किस्से पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 614 बार

बहन का लौड़ा -18

पिंकी सेन

14 Oct 2013 को प्रकाशित

बहन का लौड़ा -18
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

अभी तक आपने पढ़ा..

राधा- क्या बात हो रही है.. मैं भी तो सुनूँ!मीरा- दीदी ये ममता है ना.. देखो कैसी बातें कर रही है.. खुद का पति तो इसको खुश रखता नहीं.. मेरे बारे में उल्टा-सीधा बोल रही है और किसी दूसरे आदमी के बारे में बता रही है।ममता- अरे बीबी जी चुप रहिए.. मैंने तो बस मजाक किया था..राधा- अरे शर्माती क्यों है.. बता मुझे भी तो पता चले.. कैसी बातें हो रही थीं।ममता शर्मा जाती है और रसोई की तरफ भाग जाती है।

अब आगे..

ममता के जाने के बाद राधे हँसने लगता है और मीरा भी उसके साथ हँसने लगती है।मीरा- क्या दीदी.. आपने बेचारी को भगा दिया.. अगर आप उसकी कहानी सुन लेतीं.. तो बड़ा मज़ा आता, मैंने कई बार सुनी है।राधे- अच्छा यह बात है.. ऐसा क्या खास है उसकी कहानी में.. अब तो सुनना ही पड़ेगा..

राधे रसोई की तरफ गया और ममता को ज़बरदस्ती बाहर लाकर बोला- ममता मुझे भी अपनी कहानी बताओ.. मीरा कह रही थी बड़ी दिलचस्प कहानी है..ममता- बड़ी बीबी जी.. क्यों गरीब का मजाक उड़ा रही हो.. यह कहानी नहीं मेरे जीवन का कड़वा सच है।

मीरा- अरे ममता.. हम मजाक नहीं कर रहे.. दीदी को अपनी बात बताओ.. ये तुम्हारी मदद कर सकती हैं.. समझो बात को..

राधे- हाँ ममता.. बताओ ऐसा क्या हुआ तुम्हारे साथ.. जो ऐसी बातें कर रही हो?

ममता- ठीक है बीबी जी सुनाती हूँ मगर देखो मैं ठहरी अनपढ़ तो जो बोलूँ.. आप समझ लेना.. मुझे घुमा-फिरा कर बोलना नहीं आता.. सीधे-सीधे अपनी बात बताती हूँ.. आप हँसना मत बस हाँ..!मीरा- अरे नहीं हँसेंगे.. बोलो अब..राधे- यहाँ नहीं.. चलो कमरे में चलो.. वहाँ आराम से बताना..

तीनों वहाँ से कमरे की तरफ चल दिए.. मीरा अब भी लंगड़ा रही थी.. उसका बुखार तो उतर गया था.. मगर चूत में अभी भी थोड़ा दर्द था।कमरे में जाकर ममता ने अपनी कहानी बतानी शुरू की।

ममता- देखो बीबी जी.. जब मैं जवान हुई.. तो मोहल्ले के सारे लड़के मुझे देख कर ‘आहें’ भरते थे.. मेरे बापू को लगा अब शादी कर देने में ही भलाई है.. तो बस उस निक्क्मे सरजू से मेरा रिश्ता कर दिया और हो गई शादी.. मुझे शादी के बारे में ज़्यादा पता नहीं था.. बस इतना जानती थी कि शादी की रात पति अपनी पत्नी को नंगा करके चुदाई करता है और ये चुदाई का क्या मतलब था.. ये ज़्यादा पता नहीं था। शादी की रात कुत्ता दारू पीके आ गया.. उस कमीं ने अपनी औकात पहली रात ही दिखा दी।

राधे- क्या तेरा बाप तेरा दुश्मन है क्या.. जो उसने तेरी ऐसे आदमी से शादी कर दी?ममता- अरे बीबी जी.. उस सरजू के बाप से मेरे बापू की अच्छी दोस्ती है न.. बस इसी लिए ये रिश्ता कर दिया..मीरा- दीदी आप चुप रहो ना.. आगे तो सुनो क्या हुआ?

