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माँ की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 888 बार

मेरे बेटे की डायरी: बेटे ने अपनी माँ को चोदा-2

सविता अग्निहोत्री

19 Jan 2023 को प्रकाशित

मेरे बेटे की डायरी: बेटे ने अपनी माँ को चोदा-2
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मेरी सेक्स कहानी के प्रथम भागमेरे बेटे की डायरी: बेटे ने अपनी माँ को चोदा-1में आपने पढ़ा कि मुझे अपने बेटे की डायरी से पता चला कि वो अपनी मॉम को यानि मुझको चोदना चाहता है. मैंने उसके मन की बात जानने के लिए उसकी फोन फ्रेंड बन कर उससे चैट की, फिर सेक्स चैट पर आकर उससे सब कुछ पूछा!अब आगे:

वरुण सुबह जयपुर पहुँच गया और अपनी माँ से मिला, दोपहर के टाइम उसने अपनी माँ से कहा- माँ मैं आपके लिए मॉडर्न ड्रेसेस लेना चाहता हूँ, क्या आप मेरे साथ चलोगी?सविता- बेटा शॉपिंग तो करनी थी मुझे, लेकिन मैं अकेले चली जाऊँगी, तू कहाँ परेशान होगा लेडीज की शॉपिंग में।वरुण- माँ, परेशानी की क्या बात है, मुझे अच्छा लगेगा आपको शॉपिंग करवा कर!

सविता- बेटा मुझे अंडर गारमेंट्स भी लेने हैं, तुझे अजीब लगेगा.वरुण यह सुन कर सोचने लगा कि यह तो लॉटरी लग गयी, फिर बोला- माँ, हम पहले कपड़े ले लेंगे फिर आप अपने अंडर गारमेंट्स ले लेना!सविता- ठीक है, ऐसा कर लेंगे।

फिर हम शॉपिंग करने एक मॉल में गए और वहाँ पर हमें एक सेल्समैन ने अटेंड किया और उसने बहुत अच्छे मॉडर्न ड्रेसेस दिखाई जो हमे पसंद आयी, करीब 12 ड्रेसेस के साथ माँ को पहन कर देखने के लिए भेज प्रिया और फिर:

वरुण- मुझे मैडम के लिए ब्रा पेंटी देखनी है, कुछ अच्छी ब्रा पेंटी दिखा दीजिये!सेल्समैन- सर, हमारे पास एकदम अलग कुछ हट कर ब्रा पेंटी हैं, जो मैडम पर बहुत अच्छे लगेंगी.वरुण- दिखाओ?

सेल्समैन- मैडम का साइज क्या होगा?वरुण- साइज का तो आईडिया नहीं है, तुम्हें क्या लगता है क्या साइज होगा?सेल्समैन- सर, मेरे हिसाब से 36 आयेगा मैडम को!वरुण- एक काम करो 34 निकाल दो, मैं ट्राई करवा लेता हूँ.

एक सेट लाकर ट्राई रूम के पास जाकर वरूण बोला- माँ, आपको कैसी लग रही है ड्रेसेस?सविता- बहुत अच्छी हैं.वरुण- माँ, कुछ और ड्रेसेस हैं, ट्राई कर लो, आज सारी शॉपिंग मेरी पसंद से करेंगे!सविता- ओके!मैंने ट्राई रूम से हाथ बहार निकाल कर वरुण से ब्रा पेंटी पकड़ ली!

ब्रा पेंटी ट्रायल रूम में लेने के बाद माँ ने यानि मैंने मैसेज किया- ये मैं अपने आप ले लूंगी.वरुण- आपने अभी बोला है कि आज शॉपिंग मेरी पसंद से होगी, वैसे आपको पसंद नहीं है क्या?सविता- अच्छी है लेकिन छोटी है, फिट नहीं आ रही है.वरुण- ओके माँ, मैं बड़ा साइज लेकर आता हूँ।

फिर मैं सेल्समेन के पास गया और बोला- छोटी है, बड़े साइज की दो.सेल्समैन- सर, मैंने तो कहा ही था 36 आएगी।वरुण- हाँ, तुम सही कह रहे हो। तुम 38 साइज का दे दो!

वरुण बड़ी ब्रा पेंटी लेकर ट्राई रूम के दरवाजे पर आया और बोला- माँ, ये बड़े साइज का ट्राई करो!सविता- ये बहुत बड़ा है इससे छोटा चाहिए, तुम सेल्समेन को बोल दो, वो दे देगा!वरुण- माँ, आप अपना साइज़ मुझे मैसेज कर दो, मैं उसी साइज का ले आऊँगा!सविता- मैं खुद ले लूंगी.

