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पड़ोसी पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,140 बार

कोरोना वाली भाभी की चूत गांड चोद दी

धीर सुथार

13 Oct 2019 को प्रकाशित

कोरोना वाली भाभी की चूत गांड चोद दी
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Xxx पंजाबी भाभी सेक्स कहानी मेरे सोसाइटी में रहने वाली सेक्सी भाभी की है. उन्हें कोरोना हो गया तो सबने उनसे नाता तोड़ लिया. ऐसे में मैं उनके घर गया.

मेरा नाम धीर है. मेरी आयु 21 साल है.

मेरी सोसाइटी में बहुत सेक्सी सेक्सी भाभियां और 18-20 साल की हॉट लड़कियां रहती हैं.

आज की Xxx पंजाबी भाभी सेक्स कहानी हमारे पड़ोस में रहने वाली भाभी की है, जो कोरोना पॉजिटिव हो गई थीं.उन्हें इस दौरान अपने पति का स्पर्श न मिल पाने से बहुत आग लगी हुई थी और उनकी चूत लंड की भूखी हो गई थी.

कुछ दिन पहले हमारे परिवार का उनसे झगड़ा हो गया था.फिर थोड़े दिन के बाद वो कोरोना पॉजिटिव निकलीं.

भाभी को ये मालूम होते हुए भी कि वो कोरोना पॉजिटिव हैं, तब भी वो अपना घर का दरवाजा खुला रखती थीं.हम लोगों ने भाभी से बहुत कहा, पर वो मानी ही नहीं.

थोड़े दिन ऐसे ही चलता रहा.सब चुप थे क्योंकि सबको कोरोना से डर लग रहा था.

हालांकि मुझे भी कोरोना का इन्फेक्शन हो चुका था लेकिन बहुत हल्का था, मैं ठीक हो गया था.अब मुझे कोरोना से डर नहीं लगता था.

एक दिन में दूध लेने के लिए नीचे जा रहा था.उस दिन भी भाभी का दरवाजा खुला था.मैंने देखा कि वो दरवाजा खुला रख कर अन्दर किचन में कुछ काम कर रही थीं.

मैंने हिम्मत करते हुए वहां अन्दर जाने की कोशिश की.

वहां जाकर मैंने दूर से भाभी से पूछा- क्या हुआ भाभी … अब आपकी तबियत तो ठीक है न?उन्होंने रूखे स्वर में कहा- तुम अपना काम करो, मैं ठीक हूँ.

मुझे गुस्सा आया.मैं कुछ सोचे समझे बिना उनके नजदीक चला गया.

मैंने उनका गला पकड़ लिया और कहा- क्या भड़वी, मैं तो सिर्फ इसलिए देखने के लिए आया था कि तू मर तो नहीं रही है, वरना मुझे क्या!

भाभी एकदम से रोने लगीं.उन्होंने कहा- धीर, मैं बहुत दुखी हूं. मेरे घर में कोरोना के वजह से कोई आता ही नहीं है. मेरे घर में टीवी भी नहीं है, जिससे मैं अपना मन बहला सकूँ. मेरा पति कोरोना की वजह से पूरा दिन और रात को मुझे छूता भी नहीं है. मुझे चुदाई भी नहीं मिल पाती है. मुझे पूरा दिन ऐसे ही रहना पड़ता है. मेरे बच्चों को भी मेरे मायके भेज प्रिया गया है. मेरा टाइम पास ही नहीं हो पाता, इसलिए मैं दरवाजा खुला ही रखती हूं.

मुझे भाभी पर दया आ गयी.मैं उन्हें सहलाने लगा.

मैं उन्हें उनके बेडरूम में ले गया और कहा- भाभी, आप चिंता मत करो, मैं कैसे भी करके आपका दिल बहलाने आ जाया करूंगा. मेरी मम्मी मुझे रोकेंगी भी तब भी मैं उनसे कोई न कोई बहाना करके आपके आ जाया करूंगा.भाभी खुश हो गईं.

वो बोलीं- डॉक्टर ने तक कह प्रिया है कि मैं बिल्कुल ठीक हो गई हूँ. टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है … मगर सभी से दूर ही रहना, क्योंकि कोरोना की पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है कि ये कैसे घात करता है.

ये बात सुनकर मैंने उसी वक्त सब कुछ भूल कर भाभी को किस किया और उनकी गांड पर थपकी देने लगा.

बस मैंने उस दिन इतना ही किया क्योंकि भाभी कोरोना पॉजिटिव थीं.

मैंने तुरंत घर जाकर भाम्प ली और काढ़ा पिया.

दूसरे दिन मैं वहां फिर से गया.अब मैं भाभी के जिस्म पर किस कर देता था और उनके बूब्स चूस लेता था. भाभी इतने से बहुत खुश हो जाती थीं.

भाभी कहती थीं- तुम इतना ही क्यों करते हो … आगे भी बढ़ो न!मगर मैं उन्हें सिर्फ गर्म करके वापस आ जाता था.

