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स्कूल में लड़के का लड़कियों ने किया गैंगबैंग

प्रिंस 30

09 Apr 2017 को प्रकाशित

स्कूल में लड़के का लड़कियों ने किया गैंगबैंग
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Xxx स्कूल स्टूडेंट्स सेक्स कहानी में एक लड़के ने दो जवान लड़कियों को आपस में लेस्बो करती देख लिया. लड़के को मौक़ा मिल गया तो लडकियां भी ख़ुशी ख़ुशी उससे चुद गयी.

दोस्तो, कैसे हैं आप सब लोग!उम्मीद करता हूँ कि ठीक ही होंगे.

मेरा नाम प्रिंस (बदला हुआ नाम) है.

मैंने अभी हाल ही में ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स कंप्लीट किया है और इसके पहले 2019 में मैं CCC का कोर्स भी पूरा कर चुका हूँ.खैर … ये तो हुई मेरी बात.

अब मैं Xxx स्कूल स्टूडेंट्स सेक्स कहानी पर आता हूँ.

यह बात उन दिनों की है जब मैं 19 साल का था और स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ता था.मेरी क्लास में गिनती की बस 4 ही लड़कियां थीं जो मेरी हमउम्र थी.

उन दिनों बारिश का मौसम था और बारिश की वजह से पूरे स्कूल में गिनती के बस 5-6 ही छात्र आए थे क्योंकि बारिश बहुत तेज हो रही थी.

हमारी क्लास ऊपर की फ्लोर पर लगती थी.उस दिन मेरी क्लास में बस दो ही लड़कियां थीं.

जब मैं क्लास में गया तो वे दोनों मुझे देख कर चौंक गईं और थोड़ी सी डर भी गई थीं क्योंकि उस वक्त वे दोनों एक दूसरे को फ्रेंच किस कर रही थीं.

इधर मैं उन दोनों लड़कियों के नाम बताना चाहूँगा.उन दोनों के बदले हुए नाम अंशु और सौम्या थे.

सूनी क्लास में वे दोनों बैठ कर एक दूसरे की टांगों में टांगें डालकर बैठी हुई थीं और होंठों से होंठों को जोड़ कर फ्रेंच किस कर रही थीं.

पहले तो मैं भी उन्हें इस पोजीशन में देख कर थोड़ा डर गया और यह सोच कर कुछ ज्यादा ही भयभीत हो गया कि कहीं वे दोनों चिल्ला ना दें.लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

पहले तो मैंने खुद को संभाला और पूछा- तुम दोनों अभी यह क्या कर रही थीं? बोलो क्या टीचर को बताऊं?वे दोनों और ज्यादा डर गईं और दोनों ही एक दूसरे से अलग होकर मुझसे रिक्वेस्ट करने लगीं- प्लीज किसी को कुछ मत बताना, तुम जो बोलोगे … वह हम दोनों करने के लिए तैयार हैं. बस प्लीज इस बारे में किसी से कुछ मत कहना!

तभी मेरे दिमाग में घंटी बजी कि यह तो मेरे लिए सुनहरा मौका हाथ आ गया है.मैंने उनसे कहा- ठीक है अगर ऐसा है तो फिर जो अभी तुम दोनों कर रही थीं, वह तुम मेरे साथ भी करो. हम तीनों मिलकर एंजॉय करते हैं … यूँ अकेले-अकेले करने में क्या मज़ा!

पहले तो वे दोनों नखरे करने लगीं लेकिन बाद में वे दोनों भी मान गईं क्योंकि उनकी बुर में भी चुल्ल उठ रही थी.

अब तक आप लोग समझ ही गए होंगे कि मैंने इस मौके का पूरा फायदा उठाया.

वह एक सरकारी स्कूल था, जिसमें मैं पढ़ता था.सरकारी स्कूलों का हाल तो आप सब जानते ही हैं.

उस दिन बारिश के कारण ज़्यादातर टीचर्स छुट्टी पर थीं.चौथे पीरियड के बाद हमारा लंच होता था.

मज़े की बात तो यह थी दोस्तो … कि चारों पीरियड्स हमारे खाली ही गुजरे.ऊपर से हम सब स्कूल भी कुछ जल्दी ही आ गए थे.

