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भाभी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 769 बार

बिहारन भाभी की चोदम चुदाई- 1

प्रकाश डागा

29 May 2024 को प्रकाशित

बिहारन भाभी की चोदम चुदाई- 1
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भाभी की चुद की कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपने कमरे के नीचे वाले कमरे में रहने वाली बिहारन भाभी को चोदा. मैं ऊपर से उस भाभी के जिस्म को देखता था.

हैलो, मैं प्रकाश एक बार फिर आपके सामने अपनी भाभी की चुद की कहानी हाज़िर हूं दोस्तो. जिन्होंने पहले मेरी दास्तानदोस्त की बहन को चोदा मजा लेकरपढ़कर अपनी चूत न रगड़ी हो और लंड न सहलाया हो, उनको बता दूँ कि मैं देहरादून का रहने वाला हूँ.

मैंने अपनी पहली सेक्स कहानी लिख कर सोचा था कि कोई भाभी या चुदक्कड़ माल मुझे चोदने के लिए सम्पर्क करेगी. मगर किसी ने नहीं किया, तो थोड़ा दुख हुआ. पर क्या पता इस कहानी के बाद कोई माल मुझसे चुद जाने को पागल हो जाए.

खैर … सुनिए, मेरा लौड़ा साढ़े छह इंच लम्बा है और गोलाई में पौने 3 इंच मोटा है.

ये बात रुद्रपुर की है. मैं वहां किराए पर एक कमरा लेकर रह रहा था. मैं जॉब करने लगा था. मेरे बगल में एक बिहार की भाभी रहती थीं, जिनका पति पुलिस में था.उनके दो बच्चे थे. छोटे बेटी की उम्र एक साल के लगभग थी. मतलब भाभी दुधारू थीं. उनकी चूचियों से दूध आता था. जब पहली बार मैंने उन भाभी को देखा, तो मज़ा ही आ गया.

हुआ कुछ यूँ कि मैं उस दिन ऊपर था, वो नीचे थीं. वो आंगन में अपने बच्चे के कपड़े सुखा रही थीं, तो बैठ कर झुकी हुई थीं. इस कारण उनका क्लीवेज साफ दिख रहा था. मेरी नज़र उनके मम्मों की दरार पर पड़ गई … तो मेरी नज़र वहीं की वहीं टिकी रह गई.उस दौरान वो मुझे कई बार देख कर नज़रें हटाती रहीं, पर मुझे कुछ होश ही नहीं था.

वो थोड़ा डरकर अन्दर चली गईं. मुझे तब इस बात का होश आया, तो बहुत बुरा लगा कि वो अन्दर चली गईं.

मगर भाभी की जवानी देख कर मेरे अन्दर वासना भड़क गई थी. क्योंकि वो थीं ही ऐसी. उनके चुच्चे 36 इंच के थे, इस कहानी में मैं भाभी को चंद्रा नाम से कह रहा हूँ. वैसे उनका नाम कुछ और है. चन्द्रा भाभी की कमर 28 इंच की थी और गांड तो पूरी 36 इंच की उठी हुई थी.

दोस्तो, भाभी की चूचियों की दरार बिल्कुल गोरी थी. हालांकि उनका चेहरा हल्का सांवला था … मगर फेसकट बहुत कंटीला था. भाभी बिल्कुल ठोक ठोक कर चोदम चुदाई करने वाली माल थीं.

एक बार भाभी की चूचियां देख लीं तो मेरे दिमाग में 24 घंटे एक ही ख्याल आने लगा कि कैसे भाभी को पटाऊं और कब उन्हें चोद दूं?

खैर फिर रोज सुबह उसी टाइम पर मैं कमरे से बाहर आता और उन्हें देखता रहता.

अब मैंने धीरे धीरे उसके बच्चों से बात करनी शुरू कर दी, तो वो भी मुझसे बात करने लगीं.वो अपने बच्चों से कहने लगी थीं- देखो चाचा क्या बोल रहे हैं.

भाभी अपने बच्चों से ऐसा कहते हुए मुझसे बात करने लगी थीं. अब वो अक्सर टी-शर्ट और लोअर में बाहर आ जाती थीं. ताकि उनके मम्मे और गांड मुझे साफ़ दिखने लगें.ये बात तो मुझे समझ में आ गई थी कि भाभी की चूत में भी खुजली होने लगी है.