ममता- होना क्या था.. हरामी आ गया और बस मेरे चूचे दबाने लगा.. मैं तो घबरा गई.. मगर मैंने कुछ कहा नहीं.. मेरी सहेली ने कहा था कि तेरा मर्द जो करे.. उसे करने देना.. कुछ बोलना मत.. बड़ा मज़ा आएगा.. इसी वास्ते मैं चुप रही..

मीरा- आगे बोल ना.. फिर क्या हुआ?

ममता- होना क्या था.. वो मेरे चूचे मसलता रहा.. मेरे जिस्म में अजीब सी आग लगने लगी..।

दोस्तो, ऐसे मज़ा नहीं आ रहा है.. चलो थोड़ा पीछे जाकर आपको ममता की सुहागरात का सीधा सीन ही दिखा देती हूँ.. आप भी क्या याद करोगे..

तो चलो सीधे ममता के कमरे में..

सरजू- क्यों मेरी बुलबुल.. मज़ा आ रहा है क्या.. हिच्च..

ममता- ऊंह.. आह्ह.. दुखता है जी.. धीरे दबाओ ना..

सरजू- अरे मेरी धर्म पत्नी जी.. अभी कहाँ दर्द हुआ जब मेरा लौड़ा तेरी चूत में जाएगा.. उस बखत दर्द होगा तेरे को.. ही ही ही ही.. हिच्च..

ममता को कुछ समझ नहीं आया.. बस वो चुपचाप रही.. सरजू ने उसके होंठों को चूमा और धीरे-धीरे उसके सारे कपड़े निकाल दिए।ममता- जी.. लाइट तो बन्द कर दो.. मुझे शर्म आती है।

सरजू- अरे मुझसे कैसी शर्म.. तू मेरी पत्नी है.. हिच्च.. मैं तेरा पति.. अब तो सारी जिंदगी हमें ऐसे ही रहना है.. हिच्च.. तू काहे को डरती है.. हिच्च..

सरजू ने ममता को एकदम नंगा कर दिया था और अब खुद भी नंगा होने लगा।

ममता बस चुपचाप नशे में धुत्त सरजू को देख रही थी.. जब उसने पजामा निकाला तो उसका 4″ का पतला सा लंड देख कर वो घबरा गई.. क्योंकि उसने आज तक किसी का लौड़ा नहीं देखा था और आज ये छोटा सा लौड़ा भी उसको बड़ा लग रहा था। उसने बस अपनी सहेलियों से सुना था.. पर देखा पहली बार था और सरजू तो दारू के नशे में क्या से क्या बक रहा था।

सरजू- क्या देख रही है जानेमन.. हिच्च.. इसे लंड कहते हैं.. आज इसी लंड से तेरी चूत को फाडूंगा मैं.. हिच्च..

ममता नंगी शर्मा रही थी.. उसको कुछ समझ नहीं आ रहा था। वो बस चुपचाप बिस्तर पर बैठ गई..सरजू उसके पास आया और उसके चूचे चूसने लगा.. उसका लौड़ा तना हुआ था। थोड़ी देर बाद उसने लौड़ा ममता के मुँह में डाल दिया..सरजू- चूस मेरी ममता रानी.. आह्ह.. आज मज़ा आ जाएगा उफ़.. चूस.. न..

ममता को कुछ अच्छा नहीं लग रहा था.. मगर वो फिर भी लौड़े को चूसने लगी।

सरजू- आ आह्ह.. चूस.. मज़ा आ गया.. आह्ह..सरजू ने ममता के सर को पकड़ लिया और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने लगा। जल्दी ही उसका पानी निकल गया.. जिसे मजबूरन ममता को गटकना पड़ा।

ममता- उहह.. उहह.. छी:.. आप कितने गंदे हैं.. मेरे मुँह में मूत दिया आह्ह..सरजू- अरे ममता रानी.. ये मूत नहीं वीर्य था.. जिसे पीकर तू धन्य हो जाएगी.. आह्ह.. मज़ा आ गया… चल अब तेरी चूत चाट कर तुझे ठंडा करता हूँ उसके बाद तेरी सील तोड़ूँगा..

