रंगबाज़
सत्यापित कहानीकार (Verified)@ragab
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रंगबाज़ की रचनाएं
अच्छा, चल चूस दे..
कुछ साल पहले की बात है, मैं दिल्ली में बस से महिपालपुर से कनाट प्लेस जा रहा था, समय लगभग शाम के सात बजे रहा होगा, सर्दी होने की वजह से अँधेरा जल्दी हो गया था।
काला हीरा -4
अर्जुन ने विनीत को बीस मिनट तक वैसे ही चोदा फिर वो चरम रीमा पर पहुँच गया और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा।विनीत को ऐसा लगा जैसा अर्जुन का लण्ड उसके पेट में घुस जायेगा। अब बेचारे को ज़ोर का दर्द होने लगा- अर्जुन… प्लीज़ बस… करो… आआह्ह्ह्ह…
काला हीरा -3
अर्जुन ने उसे गले लगा लिया- अगर तुम लड़की होते तो तुम्हें उठा कर ले जाता… तुम्हारा चोदन कर देता… तुम्हें इतना चोदता कि तुम मुझसे प्रेग्नेंट हो जाते… फिर तुम हमेशा के लिए मेरे हो जाते।
काला हीरा -2
अब तक ट्रेन में भीड़ कम हो गई थी, लेकिन दोनों उसी जगह, हैंडरेल का सहारा लिए, खड़े हुए बतिया रहे थे।
काला हीरा -1
एक लड़का था, हट्टा-कट्टा, लम्बा चौड़ा, लम्बाई छः फुट चार इंच, 56 इंच चौड़ी छाती, विशालकाय मांसल भुजाएँ और जाँघें, छाती, जाँघों व हाथ-पाँव पर बाल, यानि डील-डौल लाखों में एक और नाम था अर्जुन यादव।लेकिन बेचारा एक चीज़ से मात खाता था- उसका रँग काला था। का...
योगेश का लौड़ा-2
मैं एक शाम घर में बैठा-बैठा बोर हो रहा था कि मुझे योगेश का एस एम एस आया- क्या कर रहा है बे?मैंने जवाब प्रिया कि मैं घर में खाली बैठा ऊब रहा हूँ।