कहानी का सबसे मजेदार हिस्सा अब शुरू हुआ.

पहले अंशु मुझे लिप किस करने लगी और सौम्या पीछे से मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाने लगी थी.

मैं शर्ट के ऊपर से ही अंशु के बूब्स को सहलाने में लगा था.करीब 10 मिनट तक किस करने के बाद सौम्या ने मेरी पैंट की जिप खोल दी और लंड बाहर निकाल कर उसकी मुठ मारना शुरू कर दी.

थोड़ी देर के बाद अंशु ने घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और वह मुझे एक अच्छा सा ब्लोजॉब देने लगी थी.इस सबके बीच हम लोग क्लास के गेट की तरफ भी देख रहे थे ताकि कोई आकर हमें देख ना ले.

क्या बताऊं दोस्तो, जितना मज़ा हमें उस समय आ रहा था, उतना ही हमें डर भी लग रहा था.लेकिन खुशकिस्मती से हमें किसी ने भी नहीं देखा क्योंकि बारिश ही इतनी तेज हो रही थी.कोई भी टीचर स्कूल में नहीं आ पाई थी.एक दो जो आई भी थीं, वे स्टाफ रूम में नीचे ही रह गई थीं.

जहां हमारी क्लास लगती थी, वहां खुली छत से होकर आना पड़ता था तो ऊपर आने से वे टीचर्स भीगने के कारण आना ही नहीं चाहती थीं और शायद उन्हें यह भी लगा था कि आज स्कूल में कोई छात्र नहीं आया है, तो ऊपर क्यों जाना!

इधर हम तीनों ऐसे ही लंच तक सेक्स का मजा लेते रहे.हालांकि हम तीनों पूरे नंगे नहीं हुए थे.बस मैंने अपनी पैंट थोड़ी सी नीचे कर रखी थी और अंशु और सौम्या ने स्कर्ट के नीचे से अपनी-अपनी पैंटी नीचे कर खिसका रखी थीं.

लगभग एक घंटा तक मजा करने के बाद मैं अंशु के मुँह में ही झड़ गया और हम सब कुछ देर के लिए रुक गए.लंड वापस खड़ा होने के बाद सौम्या ने भी मेरा लंड चूसा और उसने भी मेरे लौड़े के रस को पिया.

उसके बाद मैंने बारी बारी से दोनों की चूत चूसीं और उन दोनों का माल पिया.

इधर मैं एक बात तो बताना भूल ही गया कि वे दोनों वर्जिन नहीं थीं क्योंकि उन दोनों की चूत थोड़ी ढीली सी थी.उस वक्त तक स्कूल में किसी को नहीं पता था कि ऊपर की क्लास में भी कोई है क्योंकि लंच में हम तीनों मतलब मैं, अंशु और सौम्या अपने-अपने बैग लेकर टॉयलेट में चले गए थे.

अब आप लोग ये सोच रहे होंगे कि मैं तो एक लड़का हूँ तो फिर मैं गर्ल्स टॉयलेट में कैसे गया?दरअसल बात ये है कि लड़कों के टॉयलेट के नाम पर बस एक नाली और पीछे की तरफ एक दीवार है, जो कि चारों तरफ से खुली हुई हैं. उन्हें लेट्रिन के लिए गर्ल्स टॉयलेट में ही जाना पड़ता है.इसी बात का मैंने फायदा उठाया कि मुझसे कोई पूछता कि तुम गर्ल्स वाले टॉयलेट में क्या कर रहे थे तो मैं कह सकता था कि मुझे लेट्रिन आई हुई थी … इसलिए मैं इधर आया हुआ था.

लड़कियां अपनी समस्या खुद बतातीं कि वे क्यों टॉयलेट आई हुई थीं.

छुट्टी तक हम तीनों टॉयलेट के अन्दर ही रहे और वहीं पर थ्री-सम मजा करते रहे.टॉयलेट में अन्दर कुल छह केबिन बने थे.हम तीनों आखिरी वाले में थे.

