होम पर वापस जाएं
Group Sex Story पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 938 बार

प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4

जैक 1986

06 Aug 2023 को प्रकाशित

प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई- 4
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी में मैं एक अमीर भाभी को लंड का मजा देने उसके घर में रुका हुआ था. उसकी सेक्सी जवान नौकरानी भी हमारे साथ सेक्स में शामिल थी.

पाठको और पाठिकाओ … मैं जैक एक बार पुनः आपकी सेवा में अपनी सेक्स कहानी का यह भाग लेकर हाजिर हूँ.कहानी के तीसरे भागमालकिन नौकरानी के साथ ग्रुप सेक्समें अब तक आपने पढ़ा था कि हम तीनों बाथरूम में थे.

अब आगे 2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी:

थोड़ी देर में मैं, कामिनी और संजना एक साथ नहाए.संजना ने बेड की चादर बदली.हमने नाइट कपड़े पहने और एक साथ तीनों एक ही बेड पर सो गए.

हम तीनों को आराम की सख्त जरूरत थी.

हम लोग करीब पांच बजे सोए थे.नौ बजे मेरी आंख खुली तो संजना कमरे में नहीं थी.

कामिनी मेरे ऊपर पैर डालकर सो रही थी.आज शनिवार का दिन था.

हम तो सोने के पहले नहा चुके थे लेकिन मुझे दुबारा नहाने का मन हुआ.पूरा शरीर भारी लग रहा था और लंड में दर्द हो रहा था.

मैंने ब्रश किया, नहाया और हॉल में आकर बैठ गया.

कामिनी अभी भी सो रही थी.

इतने में संजना मेरे पास आई.उसने मुझे ब्रेड ऑमलेट प्रिया और उसने थोड़ी देर बाद कॉफी लाकर दी.मैंने संजना का हाथ पकड़ा और बैठने के लिए कहा.

संजना वहीं बैठ गई.मैंने संजना को गोल्डन शॉवर के लिए सॉरी कहा.

संजना बोल पड़ी- बहुत बुरे इंसान हो आप, ऐसा कोई करता है क्या? पता है, सुबह मुझे रगड़-रगड़कर नहाना पड़ा. बदबू जा नहीं रही थी लेकिन मुझे अच्छा लगा … और आपके साथ की कल की रात मैं नहीं भूलूँगी. मेरी जिंदगी का कल का अनुभव सबसे बढ़िया था. मेरी चूत अभी तक दर्द कर रही है. दीदी का न जाने क्या हाल होगा? आपने तो उनको आगे और पीछे दोनों तरफ से निचोड़ प्रिया. अब आपको गेस्ट हाउस में जाना होगा. नेहा कभी भी आ सकती है.

मुझसे रहा नहीं गया, इसलिए मैंने संजना से नेहा के बारे में पूछ ही लिया- एक बात बताओ, नेहा रात भर घर के बाहर थी. कामिनी को कोई टेंशन नहीं दिखी? क्या नेहा भी बाहर कुछ करवाती है?संजना- नहीं, ऐसा कुछ नहीं है. उसकी सहेलियां हैं, जो हमेशा पार्टी करती हैं. वह कभी मुंबई घूमने जाती है, कभी लोनावला, कभी महाबलेश्वर. हफ्ते में एक दिन तो जाती ही जाती है.

‘अरे, तो लड़के भी होंगे साथ में? क्या वह भी कहीं तुम दोनों जैसी मस्ती नहीं करती?’संजना- इतना तो मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे नहीं लगता ऐसा कुछ होगा. इंसान छुपा सकता है, लेकिन शरीर इन चीजों को नहीं छुपाता. आप मर्द हो, आपको इन चीजों के बारे में नहीं पता. लेकिन हम औरतों को पता चल जाता है.

‘अच्छा, वह छोड़ो. तुम्हारे शरीर पर जलने के निशान हैं, वह कैसे?’संजना- मेरा नामर्द पति वह सुबह से शाम तक शराब पीता, रात में आता, मुझको नंगी करता लेकिन शराब के वजह से उसका खड़ा ही नहीं होता. तो वह मुझे दोषी ठहराता और मेरे साथ मारपीट करता. सिगरेट से मुझे जलाता इसलिए मैं मायके चली आई और वहां से दीदी मुझे उनके साथ यहां लेकर आईं 3 साल पहले.

‘ओह, समझ गया. एक लास्ट बात बताओ … तुमने कहा तुम 2 और मर्दों के साथ सोई हो, क्या ये सच है?’

