फ़ुलवा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@lva
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
फ़ुलवा की रचनाएं
सफ़ेद चादर
सुंदर गुलाब के फूलों वाली नई चादर पर बैठी नवविवाहिता आयुषी अपने फ़ोन में कुछ फोटो देख रही थी.
मेरे जीजू और देवर ने खेली होली-1
जीजू और देवर संग होलीमैं अपने मम्मी-पापा के साथ सोनीपत में रहती हूँ। मेरी एक बड़ी बहन माला जिसकी शादी को अभी आठ महीने ही हुए हैं दिल्ली में है। जीजू अमित का कपड़े का एक्सपोर्ट बिजनेस है।मेरा रिश्ता भी दिल्ली में तय हो चुका है और मेरे होने वाले पति...
गुलदस्ता
बाथरूम से निकलते हुए कुसुम की नजर जब रीतेश के कमरे की ओर गई तो उसने देखा कि दरवाजा आधा खुला था और मिनी अपने को किसी से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी। उसे लगा जैसे किसी चीज में उसका पाँव उलझ गया हो और वह उसे ही छुड़ा रही हो।
चाहत का इन्तज़ार
हमारे गाँव में पवन के पिताजी की करियाने की दुकान थी।वह अपने पिताजी की तरह मोटू व अकड़ू था।
मेरा फ़र्ज़, उसका फ़र्ज़
बेंगलौर स्थित महात्मा गांधी रोड हर किसी की जुबां पर रहता है। किसी खास कारणवश, यह तो पता नहीं। पर आज एक अजीब घटना घटी। मैं महात्मा गांधी रोड स्थित ब्रिगेड रोड के कोने पर खड़ा था, कुछ देर के लिए, शायद, निर्माणाधीन हमारा मेट्रो या मेट्रो रेल देखने के ...
मेरी अन्तर्वासना नहीं जाती… मैं क्या करूँ?
आप प्रकृति के विपरीत काम में लगे हैं, पहले ब्रह्मचर्य की कसमें खाते हो, फिर वासना को हटाने में लगते हो।
मौसी की देवरानी का मचलता बदन
38 साल ननकू एकदम सीधा-सादा और मेहनतकश मर्द था. वह उत्तरप्रदेश में कानपुर के एक जूते बनाने वाली फैक्ट्री में नौकरी करता था जबकि उसकी 35 बरस की बीवी मीना और बच्चे कानपुर से साथ सत्तर किलोमीटर दूर ननकू के पैतृक गांव गाजीपुरा में रहते थे. मीना के घर क...
मुम्बई की गंध
“तेल भरवा लें !” कह कर रतन ने अपनी कार जुहू बीच जाने वाली सड़क के किनारे बने पेट्रोल पंप पर रोक दी और दरवाजा खोल कर बाहर उतर गया।
नाजायज़ औलाद
आज जो कुछ भी हुआ, उसकी उम्मीद मीनाक्षी को सपने में भी नहीं थी, आज उसके विद्यालय की छुट्टी जल्दी हो गई तो उसने अपने बेटे अंकुर को भी उसके कॉलेज से छुट्टी दिला कर बाजार जाने का सोचा इसलिए वह कॉलेज के प्रिन्सीपल से अंकुर की छुट्टी स्वीकृत कराने गई कि...
काफ़ी है राह की इक ठोकर
‘नमस्कार चटर्जी बाबू, क्या चल रहा है?’ कहते कहते घोष बाबू दरवाज़ा खोल कर अन्दर आ गए।