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Group Sex Story पठन समय: 20 मिनट पढ़ा गया: 628 बार

एयर होस्टेस और उसकी कुंवारी बहन की चुदाई

विशु कपूर

04 Sep 2020 को प्रकाशित

एयर होस्टेस और उसकी कुंवारी बहन की चुदाई
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आदरणीय पाठकों को सादर प्रणाम स्वीकार। गोपनीयता बनाये रखने के लिए स्थान और क्लाइंट्स के नाम बदल दिए गए हैं लेकिन कहानी 100% सच्ची है। वैसे तो आप सभी दोस्त मुझे पहचानते ही हैं लेकिन कुछ नए पाठक और नई पठिकायें जो मुझे नहीं जानती हैं उनके लिए मेरा परिचय देना आवश्यक हो जाता है। मैं 26 वर्षीय विशु कपूर हूँ और आगरा के रहने वाला हूँ।

मेरी पिछली कहानी थीविधवा दीदी ने अपनी कुंवारी सहेली को चुदवायाबात अभी पिछले 15 दिन पहले की है मैं सुबह के समय अपने बिस्तर पर गहरी नींद में सोया हुआ था कि मेरे फ़ोन की घंटी बजी.तो मैंने जैसे ही फ़ोन उठाकर हेलो बोला.

उधर से कोयल जैसी मीठी आवाज में एक लड़की बोली- क्या मैं विशु कपूर जी से बात कर सकती हूँ?मैंने जवाब प्रिया- मैडम बोलिये मैं विशु कपूर ही बात कर रहा हूँ।उधर से उस लड़की ने कहा- मैंने आपका बहुत नाम सुना है।तो मैंने उसे कहा कि मैडम ये तो आप जैसों की नज़र-ए-इनायत है जो आप ऐसा बोल रही हैं वैसे कहिये मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?

वो बोली- मैं एक इंटरनेशनल फ्लाइट में एयर होस्टेस हूँ और इस समय अमेरिका के लिए निकलने वाली हूँ तो क्या आप दो दिन बाद मुझे और मेरी सहेली को अपनी सर्विस दे सकते हैं?तो मैंने तुरंत ही उस लड़की से पूछा- आपको मेरी कौन सी सर्विस चाहिए 2 घंटे वाली या फुल नाईट वाली?

वो कुछ देर के लिए अपनी सहेली से बात करने के बाद बोली- हमें फुल नाईट वाली सर्विस चाहिए.उसने अमेरिका से लौटकर मुझे उन दोनों को जॉइन करने के लिए बोल प्रिया और कहा- हम आपको फ़ोन पर एड्रेस और लोकेशन भेज देंगे.और उसी के साथ फोन कट गया।

तभी मैं बिस्तर से उठा और फ्रेश होकर नहा लिया और नाश्ता करके अपने काम पर चला गया।दिन भर मैंने अपना काम पूरी मेहनत और लगन के साथ किया.

शाम को जब मैं अपने घर आकर जैसे ही मैंने अपने हाथ मुँह धोकर खाना खाने बैठा, तभी मेरे स्कयपे पर वीडियो कॉल आई.मैंने जैसे ही कॉल उठाई, उधर से वो ही लड़की जिसने सुबह मुझसे बात की थी मेरे मोबाइल की स्क्रीन पर उसकी तस्वीर दिखाई दी।मैंने उसे कभी देखा तो नहीं था लेकिन मैं उसकी आवाज से उसे पहचान गया था साथ में उसकी सहेली भी थी।उन दोनों ने मुझसे बात की।

वो दोनों लड़कियाँ बला की खूबसूरत थी. उन दोनों का फिगर लगभग 36-24-36 था. उन दोनों का बदन ऐसा महसूस हो रहा था जैसे भगवान ने उनको फुरसत से बनाया हो.मेरा लण्ड पाजामे में ही खड़ा हो गया और मेरा खाना खाना दुश्वार हो गया।

खैर, जैसे तैसे मैंने अपना खाना खत्म किया और अपने आप पर कंट्रोल किया और टी वी देखने लगा। टी वी देखते देखते मुझे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला।

दो दिन बाद सुबह के करीब 4 बजे मेरे मोबाइल की घंटी बजी तो मैं एकदम से हड़बड़ा कर उठा तो देखा कि किसी बिना नाम यानि कि सिर्फ नंबर ही था, से कॉल आया।यदि ये कॉल शायद सेव्ड नंबर से आया होता तो शायद मैं नहीं उठाता लेकिन बिना नंबर के था तो मैंने उठाकर बात करना उचित समझा.