पर इस तरह से भाभी से मेरी कुछ भी बात आगे नहीं बढ़ रही थी. बस रोज बच्चों से सम्बंधित बातें और कभी कभी तो हफ़्तों तक भाभी से कोई बात ही नहीं हो पाती थी. पर अब मैं रोज ही उन भाभी के नाम की मुठ जरूर मारने लगा था.

इस तरह से ये साल बीत गया था. मुझे तो अब उम्मीद भी नहीं रह गई थी कि भाभी हाथ भी लगाने देंगी या नहीं.

पर एक दिन चंद्रा भाभी अपने बच्चे के साथ आंगनबाड़ी से सामान ले रही थीं. इत्तफाक से मुझे भाभी दिख गईं. मैं उनके पीछे चल प्रिया. थोड़ी देर में वो मुझे मिल गईं.

मैंने कहा- चंद्रा भाभी, कहां से आ रही हैं?भाभी- बस आंगनबाड़ी से, हम बच्चों वालियों की तो यही ड्यूटी रह गई है. आप कहां जा रहे हैं?

मैं- कहीं नहीं भाभी, बस ऑफिस. आप मुझे बोल प्रिया कीजिये ना … कभी तो मैं भी तो आपका सामान ला सकता हूँ.भाभी- नहीं … मैं कहां जाती हूं. इनके पापा ही जाते हैं. आज वो कहीं ड्यूटी में बाहर गए हैं … तभी मुझे आना पड़ा.

मैं- हां सही कहा, आप तो ज्यादा बाहर तक नहीं दिखती हैं. वैसे भी लोग खूबसूरत बीवियों को कहां बाहर आने देंगे. लोगों की नज़र जो खराब हो गई है.भाभी हंसते हुए कहने लगीं- पहले तो मैं कोई सुन्दर नहीं हूं. दूसरा, मैं तो बाहर आती ही हूँ … आप ही नहीं दिखते हैं.

मैं- मैं तो, पहले जब आप कपड़े धूप में डालने आती थीं, उस टाइम रोज आ जाता था. अब भी आता हूँ, पर क्या करूं आपने ही शायद टाइम बदल प्रिया है. और आप इतनी ज्यादा प्यारी और सुन्दर हैं, ऐसा न कहिए कि आप सुन्दर नहीं है. आप हमारी नज़रों से भी तो खुद को देखो न भाभी.भाभी- आपकी नज़र तो मैं खूब पहचानती हूं. पहले दिन ही भांप गई थी मैं … तभी तो अन्दर भाग गई थी.

मैंने नाटकीय अदा से अपने कान पकड़ते हुए कहा- उस दिन के लिए सॉरी भाभी … पर आप हैं ही बला की खूबसूरत.भाभी- अच्छा? … झूठ मत बोलो. मैं तो काली कलूटी सी हूँ … स्मार्ट तो आप हैं.

मैं- प्लीज भाभी खुद को ऐसा मत बोलिए, वो भी अपने चाहने वालों के सामने. और मैं क्या स्मार्ट भाभी … कौन सी ये स्मार्टनेस कुछ काम आ रही है?भाभी- क्यों?मैं- हां कहां काम आ रही है. काम आती तो आपसे बात होने में आज एक साल नहीं लगता. न जाने अब तक मेरी कितनी गर्लफ्रेंड हो गई होतीं.भाभी- तो आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? आप तो इतने स्मार्ट हैं?

मैं- साल भर से तो आपके पीछे लग गया भाभी, कहां से किसी और को दिखता हूँ स्मार्ट?मैंने चुटकी ली.

भाभी- अच्छा? मुझे तो पता ही नहीं था कि आप मुझे बाद में भी देखते हो!मैं- सच बताना भाभी, अगर ऐसा था तो आप बच्चों के बहाने मुझसे बात क्यों करती थीं?भाभी- क्योंकि आप बहुत स्मार्ट हो.

मैंने खुल कर कहा- भाभी आप मुझे बहुत हॉट लगती हैं. आप बहुत अच्छी भी हैं.भाभी बोलीं- आप भी बहुत अच्छे हैं. अब मुझे देर हो रही है, बाद में बात करते हैं.मैंने देखा कि अगल बगल कोई नहीं है तो भाभी को मैंने अचानक से पीछे से पकड़ लिया.

भाभी के मुँह से ‘हांआआ..’ निकल गया.

मैंने उनके पेट में हाथ लगाया था … क्योंकि उनके गोद में बच्ची भी थी.