भाभी एक दिन नहाने जा रही थीं और मैं वहां चला गया.

मैंने दरवाजा बन्द किया और अन्दर गया, तो मैंने देखा कि भाभी सिर्फ टॉवल में थीं और उनके आधे दूध दिख रहे थे.

मैं उनके पास आ गया. उनकी टॉवल की ओर देखने लगा.मेरा मन अभी के अभी उनके मम्मों को जोर से दबा कर सारा दूध निकालने की इच्छा होने लगी थी.

मैंने भाभी से पूछा कि आप तो बहुत सुंदर हो, तो आप ऐसे बिना सजधज के क्यों रहती हो?भाभी ने उत्तर प्रिया- किसके लिए सजना. साले पति का लंड छोटा है और वो आकर्षक भी नहीं है. उसकी झांट के बाल भी उसके लंड से बड़े हैं.

अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने कहा- आप बुरा न माने तो मैं एक चीज करना चाहूंगा. यदि आपकी इजाजत हो तो.भाभी ने कहा- ठीक है. मैं खुद इसी दिन का इंतजार कर रही थी. मैंने इसी के इंतजार में अपनी चूत में गाजर, बेलन भी नहीं डाला.

मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और बाथरूम में ले गया. उधर शॉवर चालू किया.वो पूरी भीग गईं और टॉवल भी गिर गया.

आह क्या मस्त नजारा था.

मैंने उन्हें नीचे बैठा प्रिया और अपना औजार बाहर निकाला.मेरा लंड देख कर भाभी की आंखें फटी की फटी रह गईं.

वो बिना कुछ किए शांत रहीं और उन्होंने कुछ नहीं किया.

मैंने उनका मुँह पकड़ा और मुँह में लंड अन्दर डाल प्रिया.वो जोर जोर से लंड चूसने लगीं.

उन्हें लंड चूसते देख कर ऐसा लगा रहा था कि जाने कब से लंड की भूखी थीं.भाभी ने मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया था और गले तक लेती हुई मुझे लंड चुसाई का मजा दे रही थीं.

मैं धीरे धीरे नीचे बैठने लगा क्योंकि मुझे बहुत आराम मिल रहा था.

वो मजे से लंड चूसतीं रही. कभी कभी मेरे टट्टे भी सहला देतीं और चूस लेतीं.

इस तरह से 20 मिनट बाद हम दोनों ने 69 की पोजीशन ले ली.

भाभी की चूत बहुत कसी हुई थी जबकि एक बच्चा भी हो गया था.इसके बाद भी भाभी मस्त माल थीं.

उनके चुचे भी तने हुए थे. मैंने उनको चूस कर और कड़क कर दिए.

अब मैंने भाभी को पीछे घुमाया और झट से अपना लंड उनकी गीली गांड में पेल प्रिया.वो चिल्लाती रहीं और मैं लंड पेलता रहा.

उन्हें मैंने पूरा छू लिया था.उनके मम्मे, गांड, उसका मुँह, सबमें झंडा गाड़ प्रिया था.मेरा मन कह रहा था कि मां की चूत कोरोना की, साले से निपट लेंगे.

बाथरूम में शॉवर चल रहा था और हम भीगते हुए में चुदाई में मस्त थे.

भाभी की गांड तो मानो जन्नत की हूर की गांड हो, ऐसे मजा दे रही थी.

कुछ देर बाद हम दोनों ने चुदाई पूरी की और लंड चूत झाड़ कर नहाने लगे.

थोड़े दिन बाद भाभी कोरोना से मुक्त होकर सामान्य जीवन के ढर्रे पर आ गईं.फिर जिस दिन उनका पति काम पर गया था, तब मैं उनके घर गया.

उस दिन भाभी का एक अलग ही जलवा था. एकदम हॉट माल के जैसी सजी हुई थीं.मेरे अन्दर आते ही वो मेरे नजदीक आईं और उन्होंने सीधे मेरा लंड पकड़ लिया.

मैंने उनके बूब्स पकड़ लिए.

अब तो मैं भी उनके साथ एकदम कड़क होकर उन्हें मसलने लगा था.

मैंने उन्हें एक झटके में पीछे घुमा प्रिया और उनके मुँह को पकड़ कर किस करने लगा.वो मेरे होंठों से होंठ लगाकर मेरा साथ देने लगीं तो मैं उनकी गांड को सहलाने लगा.

एक हाथ से भाभी की चूत को हाथ से मसलने लगा.मेरे तीन तरफा हमले से भाभी एकदम से सिहर गईं और चिल्लाने लगीं.

मैंने उनकी चिल्लपौं को नजरअंदाज किया और उनके साथ मस्ती करता चला गया.मैं भाभी की गांड की ऐसी तैसी करने लगा.

कुछ देर बाद भाभी चुदने के लिए मचलने लगीं.मैंने कहा- इतनी जल्दी क्या है भाभी … अभी पूरा मजा ले लो.वो कहने लगीं- हां आज मुझे पूरा मजा ही लेना है.