ममता को अब कुछ-कुछ होने लगा था.. सरजू उसकी कुँवारी चूत को बड़ी बेदर्दी से चाटने लगा..ममता- आह्ह.. आई.. सी सी अजी सुनिए तो आह्ह.. बस भी करो.. आह्ह.. नहीं आह्ह.. मुझे कुछ हो रहा है आह्ह..

सरजू लगातार चूत चाट रहा था.. ममता की सिसकारियाँ कमरे में गूंजने लगीं.. जल्द ही उसका बदन अकड़ने लगा और उसकी चूत ने रस छोड़ दिया.. जिसे सरजू पी गया..

ममता की बात सुनकर मीरा की चूत गीली हो गई थी और राधे का लौड़ा फुंफकारने लगा था.. मगर दोनों ही अपने ज़ज्बात को दबाए बैठे.. उसकी बातें सुन रहे थे।

दोस्तो, उम्मीद है कि आप को मेरी कहानी पसंद आ रही होगी.. मैं कहानी के अगले भाग में आपका इन्तजार करूँगी.. पढ़ना न भूलिएगा.. और हाँ आपके पत्रों का भी बेसब्री से इन्तजार है।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

बहन का लौड़ा

कुल भाग: 37
भाग 2
भाग 2: पढ़ें
भाग 11
भाग 11: पढ़ें
भाग 18
भाग 18: पढ़ें
भाग 19
भाग 19: पढ़ें
भाग 21
भाग 21: पढ़ें
भाग 22
भाग 22: पढ़ें
भाग 23
भाग 23: पढ़ें
भाग 24
भाग 24: पढ़ें
भाग 25
भाग 25: पढ़ें
भाग 26
भाग 26: पढ़ें
भाग 27
भाग 27: पढ़ें
भाग 28
भाग 28: पढ़ें
भाग 29
भाग 29: पढ़ें
भाग 30
भाग 30: पढ़ें
भाग 31
भाग 31: पढ़ें
भाग 38
भाग 38: पढ़ें
भाग 46
भाग 46: पढ़ें
भाग 47
भाग 47: पढ़ें
भाग 48
भाग 48: पढ़ें
भाग 49
भाग 49: पढ़ें
भाग 50
भाग 50: पढ़ें
भाग 52
भाग 52: पढ़ें
भाग 53
भाग 53: पढ़ें
भाग 54
भाग 54: पढ़ें
भाग 55
भाग 55: पढ़ें
भाग 56
भाग 56: पढ़ें
भाग 57
भाग 57: पढ़ें
भाग 58
भाग 58: पढ़ें
भाग 59
भाग 59: पढ़ें
भाग 61
भाग 61: पढ़ें
भाग 62
भाग 62: पढ़ें
भाग 63
भाग 63: पढ़ें
भाग 64
भाग 64: पढ़ें
भाग 65
भाग 65: पढ़ें
भाग 66
भाग 66: पढ़ें
भाग 67
भाग 67: पढ़ें
भाग 68
भाग 68: पढ़ें
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 3

ग्रैंड डॉटर सेक्स कहानी में गोआ में टप्पू सेना सोनू को नंगी करके उसके तीनों छेदों को चोद रही थी कि बापू जी ने देख लिया. उसके बाद तो बापू जी ने भी सोनू को सबके सामने चोदा.

14 मिनट 549
टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2
जवान लड़की

टप्पू सेना का टपाटप वाली चुदाई का खेल- 2

वर्जिन गर्ल चुदाई कहानी में बापू जीके साथ टप्पू सेना गोवा में मस्ती करने गई थी. उनका मकसद तो सोनू की कुंवारी चूत गांड का मजा लेना था. सोनू भी अपनी सील तुड़वाने को बेचैन थी.

13 मिनट 336
मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1
जवान लड़की

मेरी प्रेमिका और मेरी अधूरी मोहब्बत- 1

ट्रू लव स्टोरी में मुझे एक लड़की से सच्चा प्यार था लेकिन हमारे बीच सेक्स जैसी बात कोई नहीं थी. एक बार उसे शौपिंग करनी थी तो वो मेरे साथ गयी. वापिसी में क्या हुआ?

16 मिनट 977

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

विक्रम सिंह

2 days ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

अनिकेत प्लेबॉय

5 days ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।