उन्हें मेरा स्पर्श ठंडा सा लगा, तो शरमा के कहने लगीं- छोड़ो प्रकाश, कोई देख लेगा.मैं- भाभी एक साल से छोड़ ही तो रखा है, अब तो पकड़ने की बारी है न … प्लीज अब कुछ मत कहिए.

इतना कह कर मैंने उनके चेहरे को पीछे को किया और होंठों पर होंठ रख दिए.

वो भी साथ देने लगीं और हम एक दूसरे को चूसने लगे. वो भी कुछ नहीं कह पायी और मैं भी.

इतने में एक सयानी सी आंटी उधर आ गईं, तो मैंने बहाना बनाया- पागल इतनी छोटी बात के लिए नाराज नहीं होते, चल अब घर चल मेरी चंदू प्लीज.

वो आंटी भाभी को मेरी बीवी समझते हुए हंस कर बोलीं- हां बेटा जाओ, लोग आते जाते रहते हैं … रास्ते में ये सब ठीक नहीं है.

आंटी ने हमें पति पत्नी समझा. वो चली गईं.

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उनके आगे जाते ही भाभी बोली- बड़े तेज हैं आप, मेरी तो सिट्टी-पिट्टी ही गुम हो गई थी. बहुत अनुभवी लगते हो.

भाभी की इस बात पर इस बार मैंने आगे से आकर उसकी गांड पकड़ कर बोला- हां हूँ न आपके लिए भाभी जान. बस अब कहीं मत जाना प्लीज.‘कोई देख लेगा, चलो घर चलो.’ ऐसा बोलकर भाभी जाने लगी.

मैंने कहा- भाभी अब नहीं रहा जाता. प्लीज़ भाभी अब आपको मुझसे प्यार करना ही होगा.‘तो मैं कब तुमसे प्यार नहीं करती बुद्धू?’ ऐसा कहकर भाभी ने मेरे गाल पर चुम्मा दे प्रिया और कहने लगी- अब तो मैं भी तुमसे बहुत प्यार करने लग गई यार … पर मिलन कैसे होगा, मुझे इसी बात का डर है.मैंने कहा- भाभी आप अपना नंबर आप मुझे दे दीजिये.

हम दोनों ने अपने नंबर एक दूसरे को दिए और बहुत जोर की चुम्मी होंठों पर लेकर जुदा हो गए.

अब हम लोग फोन पर बहुत सारी बातें करने लगे थे. बातें क्या … बस चुदाई की ही बातें होती थीं. हम एक दूसरे के साथ फोन सेक्स भी करने लगे थे.

करीब 5 महीने हो गए थे, पर हम दोनों को चुदाई का मौका ही नहीं मिल रहा था. हम एक दूसरे के लिए पागल हुए जा रहे थे.

तभी मुझे मेरे ऑफिस की तरफ से मुझे एक दूसरा कमरा मिल गया. वहां अगल बगल में कोई नहीं था. बस हमारी गाड़ी चल गई.

मैंने मौका देखकर एक दिन भाभी को न्योता प्रिया. पर भाभी रात में आने के लिए मना करने लगीं. क्योंकि उनके पति हमेशा साथ ही रहते थे.

भाभी को तड़पाने के लिए मैंने उनसे रोज फोन सेक्स करना शुरू कर प्रिया.तब भाभी ने दिन में एक घंटे के लिए आने का वादा किया और वो शुक्रवार के दिन मेरे पास आ ही गयीं.

हम लोग काफी अच्छे से कमरे में आ गए थे. मेरा ये घर तीन मंजिला था. क्योंकि उस कमरे में हम पहली बार मिले थे … तो भाभी के पहुंचते ही मैंने अपना पैंट खोल प्रिया और लंड बाहर निकाल प्रिया.

जैसे ही भाभी दरवाजे पर पहुंची, मैंने लंड से उनकी किरण उतारी. वो लंड देख शरमाते हुए हंसने लगी. हम फोन में ही इतना सेक्स कर चुके थे कि शरम नाम की चीज ही नहीं रह गई थी.

वो मेरे खड़े लंड को देख कर बोलीं- इतने उतावले क्यों हो रहे हो जी.मैंने कहा- भाभी मैं उतावला नहीं हूँ … आप पहली बार घर आयीं हैं, तो आपका स्वागत भी ना करूं क्या?

तो भाभी झट से अन्दर आईं और दरवाजा बंद करके मेरे लंड को पकड़ कर चूसने लगीं. फिर भाभी ने मेरा लंड छोड़कर खड़े होकर मेरे भेल पकड़ लिए.दोस्तो, पहाड़ में गांड को भेल भी कहते हैं.