संजना- जी, ये सच है लेकिन उन लोगों में इतना दम नहीं था. वे तो बस उनका काम निकालने आते थे. दीदी को भी बिजनेस बढ़ाना था और उन्हें बस सेक्स चाहिए था. इसलिए ये सब चलता रहा. अब दीदी को किसी की जरूरत नहीं है. उनका बिजनेस सेट हो गया है.

हमारी बातें करीब एक घंटा तक होती रहीं.मैं गेस्ट हाउस में शिफ्ट हुआ और आराम करने लगा.

बारह बजे संजना मेरा खाना लेकर आई, खाना रखा और चली गई.अभी उसने एक मस्त साड़ी पहनी हुई थी … शायद कामिनी की पुरानी साड़ी हो.उसमें संजना आइटम लग रही थी.

मैं दुबारा खाना खाकर सो गया.

करीब 3 बजे संजना दुबारा आई और उसने कहा कि कामिनी दीदी ने बुलाया है.मैं उसके पीछे चल पड़ा.

कामिनी ने मस्त मिनी ड्रेस पहनी हुई थी … घुटने तक.मुझे रात को बातें याद आने लगीं और अब मेरा लंड दुबारा खड़ा होने लगा.

लेकिन मेरे दिमाग में नेहा का ख्याल आया.मैंने तपाक से पूछा- अरे नेहा घर पर है न?

कामिनी- वह आकर नहाकर अभी चली गई है. कॉलेज में कुछ असाइनमेंट सबमिट करना था. वह नौ बजे तक नहीं आएगी … क्यों ना एक-एक राउंड हो जाए?मैंने कहा- नेकी और पूछ-पूछ, चलो.

कामिनी- अब कुछ अलग ट्राई करते हैं मैं और संजना डॉगी में रहेंगी. तुम हमें वन बाय वन चोदोगे. पहले दस मिनट मुझे फिर दस मिनट संजना को, लेकिन हर बार कंडोम बदलना.

कामिनी ने संजना को इशारा किया.संजना ने दुबारा कल रात वाला बॉक्स निकाला.टैबलेट, डिल्डो और आस प्लग.

मुझे टैबलेट और दूध प्रिया और वह दोनों सिर्फ पैंटी में हो गईं, बाकी सारे कपड़े निकाल फेंके.

दोनों मेरे पास आईं और मेरे कपड़े निकालने लगीं.मेरा लंड हाथ में लेकर संजना कामिनी से बोली- दीदी, आपने तो उन काले लोगों का लंड भी लिया है. वह भी इतने बड़े थे. लेकिन आपको जैक के लंड में ऐसा क्या खास लगा?

कामिनी- संजना, लंड कितना भी बड़ा हो औरत को फर्क नहीं पड़ता. अगर छोटा हो तो भी मजा आता है हमारी चूत में मजा आने वाला स्पॉट सिर्फ ढाई इंच तक ही होता है. चुत को बड़े लंड की नहीं, मोटे लंड की जरूरत होती है, जो जैक का है. लंबाई भी मस्त है, जो इंडियन लोगों का सबसे बड़े में आता है.

मैं कामिनी को सुन रहा था.

‘पिछले साल जिस चूतिए को बुलाया था, वह आने से पहले तो बड़ी-बड़ी बातें कर रहा था कि आठ इंच का है और तीन इंच मोटा है. होटल में आया तो बहनचोद का खड़ा होने के बाद भी चार इंच नहीं हुआ और अंगूठे से मोटा नहीं हुआ. उसको लगा अब रूम में हूँ तो बिना चोदे नहीं जाएगा.संजना- फिर?

‘फिर मैंने उस मादरचोद को गांड पर लात मारकर नंगा ही रूम से निकाला होटल स्टाफ की विनती के बाद मैंने उसे कपड़े दिए.मैं हंस प्रिया.

‘हां जैक … अब मैं ऑनलाइन पर भरोसा नहीं करती. पहचान वालों से सेक्स नहीं कर सकती. लेकिन जब रिया ने जैक के बारे में बताया तो पहले मैंने इसका टेस्ट लिया. मेरा दूसरा नंबर देकर दो हफ्ते देखा कि वह कॉल करता है कि नहीं. क्योंकि फ्रॉड लोग किसी औरत का नंबर मिल जाए तो उसे मैसेज करते हैं, बार-बार कॉल करते हैं.’