मैंने बात की तो उधर से उन दोनों लड़कियों का ही कॉल था। उन्होंने मुझे बताया कि हम दोनों इंडिया आ चुकी हैं और अभी अभी फ्लाइट से उतरी हैं।वो दोनों लड़कियाँ मेरी सर्विस लेने वाली थी इसलिए मैंने कुछ भी बोला नहीं हालांकि मुझे उस समय गुस्सा तो बहुत आया था. लेकिन मैंने उन लड़कियों से कुछ भी कहा नहीं और ओ के ओ के करके रह गया और फोन को रख के फिर सो गया।

सुबह उठकर अपने रूटीन वर्क से फ्री हुआ और अपने काम पर चला गया।

अगली सुबह करीब 8 बजे मुझे उन लड़कियों का फोन आया- विशु जी, आप ठीक 10 बजे मेरे फार्म हाउस पर पहुँच जाना.उसने अपने फार्म हाउस का एड्रेस प्रिया और मुझे लोकेशन समझा दी और फोन काट प्रिया।

उसके बाद मैं नहा धोकर तैयार हुआ और अपनी बाइक उठाकर उनके बताए हुए पते पर पहुँच गया. मैंने घंटी बजायी तो एक लेडी ने दरवाजा खोला और बोली- जी कहिये आपको क्या काम है?मैंने उसे बोला- मुझे आपकी मैडम से मिलना है.तो वो बोली- मैडम तो यहाँ नहीं आई हैं लेकिन आप मुझे बता सकते हैं मैं और मेरे पति इस फार्महाउस के केअर टेकर हैं. हम लोग यहीं पास में बने सर्वेंट क्वाटर में रहते हैं. अगर आपके पास मैडम का फोन नंबर हो तो आप डायरेक्ट बात कर सकते हैं।

मैंने उसे बताया कि आपकी मैडम ने मुझे यहाँ बुलाया था किसी काम से!और मैंने मैडम को फोन लगा प्रिया।

तभी मैडम ने फ़ोन उठाया और मुझसे पूछा- विशु जी, आप कहाँ हो?अभी तो मैने बताया कि मैं आपके फार्महाउस पर पहुँच गया हूँ।मैडम ने मुझसे कहा- इफ यू डोंट माइंड, आप जरा केअर टेकर से मेरी बात करा सकते हैं?तो मैंने स्योर कहा और स्पीकर मोड पर फोन लगाकर उस केअर टेकर को फ़ोन दे प्रिया.

मैडम ने उसको बोला- साहब को पूरे आदर के साथ मेरे रूम में इज़्ज़त से बिठाओ. इनके आदर सत्कार में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. ये हमारे बहुत ही खास दोस्त हैं. जब तक मैं ना आऊँ तब तक उनका हर तरह से ख्याल रखना.

और फिर वो स्पीकर ऑफ करके बात करने लगी और कुछ देर बाद बात खत्म करके मुझे फ़ोन देते हुए बोली- आइये साहब!वो मुझे फार्महाउस के उस कमरे में ले गई जहाँ साजो सामान से सजा हुआ कमरा अंदर से कोई राजमहल जैसा लग रहा था। उस कमरे में सभी सुख सुविधा का हर साधन मौजूद था.

तो मैंने सोचा कि गर्मी का टाइम है तो क्यों न स्विमिंग पूल में नहा लिया जाए!