अब भाभी मुझे बेतहाशा चूमने लगीं और मुझे पीछे को धकेलते हुए सीड़ियों से ऊपर को ले जाने लगीं.

मैंने भी सीड़ियों में ही भाभी की गांड सहलानी स्टार्ट कर दी. भाभी मेरी जींस का बटन खोलने लगीं … तो मैं भी उनकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा. सलवार हटा कर मैंने भाभी की पैंटी को निकाल कर अलग कर दी.

आह … भाभी की चूत देखने लायक थी. बिल्कुल क्लीन और साफ सुथरी. मैं तो भाभी की चुत देख कर पागल हो गया था. मैंने अगले ही पल भाभी की चूत में अपना हाथ डाल प्रिया.

मैं आज तक भाभी की चूत की सिर्फ अर्चना किया करता था. पर आज सामने उनकी नंगी चूत देखकर पागल ही हो गया था.

मैंने भाभी से कहा- भाभी सच में जैसी सपनों में आपकी चुत को याद करता था, ये बिल्कुल वैसी ही है.मेरे ये कहते ही भाभी ने मेरा सर पकड़कर अपनी चूत में लगा प्रिया.

भाभी- पागल … बोलो कम और काम ज्यादा करो. मेरी ये निगोड़ी चूत कबसे तुम्हें चोदने के लिए पागल है और तुम पता नहीं क्या कर रहे हो तब से … आआह … अह … जल्दी से आ जाओ.

मैंने भाभी की चूत पर अपना मुँह लगाया और बहुत जोर से चूस प्रिया, तो भाभी की वासना से भरी हुई सिसकारी निकल पड़ी.

मैं- अब बताओ कौन बात कर रहा है भाभी?‘उम्म्म्म्म … मैं ही कर रही हूँ बात … तुम तो मेरी प्यास बुझा रहे हो बेबी. तुम्हारी ये रांड कर रही है बात … आह य्ये … और चूसो मेरी इस पागल चु…चूत को प्लीईईज … आई लव यू प्रकाश आअज मुझे पागलों की तरह चोद दो ना.

मैं भाभी की चूत चाटे चूसे जा रहा था और भाभी बकबक करती जा रही थीं.

तभी भाभी ने मेरा चेहरा ऊपर किया और मेरे होंठ चूसने लगीं. उनकी चूत का रस बहुत नमकीन था. वो मेरे होंठों से अपनी ही चूत का रस पी रही थीं. मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाली हुई थी और उनकी जीभ को चूस रहा था. मेरा हाथ उनकी गांड को सहला रहा था और उनके हाथ मेरे गांड और लंड को सहला रहे थे.

इस पोजीशन में हम पूरे 8 मिनट तक रहे और अब मैं उनकी चूत में अपनी उंगली करने लगा था.

भाभी- प्लीज़ प्रकाश, आज मुझे जोर जोर से काट काटकर चोदना. मैं बहुत प्यासी हूँ … तुम्हारे लंड की मुझे बहुत जरूरत है.मैं- हां जी भाभी जी, मैं आज आपकी चूत ही नहीं गांड भी मारूंगा.

ऐसा कहकर मैंने भाभी को 2-3 सीढ़ी ऊपर को धकेला, तो भाभी सीढ़ी से फिसल कर गिरने को हुईं, पर मैंने उन्हें संभाल लिया.

भाभी एक सीढ़ी पर बैठ गईं … और टांगें खोल कर चुत पसार दी. मैंने झट से अपना लंड भाभी के मुँह में डाल प्रिया. भाभी उसे बड़े चाव से चूसने लगीं.

मैंने भाभी के मुँह में 15-20 धक्के लगाये और उनके होंठों को चूमने लगा.

फिर भाभी को सीढ़ी के किनारे में खड़ा करके भाभी की चुद में अपना लंड सैट किया और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड चूत में उतार प्रिया.

दोस्तो, बिहारन चन्द्रा भाभी को मैंने किस तरह से चोदा और उन्हें चुदाई से पहले अपने सपनों में चोदने की कहानी सुना कर मजा प्रिया … ये सब मैं आपको इस सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगा.

भाभी की चुद की कहानी आपको कैसी लगी? आप मुझे मेल जरूर कीजिएगा.आपका प्रकाश डागाsupport@mohakkisse.com

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बिहारन भाभी की चोदम चुदाई

कुल भाग: 2
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