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चुदाई की कहानी पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,272 बार

गोवा में लवर के साथ चुदाई की मस्ती

सोनाली 69

02 Jun 2021 को प्रकाशित

गोवा में लवर के साथ चुदाई की मस्ती
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Xxx वर्जिन पोर्न कहानी में पढ़ें कि मैं कॉलेज में पढ़ रही थी तो मेरा एक बॉयफ्रेंड बना. मेरी सहेलियों के भी बॉयफ्रेंड थे. सबने मिलकर गोवा जाकर सेक्स का मजा लेने की योजना बनाई.

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हाय, मेरा नाम सोनाली है और मैं गुजरात के बड़े शहर में रहती हूँ.यह मेरी पहली सेक्स कहानी है.

मेरा पहला सेक्स स्कूल में ही हो गया था और मुझे उसमें बड़ा मजा आया था.तब मेरी फिगर 32-30-34 की थी, अब बढ़ गई है.

जब मैं बारहवीं में थी, तब तक मैं सीलपैक माल थी.

बाद में मेरे ट्यूशन में एक ब्वॉयफ्रेंड बना.उसका नाम प्रिंस है और एक कॉमन फ्रेंड के जरिए हमारी दोस्ती हो गई थी.

वह अच्छा था और हैंडसम भी था.मुझे अच्छा लगता था.

हमारे बीच रोज बातें होने लगी थीं.एक दिन उसने मुझे प्रपोज किया और मैंने हां कह दिया.

उसके बाद हम दोनों पार्क में घूमने और सिनेमा देखने जाने लगे.हम और करीब आने लगे.

एक दिन सिनेमा में एक किस वाला सीन आया.उसने मुझे किस कर दिया.मुझे मजा आ गया तो मैं भी उसका साथ देने लगी.

अब हम दोनों के बीच चूमाचाटी बेरोकटोक चलने लगी थी; दोनों के मन में चुदाई की आग भड़क उठी थी.

हम दोनों ही पहली चुदाई का उत्सव कुछ स्पेशल तरीके से मनाने की सोच रहे थे.

दीवाली का त्योहार आया.उस समय छुट्टियां हुईं तो हम दोनों ने कहीं बाहर घूमने का मन बनाया.

उसी वक्त सब दोस्तों ने भी ट्रिप पर चलने का कहा.हम सबने साथ में गोवा जाने का प्लान बनाया और Xxx वर्जिन पोर्न कहानी का प्रारम्भ हुआ.मुझे भी घर से अनुमति मिल गई.

हम सभी ने रेलगाड़ी में गोवा जाने की योजना बनाई और आरक्षण आदि करके तय तारीख को हम सब निकल गए.

उधर पहले से बुक होटल में अपने अपने कमरों में चले गए.सब जी एफ और बी एफ थे तो उसी हिसाब से ही रूम बुक कराए गए थे.

रूम के अन्दर जाते ही वह मुझ पर टूट पड़ा और किस करता रहा.मैं भी प्यासी थी तो उसका साथ देने लगी.

हमारे कपड़े अपने आप ही निकल गए और मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई थी.वह भी एक जॉकी में था.

फिर उसने मेरी ब्रा निकाली और मेरा एक दूध चूसने लगा, दूसरा सहलाते हुए मसलने लगा.

मुझे खूब मजा आने लगा.मैंने भी उस की जॉकी के ऊपर से उस लंड पकड़ लिया.

बहुत बड़ा लंड था.

मैंने उसकी जॉकी निकाल दी और घुटनों के बल बैठ कर उसका लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.लंड का स्वाद बहुत टेस्टी था.

उसे भी लौड़ा चुसवाने में बड़ा मजा आया.जल्दी ही हम दोनों 69 में आ गए.

उसने मेरी पैंटी हटा दी और मेरी बुर चूसने लगा.सच में एक दूसरे के साथ बहुत मजा आने लगा था.

तभी मैंने उससे पूछा कि हम कॉन्डम लाना तो भूल ही गए हैं!उसने कहा- गोली खा लेना.मैंने कहा- ओके.

फिर हम दोनों चुसाई में लग गए.

