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भाभी की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 537 बार

गया था छोड़ने, आ गया चोदकर-2

कजंकया चपड़गंजू

24 Feb 2024 को प्रकाशित

गया था छोड़ने, आ गया चोदकर-2
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मेरे दोस्त की बीवी की चुदाई की कहानी के पहले भागगया था छोड़ने, आ गया चोदकर-1में आपने पढ़ा कि मैं अपने दोस्त की बीवी को उसके घर छोड़ने गया तो बारिश आ गयी, हम भीग गए. मैंने उनके घर में ही था, मुझे नंगी भाभी के दीदार हुए.

अब आगे:मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूँ। मैंने एकदम से आगे बढ़ कर दोनों हाथों से उसका चेहरा थाम लिया और बोला- सॉरी मीनल भाभी, अनजाने में ये सब हो गया। प्लीज माफ कर दो।

मेरा हाथ हटा कर वो बोली- कोई बात नहीं भैया, ये एक एक्सीडेंट था। आपकी गलती नहीं है।मैं- थैंक्यू भाभी।

अब मैं सोफे पर उसके पास बैठ गया जिससे मेरा तना हुआ नंगा लण्ड उसके ठीक सामने था, मैं बोला- भाभी पर एक बात बताऊँ, मेरा ये (मैं अपना लण्ड हाथ में लेकर उसे दिखाते हुए बोला) जब आपके मुँह मे गया ना तो इतनी गर्मी का एहसास मुझे कभी नहीं हुआ जो आपके मुँह से हुआ। पूजा तो रोज़ इसे चूसती है। मगर ऎसी गर्माहट…बोलते बोलते मैंने ना में सर हिलाया।

वो उठ कर जाने को हुई तो मैंने उसके कंधे दबा कर नीचे वापस बैठा प्रिया, बोला- प्लीज भाभी, मत जाओ, नहीं तो मुझे लगेगा आपने मुझे माफ़ नहीं किया।

वो रुक गयी पर बोली- पहले आप अपना ये अंदर कीजिये।उसने लण्ड की ओर उंगली कर के बोला।

मैं बोला- अरे इसी बारे में तो बताने के लिए आपको रोका है।

मीनल- मतलब?

मैं- मैं तो आपको यहां आपको केवल छोड़ने आया था, मगर पहले आपका कपड़ो में भीगा बदन, फिर कमरे में आपका पूरा नंगा खूबसूरत जिस्म देखने के बाद से मेरा लण्ड बैठ ही नहीं रहा है। इसीलिए ये मेरे खड़े होने पर ये सीधे गाउन से बाहर आ गया। उसी समय आपका मुँह खुल गया और लण्ड सीधे आपके मुँह में घुस गया।

मैंने एकदम से उसका हाथ पकड़ा और एक झटके में लण्ड उसके हाथ में पकड़ा प्रिया और बोला- देखो भाभी, कितना गर्म हो गया है ये।

मीनल अपना हाथ छुड़ाते हुए जोर से बोली- भैया, ये आप क्या कर रहे हो? मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ।मैं- भाभी, मगर ये नंगा बदन तो आपने ही मुझे दिखाया था।मैं उसका एक स्तन दबाते हुए बोला तो एकदम से उसकी चीख निकल गयी.

मैं आगे बोला- तो इसमें मेरी क्या गलती। फिर भी आपको लगता है कि मेरी गलती है तो मेरे कपड़े ला दो मैं चला जाऊंगा।

वो एकदम से खड़ी हो कर जाते हुए बोली- ठीक है अभी लाती हूँ!

