इंडियन बीवी की चुदाई
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
सेक्सी बीवी और दोस्त के साथ लम्बी ड्राइव -2
कहानी का पिछला भाग :सेक्सी बीवी और दोस्त के साथ लम्बी ड्राइव-1
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -2
‘क्या आप इस संडे को मिल सकते हैं?’ उसने एक पल भी गँवाए बगैर पूछा।मैंने पूछा- कहाँ?तो वो बोली- महागुन माल या फिर पेसिफिक?मैंने उत्तर दिया- शाम को बताऊँगा।
मैं, मेरी बीवी और चचेरे भाई का सपना हुआ सच -1
मैं राहुल दिल्ली में अपनी बीवी मधु के साथ रहता हूँ। मेरे बारे में तो आप खुद ही अंदाज़ा लगा लेंगे।मैं पहली बार अपनी कहानी पेश कर रहा हूँ। आप मेरे किरदार और उनकी परिस्थिति को समझ सकें, उसके लिए बीच-बीच में आस पास की चीज़ों का अंदाज़ा लगवाने की कोशिश मै...
मेरी पाठिका की चुदाई का नया अनुभव
हैलो दोस्तो.. मैं विशाल हाज़िर हूँ आप सबके सामने अपनी एक और कहानी के साथ।आप सबने मेरी कहानियों को सराहा.. उसके लिए आप सबका धन्यवाद।
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -3
उस रात घर जाने से पहले मैं फ़ैसला कर चुका था कि मुझे तो हाँ ही कहना है।यह फ़ैसला करने के बाद मैं कुछ निश्चिंत सा हो गया था और वैसे भी मुझे काफ़ी टाइम हो चुका था किसी के साथ करे हुए पत्नी तो 7- 8 साल से ना के बराबर ही रूचि लेती थी, इसलिए मुझे भी से...
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -4
उसने मुझे बहुत ज़ोर से अपनी बाहों में कस लिया और हिचकियाँ लेकर रोने लगी, एक पल के लिए मेरे मन में आया कि शायद वो अभी मानसिक तौर पर इस सम्बन्ध के लिए तैयार नहीं है, मैंने अपनी पकड़ थोड़ी ढीली की पर उसने मुझे और ज़ोर से कस लिया।
यौनसुख से वंचित पाठिका से बने शारीरिक सम्बन्ध -5
मैंने उसके बालों में उंगली फेरते हुए कहा- मंजरी जी!वो बोली ‘हूँ’ और फिर एकदम से चौंक कर बोली- मंजरी तो हुआ, ये जी क्या है?सिर उठा कर वो मेरी तरफ देखते हुए बोली- सरदार जी, धोखा तो नहीं दोगे ना?उसकी इस बात से मैं थोड़ा गंभीर हो कर बोला- देखो मंजरी, ...
मैं, मेरी बीवी और चचेरे भाई का सपना हुआ सच -3
थोड़ी ही देर में हम दोनों ने बहुत सारी मलाई छोड़ दी, फिर मेरे पुराने टॉवल से उसे साफ़ कर दिया।मैंने उसको बोला- अब तू सो जा… मैं भी सोने जा रहा हूँ।और मैं वापस अपने कमरे में आकर अपनी नंगी बीवी से नंगा ही चिपक कर सो गया।
संतान के लिए परपुरुष सहवास -1
लेखिका: अमृता सोनीसंपादिका एवं प्रेषिका: तृष्णा प्रताप लूथरा
मैं, मेरी बीवी और चचेरे भाई का सपना हुआ सच -4
चूत में अंदर बाहर होता हुआ लण्ड बिल्कुल चिकना हो चुका था, मधु की साँसें बहुत तेज़ और सिसकारियाँ बहुत तीखी हो गई थी, मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा जिससे उसकी आवाज़ें बाहर तक न जायें। पर उसे पता नहीं क्या हो गया था, उसने मेरा हाथ अपने मुंह से हटा दिया।मै...
संतान के लिए परपुरुष सहवास -2
कहानी का पिछला भाग :संतान के लिए परपुरुष सहवास -1
मैं, मेरी बीवी और चचेरे भाई का सपना हुआ सच -5
कमरे में कुछ देर सन्नाटा रहा, फिर मैं बोला- चल छोड़ न, भूल जा… हम भी भूल गए।फिर मधु बोली- भैया, आज मैं बढ़िया पनीर टिक्का और अच्छी सी सब्जी बनाती हूँ।फिर मेरी तरफ देखकर बोली- आप कोई अच्छी सी व्हिस्की ले आइये!हम दोनों को चेहरे पर ख़ुशी की लहर दौड़ गई।