जब मैंने उससे कहा- अब डाल दो.उसने मेरी बात मानी और मेरे पैरों के बीच में आकर अपना लंड मेरी बुर पर रख दिया.लंड को सैट करके उसने एक जोरदार धक्का मारा. मगर उसका लंड मेरी बुर से फिसल गया.

फिर उसने मेरी बुर पर बहुत सारा ऑइल लगाया और दुबारा से पेलने की कोशिश की.इस बार उसके लंड का टोपा मेरी बुर में चला गया था.

पहली बार का मामला था तो मुझे अचानक से मोटा सुपारा चुत में पाकर भारी दर्द हुआ.मैं चीखी भी लेकिन हमें कोई फर्क नहीं पड़ा था.

वह सुपारा पेल कर मुझे किस करने लगा और मेरे चूचे चूसने लगा.

फिर प्रिंस ने एक और जोर का झटका दे दिया और उसका पूरा लंड मेरी बुर को चीरता हुआ अन्दर समा गया.मुझे बहुत दर्द हुआ, पर मैंने किसी तरह से बर्दाश्त कर लिया था.

वह थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा.फिर जब मैंने अपनी गांड उठाई तो उसने झटके देना चालू कर दिया.मुझे दर्द के साथ मजा आने लगा.

कोई पंद्रह मिनट की मस्त चुदाई के बाद हम दोनों साथ में झड़ गए और लंबी लंबी सांस लेने लगे.

फिर मैंने चादर पर खून देखा.मुझे पता था कि पहली बार ऐसा होता है.

वह मुझे देख कर मुस्कुरा दिया और मैं एक बार फिर से उसकी बांहों में समा गई.

मेरा कौमार्य भंग हो चुका था.हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाए और साफ होकर बेड पर आ गए.

अब हम एक दूसरे को किस करके तैयार हुए और गोवा घूमने निकल गए.

हमारे सारे फ्रेंड्स भी बीच पर आ गए थे.सब लड़कियों ने टू-पीस बिकिनी ही पहनी थी.

हमने बहुत एंजॉय किया.फिर सबने दो दो बीयर पी और सिगरेट भी पी.मदहोशी छा गई थी.

हम सब होटल में आ गए.एक बार फिर से नहाए और डिनर करने चले गए.

सबने डिनर किया और लड़कियां अपने अपने अनुभव बताने लगीं क्योंकि सब का पहली बार का ही सेक्स था.

सबने अपने अपने बीएफ के लंड का साइज बताया और चुदाई का अनुभव साझा किया.

उसके बाद हम सब सहेलियां अपने अपने कमरों में चली गईं.उधर मैं प्रिंस के साथ फिर से चालू हो गई.

मैंने उसे एक लंबी किस की और गुत्थम गुत्था हो गए.हमारे कपड़े कब उतर गए, कुछ पता ही नहीं चला.

जल्दी ही बेड पर आकर हम दोनों 69 में आ गए.मैं प्रिंस का लौड़ा मुँह में लेकर चूसने लगी और वह मेरी चूत को मस्ती से चाट रहा था.जल्दी ही हम दोनों गर्म हो गए.

फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी फुद्दी में लौड़ा पेल दिया.मुझे दर्द हुआ लेकिन मजा भी आया.

उसने झटके देना चालू कर दिए.मुझे बड़ा मस्त लग रहा था.सच में पीछे से चुदने का मजा अलग ही होता है.

अब दर्द भी नहीं हो रहा था और चुदाई का आनन्द आ रहा था.मैं बड़े मजे से में आह आह करती हुई अपने आशिक का लंड ले रही थी.

चुत चोदने के साथ प्रिंस मेरी गांड में भी उंगली कर रहा था.एक साथ दोनों छेदों में गजब का मजा आ रहा था.मैं उस मजे को शब्दों में बयान ही नहीं कर सकती.

कुछ देर बाद हम दोनों ने फिर से पोजीशन बदली.

इस बार वह नीचे लेट गया और मैं अपनी चुत में उसका लौड़ा सैट करके उसके ऊपर चढ़ गई.लंड अन्दर घुस गया था.मैं उसके लौड़े पर कूदने लगी.