एक पल सांस लेने के बाद वह वापस बोलने लगी- मेरी जैसी अकेली औरत को इन सब का ख्याल रखना पड़ता है. चलो, मानती हूँ—मैं अपने बिजनेस क्लाइंट से मरवा चुकी हूँ, लेकिन वह मजबूरी थी जो मेरे पति ने मुझे सिखाई थी. अब नहीं … इसके बाद मैं अपने मन की करूँगी. मेरा पूरा कारोबार सेट हो चुका है.

उन दोनों की बातों से मेरा मूड खराब होने लगा था लेकिन टैबलेट का असर—लंड खड़ा था और संजना हिलाए जा रही थी.

मैंने उन दोनों को होश में लाया और कहा- अरे, नेहा आने से पहले मेरे लंड को सुलाना है, तुमने टैबलेट दी है, कहीं अधूरी कहानी न बने और मुझे तकलीफ हो जाए.

दोनों हंसने लगीं और मुझे बेड पर धकेल प्रिया.

कामिनी- संजना, रात का आखिरी तूने किया था न … अब पहले मैं, उसके बाद तू!दोनों ने अपनी-अपनी पैंटी निकाल ली.

कामिनी ने जैल हाथ में ले ली, अपनी गांड में लगाई, संजना की गांड में भी लगाई.उन दोनों ने पिछवाड़े में आस प्लग डाल लिए और दोनों डॉगी पोज में आ गईं.

मैंने जैल लगे लंड पर कंडोम चढ़ाया और कामिनी की चूत में घुसा प्रिया.मुझे कसाव महसूस हुआ मतलब रात के इतने सेक्स के बाद भी दुबारा कसाव … मैं अचरज में था.

मैं कुछ मिनट तक कामिनी को चोदता रहा.इस बीच संजना कामिनी के बूब्स चूस रही थी, किस कर रही थी और बालों में हाथ फिरा रही थी.

चुदाते-चुदाते कामिनी झड़ गई और लेट गई.

अब मैं संजना की तरफ बढ़ा. संजना ने मुझे आंखों से इशारा किया और सामने से आने की कहा.मैंने कंडोम उतार कर दूसरा पहन लिया और संजना के ऊपर चढ़ गया. संजना ने अपने हाथ से मेरा लंड अपनी चूत में घुसाया.

मैंने धक्के देना शुरू कर प्रिया.

संजना मुझे कसकर पकड़ हुए थी.उसके पैर मेरी पीठ पर बंधे हुए थे, वह अन्दर तक मेरे लंड को महसूस करना चाह रही थी.

करीब दस मिनट चोदने के बाद उसका भी पानी निकल गया.मैं दोनों के बीच में लेट गया.

अब कामिनी ने खुद मेरा लंड पकड़ कर कंडोम हटाया और इस बार उसने दो कंडोम मेरे लंड पर चढ़ा दिए.फिर उसने अपनी गांड से आस प्लग निकाला और मेरे पेट पर बैठ गई.

वह चूत में डिल्डो डालने लगी.पहले तो मुझे कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब उसकी चूत में पूरा डिल्डो घुस गया, तो उसने गांड पर जैल लगाई.

यह भी पढ़ें (Recommended)

निदा की अन्तर्वासना-2

मैं समझ गया कि ये दुबारा गांड चुदवाना चाहती है.

अब कामिनी धीरे-धीरे मेरे लंड पर बैठने लगी और गांड में धीरे-धीरे धक्के से मेरा लंड घुसाने लगी.

संजना कामिनी की तरफ देख रही थी.संजना से रहा नहीं गया, वह मेरे मुँह पर आकर बैठ गई.उसकी चूत मेरे मुँह के ऊपर थी.मैं उसकी चूत चाटने लगा.

अब तक कामिनी की गांड में मेरा पूरा लंड घुस गया था.संजना का मुँह कामिनी की चूत के पास था.संजना कामिनी की क्लिट को चाट रही थी.मैं संजना की चूत चाट रहा था और कामिनी मेरे लंड पर कूद रही थी.

2 गर्ल्स फकिंग का पूरा माहौल वासनामय हो गया था.हम तीनों को कोई होश नहीं था.संजना और कामिनी एक-दूसरे के बूब्स जोर-जोर से दबा रहे थे और हम तीनों की कामुक आवाजें निकाल रहे थे.

हमें ये अहसास भी नहीं हुआ कि हमें कोई देख रहा है.कामिनी के एकदम पीछे कोई खड़ा था और हम सबको देखे जा रहा था.

तभी पीछे से जोर की आवाज आई- मम्मा ये क्या हो रहा है? ये क्या कर रही हो आप?