यह ही सोचकर मैंने अपने कपड़े उतार कर स्विमिंग कॉस्ट्यूम का छोटा सा निक्कर पहन लिया और बाहर आकर स्विमिंग पूल में जैसे ही छलाँग लगाने को हुआ तभी मैंने देखा कि केअर टेकर ब्रा पहनकर नहाती हुए दिखी.तो मैंने पूल में नहाना उचित नहीं समझा और मैं वहीं के वहीं रुक गया।

मैं कमरे में लौट रहा था तभी उस केअर टेकर ने मुझे आवाज़ देकर बुलाया. मैंने उसकी तरफ मुड़ कर देखा तो वो ब्रा पेंटी में पूल से बाहर आकर बोली- आप कहाँ जा रहे हैं? अगर आपको स्विमिंग करनी है तो कर लीजिए ना!और मेरी कमर में हाथ डालकर पूल में ले गई।

उसके हाथ का स्पर्श पाकर मेरे लंड में करंट सा दौड़ने लगा और मेरा लंड उसी समय लोहे की रॉड के समान तन गया और उसके हाथ को छू गया।तो केअर टेकर ने कहा- आपका लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है, आप इसे कैसे सँभालते होगे?मैं एकदम शान्त रहा और कुछ नहीं बोला और स्विमिंग पूल से बाहर आ गया।

तभी कुछ देर बाद ही एक काले रंग की मर्सेडीज बेंज कार से तीन बला की खूबसूरत बालाएँ उतरी. जिनमें दो की उम्र करीब 25 से 26 साल थी और एक की उम्र करीब 19-20 साल की थी। जो दो 25 से 26 साल की थी उनके नाम संयोगिता और संजना था और जो 19 साल की थी उसका नाम प्रतीक्षा था और प्रतीक्षा संयोगिता की छोटी बहन थी।

संयोगिता और संजना दोनों ही एक एयर लाइन्स की एयर होस्टेस थी जो अक्सर कर इंडिया से अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में ड्यूटी करती थीं। और जिस फार्महाउस पर हम सब थे वो फार्महाउस संजना का था।

संजना ने सबसे पहले केअर टेकर को फ़ोन करके चाय नाश्ते के इंतजाम करवाया और वो तीनों अपने साथ पैक करवाकर लाये खाने को हम चारों ने साथ साथ खाया।

खाना खाने के साथ साथ उन तीनों ने लिटिल लिटिल पेग भी लिए. हालांकि उन्होंने मुझे भी ऑफर किया लेकिन मैं पीता नहीं हूँ इसलिए मैंने मना कर प्रिया।

तभी कुछ देर बाद मैं अब तक सिर्फ एक छोटे से शॉर्ट में था, जाकर बैड पर लेट गया. मेरे 5 से 7 मिनट बाद ही वो तीनों भी मेरे पास ही आ गई और संजना ने शॉर्ट के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया.

मैं प्रतीक्षा के कारण थोड़ा नर्वस था क्योंकि प्रतीक्षा का कहीं भी कोई जिक्र नहीं था और प्रतीक्षा संयोगिता की छोटी बहन थी और उसकी उम्र भी कोई खास नहीं थी बट संयोगिता ने मेरे मन को भाँपते हुए कहा- विशु जी, आप टेंशन न लो प्रतीक्षा की पूरी फीस मैं पे करूँगी, आप बस पूरी तरह विद आउट एनी हेजिटेशन आप काम को शुरू करो. ओ के।

उसके बाद ही उन तीनों ने अपने अपने कपड़े उतारना शुरू कर प्रिया और नंगी होकर तीनों मेरे आसपास बैठ गईं।

मैंने अपना लंड निकाल कर उन्हें दिखाया और तीनों से पूछा- सबसे पहले कौन चुदना पसन्द करेगी?तो संजना बोली- विशु जी, मैं और संयोगिता तो अपनी सील एक अमेरिकन लौड़े से तुड़वा चुकी हैं और अक्सर चुदती ही रहती हैं मतलब मैंने और संयोगिता ने तो लंड का मजा ले लिया है लेकिन प्रतीक्षा पहली बार किसी लड़के का लंड पहली बार देख रही है. इसलिए हम दोनों चाहती हैं कि आप सबसे पहले प्रतीक्षा की सील तोड़ो.