अब हम तीनों ने अपने अपने कपड़े उतार कर अपने अपने बैग में डाल लिए थे और तीनों एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे हो गए थे.

उन दोनों को नंगी देखकर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था.

मेरा तना हुआ लंड देख कर अंशु मुझसे कहने लगी- अरे प्रिन्स ये क्या? तुम्हारा लंड तो फिर से खड़ा हो गया?मैं- तो फिर तुम इसे फिर से शांत कर दो!अंशु- अच्छा जी ऐसी बात है … तो अभी लो!

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अंशु नीचे बैठकर मेरा लंड चूसने लगी और सौम्या खड़ी होकर मुझे लिप किस करने लगी.साथ ही मैं उसके बूब्स भी दबाने लगा.

सौम्या के दूध अंशु के चूचों से थोड़े ज्यादा कड़क थे और उसके निप्पल हल्के भूरे रंग के थे.जबकि अंशु के दूध बड़े थे और उसके मम्मों की तो मैं क्या ही बात करूँ यार … साली चूचों से लंडखोर लग रही थी.

उसके चूचे एकदम रूई की तरह मुलायम और निप्पल गुलाबी रंग के थे.मैं बारी बारी से उन दोनों की चूचियों को चूस रहा था, दबा रहा था.

थोड़ी देर के बाद मैंने अंशु की चूत में अपना लंड घुसेड़ प्रिया और जम कर उसकी चुदाई की.Xxx स्कूल स्टूडेंट्स सेक्स करीब आधा घंटा तक करने के बाद मुझे नहीं पता कि मैं कब उसकी चूत में ही झड़ गया.

मैं बहुत ज़्यादा डर गया था कि कहीं वह प्रेग्नेंट ना हो जाए लेकिन कुतिया के पास सब इंतजाम था.बहन की लौड़ी के पास गर्भनिरोधक गोलियां भी थीं.यह देख कर मैं चौंक गया.

मैंने उससे पूछा कि इन गोलियों का तुम्हारे पास क्या काम?तो उसने मुझे बताया कि उसका एक ब्वॉयफ्रेंड है, उसी ने उसकी चूत की सील तोड़ी थी.उसी ने बताया कि सौम्या की चूत भी उसके ब्वॉयफ्रेंड ने ही फाड़ी थी.

हालांकि सौम्या अब तक सिर्फ तीन बार ही चुदी थी.जबकि अंशु की चुत ने अपने चोदू का लंड बीसियों बार लिया था.

उसकी हरकतों से साफ समझ आ रहा था कि शायद उसने एक से ज्यादा लंड लीले थे.मुझे लगा कि उसकी तो गांड भी चालू थी.

इसके बाद मैं बिना डरे स्कूल की छुट्टी होने तक उन दोनों की चूत और गांड मारता रहा.हम लोग छुट्टी होने के एक घंटे के बाद वहां से निकले ताकि कोई हमें देख ना ले.

सरकारी स्कूल से बाहर निकलने के लिए कई रास्ते थे, जिससे अंशु वाकिफ थी.शायद उसने स्कूल की बिल्डिंग में ही अपनी बुर को चूत में कन्वर्ट करवाया था.

अब जब भी हमें मौका मिलता, हम रोज चूत चुदाई वाला खेल खेल लेते और एक दूसरे को पूरा मज़ा देते.हमारा लंच ब्रेक का पूरा आधा घंटा टॉयलेट में चुदाई करते हुए ही निकलता था.

एक दिन सक्सेना मैडम ने मुझे गर्ल्स टॉयलेट में जाते हुए देख लिया.

पूछने पर मैंने बहाना बनाया कि मेरा पेट खराब है और बाय्स टॉयलेट के नाम पर यह खुला मैदान है. इसीलिए मुझे अन्दर जाने दो!

सच पूछो तो मुझे डर लग रहा था कि कहीं मेरा मेडिकल टेस्ट ना करवा प्रिया जाए.लेकिन यह सब सरकारी स्कूलों में होना संभव नहीं था तो मेरे साथ ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

मैं अंशु और सौम्या के साथ सेक्स वाली मस्ती करता रहा.उस स्कूल में मैं दो साल तक पढ़ा और ये तीनों साल सेक्स भरी मस्ती करते-करते गुजरे.