मेरे दूध हवा में फुदक रहे थे और प्रिंस उन्हें मुँह से पकड़ने की कोशिश कर रहा था.सच में बड़ा मजा आ रहा था.प्रिंस का पूरा सात इंच का लौड़ा मेरी चूत में आ जा रहा था.

लंड चुत की रगड़ से चूचियों में सुरसुरी होने लगी तो मैंने खुद ही अपने एक दूध को प्रिंस के मुँह में दे दिया.वह दूध खींच कर चूसने लगा और दूसरे को मसलता हुआ मुझे चोदने लगा.

उसकी गांड और मेरी कमर एक लय में ऊपर नीचे हो रहे थे और हम दोनों मस्त चुदाई कर रहे थे.मुझे बड़ा मजा आ रहा था.

फिर मैं बेड के कॉर्नर पर टांगें फैला कर लेट गई और उसने ऊपर आकर जोर जोर से चोदना चालू कर दिया.

इस तरह से कुछ देर के बाद उसने सारा माल मेरे मुँह में डाल दिया.मैं भी अपने आशिक का वीर्य पी गई.काफी नमकीन और टेस्टी था, बड़ा मजा आया.

थोड़ी देर लेटने के बाद बाथरूम में जाकर मैंने खुद को साफ किया और बेड पर आ गई.प्रिंस ने किस चालू कर दिया.

मैंने कहा- अब मुझे सोना है.वह मान गया और हम दोनों सो गए.

फिर दो बजे रात को अचानक से मेरी आंख खुली.वह मेरी गांड में तेल लगा कर उंगली डाल रहा था और तेल भी डाल रहा था.

मुझे भी गांड मरवानी थी तो मैंने उसे मना नहीं किया.उसने मेरे दोनों पैर अपने कंधों पर लेकर गांड में लंड पेल दिया.

तेल की चिकनाई थी तो लंड अन्दर चला गया.मुझे काफी तेज दर्द हुआ.वह थोड़ा शांत हुआ और फिर से झटके देना चालू कर दिया.

पंद्रह मिनट के बाद मेरी गांड में झटके मारता हुआ झड़ गया.झड़ कर मेरा प्रिंस मेरी बांहों में सो गया.

फिर सुबह जब मैं नौ बजे उठी तो वह नंगा लेटा था और उसका लौड़ा उठा हुआ था.

मैंने मुँह में लंड ले लिया और चूसने लगी.इससे वह भी जाग गया.

मैं उसके ऊपर चढ़ कर लौड़ा मेरी बुर में सैट कर करके झटके देने लगी और किस करने लगी.उसने भी मेरा दूध मुँह में भर लिया और चूसने लगा.मुझको अपने आशिक के साथ रंगरेलियां मनाने में बड़ा मजा आ रहा था.

फिर हम दोनों मिशनरी पोजीशन में आ गए और चुदाई होने लगी.कुछ देर बाद उसका सारा रस मेरी बुर ने पी लिया.

थोड़ी देर के बाद मैंने सिगरेट जलाई और बाथरूम में चली गई.उधर फ्रेश हुई और नहा धोकर आ गई.

मैंने आज स्कर्ट और टी-शर्ट पहनी और प्रिंस भी तैयार हो गया.उसने कैप्री और टी-शर्ट पहनी थी.

हम दोनों ब्रेकफास्ट के लिए रेडी हो गए और होटल के रेस्तरां में आ गए.उधर सारे आ गए थे अब हम लड़कियों का झुंड अलग बैठ गया था और रात की चुदाई की बातें चालू हो गई थीं कि कौन ने रात को ज्यादा बार चुदाई की.

मैंने तीन बार का बताया, स्वाति ने चार, धारा ने दो और कुसुम ने तीन बार सेक्स होने का बताया.

मेरा ब्वॉयफ्रेंड का नाम प्रिंस, स्वाति के ब्वॉयफ्रेंड का नाम महेश, धारा के ब्वॉयफ्रेंड का नाम हिरेन और कुसुम के ब्वॉयफ्रेंड का नाम राहुल था.

फिर स्वाति ने बताया कि महेश का लौड़ा सात इंच का है, पर मोटा बहुत है.