मैं तो सन्न रह गया… लगा जैसे जल्दबाजी कर दी मैंने।

मैं खड़ा हुआ, इतनी देर में वो वापिस आ गयी- अभी कपड़े गीले हैं, थोड़ी देर में चले जाना।उसे बोलते बोलते ही मैंने पकड़ कर दीवाल से सटा प्रिया और उसके चेहरे के पास अपना चेहरा ले जा कर बोला- भाभी, प्लीज मेरी हालत बहुत खराब है। बस एक एहसान कर दो। एक डीप किस दे दो प्लीज।

इतना सब कुछ हो जाने के बाद कोई भी औरत क्यों ना हो, थोड़ी उत्तेजना तो उसमें भी भर जाती है, वही उसके साथ भी हो रहा था। मन कर भी रहा था और ये सब गलत भी लग रहा था। उसकी कोई प्रतिक्रिया ना देख कर मैंने हाँ मान कर उसके होठों पर अपने होंठ रख दिये और ज़ोर ज़ोर से पागलो की तरह चूसने लगा, अपनी जीभ से होंठ चाटने लगा।

मेरे इस तरह से होंठ चूसने से कुछ ही सेकंड्स में उसके होंठ भी हरकत में आ गए। अब उसके होंठ चूसने के साथ एक हाथ धीरे से एक बोबे पर ले गया। नाइटी के ऊपर से ही हल्के हल्के सहलाने लगा।

अब आग बराबर लग चुकी थी, उसकी आहें निकलने लगी, वो पागलों की तरह मेरे होंठ चूसने लगी।

अब वो कमांडिंग पोजीशन पर थी। मैंने बोबे पर से हाथ हटा कर उसे अपनी बांहों में जकड़ लिया और पूरा अपने से चिपका लिया। वो तो मेरे होंठ एक सेकंड के लिए भी नहीं छोड़ रही थी। जैसे कभी होंठ चूमे चूसे ही न हो।

इधर मुझ से चिपकने से बोबे मेरे सीने से, लण्ड चूत से, पंजे पंजों से चिपक चुके थे। होंठ तो वो शायद आज खा ही जाएगी।

फिर एकदम से उसने अपने हाथों से बाहों का हार मेरे गले में बांध प्रिया और मेरे कंधों पर अपने जिस्म का पूरा भार डाल कर अपने दोनों पैर उठाए और मेरी गोदी में चढ़ गई।मीनल के इस तरह ऊपर चढ़ने से मेरे बाथ कोट पीछे सरक गया, लण्ड एक बार फिर से बाहर आ गया।

लण्ड पूरा मेरे पेट से चिपका हुआ उसकी चूत से पूरा इस तरह से दबा हुआ कि नाइटी और पैंटी होने के बावजूद मीनल की चूत के ऊपर के बाल मुझे चुभ रहे थे।माहौल पूरा रोमांटिक एवम् वासनामय हो चुका था।मैंने भी अपने हाथों से उसके नितंबों को थाम कर अपने मे समेट लिया। लग रहा था जैसे हम दोनों ने कभी सेक्स नहीं किया हो। अब हमें अखर रहे थे था तो बस हमारे कपड़े…

मीनल ने मेरे कान में हल्के स्वर में बोला- अपने दोस्त की बीवी को आज पूरा लूट लो।

मैं- मैडम पर केवल होंठ ही चूसोगी क्या आज बस? ऐसे कैसे लूटूंतेरी कामुक जवानीको। चूसना ही है तो और भी बहुत कुछ है हमारे पास। होंठो का रस तो पी लिया तूने। अब असली रस भी तो पी!मीनल- मैंने कब मना क्या है। आज तो जो पिलाना है पिला दो, जो चुसाना है चूसा लो, आज तो सब कर लो आप!

मैंने झट से उसे नीचे उतारा अपने गाउन की डोरी खोली और उसे खोल कर पूरा नंगा हो गया। मुझे ललचाने के लिए उसने अपने होंठ पर जीभ फिराई बताने के लिए जैसे लण्ड देख कर उनके मुँह में पानी आ गया हो।

उसने मुझे धक्का दे कर सोफे पर पटक प्रिया और खुद मेरे नीचे बैठ कर लण्ड को प्यार करने लगी कभी चूम कर तो कभी जीभ से चाट कर!मुझे पागल करे जा रही थी बस।

अब धीरे धीरे से लण्ड चूसने लगी।मैं थोड़ा आगे हुआ और हाथ नीचे ले जाकर उसकी गाउन ऊपर खीचने लगा। जैसे ही गाउन ऊपर तक आया, उसकी कसी हुई अंडरवीयर में पैक मस्त गांड सामने आ गयी। मैंने गाउन को कमर तक ला कर छोड़ा और उसकी पैंटी में हाथ घुसा कर दोनों चूतड़ दबाने लगा, एकदम टाइट थे.