मैं किचन में गया और बेलन लेकर आ गया.वो बेलन देख कर समझ गईं और शर्माने लगीं.

वो मेरे साथ जौंक सी चिपकी हुई थीं.

मैंने भाभी के मम्मों को नंगा किया और एक दूध को पकड़ कर चूसने लगा.वो मदमस्त होने लगीं.

मैंने उनके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसना चालू कर प्रिया और चूस चूस कर लाल कर दिए.

भाभी बोलीं- ये बेलन किस लिए लाया था?तो मैंने बेलन उठाया और उसकी मूठ भाभी की गांड में डालने लगा.

वो एकदम से कराह उठीं. मैं गांड में जोर जोर से बेलन डालने और निकालने लगा.वो खूब चिल्ला रही थीं.

मैंने भाभी की चूत पर अपने लंड को रगड़ने लगा.

उन्होंने कहा- ऐसे मत तड़पाओ … सीधा डाल दो न!मैंने कहा- मुझे मेरी तरह से मजे लेने दो. तुम चुदुर चुदुर मत करो. तुम तो बस मजा लो.

भाभी ने भी सर हिला कर सहमति दे दी. वो बोलीं- बस आज तुम मुझे फाड़ दो … मेरी चूत गांड की मां चोद दो.मैंने कहा- तो आ जाओ भाभी, अब आपकी चूत का भोसड़ा बना देता हूँ.

भाभी बोलीं- पहले लंड तो पेलो … बिना लंड पेले मेरी चूत का भोसड़ा क्या बातें चोद कर ही बनाओगे?मैंने कहा- साली रंडी, अभी तुझे मजा चखाता हूँ. चल आ … इस पट्टी पर हाथ टिका ले और चूत खोल दे.

भाभी लपक कर बेड की पट्टी पर हाथ लगा कर घोड़ी बन गईं और अपनी टांगें फैला दीं. मैंने चूत की फांक में लंड का सुपारा रगड़ा और एक झटके में पेल प्रिया.

मेरा मोटा लंड भाभी की गीली चूत में घुसता चला गया.भाभी एकदम से लंड का हमला सहन नहीं कर सकीं और चिल्लाने लगीं- आंह मर गई भोसड़ी के मां चोद दी … साले हरामी लंड बाहर निकाल!

उन्होंने मुझसे छूटने का प्रयास शुरू कर प्रिया. मगर मैं भी पूरी ताकत से भाभी की कमर पकड़े हुए था.

मैंने भाभी की परवाह किए बिना उन्हें पेलना जारी रखा.

भाभी खूब चिल्लाईं और रोती रहीं. मगर मुझ पर मानो भूत सवार हो गया था.मैं उन्हें धकापेल चोदता गया चोदता गया … एक पल के लिए भी नहीं रुका.

कुछ देर बाद भाभी की चूत में तरावट आ गई और उन्हें मेरे लंड से लज्जत मिलने लगी.अब वो चीखने की जगह मजा लेने लगी थीं. उनकी मदमस्त आवाजों से किचन में तरन्नुम आने लगी थी.

भाभी को उस दिन मेरे लंड से चुदवाने में बहुत मजा आया.वो मेरी चुदाई से दो बार झड़ गई थीं और पूरी तरह संतुष्ट हो गई थीं.

फिर मैं झड़ने लगा तो मैंने लंड चूत से बाहर खींचा और लंड का पानी भाभी के बदन पर फेंक प्रिया.

वो चुदने के बाद कहने लगीं- अब तुम जब चाहे आ सकते हो. बस मुहल्ले वालों का ख्याल रखना.मैंने पूछा- अरे भाभी, आप परवाह नहीं करो. आप तो बस मेरे लंड का मजा लो.

उसने कहा- हां यार, सच्ची आज तो मुझे जन्नत का सुख मिल गया. अब कम से कम एक महीना मेरीचूत को लंड की जरूरतनहीं पड़ेगी.

मैंने उन्हें चुम्मी ली और कह प्रिया कि अच्छा भाभी सपनों में याद कर लेना और जब चूत में खुजली हो, तो फोन कर देना.मैं उन्हें अपना फोन नम्बर देकर चला गया.

अब जब भी हम दोनों को मौका मिलता है, तब सेक्स का मजा कर लेते हैं.

आशा है कि आपको मेरी ये Xxx पंजाबी भाभी सेक्स कहानी पसंद आयी होगी. मुझे मेल करके बताएं.धन्यवादsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

आकृति टंडन

1 month ago

मजा आ गया भाई! भाभी को अच्छे से मनाया। अगला पार्ट भी जल्दी पब्लिश करना।

योगी पण्डित

2 months ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

पीटर पार्कर

2 months ago

देवर भाभी की ये कहानी सच में कमाल की थी। लेखक ने बहुत बारीकी से लिखा है।

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