वरुण- माँ आपने कहा था शॉपिंग मेरी पसंद से होगी, आप अपना साइज दो, मैं लेकर आता हूँ!सविता- ठीक है, 36डी 32 38

फिर हमने इस साइज की 3 ब्रा पेंटी का सेट लिया और फिर हम घर के लिए निकल गए।जब हम कार में थे तो मेरे बेटे ने मुझसे पूछा- माँ शॉपिंग करके कैसा लगा?सविता- अच्छा लग रहा है!

फिर हमने थोड़ी जनरल बातें की और घर पे आ गए.

और घर आकर सबसे पहले वरूण स्मिता को मैसेज किया- धन्यवाद स्मिता, माँ को शॉपिंग पे लेकर गया था और माँ के साइज पता लग गए। आगे क्या करना है?स्मिता- अब रात को… थोड़ी लेट में अपनी माँ को मैसेज करना और पहले उनकी तारीफ करना फिर थोड़ा ओपन चैट करने की कोशिश करना। अगर कर सको तो उनके फिगर की तारीफ कर देना! फिर कोशिश करना कि ओपन चैट हो और अपने माँ के बॉयफ्रेंड बनने की बात करना। उसके बाद जितनी ज्यादा चैट कर सको उतना अच्छा!

खाना खाने के बाद करीब 11 बजे मेरे बेटे ने मुझको मैसेज किया और बोला- आप सोयी नहीं क्या?सविता- नहीं, अभी नींद नहीं आ रही है.वरुण- मुझे भी नींद नहीं आ रही है, क्या हम बातें कर सकते हैं?सविता- हाँ, क्यों नहीं!वरुण- क्या आप मेरी दोस्त बनोगी?सविता- हाँ ठीक है!वरुण- और अगर मैं दोस्ती में कुछ आपको बोल दूँ तो प्लीज़ मुझे माफ़ कर देना, मैं अपने दोस्तों के साथ थोड़ा फ्रैंक हो जाता हूं.सविता- कोई प्रॉब्लम नहीं है।

वरुण- आपको शॉपिंग में क्या अच्छा लगा?सविता- सब कुछ अच्छा था, मज़ा आया शॉपिंग में। ऐसे कपड़े तो शायद मैं भी नहीं लेती, तुझे क्या अच्छा लगा?वरुण- मुझे तो आपकी ब्रा पेंटी की शॉपिंग में बहुत मज़ा आया!सविता- क्यों?वरुण- मैंने पहले कभी ऐसी शॉपिंग नहीं की वो भी एक औरत के लिए जिसके इतने मोटे चूचे और इतनी मोटी गांड हो, सॉरी माँ, लेकिन आज में अपने विचार कण्ट्रोल नहीं करना चाहता!सविता- कोई बात नहीं, आज तूने मुझे इतनी अच्छी शॉपिंग करवाई और आज तू दोस्त भी बना है। लेकिन कोशिश करो थोड़ा लिमिट में रहो!

वरुण- माँ, आपका इतना मस्त फिगर है लड़के आपको ताड़ते नहीं हैं?सविता- बहुत ताड़ते हैं, कौन रोक सकता है उनको!वरुण- आपको किसी ने प्रपोज़ नहीं किया अभी तक?सविता- किया है… लेकिन इन सब कामों के लिए मैं बूढ़ी हो चुकी हूं.वरुण- आपको देख कर कहीं से भी नहीं लगता कि आप बूढ़ी हो। आपके चेहरे की रौनक, आपका फिगर, आपके मोटे मोटे बूब्स और गांड किसी को भी पागल कर दे!सविता- थैंक्स बेटा!

वरुण- आपको मेरी कसम है, एक बात सच सच बताना, पापा तो चले गए अब क्या आपका सेक्स करने का मन नहीं करता?सविता- करता है… लेकिन कोई ऑप्शन नहीं है मेरे पास!वरुण- माँ, मेरी नज़र में तो आपको अपनी इच्छा पूरी करने का हक़ है, अगर आपको सेक्स करने का मन होता है तो आपको पूरा हक़ है कि आपकी बहुत अच्छे से चुदाई हो!सविता- ऐसा नहीं हो सकता, कौन मुझे अपनी गर्लफ्रेंड बनायेगा?

वरुण- सच तो यह है कि अगर मेरा बस चलता तो मैं ही आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता। बाकी तो आपके ऊपर है आपको कैसा रिलेशनशिप चाहिए- लम्बे अरसे तक के लिए या सिर्फ सेक्स के लिए। मेरी तरफ से पूरी छूट है आपको!सविता- मुझे बॉयफ्रेंड बनाना नहीं आता।

वरुण- चलो आपका पहला बॉयफ्रेंड में बनवा दूँगा लेकिन ये बताओ आपको कैसा रिलेशनशिप चाहिए?सविता- मुझे अभी कुछ ज्यादा पता नहीं, तो अभी के लिए तो बस 1-2 महीने के लिए बॉयफ्रेंड बन जाये!वरुण- आपको किस उम्र के लड़के पसंद हैं?सविता- 24-27 साल का हो!वरुण- अपना जीवन जीने के लिए तैयार हो जाओ, ऐसा बॉयफ्रेंड बनवाऊँगा कि रोज़ चुदोगी अब आप!सविता- शर्म नहीं आती ऐसी बातें बोलते हुए?वरुण- मैं तो सिर्फ बोल रहा हूँ, और आप तैयार हो जाओ चुदने के लिए!