ये नेहा थी … कामिनी की बेटी.

कामिनी और संजना अचानक आई आवाज से शॉक में चली गईं.वे दोनों जिस पोज में थीं, वैसे ही देखने लगीं.

एक मिनट उन्हें कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जैसे ही उन्होंने नेहा को देखा, दोनों उठ खड़ी हुईं.उठते समय कामिनी की पाद निकल गई और कामिनी की चूत का नकली लंड आकर मेरे पेट पर गिर गया.

कामिनी की चूत के रस की धार भी.

दोनों अपने-अपने कपड़े समेटने लगीं और बदन छुपाने लगीं.मैंने भी वक्त की नजाकत देखते हुए मेरे लंड पर टॉवेल लपेट लिया और खड़ा हुआ.

नेहा की आंखों में आंसू थे.उसे इस बात की कोई भनक नहीं थी.

कामिनी- बेटा, तुम इतनी जल्दी कैसे आ गई?नेहा- अच्छा हुआ न मम्मा मैंने आपकी कारगुजारी देख ली, अब मैं दादाजी को सब बता दूँगी कि आप क्या करती हो? बहुत गंदी हो आप मम्मा … और संजना दीदी आप भी!

कामिनी- एक मिनट रुको.

कामिनी ने मुझे और संजना को बाहर जाने के लिए कहा.मेरा लंड गोली की वजह से अभी भी खड़ा था और टॉवेल में तंबू बनकर बाहर आने की कोशिश कर रहा था.

नेहा मुझे और मेरे टॉवेल में खड़े हुए लंड की तरफ देख रही थी.

मैं और संजना बिना कुछ कहे कामिनी के बेडरूम से बाहर आए और मैं संजना के कमरे में चला गया.संजना भी नंग-धड़ंग कमरे में चली आई लेकिन उसकी कामना शायद पूरी नहीं हुई थी.

वह अब भी हीट पर थी.आते ही उसने कमरे का दरवाजा बंद किया और मेरा लंड चाटने लगी.

मुझे भी अब लंड को जल्दी से बैठना था इसलिए मैं शुरू हो गया और संजना की चूत में लंड घुसा प्रिया.इस बार मैंने कंडोम भी नहीं पहना था और मैं मस्ती में फुल स्पीड से संजना को चोद रहा था.

करीब पंद्रह मिनट बाद मैं झड़ गया और मैंने अपना सारा वीर्य संजना के अन्दर ही उड़ेल प्रिया.

संजना के हाव-भाव से लग रहा था मानो वह जन्नत में हो.उसने मुझे कुछ मिनट कसकर पकड़ रखा था.जब वह पूरी तरह शांत हुई तो मुझे हाथों से पीठ पर मारती हुई अलग होने के लिए बोली.

मेरे वीर्य की एक बूंद भी संजना की चूत से बाहर नहीं आई थी.वह बाथरूम गई, खुद को साफ किया और कमरे में आकर अलमारी खोली.

अब संजना ने कपड़े पहन लिए.

मैंने भी खुद को साफ किया, टी-शर्ट और शॉर्ट पहन ली.मैंने अन्दर कुछ नहीं पहना था क्योंकि मेरा लंड अभी भी आधा खड़ा था और मुझे तकलीफ हो रही थी.

मुझे लगा आज और अभी मुझे यहां से जाना पड़ेगा, पर मैं गलत था.

मेरे और संजना के पीछे कामिनी और नेहा में क्या बात हुई, मुझे पता नहीं.

लेकिन करीब 35 मिनट बाद कामिनी मैक्सी पहने संजना के कमरे में आई और कहने लगी- घबराने की जरूरत नहीं है, मैंने नेहा को समझा प्रिया है. वह अब हमें कोई परेशान करने वाली बात नहीं करेगी.

मैंने पूछा- ऐसा क्या कहा कि वह मान गई?मुझे लगा कि अब मुझे नेहा की भी चूत मिलने वाली है, लेकिन मैं गलत था.

कामिनी- मैंने उसे समझाया है कि औरत की भी कुछ शारीरिक जरूरत होती है और मैं वही पूरा कर रही थी. तुम्हारी शादी के बाद तुम्हें समझ आएगा. तुम्हारे पापा को मरे दस साल हो गए हैं, मेरी भी सोचो मैं तुम्हारे लिए पैसे कमाती हूँ, ये सब तो तुम्हारे अकेले का है. संजना भी यहीं रहती है, तो औरत की जरूरत का ख्याल दूसरी औरत नहीं रखेगी तो कौन रखेगा?