फिर एक दिन स्कूल छोड़ने का समय आ गया.उस दिन हमारी फेयरवेल पार्टी थी.वह दिन उस स्कूल में हमारा आखिरी दिन था.

उस दिन सुबह 8 बजे हमारा प्रोग्राम शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे तक चला.

समारोह के दौरान अंशु ने मुझे बताया कि उसके पेरेंट्स कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए हैं और उसने मुझे अपने घर आने के लिए भी कहा.

मैं स्कूल के बाद अंशु के साथ उसके घर आ गया.वहां जाकर मैंने देखा कि वहां पर सौम्या भी आई हुई थी.

उनके साथ अंशु और सौम्या की 6 सहेलियां और थीं.वहां कुल मिलकर आठ लड़कियां थीं.

मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा था.

तब सौम्या ने मुझे बताया कि ये सब भी तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हैं.उस दिन मेरा जन्मदिन भी था.

अंशु ने मुझे बताया कि ये मेरा जन्मदिन का तोहफा बन कर आई हैं.उस दिन मैंने उन आठों लड़कियों को एक एक करके चोदा.

मैंने अपने घर पर फोन करके कह प्रिया था कि मुझे घर आने में देरी हो जाएगी.अंशु के पास गर्भ निरोधक और कामोत्तेजक दवाओं का भंडार रहता था. कुतिया ने मुझे एक साथ दो दो गोलियां खिला कर सबके साथ चुदाई के लिए कड़क लंड वाला बनाए रखा.

उन सबको चोदने के बाद हम बाथरूम में एक साथ नहाने के लिए चले गए.

अंशु के घर में बाथटब था.पता नहीं उन लड़कियों को क्या सूझा, उन्होंने मुझे चारों तरफ से घेर लिया और मेरे सामने अपनी-अपनी चूत में उंगलियां करने लगीं.मैंने उनसे कहा- अब बस, अब मैं और नहीं कर पाऊंगा!

तभी अंशु एक और गोली लेकर आई और उसने मुझे उसे खाने के लिए बोला.उसे खाते ही पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैं एकदम से गामा पहलवान सा उत्तेजित हो गया.

मैंने फिर से उन लड़कियों की चूत में उंगली करना शुरू कर प्रिया और उनकी चुत की मुठ मारता हुआ उनकी चूत चाटने लगा.

एक घंटा के बाद वे सब एक-एक करके मेरे ऊपर झड़ गईं.उन्होंने मुझे पूरी तरह से अपने माल से ऐसे लथपथ कर प्रिया मानो जैसे मैं दूध से भरे हुए बाथटब में सर से लेकर पांव तक पूरा डूब गया हूँ.

थोड़ी देर के बाद मैं भी झड़ गया और उन लड़कियों ने मुझे चाट चाट कर साफ कर प्रिया.अब हम सबने नहाकर अपने-अपने कपड़े पहने और एक-एक फ्रेंच किस करने के बाद अपने घर चले गए.

हम सबके जाने के बाद अंशु ने अपने ब्वॉयफ्रेंड को अपने घर बुलाया और वे दोनों दो दिन तक नंगे रह कर चुदाई करते रहे, जब तक कि अंशु के पेरेंट्स के आने का फोन नहीं आ गया.

आगे आप सब को पता हैं कि उन दोनों ने 2 दिनों तक लगातार किस तरह से सेक्स किया किया होगा.

दोस्तो, आपको मेरी यह Xxx स्कूल स्टूडेंट्स सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे जरूर बताएं.आप मुझे मेरी मेल आईडी पर मेल कर सकते हैंsupport@mohakkisse.comधन्यवाद.

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Hello dosto, Mai Rahul. Aaj Mai meri kahani “Mummy ki chut aur padosi ka lund” ka agla part leke aa gaya hu, aap sabhi ki request par. Jinhone meri story ke pichle parts nahi padhe, wo pehle parts padh kar ise padhe, taaki aapko theek se maza aaye.

16 मिनट 800

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अक्षत भाभी लवर

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

राहुल वर्मा कानपुर

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

प्रशान्त बावला

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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