तो प्रतीक्षा बोली- दीदी ऐसा होता है लंड?और प्रतीक्षा मेरे लंड को आँखें फाड़ फाड़ के देखने लगी और अपनी बहन से बोली- दीदी, क्या मैं इनका लंड हाथ से पकड़ कर देख सकती हूँ?तो मैंने कहा- क्यों नहीं!

तभी प्रतीक्षा ने मेरा गर्म लंड अपनी हथेली में भर लिया और उसके सुपारे को खोलकर हिलाने लगी और बोली- दीदी, इनका लंड तो बहुत बड़ा और मोटा है और देखो न मेरी चूत कितनी छोटी है तो इनका इतना बड़ा और मोटा लंड मेरी छोटी सी चूत में कैसे घुसेगा?

तो संयोगिता बोली- प्रतीक्षा, मेरी बहन, लड़की की चूत फ्लेक्सिबल होती है ये बड़े से बड़ा और मोटे से मोटा लंबा, पतला, छोटा सब तरह का लंड ले जाती है बस फर्क इतना होता है कि बाद और मोटा लंड जब पहली बार किसी चूत में घुसता है तो उस चूत में शुरुआत में बहुत दर्द होता है और वो दर्द तब तक ही होता है जब तक पूरा लंड चूत में घुस नहीं जाता और जब पूरा लंड चूत में जड़ तक घुस जाता है तो उसके बाद लंड से चूत में धक्के लगने पर बहुत मजा आता है।

इधर प्रतीक्षा संयोगिता की बातों से गर्म होकर मेरे लंड को जोर जोर से आगे पीछे हिलाने लगी और मेरे लंड को उसने अपने मुँह में डाल लिया और लॉलीपॉप के जैसे चूसने लगी.और संजना ने मेरे पोते चाटने लगी।

हालांकि प्रतीक्षा लंड चूसने में अनाड़ी थी और मेरे लंड के सुपारे को खोले बिना चूस रही थी जिससे उसकी जीभ मेरे लंड के छेद को रगड़ रही थी जिससे मुझे बहुत मजा आ रहा था.

तभी संयोगिता ने प्रतीक्षा के मुँह से मेरा लंड बाहर खींच लिया तो उसने देखा कि मेरे लंड का सुपारा अभी भी बंद है.तो उसने प्रतीक्षा को डांटते हुए समझाया- तू बिल्कुल पागल है, अक्ल नहीं है तुझे।प्रतीक्षा बोली- क्या हुआ दीदी?संयोगिता ने कहा- अगर ज्यादा देर तक चूत में लंड से धक्के लगवाने हैं तो लंड के सुपारे को हमेशा खोल कर चूसना चाहिए. अगर इस तरह से चुसेगी तो किसी भी लड़के का बीज बहुत जल्दी ही तेरे मुँह में निकल जायेगा और तू चुद नहीं पाएगी. इसलिए सुपारा खोल कर चूस।

इतना सुनते ही प्रतीक्षा ने एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह मेरे लंड का सुपारा खोला और फिर से चूसने लगी और करीब उसने मेरा लंड 5 मिनट तक चूसा।

इधर मैं संजना को किस करते हुए उसके बूब्स चूसने लगा.फिर धीरे धीरे उसकी चूत पर आ गया तो प्रतीक्षा और संयोगिता को मेरे लंड और पोते चूसने में दिक्कत होने लगी।

मैंने उन तीनों को बोला- मैं सीधा पीठ के बल सीधा लेट जाता हूँ जिससे प्रतीक्षा और संयोगिता को मेरे लंड और पोते चूसने में कोई तकलीफ नहीं होगी. और संजना मेरे मुँह पर अपनी चूत रख देगी जिससे मैं भी उसकी चूत को आराम से चाट सकूँगा।

जैसा मैंने उनको बोला तो उन तीनों ने एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह मेरी बात को फॉलो किया।

संजना ने मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी जिसे मैं अपनी जीभ से चाटने लगा. प्रतीक्षा ने अपनी पोजीशन मेरे लंड को मुँह में डालकर संभाली और संयोगिता ने अपने मुँह में मेरे पोते भर लिए और चूसने लगी।

करीब 10 मिनट बाद मैंने संजना से कहा- संजना अब मेरे मुँह से हटो!तो संजना तुरन्त ही मेरी भावना को समझ गई और वो मेरे मुँह से हट गई.