धारा ने बताया कि हिरेन का लौड़ा 6 इंच का है.कुसुम ने बताया कि राहुल का लौड़ा भी 8 इंच का है और वह तीन इंच मोटा है … बहुत मजा देता है.

ब्रेकफास्ट खत्म करके हम फिर से गोवा घूमने चले गए.

फिर शाम को बीच पर सबने बीयर पी और सब अपने अपने कमरे में जाकर फ्रेश हो कर डिनर के लिए आ गए.

बियर का नशा तेज होने पर सबके मन में नया लौड़ा और नई चूत लेने की इच्छा बलवती होने लगी थी.सबके मन में साथी बदलने की इच्छा थी.

सब डिनर करके स्वाति के रूम में मिले.सबने आपस में डिस्कस किया कि कौन किसके साथ जाएगा.

सबको ही छेद बदलने का मजा चाहिए था.कुछ तय नहीं हो पा रहा था.

फिर ये डिसाइड हुआ कि ताश खेलते हैं और जो जीतेगा, वही डिसाइड करेगा.सबको यही ठीक लगा.

लड़कों ने ताश खेलना चालू किया.पहले प्रिंस जीता तो उसने स्वाति को चुना.फिर हिरेन जीता तो उसने कुसुम को चुना.

अब मैं और धारा ही बाकी थे.फिर राहुल जीता तो उसने मुझे चुना और लास्ट में धारा और हिरेन बचे थे तो वे दोनों एक हो गए.

सब लड़कियां अपने साथी को लेकर कमरों में चली गईं.

मैंने राहुल से कहा- मुझे बीयर पीनी है.हम दोनों बीयर लेकर रूम में आ गए.

मैंने कहा- मैं चेंज करके आती हूँ.मैं बाथरूम में जाकर नहाई और सेक्सी सी लॉंग टी-शर्ट पहन ली.

मैंने उसके अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी और शर्ट लंबी थी तो नीचे पैंटी भी नहीं पहनी थी.

मैं कमरे में आ गई और हम दोनों ने बीयर पीना शुरू कर दिया.साथ में मैंने सिगरेट भी जला ली.

हम दोनों ने बारी बारी से कश लगाए और बीयर पीते गए, एक दूसरे को छेड़ते रहे.

जल्दी ही एक बीयर खत्म हो गई.फिर हम एक दूसरे को किस कर रहे थे और उसने मेरी शर्ट उतार दी.

मैंने उसका लोअर उतार दिया.बाप रे कितना बड़ा लौड़ा … मैं तो देखती ही रह गई.

मैंने उसका मूसल हाथ से हिलाना चालू कर दिया.हम दोनों बेड पर 69 में आ गए.

वह मेरी चूत चाट रहा था और मैं उसका मोटा लौड़ा चूस रही थी.

सच में उसका डंडा बड़ी मुश्किल से मेरे मुँह में जा पा रहा था.उसने जोर लगा दिया तो लंड गले तक आने लगा था.

मुझे कुछ ही देर में लंबा लौड़ा चूसने में मजा आने लगा था.

मेरी चूत पानी छोड़ रही थी.मैंने उसको सीधा किया और अपने नीचे गिरा कर मैं उसके ऊपर चढ़ गई.

मैं उसे अपने दोनों दूध बारी बारी से चुसाने लगी और गर्म हो गई.

फिर मैं उसका लौड़ा अपनी चूत में घुसाने लगी और धीरे धीरे उसके लौड़े पर बैठ रही थी.मुझे थोड़ा दर्द भी हो रहा था, पर बीयर के नशे में सब होता जा रहा था.उसी वजह से दर्द भी कम महसूस हुआ.

बाद में पूरा लंड लेकर बैठने में बड़ा मजा आया.

मैं अब उसके लौड़े पर कूदने लगी और अपने मुँह से कामुक आवाजें करती रही.कुछ देर बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया और पीछे से मेरी चूत में लौड़ा डाल दिया.

हम दोनों जोर जोर से सेक्स करने लगे.मैं भी आह आह करके अपने ठोकू से चुदवाती रही.

उसने मेरी चूत में पानी डाल कर मेरी चूत भर दी और लेट गया.उसका लौड़ा मेरी चूत में ही घुसा हुआ था.