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वो तो दीवानों की तरह मेरा लण्ड चूस रही थी।मज़ा ही मज़ा…

मैंने फिर से गाउन को उठाना चालू किया। गाउन निकलने के लिए उसे कुछ देर के लिए लण्ड को छोड़ना पड़ा तो उसने मुझे गुस्से से घूर के देखा। फिर लग गयी अपने कार्य में लण्ड को खाने में …अब मैं हाथ उसके नीचे ले जा कर ब्रा के ऊपर से ही उसके दोनों बोबे दबाने लगा। फिर दोनों हाथ पीछे ला कर ब्रा के हुक खोल दिये और ब्रा की पट्टियों को कंधे से अलग करते हुए हाथों के रास्ते नीचे गिरा दी।अब उसके बोबे पूरी तरह से नग्न थे।

उसके मुँह से मैंने अपना लण्ड छुड़ाया और उसका चेहरा ऊपर उठा कर होंठों को चूमने लगा। फिर उसे खड़ा कर उसके नंगे बोबे देखने लगा।मेरे दोस्त की सेक्सी बीवी मीनल बोली- ऐसे क्या घूर रहे हो? कभी किसी लड़की के बूब्स नहीं देखे क्या?मैं- कइयों के देखे हैं… पर हर लड़की के बोबे कुछ खास होते हैं। चल अब बातें ही करेगी या इनका दूध भी पिलाएगी?

साली के बोबे मस्त कड़क थे और उन पर उभरे हुए निप्पल…उसने एक हाथ से मेरा सर पकड़ा और दूसरे हाथ से अपना एक स्तन पकड़ मेरे मुँह में भर प्रिया। मानो सचमुच दूध पिला रही हो। थोड़ी देर दोनों बोबे चूसे मसले, फिर मैंने इसे उठा कर सोफे पे पटक प्रिया और धीरे धीरे उसकी पैंटी निकालने लगा, उसके दोनों पाव ऊपर करके पैंटी निकाल कर दूर फेंक दी।

अब जो चीज़ उसकी मैंने अभी तक नंगी नहीं देखी थी, वो अब मेरे सामने थी। मैंने उसके पैरों को नीचे रख कर फैला दिए जिससे रस से लबालब गीली चूत पूरी तरह से मेरी आँखों के सामने आ गयी। चूत के ऊपरी भाग में सेट किये हुए बाल, आसपास के बाल शेव्ड थे, चूत की दोनों पत्तियां एकदम गुलाबी थी जो अभी चूत रस में नहाई हुई थी।

मैंने पास पड़ा टॉवेल उठाया, चूत को अच्छे से साफ किया क्योंकि मुझे चूत चाटना बेहद पसंद है पर जब तक कि वो सूखी हो… और लग गया चूत को चाटने। फिर चूत का दाना…

मीनल छटपटाने लगी पर मैंने कसके उसकी जांघों को पकड़ रखा था।

थोड़ी देर उसकी चूत चाटने के बाद मैं खड़ा हो गया और देर ना करते हुए उसकी चूत पर लण्ड को रगड़ने लगा। इस पोजीशन में थोड़ी दिक्कत हो रही थी तो मैं फिर खड़ा हो गया और उसे भी खड़ा कर प्रिया।

खड़े होते ही वो मेरी बांहों में आ गयी, मैंने भी उसे कस के अपने बदन से चिपका लिया, उसकी गर्दन को चूमने लगा।