इधर संयोगिता और प्रतीक्षा ने अपनी अपनी पोजीशन बदल ली और करीब 10 मिनट तक उन दोनों ने खूब लंड और पोतों की चटाई और चुसाई की. फिर दोनों ही अपनी अपनी जगह से हट गई.

संजना उन दोनों के हटते ही वो मेरे लंड को अपनी चूत पर सेट करके बैठती चली गई जिससे मेरा लंड उसकी चूत में जड़ तक घुस गया।

लंड के जड़ तक घुस जाने से उसकी हल्की सी एक सीत्कार निकल गई फिर वो 2 मिनट रुकी और उसके बाद वो मेरे लंड पर कूदने लगी।

करीब 10 मिनट बाद मैंने अपनी और संजना की पोजीशन को बदला यानि कि मैं ऊपर और संजना नीचे उसके बाद मैंने संजना की ताबड़तोड़ चुदाई की।

करीब 15 मिनट बाद मैंने संजना को घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड पेल प्रिया। चूत का मुँह काफी हद तक खुल जाने के कारण एक ही धक्के में मेरा लंड संजना की चूत में जड़ तक घुस गया. पहले तो मैंने उसकी चूत में धीरे धीरे धक्के लगाए. थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी जिससे संजना मजे और कराहने जैसी मिली आवाज में सीत्कारने लगी।

इसी तरह से मैंने संजना को अलग अलग पोजीशन में करीब आधे घंटे तक खूब जी भर के चोदा।इधर जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने संजना को कहा- संजना, अब मेरा बीज निकलने वाला है. बताओ मैं अपना बीज कहाँ निकालूँ?संयोगिता ने कहा- विशु, मैं आपके इस अमृत को पीना चाहती हूँ. 2 मिनट रुको.तो मैं रुक गया .

संयोगिता ने प्रतीक्षा से कहा कि वो एक कटोरी लेकर आये तो प्रतीक्षा नंगी ही उठकर किचन से एक कटोरी ले आई. तभी मैंने अपना लंड चूत से निकाल कर कटोरी में पिचकारी मार दी. करीब 10 से 12 पिचकारी में से 2 या 3 पिचकारी का बीज जमीन पर गिर गया, बाकी सब कटोरी में गिरा जिसे कुछ संयोगिता और प्रतीक्षा ने चाट लिया।

प्रतीक्षा को मेरा बीज इतना पसंद आया कि जमीन पे गिरी बूँद को भी चाट गई और उसने मेरे लंड को भी अपनी जीभ से चाट चाट कर साफ भी किया।

उसके बाद मैंने संयोगिता की चूत भी उसी तरह से चोदी लेकिन संयोगिता की चूत में मेरा बीज करीब 35 मिनट बाद निकला।

जब मैं उन दोनों एयर होस्टेस को चोद चुका था तो संयोगिता की छोटी बहन प्रतीक्षा चुदने के लिए मचल उठी क्योंकि उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और चुदने की चुल्ल से उसकी चूत चिकनी हो गई थी।

इधर संयोगिता और संजना ने नंगी ही प्रतीक्षा की चूची और चूत को पलक झपकते ही लपक लिया. मतलब संजना प्रतीक्षा के दूध दबाने और चूसने लगी और संयोगिता ने प्रतीक्षा की चूत चाटना शुरू कर प्रिया.और मैं उसे लगातार किस किये जा रहा था. जिससे प्रतीक्षा मादक सिसकारियाँ लेने लगी।

इधर थोड़ी देर बाद मैं प्रतीक्षा के सिरहाने आकर बैठ गया और उसके मुँह में अपना लंड पेल प्रिया जिसे वो लॉलीपोप की तरह मजे से चूसने लगी।

