रंगबाज़
सत्यापित कहानीकार (Verified)@ragab
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रंगबाज़ की रचनाएं
दिल्ली का गांडू हरियाणा का लण्ड
विक्की हरियाणा के गाँव का एक साधारण जाट लड़का था, उम्र 20 साल, कद 5 फुट 8 इंच, मज़बूत कद-काठी। पढ़ाई करता था और फुर्सत में अपने खेत और बाग-बगीचे में काम करता था।उसके घर के बगल एक पंजाबी परिवार रहता था।
भूत बंगला गांडू अड्डा-3
कहानी का पहला भाग :भूत बंगला गांडू अड्डा-1कहानी का दूसरा भाग :भूत बंगला गांडू अड्डा-2
भूत बंगला गांडू अड्डा-1
मेरे तन बदन में आग लगी हुई थी, बहुत दिनों से लण्ड नहीं लिया था – न मुँह में और न गांड में।मेरा साथी, मेरा बाँका चोदनहार, पूरब भी अपनी ज़िन्दगी में बिज़ी था – पहले तो उसके इम्तहान थे फिर उसके गाँव से उसके भाई भाभी आ गए।मेरे पास तो जगह कभी होती ही नही...
काला हीरा -4
अर्जुन ने विनीत को बीस मिनट तक वैसे ही चोदा फिर वो चरम सीमा पर पहुँच गया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।विनीत को ऐसा लगा जैसा अर्जुन का लण्ड उसके पेट में घुस जायेगा। अब बेचारे को ज़ोर का दर्द होने लगा- अर्जुन… प्लीज़ बस… करो… आआह्ह्ह्ह…
काला हीरा -3
अर्जुन ने उसे गले लगा लिया- अगर तुम लड़की होते तो तुम्हें उठा कर ले जाता… तुम्हारा चोदन कर देता… तुम्हें इतना चोदता कि तुम मुझसे प्रेग्नेंट हो जाते… फिर तुम हमेशा के लिए मेरे हो जाते।
काला हीरा -2
अब तक ट्रेन में भीड़ कम हो गई थी, लेकिन दोनों उसी जगह, हैंडरेल का सहारा लिए, खड़े हुए बतिया रहे थे।
काला हीरा -1
एक लड़का था, हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा, लम्बाई छः फुट चार इंच, 56 इंच चौड़ी छाती, विशालकाय मांसल भुजाएँ और जाँघें, छाती, जाँघों व हाथ-पाँव पर बाल, यानि डील-डौल लाखों में एक और नाम था अर्जुन यादव।लेकिन बेचारा एक चीज़ से मात खाता था- उसका रँग काला था। का...
मेरी गाण्ड का उद्घाटन समारोह
मित्रों को मेरा नमस्कार। आज मैं आपको अपनी आपबीती बताने जा रहा हूँ, जब मैं पहली बार चुदा था, यह कहानी सच्ची है लेकिन इसे मजेदार बनाने के लिए मैंने थोड़ा मिर्च-मसाला मिला दिया है।
पेशाबघर
रंगबाज़आज मैं आप सबको सत्य घटना पर आधारित कहानी सुनाने जा रहा हूँ। बस इसे रोचक बनाने के लिए मैंने इसमें थोड़ा सा मिर्च-मसाला लगा दिया है।मुझे कुछ दिनों पहले पता चला कि हमारे शहर के मुख्य बस अड्डे के कोने में एक पुरुषों का शौचालय है जहाँ हमेशा समलैंग...
योगेश का लौड़ा
समस्त पाठकों मेरा नमस्कार। मैं आपके समक्ष नई कहानी लेकर फिर हाज़िर हूँ, इसे मैंने बहुत प्यार से आप सब के लिए लिखा है। इसके कहानी के सभी पात्र और घटनाएँ काल्पनिक हैं।