सच में मर्द के नीचे पिस जाने में जो सुख है, वह कहीं नहीं है.

दस मिनट बाद हम दोनों उठ कर बाथरूम में जाकर फ्रेश हुए और थोड़ी देर बाद हम दूसरी बीयर पीने लगे.

बीयर खत्म करके हम बालकनी में खड़े होकर बातें कर रहे थे और किस कर रहे थे.वहां हम नंगे ही थे. अंधेरा था तो किसी को दिख नहीं सकते थे.

मैंने देखा कि सामने वाले रूम में एक नीग्रो किसी इंडियन लड़की तो चोद रहा था.

तो हम भी वहीं चालू हो गए.मैं उसका लंड चूसने लगी.

लंड टाइट होने के बाद मैं बाल्कनी की जाली पकड़ कर झुक गई और राहुल ने पीछे से लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया.हम दोनों खुले में सेक्स करने लगे. ये हमारा पहला अनुभव था तो बड़ा मजा आ रहा था.

हम दोनों सामने वाले नीग्रो को भी देख रहे थे और अपने सेक्स को भी कर रहे थे.मेरी आवाज भी गूंज रही थी.

उसने स्पीड तेज कर दी और मेरी चूत में ही झड़ गया.तभी मैंने उस नीग्रो का लौड़ा देखा; बहुत बड़ा और मोटा था.मुझे कहीं न कहीं अफ्रीकन लंड से चुदने की इच्छा होने लगी.

हम दोनों बेड पर आकर नंगे ही सो गए.

आधी रात को फिर से एक और राउन्ड मारा और उसने मुझे अपना पानी पिलाया.उसका पानी भी बहुत टेस्टी था. मुझे बड़ा मजा आया.

सुबह जब मैं उठी, तब उसका लौड़ा मेरी गांड पर था और वह सो रहा था.

मैंने सुबह सिगरेट जलाई और बाथरूम में जाकर फ्रेश हुई.

वापस बेड पर आते ही मुझसे रहा न गया.मैंने उसके लौड़े को मुँह में ले लिया और चूसने लगी.

वह जाग गया और उसने मुझे नीचे लेटा दिया, लौड़ा पेल कर वह मुझे जोर जोर से चोदने लगा.

मैं सुबह सुबह उसका पानी पी गई और एक सिगरेट जला कर उसका लंड चूस कर साफ करने लगी.

बाद में हम दोनों साथ में नहाए और मस्ती करने लगे.

मैंने उससे पूछा- मेरे साथ ज्यादा मजा आता है कि कुसुम के साथ?वह बोला- यार तुम तो बहुत हॉट हो. तुम्हारे साथ बहुत मजा आया.

मैं मुस्कुरा दी.

अब हम दोनों रेडी होके ब्रेकफास्ट करके निकल पड़े, गोवा में घूमने लगे.

मैं सोचने लगी कि पता नहीं आज रात को कौन सा लौड़ा मुझे चोदने वाला है.

अब हमारे पास गोवा में एक ही दिन बाकी था, फिर हम अपने अपने घर निकलने वाले थे.

मेरे मन में था कि आज रात में मुझे एक साथ दोनों के लौड़े लेने थे और उसका प्लान बनाना था.

वह सब कैसे हुआ … जब मैंने प्रिंस और राहुल का लौड़ा एक साथ अपनी चूत और गांड में लिया.

मैं अगली सेक्स कहानी में बताऊंगी कि मैंने और स्वाति नेएक साथ दो लंडकैसे लिए.अगली कहानी आपके सहयोग से ही लिखूँगी. हमने गोवा में और क्या क्या किया, वह सब लिखूँगी.

क्या वह नीग्रो भी मेरी चुत के नसीब में था. मेरे और प्रिंस के सेक्स के अलावा और कौन कौन था, जिसने मेरी चुत चुदाई का मजा लिया.हमने बहुत कुछ किया और उसमें सब को बहुत मजा आया. वह सब आपको अगली सेक्स कहानी में लिखूँगी.

मुझे आपका प्यार चाहिए. यह Xxx वर्जिन पोर्न कहानी कैसी लगी आपको, प्लीज मेल करते रहनाsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

समीर चंडीगढ़

6 days ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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