कुछ देर बाद संयोगिता द्वारा प्रतीक्षा की चूत चाटने से उसकी चूत चिकनी और गीली हो गई थी। तभी मौके की नजाकत देखकर मैंने अपनी एक उँगली प्रतीक्षा की चूत में डालकर चैक की तो प्रतीक्षा थोड़ी सी कसमसाने लगी तो मुझे समझने में देर न लगी कि उसकी चूत ने अभी तक लंड का मजा नहीं लिया है।

उसके बाद मैंने संयोगिता को बुलाया और उसको प्रतीक्षा की चूची चूसने को कहा. तो वो प्रतीक्षा की चूची चूसने लगी.

तभी मैंने संजना को इशारे से उसके होंठ चूसने को बोला. और मैंने मौके की नजाकत देखते हुए अपने लंड को प्रतीक्षा की चूत पर सैट करके एक जोर का धक्का लगा प्रिया जिससे मेरा लंड प्रतीक्षा की चूत में करीब 3 इंच तक घुस गया.

और प्रतीक्षा की चीख संजना के मुँह में घुट कर रह गई लेकिन उसकी आँखें दर्द के कारण एकदम तन गई और उसके आँसू निकल आये. पर मैंने उस पर कोई रहम नहीं किया और अपने एक हाथ से उसकी चूची को सहलाते हुए धीरे धीरे 3 इंच पर ही धक्के लगाने लगा. जिससे प्रतीक्षा को दर्द से थोड़ी सी राहत मिली.

तभी मौका देखकर मैंने लंड को बिना बाहर निकाले पूरा खींच लिया और दुगनी ताकत से एक और धक्का लगा प्रिया. जिससे मेरा लंड प्रतीक्षा की चूत को फाड़ता हुआ करीब 7 इंच तक घुस गया. दर्द के कारण प्रतीक्षा का बहुत बुरा हाल था लेकिन मैंने उस पर कोई रहम नहीं किया और 7 इंच तक धीरे धीरे धक्के लगाने लगा।

करीब 5 मिनट बाद मैंने संजना से पूछा- देखना, अभी मेरा लंड प्रतीक्षा की चूत से कितना बाहर है?और वो तुरन्त ही बोली- विशु जी, अभी 1.5 इंच बाहर है.

फिर से मैंने अपना लंड प्रतीक्षा की चूत बिना निकाले पूरा बाहर खींच लिया और एक और जोरदार धक्के के साथ अपना लंड प्रतीक्षा की चूत में पेल प्रिया तो मुझे महसूस हुआ कि मेरे पोते प्रतीक्षा की गांड वाले छेद से टकरा रहे थे. इसका मतलब मेरा लंड प्रतीक्षा की चूत में पूरा घुस गया था.

मैं 2 मिनट के लिए रुक गया उसके बाद पहले धीरे धीरे फिर स्पीड से धक्के लगाने लगा. जिससे प्रतीक्षा को भी मजा आने लगा और वो नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी।

तभी मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ाई और अलग अलग पोजीशन में उसे करीब आधे घंटे तक लगातार चोदा.और जब मैं झड़ने को हुआ तो मैंने प्रतीक्षा से कहा कि मैं अब झड़ने वाला हूँ.तो प्रतीक्षा बोली- विशु जी, आप मेरे अंदर मत झड़ना।

तभी संयोगिता ने मेरा लंड प्रतीक्षा की चूत से निकाल लिया और मेरा गंदा लंड अपने मुँह में लेकर लॉलीपाप की तरह चूसने लगी.

2 मिनट बाद मेरे लंड ने संयोगिता के मुँह में पिचकारी छोड़ दी।

इस प्रकार से मैंने उन तीनों की चूत मारी और 1-1 बार तीनों की गांड भी मारी।

तो बताइए दोस्तो, आप सबको मेरी कहानी कैसी लगी?आप सभी से मेरी हाथ जोड़कर विनती है कि अपने अपने सुझावों का फीडबैक मुझे मेरी ईमेल आई डी पर दें।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

खुशाल यादव

3 months ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

सोनू यादव

3 months ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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