले लिया और जोर जोर से मेरे होंठों को काटने लगी।अब मैं भी उसे जोर जोर से चूमने लगी।
मैंने उसकी चूची पर से ब्रा फाड़ दी और पैंटी भी उतारकर उसे पूरी नंगी कर प्रिया।
वो बोली- साली, तूने मेरी ब्रा क्यूँ फाड़ी? अब मैं क्या पहनकर जाऊँगी?मैंने कहा- मेरी जान, तेरे चूचे तो मस्त हैं, इन्हें दुनिया को दिखा… क्यूँ इन बेचारों को ब्रा में कैद करके रखती है।
तो वो हँसने लगी और फिर से मुझसे चिपट गई और मेरे बूब्स चूसने लगी।फिर हम दोनों पागलों की तरह किस करने लगी.. दोनों ही मदमस्त होकर एक दूसरी के होंठों को चूस रही थीं, खूब मजा आ रहा था..तब मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और उसकी जीभ के साथ खेलने लगी।रिया ने जीभ चचोरते हुए मेरा थूक चाट लिया, मैं उसकी गर्दन को किस करते हुए चाटने लगी।
मेरा हाथ कब उसकी कमर पर चला गया और कब उसे सहलाने लगा.. मुझे पता ही नहीं चला।रिया भी मेरे मम्मों को दबा रही थी, उसे बड़ा मजा आ रहा था।
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा प्रिया.. क्या मस्त मम्मे थे उसके.. मैं तो देखती ही रही और सीधा मुँह से चूसने लगी।फिर उसके निप्पल से दूध चूसने लगी और एक निप्पल हल्का सा काट लिया.. वो चिल्लाई- धीरे यार..
उसके हाथ मेरी पीठ पर घूम रहे थे.. क्या बताऊँ.. कितना मजा आ रहा था।दोनों मम्मों को चूसने के बाद मैं पेट को जीभ से चाटती हुई नीचे गई और उसकी मदहोश करने वाली टाँगों को चाटने लगी।
जांघों को किस करते हुए चूत तक पहुँच गई, उसकी चूत को सूंघने लगी।चूत की खुश्बू सूंघ कर मैं तो बेहोश होने लगी थी.. आह्ह.. क्या नशा था उसमें..
उधर रिया बेकाबू होते जा रही थी.. हल्की सिसकारियाँ ले रही थी।मैंने उसकी चूत के ऊपर ही किस किया, उसकी चूत पर थूक प्रिया और चूत को चाटने लगी..रिया के मुँह से मदमस्त आवाजें आ रही थीं.. जो मुझे और उत्तेजित कर रही थीं।
रिया ने कहा- अब रहा नहीं जाता.. जल्दी से कुछ कर..मैंने कहा- ठीक है।मैंने उससे पूछा- तू केले के साथ चुदेगी या डिल्डो के साथ?तो वो बोली- तू दोनों ले आ!
फिर मैंने किचन से एक केला ले आई और अलमारी से अपना डिल्डो निकाल लिया।
डिल्डो देख कर वो बोली- यार तू मुझे केले से चोद!फिर मैंने एक केला निकाला.. केले के छिलके फेंक दिए और केले को रिया के मुँह में डाल प्रिया।
एक ओर से वो.. और दूसरी ओर से मैं.. केले को लंड की तरह चाटने लगे।थोड़ी देर चाटने के बाद मैंने वो केला उसकी चूत में डाल प्रिया और चूत को केले से चोदने लगी।उसे बड़ा मजा आने लगा और वो मस्त आवाजें निकालने लगी- आआहह… आअहह.. जोर से फेहमी… और जोर से.. बहुत मजा आ रहा है.. करती रह.. रूक मत.. अअआ आहहह..
मैं केला उसकी चूत में अन्दर बाहर करती रही.. एक हाथ से उसके मम्मों को भी दबाती.. तो कभी चूत में थूक कर फिर से केले को अन्दर-बाहर करती रही और वो चिल्लाती रही।
कुछ देर बाद वो चरम रीमा तक पहुँच गई और चिल्लाती हुई झड़ गई, केला उसकी चूत के पानी से गीला हो गया था।मैंने उसका पूरा पानी चाट लिया.. आह्ह.. मस्त टेस्टी था।
फिर मैं उसके ऊपर आ गई.. उसे किस किया और हम दोनों ने मिल कर वो केला खा लिया।चूत के रस से उस केले का टेस्ट भी मस्त लग रहा था।
तभी रिया ने मुझे झट से नीचे गिरा प्रिया और मेरे बदन को पागलों की तरह चाटने लगी, मेरे पूरे बदन में बिजली दौड़ने लगी, उसने डिल्डो लिया और सीधा मेरी चूत में घुसा प्रिया।
मुझे अंदाजा भी नहीं था.. मैं जोर से ‘आईईईई मार डाला साली कुतिया…’ चिल्ला पड़ी।वो पागल हो गई थी.. जोर जोर से मेरी चूत में अन्दर बाहर कर रही थी।मैं चिल्ला रही थी.. पर वो सुनने को तैयार ही नहीं थी।बीच-बीच में कभी मेरे मम्मों को दबा देती.. नहीं तो किस करती.. और फिर से चूत को डिल्डो से चोदती।
ऐसा करते-करते मैं झड़ गई, उसने मेरी चूत का पूरा पानी पी लिया।फिर हम दोनों किस करने लगे और थोड़ी देर में एक दूसरे से चिपक कर नंगे ही लेट गए।
थोड़ी देर बाद हम उठे और शॉपिंग जाने के लिए तैयार होने लगी।मैंने रिया को ब्रा पैंटी नहीं पहनने दी, हम दोनों ही बिना ब्रा पैंटी के तैयार होकर मॉल चली गई।बिना ब्रा के रिया के निप्पल साफ़ साफ़ दिख रहे थे, मैंने रिया से कहा- देख सारे लोग कैसे तुझे घूर रहे हैं।तो वो शरमा गई।
कहानी जारी रहेगी…
तो मेरे प्यारे प्यारे दोस्तो, कैसी लगी आपको मेरी सेक्स कहानी?अपने विचार आप मुझे support@mohakkisse.com पर भेज सकते हैं।साथ ही आप मुझसे facebook पर fehmina.iqbal.50 अथवा support@mohakkisse.com का प्रयोग करके जुड़ सकते हैं।