संजना ने ठंडी सांस ली- अब वह मान गई है!

हम रिलैक्स होकर हॉल में पहुंचे.वहां नेहा थी.

नेहा ने मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन मेरे तंबू की तरफ देखे जा रही थी.

हम लोगों ने साथ में चाय पी और हम अब एकदम आजाद महसूस कर रहे थे

इसके बाद मैं उनके घर पर ही रहने लगा.कामिनी ने मुझे कंपनी में मैनेजर का पद दे प्रिया था.

मैं और कामिनी-संजना पति-पत्नी जैसे रह रहे थे.रात में हम लोगों की मस्ती चलती.नेहा कभी हमारे कमरे में नहीं आती.

मैं एकदम बिंदास होकर न्यूड होकर पूरे घर में घूमता था.नेहा मुझे कई बार नंगा देख चुकी थी लेकिन उसने मुझसे कभी बात नहीं की थी.

अगले 2 महीने तक ये सब चलता रहा.

एक दिन संजना को उल्टियां होने लगीं तो वह डॉक्टर के पास गई.

संजना को मालूम पड़ा कि वह प्रेग्नेंट है, उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई.उसने ये बात कामिनी को बताई.

कामिनी ने मुझे फोन करके बुलाया और पूछ लिया- जब हर बार हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, तो ये कैसे हुआ?

मुझे कुछ याद नहीं आ रहा था.तब संजना ने बताया कि जिस दिन नेहा ने हमें देख लिया था, उस दिन जब हम कमरे में गए तो मैं भावनाओं में बह गई और बिना कंडोम ही सेक्स कर लिया.

कामिनी सर पकड़ कर बैठ गई.उसे समझ में कुछ नहीं आ रहा था.पर उसने अपनी किसी सहेली को फोन किया और 2 दिनों में गर्भपात करवा प्रिया.

अब अगले 15 दिन तक सिर्फ मैं और कामिनी सेक्स करते रहे लेकिन एकदम सेफ सेक्स क्योंकि कामिनी का भी ऑपरेशन नहीं हुआ था और उसकी महावारी भी नहीं थमी थी.

अमूमन पैतालीस से पचास की उम्र में महिलाओं की महावारी बंद हो जाती है तो पेट से होने का खतरा कम हो जाता है.

इस तरह मैं और कामिनी संजना अब साथ थे, कभी कभी रिया भी आकर हम सबसे मिलती थी.

ये सेक्स कहानी यहीं समाप्त नहीं होती क्योंकि अब नेहा उसकी एक कोरियन दोस्त और नेहा के टीचर की कहानी मैं आपको आगे बताऊंगा.

2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी पर आप support@mohakkisse.com पर मुझे आप अपनी राय बता सकते हैं.

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

श्रृंखला

कहानी श्रृंखला (STORY SERIES)

प्यासी मालकिन और नौकरानी की एक साथ चुदाई

कुल भाग: 4
यह एक बहु-भाग कहानी है। अपनी पसंदीदा कड़ी पर जाने के लिए ऊपर क्लिक करें।

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Meri Maa Sheela Ka Gangbang – Part 3
Group Sex Story

Meri Maa Sheela Ka Gangbang – Part 3

Hi DK readers Sunil here aap phle meri do sex stories padh chuke ho maine apni ye do stories apne friend ko mail kri thi aur usne wo stories yaha post kri.

15 मिनट 783
निदा की अन्तर्वासना-2
Group Sex Story

निदा की अन्तर्वासना-2

इमरान ओवैशमैंने न सिर्फ अपने हाथों को उसकी पीठ पर रखे हुए निदा की ब्रा के हुक खोल दिए बल्कि हाथ नीचे करके उसकी कुर्ती को एकदम से ऐसा ऊपर उठाया के उसकी भरी-भरी चूचियां नितिन की आँखों के आगे एकदम से अनावृत हो गईं और वह दोनों हाथों से उन पर जैसे टूट ...

12 मिनट 555
Bisexual Couple Ke Sath Threesome
Group Sex Story

Bisexual Couple Ke Sath Threesome

Mera naam Sameer hai aur meri age 27 saal hai, aur meri height 5’9 inch hai mera lund 9 inch lamba hai. Main Mumbai se hun aur ye meri jivan ki ek sachi kahani hai. Aapka jyada time na late hue, ab main apni dastan par aata hun.

8 मिनट 620

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

आनन्द बॉस

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

अमित 2

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

किंग सोनू

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।