वरुण ने स्मिता को मैसेज किया और बताया क़ि वरुण की सविता से क्या बात हुई.स्मिता- क्या बात है… तुम्हारी माँ तो चुदने के लिए तैयार बैठी है, जाओ और चोदो अपनी माँ को!वरुण- कैसे, क्या वो मुझसे चुदने के लिए मानेगी?

स्मिता- बिल्कुल मानेगी, बस एक कदम और लेना है तुझे! एक बिल्कुल ट्रांसपेरेंट बिकिनी लेकर आ और एक लेटर लिख अपनी माँ को, कि अगर अपनी चूत की आग मिटानी है तो आज रात मेरे कमरे में आ जाना और सिर्फ ये ब्रा पेंटी पहन कर आना। एक बेटे का लंड अपनी माँ की चूत की प्रतीक्षा कर रहा है… और हो सके तो गिफ्ट देने से पहले अपनी मॉम से थोड़ी हॉट चैट कर लेनावरुण- थैंक यू स्मिता!

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शाम को करीब 6 बजे:वरुण- कैसा लग रहा है माँ?सविता- अच्छा लग रहा है, तूने सोये हुए अरमान जगा दिए, क्या प्लान है तेरा कब बनवा रहा है मेरा बॉयफ्रेंड?वरुण- अच्छा बॉयफ्रेंड बनवाने में थोड़ा टाइम लगेगा लेकिन अगर सिर्फ एन्जॉय करना है तो एक प्लान है मेरे पास!सविता- क्या प्लान है बेटा?वरुण- मिल कर बताऊँगा!

9 बजे वरुण मेरे रूम में आया और बोला- माँ, आज रात का प्लान तो सेट नहीं हो पाया लेकिन आपके लिए एक गिफ्ट है, मेरे जाने के बाद आप इसे खोल कर देखना।

जब मैंने गिफ्ट खोल कर देखा तो एक ट्रांसपेरेंट बिकिनी और एक लेटर था जिस में लिखा था:माँ, जब से जवान हुआ हूँ, तुम्हें ही चाहता हूँ। मैं यह भी जानता हूँ कि तुम भी बहुत चुदक्कड़ हो और चुदने के लिए तैयार हो. तो क्यूँ न मिल कर एक दूसरे की इच्छा पूरी करें! भूल जाओ कि हम माँ-बेटे हैं, बस यह याद रखो कि तुम एक औरत हो और मैं एक मर्द। अगर आज की रात यादगार बनाना चाहते हो तो सिर्फ मेरी दी हुई बिकनी पहनकर मेरे आलिंगन में आ जाओ! और मैं वादा करता हूँ कि तुम्हें खुश रखूंगा। एक बेटे का लंड अपनी माँ को चोदने के लिए उत्तेजित है!आपका बेटा

मैं तो इंतजार ही कर रही थी इस घड़ी का! रात करीब 11.30 को मैंने वरुण के कमरे का दरवाजा खटखटाया.जैसे ही वरुण ने दरवाजा खोला, मैं हैरान रह गयी, रूम फूलों और मोमबत्तियों से सजा हुआ था और बहुत ही अच्छी खुशबू आ रही थी, यह खुशबू मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी.

हम माँ बेटे एक दूसरे को देख रहे थे.फिर वरुण बोला- मुझे विश्वास था मॉम, कि आप आज रात आओगी मेरे कमरे में!इतना बोलते हुए उसने मुझे अपने कमरे में खींच लिया और मेरे होंठों को अपने होंठों से दबा लिया और पागलों की तरह चूसने लगा।

तभी मुझे अहसास हुआ कि उसके हाथ मेरे चूतड़ सहला रहे हैं. और धीरे-2 उसने अपने हाथों का दबाव बढ़ाना शुरू किया, मेरा बेटा वरुण अपनी मॉम यानि मेरे मोटे चूतड़ों को अपने सख्त हाथों से बहुत जोर-2 से दबा रहा था और मैं तो जैसे सातवें आसमान में थी.

