होम पर वापस जाएं
गे सेक्स स्टोरी पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 704 बार

अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-4

सन्नी शर्मा गाण्डू

30 Jan 2010 को प्रकाशित

अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है-4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

आपका प्यारा सा सनी गांडूप्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…!पिछले भाग से आगे-मुझे लग रहा था कि वो मेरे नंगे जिस्म की तारीफ करते ही मुझ पर सवार हो जाएगा लेकिन वो झिझक रहा था।फिर क्या था उससे हिम्मत ही हुई नहीं और मैं अपने इरादे पर अटल था।मुझे पहल नहीं करनी थी, मैं नहीं चाहता था कि वो सोचे कि कितना चालू गांडू निकला, उसका रूम पार्टनर..!मैं चाहता तो आज रात आसानी से बिना कोई एफोर्ट लगाए सब सुख भोग सकता था। कहाँ मैंने कितने लंड उकसाए थे..! क्या पार्क, क्या ट्रेन, क्या बस, क्या कार, क्या कोई सुनसान सा बाग़ जहाँ तो पकड़े जाने की भी अधिक सम्भावना थी क्या मैं अपनी मर्जी नहीं चला सकता था..!और आज तो लंड मेरे खुद के बिस्तर पर था, वो भी मुझे सोता हुआ समझ कर मुझ पर हाथ फेर चुका था।अगले दिन जब उठे उसने खुद को बदल लिया था। वो मुझे शरारत वाली नजर से देख रहा था। जब मैं नहा कर निकला उसने बड़ी शरारत से मुझे निहारा, “वैसे एक बात कहूँ सनी.. तुम बहुत खूबसूरत हो..!मैं मुस्कुरा प्रिया..!“कितना गोरा रंग है तेरे बदन का.. और यह काली फ्रेंची बहुत जंचती है तेरे रंग पर..!“अच्छा जी..”बोला- मुझे तो लगता है तेरे बदन पर पानी की बूँद तक नहीं ठहरी होगी..!“क्या बात है? आज बहुत मूड में हो..!” मैंने भी नशीली आँखों से उसको देखा, “आज से पहले तो तुमने ये कभी नहीं कहा..!”“पहले हम साथ-साथ थोड़ी रहते थे अब जब तीन दिन से तुझे देख रहा हूँ तो महसूस किया, इसलिए तारीफ कर दी। तेरे गोरे बदन पर एक बाल तक नहीं दिख रहा।“तुम्हारी बॉडी पर तो घने बाल हैं ना..!”“हाँ.. मर्द के होने भी चाहिए.. तभी तो लड़की मरती है। तुम भी मत हटाया करो अपने बाल..!”“अच्छा जी..!”“हाँ,” वो बोला, फिर खुद ही बोला- वैसे तुम रहने दो तेरा जिस्म बहुत नाज़ुक सा है, इसलिए चिकने ही रहा करो। बहुत ही बढ़िया दिखते हो..!मैंने तो मानो उसकी बातों को सुनते-सुनते ही कपड़े डालने रोक ही दिए थे।“क्या नाज़ुक है मेरे जिस्म में?”“सब कुछ नाज़ुक ही दिखता है।”“आज यह आप को क्या हो गया.. पहले कभी तारीफ नहीं की..!”“क्यूंकि अब हम साथ रहते हैं..न..! तुझे करीब से देखता हूँ इसलिए..!”“मुझे तो प्रसाद जी ऐसे ही अच्छा लगता है, बाल-वाल मुझे अपने जिस्म पर तो कतई पसंद नहीं हैं..!”“चल छोड़.. लेट हो जायेंगे..।”मैं अभी पानी डालकर निकला था।“तुम कितना वक़्त लगाते हो बाथरूम में..!” वो बोला- मुझे लगता है एक साथ नहाना पड़ा करेगा।“आप भी ना सर.. बहुत मजाक करते हो..!”वो नहा कर निकले मैं बाल ठीक कर रहा था। तौलिया उतारते हुए फिर से दर्शन हुए लेकिन मैंने शो नहीं किया।“देख इधर कितने घने बाल हैं.. हर जगह पर हैं बगलों में..!” वो तो एकदम से मानो बदल गया था, “यहाँ भी देख..!”उसने अपनी फ्रेंची खिसका दी। उसका काला मोटा लंड सोई हुई अवस्था में काफी बड़ा था।“आप भी ना सर.. ! मैंने मानो इगनोर सा किया। उसका चेहरा मुरझा गया, मेरा दिल मचल रहा था सुबह-सुबह गांड में खलबली मच गई थी।खैर काम पर गए.. पूरा दिन मुझे वो सुबह का सीन ही दिख रहा था। आज सोच लिया था कि अगर उसने रात को हाथ-हूथ फेरा तो मैं भी सोते-सोते उसकी तरफ खिसकता जाऊँगा।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

अब तो मेरी रोज़ गांड बजती है

कुल भाग: 5
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

पंचर बनाने वाले से होमो सेक्स-2
गे सेक्स स्टोरी

पंचर बनाने वाले से होमो सेक्स-2

आपने मेरे इस सत्य घटना के पहले भाग में पढ़ा कि किस तरह मैंने योजना बनाकर पंचर वाले की गांड मारी।

11 मिनट 1,141
हवसनामा: मेरी चुदती बहन-2
गे सेक्स स्टोरी

हवसनामा: मेरी चुदती बहन-2

“अभी बैठे-बैठे तेरी बहन के बारे में सोच रहा था। झेल पायेगी उसकी चूत।” वह लहराती हुई आवाज में बोला और ऐसे तो मुझे आग लग गयी लेकिन मेज पर रखे कट्टे की तरफ देख कर मेरे अंदर उठा गुस्से का गुबार झाग की तरह बैठ गया।“मुझे क्या पता।” प्रत्यक्षतः मैंने अनम...

13 मिनट 338
बीएसएफ वाले ने मेरी कुंवारी गांड मार ली
गे सेक्स स्टोरी

बीएसएफ वाले ने मेरी कुंवारी गांड मार ली

मैं अजय, गंगानगर राजस्थान से हूँ, यह मेरी पहली कहानी है। मैं 20 साल का हूँ, मेरा रंग गोरा है व लड़कियों की तरह दिखता हूँ।

6 मिनट 1,137

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

निशा गुप्ता

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राकेश शर्मा

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।