फिर वो खुद कालीन पर जाकर लेट गयी, दोनों पाव चौड़े करके दोनों हाथों से चूत फैला कर चूत के छेद को मुझे दिखाने लगी।मैंने भी उसके ऊपर चढ़ कर लण्ड को एक झटके में छेद में घुसा प्रिया।लण्ड बिना कोई परेशानी के पूरा अंदर घुस गया। वो भी हैरान थी मेरे इस हमले से।

अब लण्ड और चूत एक दूसरे के हो चुके थे।मैं उसके ऊपर आकर उसके होंठ चूसने लगा, हमारे होंठ भी मिल कर एक हो गए। उसके पिरामिड भी मेरे सीने से दब कर एक हो गए।

अब लण्ड ने अपना काम शुरू कर प्रिया। चूत को चोदना…

थोड़ी देर चोदने के बाद मैंने लण्ड को बाहर निकाल लिया और टॉवल से पौंछ कर फिर से उसके मुँह में ठूंस प्रिया। थोड़ी ना नुकुर के बाद वो लण्ड बड़े चाव से चूसने लगी।मुँह से लण्ड निकालकर मैं उसके दोनों स्तनों के बीच दबा कर घिसने लगा।

अब बारी उसकी थी,उसने मुझे धक्का प्रिया। मैं समझ गया और कालीन पर लेट गया वो कमाल की लड़की निकली मेरे लण्ड पर चूत को फैला कर जैसे कूद ही गयी। एक सेकंड में लण्ड गायब हो गया, चूत ने पूरा निगल लिया। उसकी इस हरकत से वो और मैं दोनों ही जोर से चिल्लायेमगर मीनल सब भूलकर लण्ड पर जोर जोर से कूदने लगी। मैं भी उसके दोनों बोबे पकड़ कर जोर से मसलने लगा।

मेरे हाथ उसने हटा दिये और खुद अपने बोबे दबाने लगी। मैं नीचे पड़ा पड़ा उसे देख रहा था, लग रहा था जैसे वो किसी और ही दुनिया में हो।

मुझे लगा कि जैसे मेरी पिचकारी छूटने वाली है तो मैंने उसे उठाया और नीचे लिटा कर उसके ऊपर चढ़ गया और लण्ड उसके हाथ में पकड़ा कर उससे ही चूत में डलवाया। उसकी टांगें कंधों पर चढ़ा कर जोर जोर से चोदने लगा।

मेरा निकलने को हुआ तो मैं उसके ऊपर पूरा लेट गया और चिपक कर धक्के मारने लगा। कुछ ही देर में लण्ड का सारा माल उसकी चूत में भर प्रिया और उसे बेतहाशा यहाँ वहां चूमने लगा। कभी वो मुझे रोक कर खुद चूमने लगती।

वो मुझसे बोली- आपने तो आज मुझे जन्नत का मज़ा ला प्रिया। आपसे सेक्स करके जाना सेक्स ऐसा भी होता है।

मै- तू भी बेहद खूबसूरत और मस्त सेक्सी कामुक लड़की है मीनल। आज तुझे चोद कर मैं निहाल हो गया। मन कर रहा है कि तुझे यों ही चूमता रहूँ, चूसता रहूं, चोदता रहूँ। वादा कर तू हमेशा ऐसे ही मुझसे प्यार करती रहेगी।

मीनल- एक शर्त है… आप मुझे यूँ ही चोदते रहोगे।दोनों हँस पड़े।

फिर उसे गोद में उठा कर मैं बाथरूम में ले गया जहां हम दोनों ने एक दूसरे को दिखाते हुए पेशाब किया, फिर साथ नहाये।

उससे मैंने मैगी बनवाई, जिसे हमने बहुत ही सेक्सी अंदाज़ में खाया।फिर हमने दो राउंड और चुदाई की।

सुबह मैं अपने घर आ गया और अपनी बीवी को सारी बातें बता दी, आखिर पूजा मेरी जान जो है, उससे कुछ छुपा नहीं सकता।

अगली कहानी तक के लिए गुडबाय।

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गया था छोड़ने, आ गया चोदकर

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