फिर वरुण ने मुझे अपने हाथों में उठाया और अपने बेड पे लिटा प्रिया। पूरे बेड पे फूल बिखरे हुए थे और मेरी कामुकता, मेरे अन्दर की हवस जाग चुकी थी। फिर वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठों को चूसने लगा और मेरे चूचों को जोर-2 से दबाने लगा।

मैंने भी तब तक उसके लंड को पैन्ट के ऊपर से पकड़ लिया, मेरे बेटे का एकदम टाइट लंड मजबूत औज़ार की तरह लग रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे एक जानवर पैन्ट में समाया हुआ था।फिर मैंने उसको बिस्तर पे लिटाया और उसको नंगा कर प्रिया। अब मेरे बेटे की जांघों के बीच का वो जानवर मेरी नज़र के सामने था, मैंने उसके लंड को कस कर हाथ में पकड़ा और अपने हाथों से सहलाया.

वरुण की सिसकारियां चालू हो चुकी थी- आआआआ… मज़ा आ रहा है।मैंने बेटे का लंड अपने मुंह में लिया, मानो वरुण तो पागल ही हो गया हो, मेरी जीभ के गर्म स्पर्श से उसका लंड और टाइट हो रहा था मानो फट ही जायेगा.

मेरा बेटा बहुत तेज आहें भर रहा था, वो बोला- आह मॉम, आज से पहले किसी ने मेरा लंड ऐसे नहीं चूसा।

अब वरुण ने मुझे अपने नीचे पटका और झटके से मेरे सारे कपड़े फाड़ दिए, मैं समझ चुकी थी कि आज मेरी जोरदार चुदाई होने वाली है।

वरुण ने मुझे उल्टा किया और मेरे चूतड़ों को जोर-2 से दबाने लगा और अपने होंठों को मेरे चूतड़ पे लगा कर चूसने लगा। मैं मस्त होती जा रही थी. फिर उसने मुझे सीधी किया और मेरे मोटे-2 बूब्स को जोर-2 से चूसने लगा और अपने एक हाथ से मेरी चूत को सहला रहा था।

अचानक उसने अपनी एक उंगली मेरी चूत में डाली, मेरी चूत पहले से ही गीली हो रही थी। फिर वरुण धीरे-2 नीचे जाने लगा मेरी चूत की तरफ। उसने अपने होंठ जैसे ही मेरी चूत पर लगाकर चूसना शुरू किया, पूरा कमरा मेरी सिस्कारियों से गूँज रहा था- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआआ आह…10 मिनट उसने मेरी चूत को चूसा।

फिर मैंने उसे चोदने का इशारा किया, मेरा इशारा पाते ही उसने अपने जानवर को मेरी कोमल सी चूत मुंह पे लगाया और एक ही झटके में पूरा अंदर डाल प्रिया और मेरे मुँह से बहुत तेज सिसकारी निकली- अआह… हहा…जिससे पूरा कमरे का माहौल गर्म हो गया और मेरी सिसकारियाँ पूरे कमरे में गूंज रही थी और इन्ही सिसकारियों के बीच वरुण ने अपने चोदने की स्पीड बढ़ा दी। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मेरी चूत में तूफान आ गया है। चुदाई के जोश में हमें याद ही नहीं रहा की वरुण ने कंडोम नहीं पहना है।

आज मेरा बेटा पूरे मर्द की तरह अपने माँ की चुदाई कर रहा था। पूरा कमरा मेरी सिसकारियों से गर्म हो रहा था.

इसी बीच मेरी जोरदार चीख निकली और मैं झड़ गयी और मैं वरुण से बोली- अपनी मॉम की चूत में अपना माल मत छोड़ना।उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुंह में दे प्रिया। मैं लंड की भूखी बेटे के गीले लंड को चूसने लगी क़ि तभी उसने एक पिचकारी मेरे मुंह में ही छोड़ दी।

फिर हम माँ बेटा एक दूसरे के बगल में लेट गए और बातें करने लगे, वो बोला- माँ, तुम जैसी मस्त औरत नहीं देखी, शक्ल से जितनी भोली हो, उतनी ही ज्यादा चुदक्कड़ हो।फिर उसने मुझे अपनी फ्रेंड स्मिता के बारे में बताया।

तब मैंने उसे सारी सच्चाई बतायी कि इतने दिन से तू मुझसे ही बातें कर रहा था और जब तू अपनी दोस्त को बोल रहा था कि अपनी माँ को चोदने चाहता है तब तू मुझे ही बता रहा था कि तू मुझे चोदने चाहता है।

उस रात मुझे एक स्थायी टिकाऊ बॉयफ्रेंड मिल गया, उसके बाद उस रात हमने 3 बार चुदाई की।

दोस्तो, आपको ये कहानी कैसी लगी अपने कमेंट्स जरूर भेजें।मेरा ईमेल है: support@mohakkisse.com

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मेरे बेटे की डायरी: बेटे ने अपनी माँ को चोदा

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